बिहार का तापमान ग्रीष्म ऋतु में अधिकतम तापमान
परिचय एवं भौगोलिक स्थिति
बिहार के ग्रीष्म ऋतु में अधिकतम तापमान Bihar Govt. Competitive Exams एवं अन्य राज्य प्रतियोगी परीक्षाओं का अत्यन्त महत्वपूर्ण विषय है। बिहार का भूगोल, उसकी स्थलीय स्थिति और मानसून-पूर्व के मौसमी कारक मिलकर राज्य को भारत के सर्वाधिक गर्म क्षेत्रों में से एक बनाते हैं।
🗺️ भौगोलिक पृष्ठभूमि
बिहार एक भूपरिवेष्टित (landlocked) राज्य है जो उत्तर में नेपाल, दक्षिण में झारखंड, पूर्व में पश्चिम बंगाल और पश्चिम में उत्तर प्रदेश से घिरा है। राज्य की जलवायु मानसूनी उष्णकटिबंधीय (Tropical Monsoon) है। समुद्र से दूरी के कारण समुद्री ठंडी हवाओं का प्रभाव नगण्य रहता है, जिससे ग्रीष्म ऋतु अत्यंत कठोर होती है।
ग्रीष्म ऋतु: अवधि एवं प्रमुख विशेषताएँ
बिहार में ग्रीष्म ऋतु मार्च से जून के मध्य तक रहती है। मई-जून सर्वाधिक गर्म महीने होते हैं जब तापमान 45°C से भी अधिक हो जाता है। इस काल को स्थानीय भाषा में जेठ-बैसाख की गरमी कहा जाता है।
📊 ग्रीष्म ऋतु में औसत अधिकतम तापमान (Month-wise)
| माह | औसत अधिकतम तापमान (°C) | औसत न्यूनतम तापमान (°C) | विशेष लक्षण |
|---|---|---|---|
| 1 मार्च | 32–35°C | 17–20°C | ग्रीष्म आरम्भ, पश्चिमी हवाएँ कम |
| 2 अप्रैल | 38–42°C | 22–26°C | काल-बैसाखी की संभावना |
| 3 मई | 42–45°C | 26–29°C | अधिकतम गर्मी, लू चरम पर |
| 4 जून (पूर्व) | 40–44°C | 27–30°C | मानसून पूर्व — Pre-monsoon showers |
जिलेवार अधिकतम तापमान विश्लेषण
बिहार के विभिन्न जिलों में ग्रीष्म तापमान में स्पष्ट अन्तर देखा जाता है। दक्षिण-पश्चिमी जिले (गया, औरंगाबाद, नवादा, बक्सर, भोजपुर) सर्वाधिक गर्म होते हैं जबकि उत्तर-पूर्वी जिले (किशनगंज, अररिया) तुलनात्मक रूप से कम गर्म रहते हैं।
🔥 सर्वाधिक गर्म जिले (बिहार के Hottest Districts)
| क्र. | जिला | मण्डल / क्षेत्र | औसत अधिकतम तापमान (मई) | अब तक का उच्चतम रिकॉर्ड |
|---|---|---|---|---|
| 1 | गया | मगध मण्डल | 44–46°C | 47.8°C (1966) |
| 2 | औरंगाबाद | मगध मण्डल | 44–46°C | 47.5°C |
| 3 | बक्सर | सारण मण्डल | 43–45°C | 46.5°C |
| 4 | भोजपुर (आरा) | सारण मण्डल | 43–45°C | 46°C |
| 5 | रोहतास (सासाराम) | मगध मण्डल | 42–44°C | 46°C |
| 6 | जहानाबाद | मगध मण्डल | 42–44°C | 45.5°C |
| 7 | नवादा | मगध मण्डल | 42–44°C | 45°C |
| 8 | पटना | पटना मण्डल | 41–43°C | 44.5°C |
❄️ तुलनात्मक रूप से कम गर्म जिले
| जिला | क्षेत्र | औसत अधिकतम तापमान (मई) | कारण |
|---|---|---|---|
| किशनगंज | उत्तर-पूर्व बिहार | 34–38°C | Bengal Bay की आर्द्रता, नेपाल का प्रभाव |
