बिहार का तापमान क्षेत्रीय भिन्नता: उत्तर बनाम दक्षिण बिहार
Bihar Govt. Competitive Exams एवं अन्य बिहार राज्य परीक्षाओं हेतु सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री — जलवायु, ऋतु-चक्र, तापमान वितरण एवं भौगोलिक कारण सहित।
परिचय एवं बिहार की सामान्य जलवायु
बिहार की जलवायु Bihar Govt. Competitive Exams एवं अन्य बिहार सरकारी परीक्षाओं का एक महत्वपूर्ण विषय है। बिहार उत्तर-पूर्वी भारत में स्थित एक राज्य है जहाँ उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु (Tropical Monsoon Climate) पाई जाती है। इसे Köppen वर्गीकरण के अनुसार Aw (उत्तरी मैदान) तथा Cwa (दक्षिणी पठार) श्रेणी में रखा जाता है।
बिहार 24°20′ उत्तरी अक्षांश से 27°31′ उत्तरी अक्षांश तथा 83°19′ पूर्वी देशान्तर से 88°17′ पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। इसकी उत्तरी सीमा नेपाल से, दक्षिणी सीमा झारखण्ड से, पूर्वी सीमा पश्चिम बंगाल से तथा पश्चिमी सीमा उत्तर प्रदेश से मिलती है। इस भौगोलिक स्थिति का बिहार की जलवायु एवं तापमान वितरण पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
बिहार में वर्ष भर तीन मुख्य ऋतुएँ पाई जाती हैं — ग्रीष्म ऋतु (मार्च–जून), वर्षा ऋतु (जुलाई–अक्टूबर) तथा शीत ऋतु (नवम्बर–फरवरी)। राज्य का औसत वार्षिक तापमान 25°C से 27°C के मध्य रहता है, किन्तु उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच तापमान में उल्लेखनीय भिन्नता देखी जाती है।
उत्तर बिहार का तापमान — विशेषताएँ एवं कारण
उत्तर बिहार में गंगा के उत्तर स्थित जिले — पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीवान, सारण, गोपालगंज आदि आते हैं। इस क्षेत्र का तापमान दक्षिण बिहार की तुलना में सामान्यतः 2°C से 4°C कम रहता है।
उत्तर बिहार के तापमान की प्रमुख विशेषताएँ
उत्तर बिहार के प्रमुख जिलों का तापमान डेटा
| जिला | ग्रीष्म अधिकतम (°C) | शीत न्यूनतम (°C) | वार्षिक औसत (°C) | विशेषता |
|---|---|---|---|---|
| 1 मुजफ्फरपुर | 40–42 | 5–8 | 26 | लीची उत्पादन का प्रमुख केन्द्र |
| 2 दरभंगा | 38–41 | 4–7 | 25 | मिथिला क्षेत्र, कोहरा अधिक |
| 3 पूर्णिया | 36–39 | 3–6 | 24 | पूर्वोत्तर का प्रवेश, वर्षा अधिक |
| 4 किशनगंज | 34–37 | 2–5 | 23 | सर्वाधिक वर्षा, चाय की खेती |
| 5 पश्चिम चम्पारण | 38–42 | 5–9 | 25 | तराई क्षेत्र, घना वन आवरण |
| 6 सीतामढ़ी | 38–41 | 4–7 | 25 | नेपाल सीमावर्ती, हिम-प्रभाव |
दक्षिण बिहार का तापमान — विशेषताएँ एवं कारण
दक्षिण बिहार में गंगा के दक्षिण स्थित जिले — पटना, गया, नालन्दा, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, भागलपुर, बाँका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई आदि आते हैं। इस क्षेत्र का तापमान उत्तर बिहार की तुलना में सामान्यतः 2°C से 5°C अधिक रहता है।
दक्षिण बिहार के तापमान की प्रमुख विशेषताएँ
दक्षिण बिहार के प्रमुख जिलों का तापमान डेटा
| जिला | ग्रीष्म अधिकतम (°C) | शीत न्यूनतम (°C) | वार्षिक औसत (°C) | विशेषता |
