eVidyarthi
Menu
  • School
    • Close
    • CBSE English Medium
    • CBSE Hindi Medium
    • UP Board
    • Bihar Board
    • Maharashtra Board
    • MP Board
    • Close
  • English
    • Close
    • English Grammar for School
    • Basic English Grammar
    • Basic English Speaking
    • English Vocabulary
    • English Idioms & Phrases
    • Personality Enhancement
    • Interview Skills
    • Close
  • Sarkari Exam Preparation
    • Close
    • All Govt Exams Preparation
    • MCQs for Competitive Exams
    • Notes For Competitive Exams
    • NCERT Syllabus for Competitive Exam
    • Close
  • Study Abroad
    • Close
    • Study in Australia
    • Study in Canada
    • Study in UK
    • Study in Germany
    • Study in USA
    • Close
  • Current Affairs
    • Close
    • Current Affairs
    • Current Affairs Quizzes
    • State Wise Current Affairs
    • Monthly Current Affairs
    • Close
हिन्‍दी Bihar Board Class 12 | Menu
  • MCQ’s Hindi Class 12 Bihar Board
  • Book Hindi Class 12 Bihar Board
  • Solutions Hindi Class 12 Bihar Board
  • Notes Hindi Class 12 Bihar Board
  • Important Questions Hindi Class 12 Bihar Board
  • Sample / Model Paper Hindi Class 12 Bihar Board
  • Question Papers Hindi Class 12 Bihar Board
  • Hindi Class 12

हिंदी Important Questions Chapter 1 बातचीत Class 12 Hindi Digant Bihar Board बिहार बोर्ड

Important Questions For All Chapters – हिंदी Class 12

Short Questions (with Answers)


1. बालकृष्ण भट्ट का जन्म कब और कहां हुआ?

उत्तर : बालकृष्ण भट्ट का जन्म 23 जून, 1844 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ।

2. बालकृष्ण भट्ट के पिता का नाम और पेशा क्या था?

उत्तर : उनके पिता का नाम बेनी प्रसाद भट्ट था, जो एक व्यापारी थे।

3. बालकृष्ण भट्ट की माता का क्या योगदान था?

उत्तर : उनकी माता पार्वती देवी ने उनमें अध्ययन की रुचि और विद्या के प्रति लालसा जगाई।

4. भट्ट जी ने प्रारंभिक शिक्षा कहां से प्राप्त की?

उत्तर : बालकृष्ण भट्ट ने प्रारंभ में संस्कृत का अध्ययन किया और बाद में प्रयाग के मिशन स्कूल से एंट्रेंस की परीक्षा पास की।

5. बालकृष्ण भट्ट ने अपनी पहली नौकरी कहां की?

उत्तर : उन्होंने 1869 से 1875 तक प्रयाग के मिशन स्कूल में अध्यापन का कार्य किया।

6. बालकृष्ण भट्ट ने लेखन कार्य कब शुरू किया?

उत्तर : बालकृष्ण भट्ट ने 1877 में हिंदी प्रदीप मासिक पत्र का संपादन और लेखन कार्य शुरू किया।

7. भट्ट जी ने ‘हिंदी प्रदीप’ पत्रिका कितने वर्षों तक चलाई?

उत्तर : उन्होंने हिंदी प्रदीप पत्रिका को 33 वर्षों तक चलाया।

8. भट्ट जी की कौन सी विधा विशेष रूप से प्रसिद्ध है?

उत्तर : भट्ट जी निबंध विधा में सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं।

9. बालकृष्ण भट्ट की प्रमुख रचनाओं में कौन-कौन सी रचनाएँ हैं?

उत्तर : उनकी प्रमुख रचनाओं में रहस्य कथा, नूतन ब्रह्मचारी, गुप्त वैरी और रसातल यात्रा शामिल हैं।

10. भट्ट जी का कौन सा उपन्यास सामाजिक समस्याओं पर आधारित है?

उत्तर : उनका उपन्यास सौ अजान एक सुजान सामाजिक समस्याओं पर आधारित है।

11. भट्ट जी ने बाल विवाह पर क्या लिखा?

उत्तर : उन्होंने बाल विवाह की समस्या पर जमकर लेख लिखे और इसे समाज के लिए हानिकारक बताया।

12. आधुनिक हिंदी गद्य में बालकृष्ण भट्ट का क्या योगदान है?

उत्तर : उन्होंने आधुनिक हिंदी गद्य को एक नई दिशा और रूप प्रदान किया।

13. भट्ट जी ने निबंध विधा में क्या विशेष योगदान दिया?

