बिहार के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग
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परिचय एवं राजमार्ग तंत्र
बिहार के राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) BPSC Prelims परीक्षा में सर्वाधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक हैं। राज्य से 30 से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं जिनकी कुल लंबाई लगभग 3,734 km है। 2018 की NH पुनर्संख्यांकन नीति के बाद अधिकांश NH के नंबर बदल गए — BPSC में पुराने और नए दोनों नंबर पूछे जाते हैं।
भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का प्रबंधन NHAI (National Highways Authority of India) करती है जिसकी स्थापना 1988 में हुई। National Highways Act, 1956 के तहत केंद्र सरकार NH की अधिसूचना जारी करती है। बिहार में NH की सड़कें मुख्यतः समतल गंगा के मैदान में विस्तृत हैं जिससे इनका निर्माण अपेक्षाकृत सुगम है। बिहार का NH नेटवर्क राज्य को उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल तथा नेपाल सीमा से जोड़ता है।
📐 राजमार्गों का वर्गीकरण (बिहार के संदर्भ में)
उत्तर-दक्षिण अक्ष के प्रमुख राजमार्ग
बिहार में उत्तर-दक्षिण दिशा में चलने वाले राजमार्ग गंगा के दोनों किनारों को जोड़ते हैं तथा नेपाल सीमा से लेकर झारखंड तक विस्तृत हैं। ये राजमार्ग बिहार की आर्थिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की रीढ़ हैं।
| NH (नया) | NH (पुराना) | मार्ग | बिहार में प्रमुख जिले/शहर | विशेष महत्व |
|---|---|---|---|---|
| NH-27 | NH-28B (आंशिक) | पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर का हिस्सा | गोपालगंज, सीवान, छपरा | उत्तर प्रदेश से बिहार के उत्तरी जिलों तक |
| NH-28 | NH-28 | लखनऊ — बरौनी | गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पटना, बरौनी | लखनऊ से पटना होते हुए पूर्वी बिहार |
| NH-30 | NH-30 | मोहनिया — पटना — झारखंड | आरा, बक्सर, पटना, जहानाबाद, गया | पटना को झारखंड से जोड़ता है |
| NH-119 | — | बेतिया — रक्सौल | पूर्वी चंपारण, रक्सौल | नेपाल सीमा तक पहुँचने वाला मार्ग |
| NH-104 | NH-104 | दरभंगा — सीतामढ़ी — सोनबरसा | दरभंगा, सीतामढ़ी | नेपाल सीमा को जोड़ने वाला मार्ग |
| NH-106 | NH-106 | सहरसा — मधेपुरा — सुपौल | सहरसा, मधेपुरा, सुपौल | कोसी प्रभावित क्षेत्र में कनेक्टिविटी |
🔍 NH-30 — पटना को जोड़ने वाला दक्षिण मार्ग
NH-30 बिहार के लिए विशेष महत्व का राजमार्ग है। यह मोहनिया (कैमूर) से प्रारंभ होकर आरा — बक्सर — पटना — जहानाबाद — गया होते हुए झारखंड में प्रवेश करता है। यह NH पटना को दक्षिण में झारखंड की खनिज समृद्ध भूमि से जोड़ता है जिससे कोयला एवं खनिज परिवहन में सुविधा होती है। NH-30 और NH-19 (GT Road) मोहनिया के निकट मिलते हैं।
पूर्व-पश्चिम अक्ष के प्रमुख राजमार्ग
बिहार के पूर्व-पश्चिम दिशा में विस्तृत राजमार्ग देश के सर्वाधिक व्यस्त मार्गों में हैं। इनमें NH-19 (Grand Trunk Road) सबसे प्रसिद्ध है जो दिल्ली को कोलकाता से जोड़ता है। ये मार्ग बिहार की अर्थव्यवस्था तथा भारत के अंतरराज्यीय व्यापार की जीवन रेखा हैं।
NH-19 — Grand Trunk Road (GT Road)
पुराना नाम: NH-2| NH (नया) | NH (पुराना) | मार्ग (पूर्ण) | बिहार में प्रमुख स्थान | दिशा |
|---|---|---|---|---|
| NH-19 | NH-2 | दिल्ली — कोलकाता | मोहनिया, सासाराम, औरंगाबाद, डोभी | पूर्व-पश्चिम (दक्षिण बिहार) |
| NH-31 | NH-31 | बरही (झारखंड) — गुवाहाटी | बेगूसराय, खगड़िया, मानसी, पूर्णिया, कटिहार | पूर्व-पश्चिम (उत्तर-पूर्व बिहार) |
| NH-28 | NH-28 | लखनऊ — बरौनी | छपरा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बरौनी | पूर्व-पश्चिम (उत्तर बिहार) |
| NH-57 | NH-57 | मुजफ्फरपुर — पूर्णिया — सिलीगुड़ी | मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया | पूर्व-पश्चिम (उत्तर बिहार) |