| अररिया | उत्तर-पूर्व बिहार | 35–39°C | मानसून का शीघ्र आगमन, वन आवरण |
| सुपौल | कोसी क्षेत्र | 36–40°C | कोसी नदी का आर्द्र प्रभाव |
| पश्चिम चम्पारण | उत्तर-पश्चिम बिहार | 36–40°C | हिमालयी तराई, वनाच्छादित भूमि |
📍 क्षेत्रवार तापमान वितरण
उच्च तापमान के प्रमुख कारण
बिहार में ग्रीष्म ऋतु के दौरान अत्यधिक तापमान के पीछे भौगोलिक, मौसम विज्ञानीय एवं मानवीय कारण मिलकर उत्तरदायी हैं। इन कारणों को समझना Bihar Govt. Competitive Exams परीक्षा के लिए अनिवार्य है।
बिहार चारों ओर से स्थलखण्डों से घिरा है। निकटतम समुद्र (बंगाल की खाड़ी) से दूरी लगभग 700 km है। समुद्री आर्द्र एवं शीतल हवाएँ बिहार तक पहुँचने से पहले ही शुष्क हो जाती हैं।
बिहार का दक्षिणी भाग कर्क रेखा (23.5°N) के निकट है। मई-जून में सूर्य लगभग ऊर्ध्वाधर स्थिति में होता है, जिससे सौर विकिरण अत्यंत तीव्र होता है और भूतल तेज़ी से गर्म होता है।
राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के मैदानों से आने वाली गर्म-शुष्क पश्चिमी हवाएँ (Loo) बिहार के पश्चिमी एवं दक्षिणी भागों में प्रचण्ड गर्मी पैदा करती हैं। यह हवाएँ तापमान को 5–8°C तक बढ़ा देती हैं।
बिहार का वन आवरण केवल लगभग 7.7% है जो राष्ट्रीय औसत (21%) से बहुत कम है। पेड़ों की कमी से प्रकाश संश्लेषण एवं Evapotranspiration कम होता है और ताप सीधे अवशोषित होता है।
गया एवं मगध क्षेत्र में चट्टानी एवं पथरीली भूमि है जो ताप को तेज़ी से अवशोषित एवं विकिरित करती है। इसे “Heat Island Effect” का एक प्राकृतिक रूप माना जा सकता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून बिहार में 10–15 जून तक पहुँचता है। जून के प्रथम पखवाड़े में मानसून-पूर्व की गर्मी सर्वाधिक होती है क्योंकि वर्षा होती नहीं और गर्मी बढ़ती रहती है।
लू (Heat Wave) — परिभाषा, क्षेत्र एवं प्रभाव
लू (Loo) पश्चिम एवं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली अत्यंत गर्म, शुष्क हवाएँ हैं। IMD के अनुसार जब मैदानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 40°C से अधिक हो तथा सामान्य से 4.5°C या अधिक विचलन हो, तब उसे Heat Wave घोषित किया जाता है।
📌 IMD द्वारा Heat Wave की परिभाषा
| श्रेणी | मैदानी क्षेत्र (Plains) | पहाड़ी क्षेत्र (Hills) | तटीय क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| Heat Wave | Max temp ≥ 40°C + सामान्य से 4.5–6.4°C अधिक | ≥ 30°C + सामान्य से 4.5°C अधिक | ≥ 37°C + सामान्य से 4.5°C अधिक |
| Severe Heat Wave | Max temp ≥ 40°C + सामान्य से ≥ 6.5°C अधिक | ≥ 30°C + सामान्य से ≥ 6.5°C अधिक | ≥ 37°C + सामान्य से ≥ 6.5°C अधिक |