उत्तर : उन्होंने सामयिक, सामाजिक और नैतिक विषयों पर सैकड़ों निबंध लिखे।

14. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने भट्ट जी की तुलना किससे की?

उत्तर : आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने भट्ट जी की तुलना अंग्रेजी साहित्य के एडीसन और स्टील से की।

15. भट्ट जी के लेखन में किस युग की झलक मिलती है?

उत्तर : उनके लेखन में भारतेंदु युग और नवजागरण की झलक मिलती है।

16. भट्ट जी के लेखन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर : उनका लेखन समाज के चित्त को जागृत करने और जनहित के विकास के लिए था।

17. भट्ट जी ने ‘बातचीत’ निबंध में किसकी महत्ता बताई?

उत्तर : उन्होंने वाक्शक्ति की महत्ता और बातचीत के विभिन्न रूपों पर प्रकाश डाला।

18. बालकृष्ण भट्ट ने ‘हिंदी प्रदीप’ का संपादन क्यों छोड़ा?

उत्तर : उन्हें काशी बुलाया गया लेकिन अच्छा व्यवहार न मिलने पर उन्होंने यह काम छोड़ दिया।

19. भट्ट जी ने स्त्री शिक्षा पर क्या लिखा?

उत्तर : उन्होंने स्त्री शिक्षा को समाज के उत्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

20. भट्ट जी का निधन कब और कहां हुआ?

उत्तर : उनका निधन 20 जुलाई, 1914 को हुआ।


Medium Questions (with Answers)


1. बालकृष्ण भट्ट के जीवन में आर्थिक समस्याएँ कैसे आईं?

उत्तर : पिता के निधन के बाद उन्हें पैतृक व्यापार सँभालने का प्रयास करना पड़ा, लेकिन पारिवारिक कलह के कारण उन्होंने इसे छोड़ दिया। घोर आर्थिक संकट के बावजूद उन्होंने लेखन को ही जीविका का साधन बनाया। उनकी दृढ़ता और साहित्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस संकट से उबरने में मदद की।

2. भट्ट जी का लेखन भारतीय समाज के लिए कैसे उपयोगी था?

उत्तर : भट्ट जी ने सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह और स्त्री शिक्षा पर निबंध लिखे। उनकी रचनाएँ समाज सुधार और जनजागरण का माध्यम बनीं। उन्होंने अपने लेखन से लोगों में विचारों की क्रांति लाने का प्रयास किया।

3. बालकृष्ण भट्ट को भारतेंदु युग का प्रमुख साहित्यकार क्यों माना जाता है?

उत्तर : भट्ट जी ने भारतेंदु युग में हिंदी साहित्य को नई दिशा और जनवादी दृष्टिकोण प्रदान किया। उन्होंने साहित्य को केवल मनोरंजन का साधन न मानकर सामाजिक सुधार का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएँ यथार्थ और सामाजिक सरोकारों से प्रेरित थीं।

4. ‘हिंदी प्रदीप’ का साहित्य और समाज पर क्या प्रभाव था?

उत्तर : ‘हिंदी प्रदीप’ ने हिंदी साहित्य को लोकप्रिय और सशक्त बनाया। इसके माध्यम से भट्ट जी ने सामाजिक मुद्दों पर विचार रखे और जागरूकता बढ़ाई। यह पत्रिका 33 वर्षों तक सामाजिक सुधार की धारा को आगे बढ़ाती रही।

5. भट्ट जी की गद्य-शैली की विशेषताएँ क्या थीं?

उत्तर : भट्ट जी की गद्य-शैली सरल, स्पष्ट और यथार्थवादी थी। उनकी भाषा बोलचाल और लोक व्यवहार से प्रभावित थी। उनके लेखन में सामाजिक समस्याओं की गहराई और व्यंग्यात्मकता झलकती है।

6. भट्ट जी ने स्त्री शिक्षा पर क्या विचार व्यक्त किए?

उत्तर : उन्होंने स्त्रियों की शिक्षा को समाज के विकास के लिए आवश्यक बताया। अपने निबंधों में उन्होंने महिलाओं को स्वतंत्रता और समान अधिकार देने की वकालत की। उनका मानना था कि शिक्षित स्त्रियाँ समाज को सही दिशा दे सकती हैं।

7. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने भट्ट जी की तुलना किससे की है?

उत्तर : आचार्य शुक्ल ने भट्ट जी को अंग्रेजी साहित्यकार एडीसन और स्टील के समकक्ष रखा है। उन्होंने भट्ट जी को हिंदी आलोचना का जन्मदाता कहा। उनके लेखन में गहन चिंतन और समाज सुधार की भावना थी।

8. बालकृष्ण भट्ट का योगदान आधुनिक आलोचना में क्या था?