|---|---|---|---|---|
| 1 गया | 44–46 | 8–12 | 27–28 | बिहार का सर्वाधिक गर्म जिला; सबसे कम वर्षा |
| 2 पटना | 42–44 | 7–11 | 26–27 | राजधानी; गंगा तट, मध्यम जलवायु |
| 3 रोहतास | 43–46 | 8–12 | 27 | कैमूर पठार, तीव्र ग्रीष्म |
| 4 औरंगाबाद | 43–45 | 8–11 | 27 | शुष्क, पठारी प्रभाव |
| 5 जमुई | 41–44 | 9–13 | 27 | झारखण्ड सीमावर्ती, वनाच्छादित |
| 6 भागलपुर | 40–43 | 8–12 | 26 | गंगा किनारे, सिल्क उत्पादन |
क्षेत्रीय तापमान भिन्नता के कारण
उत्तर बिहार एवं दक्षिण बिहार के तापमान में पाई जाने वाली भिन्नता अनेक भौगोलिक, स्थलाकृतिक एवं प्राकृतिक कारणों का परिणाम है। Bihar Govt. Competitive Exams एवं बिहार की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इन कारणों पर प्रायः प्रश्न पूछे जाते हैं।
उत्तर बिहार हिमालय की तलहटी से मात्र 50–200 km की दूरी पर है। शीत ऋतु में हिमालय की ढलानों से उतरने वाली ठण्डी हवाएँ सबसे पहले उत्तर बिहार को प्रभावित करती हैं, जिससे यहाँ का तापमान दक्षिण बिहार से कम रहता है।
दक्षिण बिहार झारखण्ड के छोटा नागपुर पठार से सटा हुआ है। ग्रीष्म ऋतु में पठार से आने वाली गर्म, शुष्क हवाएँ दक्षिण बिहार के तापमान को असाधारण रूप से बढ़ा देती हैं — गया, रोहतास, औरंगाबाद इससे सर्वाधिक प्रभावित हैं।
गंगा नदी बिहार के मध्य से पूर्व की ओर बहती है। इसके तटवर्ती जिलों — पटना, भागलपुर — में नदी के कारण आर्द्रता अधिक होती है जो अत्यधिक ताप को कुछ हद तक नियंत्रित करती है। उत्तर बिहार की नदियाँ (कोसी, गण्डक, बागमती) भी ताप नियामक का कार्य करती हैं।
उत्तर बिहार में तराई क्षेत्र के घने वन तापमान को नियन्त्रित करते हैं। इसके विपरीत दक्षिण बिहार के अनेक जिले शुष्क एवं वनहीन हैं, जो ऊष्मा को अवशोषित करते हैं और तापमान वृद्धि में सहायक होते हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी शाखा से आता है। किशनगंज (उत्तर-पूर्व बिहार) में यह सर्वप्रथम एवं अत्यधिक वर्षा करता है। गया तक पहुँचते-पहुँचते मानसूनी नमी काफी कम हो जाती है, जिससे दक्षिण बिहार में कम वर्षा एवं अधिक तापमान रहता है।
दक्षिण बिहार के जिले उत्तर बिहार की तुलना में 1°–2° दक्षिण अक्षांश पर स्थित हैं, जिससे वे कर्क रेखा के अधिक निकट हैं। इससे सूर्याताप (Insolation) अधिक मिलता है और तापमान उच्चतर रहता है।
दक्षिण बिहार में पटना, गया, भागलपुर जैसे बड़े शहर हैं जहाँ शहरी ताप द्वीप (Urban Heat Island) प्रभाव के कारण तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से 1°C–3°C अधिक रहता है। सड़कें, भवन, उद्योग एवं वाहन ताप उत्पन्न करते हैं जो शहरी तापमान को बढ़ाते हैं।
उत्तर बिहार में अधिक कृषि भूमि एवं जलाशय हैं जो वाष्पीकरण-वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) के माध्यम से वायुमण्डल को ठण्डा रखते हैं। जलभराव (Waterlogging) और बाढ़ के कारण उत्तर बिहार में भूमि की ऊष्मा अवशोषण क्षमता कम हो जाती है।
- मिट्टी का रंग: दक्षिण बिहार की मिट्टी अपेक्षाकृत गहरी एवं पथरीली है जो अधिक ऊष्मा अवशोषित करती है।