| NH-333B | — | गया — धनबाद | गया, नवादा, झारखंड | दक्षिण-पूर्व बिहार |
🔍 NH-31 — बिहार का सबसे लंबा राजमार्ग
NH-31 बिहार में सर्वाधिक लंबाई वाला राष्ट्रीय राजमार्ग है। यह बरही (झारखंड) से प्रारंभ होकर उत्तर-पूर्वी बिहार के बेगूसराय — खगड़िया — मानसी — सहरसा — पूर्णिया — कटिहार से होते हुए असम (गुवाहाटी) तक जाता है। यह मार्ग पूर्वोत्तर भारत को शेष देश से जोड़ने की दृष्टि से अत्यंत रणनीतिक महत्व का है। इस पर कोसी नदी पर पुल भी है।
🔍 NH-57 — मिथिलांचल की जीवन रेखा
NH-57 को मिथिलांचल का मुख्य राजमार्ग कहा जा सकता है। यह मुजफ्फरपुर से प्रारंभ होकर दरभंगा — मधुबनी — सुपौल — पूर्णिया होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाता है। इस मार्ग पर दरभंगा हवाई अड्डा भी स्थित है। NH-57 उत्तर बिहार के कृषि उत्पाद — विशेषकर मखाना, लीची, मछली — के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है।
पटना केंद्रित राजमार्ग
पटना बिहार की राजधानी होने के कारण यहाँ से अनेक राष्ट्रीय राजमार्ग निकलते हैं। पटना एक महत्वपूर्ण सड़क केंद्र (Road Hub) है जहाँ से उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम — सभी दिशाओं में NH जाते हैं।
🏙️ NH-83 — बौद्ध सर्किट मार्ग
NH-83 का विशेष महत्व है क्योंकि यह पटना को सीधे बोधगया (गया) से जोड़ता है। बोधगया वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस NH पर भारी पर्यटक यातायात रहता है — विशेषकर थाईलैंड, श्रीलंका, जापान, म्यांमार के बौद्ध श्रद्धालु। पटना से गया की दूरी इस मार्ग पर लगभग 100 km है। गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी मार्ग पर है।
🛣️ NH-98 — उत्तर बिहार की जीवन रेखा
NH-98 गंगा नदी के उत्तर में बसे बिहार के सर्वाधिक घनी आबादी वाले जिलों को जोड़ता है। यह पटना (फुलवारीशरीफ) से फोरबेसगंज (अररिया) तक जाता है और मार्ग में हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल जैसे महत्वपूर्ण शहर पड़ते हैं। यह NH उत्तर बिहार के कृषि उत्पादों के परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उत्तर बिहार के प्रमुख राजमार्ग
उत्तर बिहार (गंगा के उत्तर का क्षेत्र) नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। यह क्षेत्र मिथिलांचल, चंपारण, कोसी जैसे ऐतिहासिक एवं भौगोलिक खंडों में बँटा है। यहाँ के राजमार्ग बाढ़ की चुनौती के बावजूद उत्तर बिहार के लाखों लोगों की जीवन-रेखा हैं।
| NH संख्या | मार्ग | उत्तर बिहार में प्रमुख जिले | विशेषता |
|---|---|---|---|
| NH-28 | लखनऊ — छपरा — मुजफ्फरपुर — बरौनी | गोपालगंज, सीवान, छपरा, मुजफ्फरपुर | उत्तर प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बिहार का प्रवेश द्वार |
| NH-57 | मुजफ्फरपुर — दरभंगा — मधुबनी — पूर्णिया — सिलीगुड़ी | मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया | मिथिलांचल की मुख्य सड़क, दरभंगा हवाई अड्डा इस पर |
| NH-98 | पटना — हाजीपुर — मुजफ्फरपुर — दरभंगा — फोरबेसगंज | हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल | उत्तर बिहार का उत्तर-दक्षिण मुख्य अक्ष |
| NH-104 | दरभंगा — सीतामढ़ी — सोनबरसा (नेपाल सीमा) | दरभंगा, सीतामढ़ी | नेपाल से व्यापार मार्ग; जनकपुर कॉरिडोर |
| NH-27 | पोरबंदर — कानपुर — गोरखपुर — गोपालगंज | गोपालगंज, सीवान | पूर्व-पश्चिम राजमार्ग का बिहार छोर |
| NH-227 | मोतिहारी — रक्सौल — नेपाल सीमा | पूर्वी चंपारण, मोतिहारी, रक्सौल | नेपाल से व्यापार; रक्सौल प्रमुख सीमा चौकी |
| NH-106 | सहरसा — मधेपुरा — पूर्णिया | सहरसा, मधेपुरा, सुपौल | कोसी प्रभावित क्षेत्र में आपदा राहत मार्ग |
🇳🇵 नेपाल सीमा से जुड़ने वाले NH
बिहार की उत्तरी सीमा नेपाल से लगती है और यहाँ कई प्रवेश द्वार (Entry Points) हैं। प्रमुख सीमा चौकियाँ और उनसे जुड़े NH इस प्रकार हैं:
- रक्सौल (पूर्वी चंपारण) — NH-227: भारत-नेपाल का सबसे व्यस्त व्यापारिक प्रवेश द्वार। नेपाल के बीरगंज से जुड़ा है।
- सोनबरसा (सीतामढ़ी) — NH-104: नेपाल के जनकपुर से जुड़ा पर्यटन मार्ग। जानकी मंदिर के श्रद्धालु इसी से आते हैं।
- जोगबनी (अररिया) — NH-131B: नेपाल के बिराटनगर से जुड़ा। पूर्वोत्तर प्रवेश द्वार।
- वाल्मिकीनगर (पश्चिमी चंपारण) — NH-727: नेपाल के भैरहवा से जुड़ा। वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के पास।
दक्षिण बिहार के प्रमुख राजमार्ग
दक्षिण बिहार मगध, अंग एवं शाहाबाद क्षेत्रों में विभाजित है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है — यहाँ नालंदा, राजगीर, बोधगया, पावापुरी जैसे धार्मिक स्थल हैं। दक्षिण बिहार के NH मुख्यतः झारखंड से जोड़ने वाले मार्ग हैं।
| NH संख्या | मार्ग | दक्षिण बिहार में प्रमुख जिले | विशेषता |
|---|---|---|---|
| NH-19 (पुराना NH-2) | दिल्ली — वाराणसी — सासाराम — कोलकाता | कैमूर, रोहतास (सासाराम), औरंगाबाद | GT Road — बिहार के दक्षिण-पश्चिम छोर से गुजरता है |
| NH-83 | पटना — गया — नवादा — रजौली — झारखंड | पटना, जहानाबाद, गया, नवादा | बौद्ध सर्किट — बोधगया तक पहुँच |
| NH-82 | बख्तियारपुर — राजगीर — गया — डोभी | नालंदा, राजगीर, गया | नालंदा-राजगीर पर्यटन मार्ग |
| NH-30 | मोहनिया — आरा — पटना — जहानाबाद — झारखंड | भोजपुर (आरा), बक्सर, पटना, जहानाबाद | पटना से झारखंड — खनिज परिवहन |
| NH-333B | गया — औरंगाबाद — पलामू (झारखंड) | गया, औरंगाबाद | दक्षिण-पश्चिम बिहार से झारखंड |
| NH-110 | भागलपुर — दुमका (झारखंड) | भागलपुर, बाँका | पूर्वी बिहार से झारखंड तक |
| NH-80 | मोकामा — भागलपुर — राजमहल | मुंगेर, भागलपुर, साहिबगंज | गंगा के किनारे-किनारे पूर्वी बिहार |
🏛️ NH-82 — नालंदा-राजगीर पर्यटन मार्ग
NH-82 विशेष ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व का राजमार्ग है। यह बख्तियारपुर से प्रारंभ होकर राजगीर — नालंदा — गया — डोभी होते हुए NH-19 से मिलता है। इस मार्ग पर नालंदा विश्वविद्यालय (UNESCO World Heritage) एवं राजगीर (महात्मा बुद्ध एवं महावीर की तपोस्थली) दोनों पड़ते हैं। विदेशी पर्यटकों का आवागमन इस NH पर विशेष रूप से होता है।
🛢️ NH-80 — गंगा किनारे का पूर्वी मार्ग
NH-80 गंगा नदी के दक्षिणी किनारे के सहारे-सहारे पूर्वी बिहार में विस्तृत है। यह मोकामा से प्रारंभ होकर मुंगेर — भागलपुर — राजमहल (झारखंड) तक जाता है। विक्रमशिला सेतु (भागलपुर में गंगा पर) इसी NH पर स्थित है। भागलपुर (रेशम नगरी) तक माल परिवहन की दृष्टि से यह NH अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रमुख पुल, एक्सप्रेसवे एवं सड़क परियोजनाएँ
बिहार में गंगा, सोन, कोसी, गंडक जैसी बड़ी नदियाँ राजमार्गों की निरंतरता में बाधा उत्पन्न करती हैं। इस कारण पुलों का निर्माण बिहार के सड़क विकास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है। BPSC में पुलों के नाम, स्थान एवं नदियाँ बारंबार पूछी जाती हैं।
🌉 NH से जुड़े प्रमुख पुल
| पुल का नाम | नदी | स्थान | लंबाई | NH | वर्ष |
|---|---|---|---|---|---|
| महात्मा गांधी सेतु | गंगा | पटना — हाजीपुर | 5.575 km | NH-19/98 | 1982 |
| राजेंद्र सेतु | गंगा | मोकामा | ~2 km | NH-31 | 1959 |
| विक्रमशिला सेतु | गंगा | भागलपुर | 4.7 km | NH-80 | 2001 |
| अब्दुल बारी सेतु | सोन | कोइलवर (आरा) | 1.44 km | NH-30 | 1862 |
| डेहरी-ऑन-सोन सेतु | सोन | डेहरी (रोहतास) | ~1.2 km | NH-19 | — |
| दीघा-सोनपुर रेल-सड़क सेतु | गंगा | पटना — सोनपुर | ~4.5 km | NH-98 | 2016 |
| गाँधी सेतु (नया — निर्माणाधीन) | गंगा | पटना — हाजीपुर | ~5.6 km (4 लेन) | NH-98 | 2024 (आंशिक) |
| मुंगेर गंगा सेतु | गंगा | मुंगेर | 3.1 km | NH-80 | 2016 |


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