उत्तर : भट्ट जी ने धर्म और दर्शन को सामाजिक विकास की कसौटी पर परखा। उन्होंने प्रगतिशील आलोचना की नींव रखी, जिसमें सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं पर गहराई से विचार किया गया। यह हिंदी साहित्य में नई परंपरा की शुरुआत थी।

9. भट्ट जी की रचनात्मक सक्रियता का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर : उनका मुख्य उद्देश्य साहित्य को समाज सुधार का साधन बनाना था। उन्होंने निबंध, नाटक, उपन्यास, और पत्रिका लेखन के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। उनका लेखन जनजागृति और राष्ट्रीयता से प्रेरित था।

10. भट्ट जी के उपन्यासों के मुख्य विषय क्या हैं?

उत्तर : उनके उपन्यासों में समाज सुधार, रहस्य, और नैतिक मूल्यों पर बल दिया गया। ‘नूतन ब्रह्मचारी’ और ‘सद्भाव का अभाव’ जैसे उपन्यास समाज की कुरीतियों पर प्रहार करते हैं। उन्होंने साहित्य को सामाजिक बदलाव का साधन माना।

11. ‘बातचीत’ निबंध में भट्ट जी का दृष्टिकोण क्या है?

उत्तर : इस निबंध में उन्होंने बातचीत को मानवीय जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। बातचीत को मानसिक शांति और आपसी संबंधों के निर्माण का माध्यम बताया गया है। भट्ट जी ने इसे सामाजिक और व्यक्तिगत विकास का महत्वपूर्ण साधन माना।

12. भट्ट जी ने बाल विवाह के बारे में क्या लिखा?

उत्तर : उन्होंने बाल विवाह को समाज की गंभीर समस्या बताते हुए इसके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। अपने लेखन में उन्होंने इसे रोकने के लिए शिक्षा और जनजागृति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इसे एक सामाजिक कुरीति कहा।

13. भारतेंदु युग और द्विवेदी युग के साहित्य में भट्ट जी की भूमिका क्या है?

उत्तर : भट्ट जी ने भारतेंदु युग में साहित्य को जनवादी स्वरूप दिया और सामाजिक सुधार की धारा को बढ़ाया। उनके लेखन ने द्विवेदी युग के साहित्य का आधार तैयार किया। उन्होंने साहित्य को जनसरोकारों से जोड़ा।

14. भट्ट जी ने ‘हिंदी शब्दकोश’ के संपादन में क्या योगदान दिया?

उत्तर : उन्होंने ‘हिंदी शब्दकोश’ के संपादन के लिए काशी में कार्य किया। हालांकि, वहां अच्छे व्यवहार के अभाव में वे इसे पूरा नहीं कर पाए। इसके बावजूद उनका प्रयास हिंदी भाषा के विकास का उदाहरण है।

15. बालकृष्ण भट्ट को हिंदी साहित्य में क्यों याद किया जाता है?

उत्तर : उन्हें आधुनिक हिंदी गद्य और आलोचना का निर्माता माना जाता है। उनके लेखन ने साहित्य को यथार्थ और जनसरोकारों से जोड़ा। उनकी रचनाएँ सामाजिक और सांस्कृतिक जागृति का प्रतीक हैं।


Long Questions (with Answers)


1. बालकृष्ण भट्ट के लेखन में सामाजिक समस्याओं का चित्रण कैसे मिलता है?

उत्तर : बालकृष्ण भट्ट ने अपने लेखन के माध्यम से बाल विवाह, स्त्री शिक्षा, किसान समस्याएँ, और अंधविश्वास जैसे सामाजिक मुद्दों को उजागर किया। उन्होंने समाज में व्याप्त इन कुरीतियों को जड़ से खत्म करने के लिए जनजागृति का आह्वान किया। उनके निबंधों में सुधारवादी दृष्टिकोण स्पष्ट दिखता है। उन्होंने साहित्य को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज सुधार का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएँ समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाती हैं।

2. भट्ट जी ने स्त्री शिक्षा पर क्या विचार व्यक्त किए?

उत्तर : भट्ट जी ने स्त्री शिक्षा को समाज के विकास के लिए अनिवार्य बताया। उनके अनुसार, शिक्षित स्त्रियाँ समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को समान अधिकार देने और उनके आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। भट्ट जी का मानना था कि स्त्री शिक्षा से ही समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता समाप्त की जा सकती है। उनकी रचनाओं में यह सुधारवादी सोच प्रमुखता से झलकती है।

3. ‘हिंदी प्रदीप’ का हिंदी साहित्य और समाज पर क्या प्रभाव था?