- भूजल स्तर: उत्तर बिहार में भूजल स्तर ऊँचा होने से मिट्टी में नमी अधिक रहती है जो तापमान नियंत्रक का कार्य करती है।
- नदी प्रवाह: उत्तर बिहार की नदियाँ (गण्डक, कोसी, बागमती) हिमालयी हिमनदों से पोषित हैं, अतः उनका जल ठण्डा रहता है।
ऋतु-वार तापमान विश्लेषण — उत्तर बनाम दक्षिण बिहार
बिहार की तीनों मुख्य ऋतुओं में उत्तर एवं दक्षिण बिहार के तापमान का तुलनात्मक विश्लेषण परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। प्रत्येक ऋतु में दोनों क्षेत्रों के तापमान की विशेषताएँ एवं उनके प्रभाव भिन्न-भिन्न होते हैं।
1. ग्रीष्म ऋतु (मार्च से जून)
ग्रीष्म ऋतु में बिहार में सूर्य उत्तरायण (Summer Solstice) की ओर बढ़ता है जिससे ताप बढ़ता है। अप्रैल-मई में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) कभी-कभी हल्की वर्षा लाते हैं, परन्तु लू का प्रकोप प्रमुख होता है।
उत्तर बिहार: मार्च में तापमान 28°C–30°C, अप्रैल में 35°C–38°C, मई-जून में 38°C–42°C। लू की प्रचण्डता दक्षिण की तुलना में कम। नेपाल सीमावर्ती जिलों में आँधी-तूफान (Nor’wester / Kalbaisakhi) आते हैं जो अस्थायी राहत देते हैं।
दक्षिण बिहार: मई-जून में तापमान 42°C–47°C तक। गया में 46°C–47°C तापमान भी दर्ज हुआ है। शुष्क पश्चिमी लू का अत्यधिक प्रकोप। गर्म पथरीली भूमि तापमान को और बढ़ाती है।
- लू (Loo): गर्म, शुष्क पश्चिमी हवाएँ जो मई-जून में चलती हैं; दक्षिण बिहार में अधिक तीव्र।
- Kalbaisakhi: बैसाख माह में उत्तर-पूर्वी तूफान; उत्तर बिहार एवं पूर्वी बिहार में अधिक।
- ताप परिसर: दैनिक ताप परिसर (Diurnal Range) दक्षिण बिहार में अधिक — 12°C–15°C; उत्तर में 10°C–12°C।
2. वर्षा ऋतु (जुलाई से अक्टूबर)
मानसून के आगमन के साथ तापमान में कुछ गिरावट आती है और आर्द्रता बढ़ जाती है। दोनों क्षेत्रों में मानसूनी पैटर्न में महत्वपूर्ण अन्तर है।
उत्तर बिहार: मानसून का आगमन जून के अन्त में। भारी वर्षा — 1200–1600 mm। तापमान 28°C–34°C। बाढ़ की समस्या प्रमुख। कोसी, गण्डक, बागमती नदियाँ उफनती हैं। जल-भराव से आर्द्रता 80–90% तक।
दक्षिण बिहार: तुलनात्मक रूप से कम वर्षा — 900–1200 mm। तापमान 27°C–33°C। सूखे की समस्या अधिक। गया, औरंगाबाद, नवादा में मानसून अनियमित रहता है। Monsoon Trough के उत्तर में खिसकने पर बाढ़ भी आती है।
- बाढ़ क्षेत्र: उत्तर बिहार का 73% भाग बाढ़ प्रभावित (राष्ट्रीय बाढ़ आयोग के अनुसार)।
- सूखा क्षेत्र: दक्षिण बिहार के गया, औरंगाबाद आदि DPAP (Drought Prone Area Programme) के अन्तर्गत।
- वर्षा की विविधता: किशनगंज में >1500 mm, गया में <900 mm — एक ही राज्य में 600 mm का अन्तर।
3. शीत ऋतु (नवम्बर से फरवरी)
उत्तर बिहार: न्यूनतम तापमान 2°C–8°C। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया में पाला। घना कोहरा — Dense Fog — जो परिवहन को बाधित करता है। शीत लहर (Cold Wave) की चेतावनी अधिक बार जारी होती है। जनवरी सबसे ठण्डा महीना।