| Extreme Heat Wave | वास्तविक तापमान ≥ 45°C (किसी भी क्षेत्र में) | ||
🗺️ बिहार में Heat Wave प्रभावित क्षेत्र
बिहार का पश्चिमी किनारा उत्तर प्रदेश के थर्माल मैदानों से सटा है। बक्सर, भोजपुर (आरा), सारण (छपरा), सीवान जिलों में राजस्थान-UP से आने वाली लू सीधे प्रवेश करती है। यहाँ मई में Heat Wave की संभावना 70–80% दिनों में रहती है।
- बक्सर: गंगा के किनारे स्थित, लेकिन उत्तर-पश्चिम से आने वाली लू का प्रवेश द्वार
- भोजपुर (आरा): शुष्क मैदान, कम वनस्पति, तीव्र गर्मी
- सारण (छपरा): गंगा-घाघरा संगम के पास — आर्द्रता के बावजूद Heat Wave
मगध क्षेत्र के ये जिले रॉकी-लेटराइट पठार पर स्थित हैं। यहाँ की भूमि तेज़ी से गर्म होती है और ताप धीरे-धीरे विकिरित होता है। गया में बौद्ध मंदिरों के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र का तापमान मई में 47°C+ दर्ज हुआ है।
- गया: बिहार का सर्वाधिक गर्म जिला — पथरीली भूमि एवं कम वनाच्छादन
- औरंगाबाद: झारखंड सीमा पर — झारखंड के पठार की गर्मी का प्रभाव
- नवादा: समतल मैदान, वृक्षों की कमी, लू का सीधा प्रभाव
💔 लू के प्रमुख प्रभाव
- स्वास्थ्य पर: Heat Stroke, Dehydration, हृदयाघात — वृद्ध एवं बच्चे सर्वाधिक प्रभावित
- कृषि पर: रबी फसलों को नुकसान, सब्जियों की उत्पादकता में गिरावट, पशुधन की मृत्यु
- जलस्रोतों पर: नदियों, तालाबों एवं कुओं में जलस्तर का तेज़ी से गिरना
- बिजली माँग: AC, पंखे, सिंचाई पम्प के कारण बिजली माँग में भारी वृद्धि — Load Shedding
- पशु-पक्षी: जंगली जानवरों का मानव बस्तियों में घुसना, पक्षियों की मृत्यु
तुलनात्मक विश्लेषण — बिहार बनाम अन्य राज्य
बिहार के तापमान को राष्ट्रीय सन्दर्भ में रखकर देखना Bihar Govt. Competitive Exams के लिए आवश्यक है। यद्यपि बिहार का अधिकतम तापमान राजस्थान जैसे मरुस्थलीय राज्यों जितना नहीं होता, फिर भी आर्द्रता के कारण Heat Index (Feels-Like Temperature) बिहार में अधिक पीड़ादायक होता है।
| राज्य | मई में औसत अधिकतम तापमान | रिकॉर्ड तापमान | जलवायु प्रकार | बिहार से तुलना |
|---|---|---|---|---|
| राजस्थान | 45–48°C | 50°C+ (चुरू, फलोदी) | मरुस्थलीय (BWh) | अधिक गर्म लेकिन शुष्क |
| उत्तर प्रदेश | 42–46°C | 47–48°C | उष्ण उपोष्णकटिबंधीय (Cwa) | समान; लू का स्रोत |
| बिहार | 42–45°C | 47.8°C (गया) | उष्णकटिबंधीय मानसून (Aw/Cwa) | — |
| झारखंड | 40–43°C | 45°C | उष्णकटिबंधीय आर्द्र (Am) | थोड़ा कम — पठारी वनाच्छादन |
| पश्चिम बंगाल | 38–42°C | 44°C | उष्णकटिबंधीय मानसून (Am) | कम — समुद्री प्रभाव |


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