उत्तर : ‘हिंदी प्रदीप’ ने हिंदी भाषा और साहित्य को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पत्रिका 33 वर्षों तक समाज सुधार और जनजागृति का माध्यम बनी। इसमें सामाजिक, साहित्यिक, नैतिक और राजनीतिक मुद्दों पर लेख प्रकाशित होते थे। भट्ट जी ने इसके माध्यम से हिंदी साहित्य को नई दिशा और पहचान दी। इस पत्रिका ने हिंदी साहित्य को लोकप्रिय और जागरूक बनाने का काम किया।

4. बालकृष्ण भट्ट को आधुनिक हिंदी आलोचना का जन्मदाता क्यों माना जाता है?

उत्तर : भट्ट जी ने अपने लेखन में सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने धर्म और दर्शन को सामाजिक विकास की कसौटी पर परखा। उनके लेखन में प्रगतिशील आलोचना की नींव रखी गई, जिससे हिंदी साहित्य को नई दिशा मिली। उन्होंने समाज की आवश्यकताओं के अनुसार साहित्य को जनसरोकारों से जोड़ा। उनके विचार और लेखन आधुनिक आलोचना की नींव माने जाते हैं।

5. भारतेंदु युग में भट्ट जी का योगदान क्या था?

उत्तर : भट्ट जी ने भारतेंदु युग में हिंदी साहित्य को यथार्थवादी और जनवादी स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने निबंध, नाटक और उपन्यास के माध्यम से सामाजिक समस्याओं पर प्रहार किया। उनकी रचनाओं ने जनजागृति और राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा दिया। वे साहित्य को मनोरंजन का साधन न मानकर समाज सुधार का माध्यम मानते थे। उनकी रचनाएँ भारतेंदु युग की रचनात्मक धारा का आधार थीं।

6. भट्ट जी के निबंधों की विशेषता क्या है?

उत्तर : उनके निबंधों में व्यंग्य, यथार्थ और गहन चिंतन का समावेश मिलता है। उन्होंने अपनी रचनाओं में सरल और बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया। उनके निबंध समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा स्रोत बने। उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर खुलकर विचार व्यक्त किए और सुधार की आवश्यकता बताई। उनके निबंध गहराई और जनसरोकारों से परिपूर्ण हैं।

7. भट्ट जी की गद्य शैली को प्रभावशाली क्या बनाता है?

उत्तर : भट्ट जी की गद्य शैली यथार्थवादी, सरल और स्पष्ट थी। उन्होंने अपनी भाषा को बोलचाल और लोक व्यवहार के करीब रखा। उनके लेखन में समाज की समस्याओं की गहरी समझ और व्यंग्यात्मकता का अद्भुत संयोजन था। उनकी शैली में विषय की गंभीरता और संदेश की स्पष्टता झलकती है। इसने उनके लेखन को प्रभावशाली और व्यापक रूप से सराहनीय बनाया।

8. भट्ट जी का योगदान हिंदी पत्रकारिता में कैसे महत्वपूर्ण है?

उत्तर : भट्ट जी ने ‘हिंदी प्रदीप’ जैसी पत्रिका के माध्यम से हिंदी पत्रकारिता को सशक्त बनाया। उन्होंने इस पत्रिका में साहित्य, समाज और राजनीति जैसे विषयों पर लेख प्रकाशित किए। उनकी पत्रकारिता ने समाज में जागरूकता और सुधार की लहर पैदा की। वे अपनी पत्रकारिता के माध्यम से जनजागृति और राष्ट्रीयता को बढ़ावा देने में सफल रहे। उनकी लेखनी ने पत्रकारिता को सामाजिक परिवर्तन का साधन बनाया।

Comments

  1. Sourabh Kumar says:
    October 29, 2025 at 5:57 am

    Thank you sir

    Reply
  2. Rohit Kumar says:
    January 8, 2026 at 7:01 pm

    Nice content in your class and students life
    F future and background change in night shift hai na tu bk
    Evidhyarthi

    Reply
  3. Nilufarparween says:
    January 9, 2026 at 2:13 pm

    अनुवाद
    अपने दोस्तों से आनलाइन जुड़े! मुफ्त पंजीकरण और जुड़ने के असीमित अवसर।

    Reply
  4. Chandan kumar says:
    January 18, 2026 at 10:54 am

    Chandan kumar village bhataura post kharpokhara police station bagaha

    Reply
  5. Chandan kumar says:
    January 18, 2026 at 10:55 am

    Village bhataura post kharpokhara police station bagaha state bihar west Champaran