दक्षिण बिहार: न्यूनतम तापमान 7°C–12°C। पाला कम पड़ता है। कोहरा उत्तर बिहार की तुलना में कम घना। सुबह की ठण्ड तीखी होती है परन्तु दोपहर में तापमान 20°C–22°C तक पहुँच जाता है। ताप परिसर (Diurnal Range) अधिक।
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): दिसम्बर-जनवरी में बिहार में हल्की शीतकालीन वर्षा लाते हैं; रबी फसल के लिए लाभदायक।
- Cold Wave मानक: IMD के अनुसार जब न्यूनतम तापमान 10°C से कम और सामान्य से 4.5°C कम हो तो Cold Wave घोषित।
- सर्वाधिक ठण्डा: किशनगंज — 2°C; सबसे कम ठण्डा: गया — 8–10°C (औसत न्यूनतम)।
तुलनात्मक सारणी: उत्तर बिहार बनाम दक्षिण बिहार
परीक्षाओं में उत्तर एवं दक्षिण बिहार की जलवायु की तुलना पर अक्सर प्रश्न आते हैं। निम्नलिखित तालिका में दोनों क्षेत्रों की सभी प्रमुख विशेषताओं को एकत्र किया गया है जो Quick Revision के लिए अत्यन्त उपयोगी है।
| विशेषता | उत्तर बिहार | दक्षिण बिहार |
|---|---|---|
| ग्रीष्म अधिकतम तापमान | 38°C–42°C | 42°C–47°C |
| शीत न्यूनतम तापमान | 2°C–8°C | 7°C–12°C |
| वार्षिक औसत तापमान | 24°C–26°C | 26°C–29°C |
| वार्षिक वर्षा | 1200–1600 mm | 900–1200 mm |
| Köppen वर्गीकरण | Aw (उष्णकटिबंधीय) | Cwa (उपोष्ण मानसूनी) |
| प्रमुख समस्या (ग्रीष्म) | लू — कम तीव्र | लू — अत्यधिक तीव्र |
| प्रमुख समस्या (वर्षा) | बाढ़ | सूखा |
| प्रमुख समस्या (शीत) | शीत लहर, पाला, कोहरा | शीत कम प्रभावी |
| सबसे ठण्डा जिला | किशनगंज (2°C न्यूनतम) | — |
| सबसे गर्म जिला | — | गया (46°C+ अधिकतम) |
| भौगोलिक प्रभाव | हिमालय, तराई, नदियाँ | छोटा नागपुर पठार, कैमूर |
| मानसून आगमन | जून के अन्त में | जून मध्य से अन्त |
| दैनिक ताप परिसर | 10°C–12°C | 12°C–15°C |
| वार्षिक ताप परिसर | 30°C–32°C | 33°C–37°C |
| आर्द्रता (वर्षा ऋतु) | 80–90% | 70–80% |
तापमान भिन्नता के पर्यावरणीय एवं कृषि प्रभाव
उत्तर एवं दक्षिण बिहार के तापमान में पाई जाने वाली भिन्नता का व्यापक प्रभाव कृषि, जैव-विविधता, स्वास्थ्य एवं मानव जीवन पर पड़ता है। यह Bihar Govt. Competitive Exams तथा अन्य विस्तृत उत्तर परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
बाढ़ एवं सूखे का द्वन्द्व
बिहार एक अनोखा राज्य है जहाँ उत्तर बिहार में बाढ़ एवं दक्षिण बिहार में सूखा एक ही समय में हो सकता है। यह स्थिति मानसून के वितरण में असमानता तथा भौगोलिक भिन्नता के कारण उत्पन्न होती है।
- बाढ़ (उत्तर बिहार): कोसी नदी को “बिहार का शोक” कहा जाता है। प्रतिवर्ष लाखों हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है।
- सूखा (दक्षिण बिहार): गया, औरंगाबाद, नवादा DPAP (Drought Prone Area Programme) में शामिल।
- Heat Wave: गया में ग्रीष्म में 46°C से अधिक तापमान; जनहानि का खतरा।
- Cold Wave: उत्तर बिहार में किशनगंज, अररिया में 2°C–3°C; शीत-लहर से किसानों को हानि।
- जलवायु परिवर्तन: मानसून की अनियमितता बढ़ रही है; ताप एवं बाढ़ दोनों अधिक चरम होते जा रहे हैं।


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