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ads

Bihar Board सभी कक्षा के अध्याय के प्रश्न उत्तर in Hindi PDF

NCERT Question Answer in Hindi Medium

Bihar Board Question Answer in Hindi Medium

Download एनसीईआरटी सलूशन, सैंपल पेपर, प्रश्न पत्र इन पीडीएफ

क्लास की बुक (पुस्तक), MCQ, नोट्स इन हिंदी

Download एनसीईआरटी सलूशन, सैंपल पेपर, प्रश्न पत्र इन पीडीएफ

CBSE Board Englsih and हिंदी माध्यम

CBSE Board

Mathematics Class 6
Science Class 6
Social Science Class 6
हिन्दी Class 6
सामाजिक विज्ञान कक्षा 6
विज्ञान कक्षा 6

Mathematics Class 7
Science Class 7
SST Class 7
सामाजिक विज्ञान कक्षा 7
हिन्दी Class 7

Mathematics Class 8
Science Class 8
Social Science Class 8
हिन्दी Class 8

Mathematics Class 9
Science Class 9
English Class 9

Mathematics Class 10
SST Class 10
English Class 10

Mathematics Class XI
Chemistry Class XI
Accountancy Class 11

Accountancy Class 12
Mathematics Class 12

Learn English
English Through हिन्दी
Job Interview Skills
English Grammar
हिंदी व्याकरण - Vyakaran
Microsoft Word
Adobe PhotoShop
Adobe Illustrator
Learn German
Learn French
IIT JEE

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान & हरियाणा Board हिंदी माध्यम

कक्षा 6 to 8 हिंदी माध्यम
कक्षा 9 & 10 हिंदी माध्यम
कक्षा 11 हिंदी माध्यम

State Board

यूपी बोर्ड 6,7 & 8
बिहार बोर्ड हिंदी माध्यम

CBSE Board English Medium

  • Class 6 CBSE Board
  • Class 7 CBSE Board
  • Class 8 CBSE Board
  • Class 9 CBSE Board
  • Class 10 CBSE Board
  • Class 11 CBSE Board
  • Class 12 CBSE Board
  • CBSE Board Hindi Medium

  • Class 6 CBSE Board
  • Class 7 CBSE Board
  • Class 8 CBSE Board
  • Class 9 CBSE Board
  • Class 10 CBSE Board
  • Class 11 CBSE Board
  • Class 12 CBSE Board
  • बिहार बोर्ड
  • Class 6 Bihar Board
  • Class 7 Bihar Board
  • Class 8 Bihar Board
  • Class 9 Bihar Board
  • Class 10 Bihar Board
  • Class 11 Bihar Board
  • Class 12 Bihar Board
  • उत्तर प्रदेश बोर्ड
  • Class 6 UP Board
  • Class 7 UP Board
  • Class 8 UP Board
  • Class 9 UP Board
  • Class 10 UP Board
  • Class 11 UP Board
  • Class 12 UP Board
  • महाराष्ट्र बोर्ड
  • Class 6 Maharashtra Board
  • Class 7 Maharashtra Board
  • Class 8 Maharashtra Board
  • Class 9 Maharashtra Board
  • Class 10 Maharashtra Board
  • Class 11 Maharashtra Board
  • Class 12 Maharashtra Board
  • मध्य प्रदेश बोर्ड
  • Class 6 MP Board
  • Class 7 MP Board
  • Class 8 MP Board
  • Class 9 MP Board
  • Class 10 MP Board
  • Class 11 MP Board
  • Class 12 MP Board

ગુજરાત બોર્ડ

  • Class 6 Gujarat Board
  • Class 7 Gujarat Board
  • Class 8 Gujarat Board
  • Class 9 Gujarat Board
  • Class 10 Gujarat Board
  • Class 11 Gujarat Board
  • Class 12 Gujarat Board

PSC Exam Preparation

  • Uttar Pradesh PSC Exam Preparation (UPPSC)
  • Bihar PSC Exam Preparation (BPSC)
  • Madhya Pradesh PSC Exam Preparation (MPPSC)
  • Rajasthan PSC Exam Preparation (RPSC)
  • Maharashtra PSC Exam Preparation (MPSC)
Privacy Policies, Terms and Conditions, About Us, Contact Us
Copyright © 2026 eVidyarthi and its licensors. All Rights Reserved.