कर्क रेखा — बांसवाड़ा, डूंगरपुर से गुजरती है
कर्क रेखा का परिचय
कर्क रेखा (Tropic of Cancer) पृथ्वी पर 23°30′ उत्तरी अक्षांश पर स्थित एक काल्पनिक रेखा है जो Rajasthan Govt Exam Preparation में भूगोल के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। यह रेखा पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में सूर्य के उत्तरायण (21 जून को) के समय सीधे ऊपर आता है।
कर्क रेखा की परिभाषा
कर्क रेखा एक अक्षांश रेखा है जो विषुवत रेखा के उत्तर में 23°30′ की दूरी पर स्थित है। यह पृथ्वी की अक्ष झुकाव (23°30′) के कारण बनती है। इस रेखा का नाम कर्क राशि के नाम पर रखा गया है क्योंकि 21 जून को सूर्य इसी राशि में प्रवेश करता है।

कर्क रेखा का भारत में मार्ग
भारत में कर्क रेखा 8 राज्यों से होकर गुजरती है। यह रेखा गुजरात के पश्चिमी भाग से प्रवेश करती है और मिजोरम से निकलती है। राजस्थान इन 8 राज्यों में से एक है।
| क्रम | राज्य | प्रवेश बिंदु | निकास बिंदु |
|---|---|---|---|
| 1 | गुजरात | अरब सागर | राजस्थान सीमा |
| 2 | राजस्थान | गुजरात सीमा | मध्य प्रदेश सीमा |
| 3 | मध्य प्रदेश | राजस्थान सीमा | छत्तीसगढ़ सीमा |
| 4 | छत्तीसगढ़ | मध्य प्रदेश सीमा | झारखंड सीमा |
| 5 | झारखंड | छत्तीसगढ़ सीमा | पश्चिम बंगाल सीमा |
| 6 | पश्चिम बंगाल | झारखंड सीमा | बांग्लादेश सीमा |
| 7 | त्रिपुरा | बांग्लादेश सीमा | मिजोरम सीमा |
| 8 | मिजोरम | त्रिपुरा सीमा | बांग्लादेश सीमा |
राजस्थान में कर्क रेखा का मार्ग
राजस्थान में कर्क रेखा दक्षिणी-पूर्वी भाग से गुजरती है। यह रेखा बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों से होकर जाती है। ये दोनों जिले राजस्थान के सबसे दक्षिणी जिले हैं।
राजस्थान में कर्क रेखा का प्रभाव
कर्क रेखा राजस्थान की जलवायु, वनस्पति और कृषि को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है। यह रेखा राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी क्षेत्र में विभिन्न भौगोलिक विशेषताओं को निर्धारित करती है।
कर्क रेखा के दक्षिण में स्थित बांसवाड़ा और डूंगरपुर में अधिक वर्षा होती है। ये क्षेत्र उष्ण कटिबंध में आते हैं जहां तापमान अधिक रहता है।
कर्क रेखा के दक्षिण में सागवान के वन और मिश्रित पर्णपाती वन पाए जाते हैं। उत्तर में कम वर्षा के कारण शुष्क वन हैं।
दक्षिणी क्षेत्र में चावल, मक्का, दलहन की खेती होती है। उत्तरी क्षेत्र में गेहूं, बाजरा, जौ की खेती प्रमुख है।
कर्क रेखा के दक्षिण में वार्षिक वर्षा 60-100 सेमी होती है। उत्तर में यह 25-50 सेमी तक सीमित है।
जलवायु क्षेत्र विभाजन
कर्क रेखा राजस्थान को दो प्रमुख जलवायु क्षेत्रों में विभाजित करती है। दक्षिणी क्षेत्र (बांसवाड़ा, डूंगरपुर) में उष्ण आर्द्र जलवायु (Humid Subtropical) पाई जाती है, जबकि उत्तरी क्षेत्र में उष्ण शुष्क जलवायु (Hot Arid) प्रमुख है।
- जलवायु सीमा: कर्क रेखा उष्ण कटिबंध की सीमा को चिह्नित करती है
- वर्षा वितरण: दक्षिण में अधिक वर्षा, उत्तर में कम वर्षा
- वनस्पति पट्टी: विभिन्न प्रकार के वन क्षेत्र को अलग करती है
- कृषि क्षेत्र: फसलों के प्रकार को निर्धारित करती है

बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले
कर्क रेखा राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों से होकर गुजरती है। ये दोनों जिले राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी कोने में स्थित हैं और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
स्थिति: राजस्थान का सबसे दक्षिणी जिला
अक्षांश: 22°10′ से 23°50′ उत्तरी
देशांतर: 73°50′ से 74°50′ पूर्वी
क्षेत्रफल: 5,037 वर्ग किमी
मुख्यालय: बांसवाड़ा शहर
सीमाएं: गुजरात, मध्य प्रदेश, डूंगरपुर
स्थिति: राजस्थान का दक्षिणी-पूर्वी जिला
अक्षांश: 23°30′ से 24°30′ उत्तरी
देशांतर: 73°30′ से 74°50′ पूर्वी
क्षेत्रफल: 3,770 वर्ग किमी
मुख्यालय: डूंगरपुर शहर
सीमाएं: गुजरात, मध्य प्रदेश, बांसवाड़ा
भौगोलिक विशेषताएं
बांसवाड़ा और डूंगरपुर दोनों जिले अरावली पर्वत श्रेणी के दक्षिणी भाग में स्थित हैं। ये क्षेत्र पहाड़ी और पठारी भूभाग के लिए जाने जाते हैं। यहां की औसत ऊंचाई 300-600 मीटर है।
- नदियां: माही नदी, सोम नदी, जाखम नदी
- वन: सागवान के वन, मिश्रित पर्णपाती वन
- जनजातियां: भील, गरासिया, डामोर
- मुख्य फसलें: चावल, मक्का, दलहन, तिलहन
- खनिज: तांबा, जस्ता, सीसा
- पर्यटन: माही बांध, आदिवासी संस्कृति
- नदियां: सोम नदी, माही नदी, बनास नदी
- वन: सागवान के वन, साल के वन
- जनजातियां: भील, गरासिया, कथोड़ी
- मुख्य फसलें: चावल, मक्का, दलहन, गन्ना
- खनिज: फेल्सपार, अभ्रक, तांबा
- पर्यटन: उदयपुर के पास, ऐतिहासिक स्थल
जलवायु और भौगोलिक विशेषताएं
कर्क रेखा के पास स्थित बांसवाड़ा और डूंगरपुर की जलवायु उष्ण आर्द्र (Humid Subtropical) प्रकार की है। यह जलवायु राजस्थान के अन्य भागों से काफी अलग है।
जलवायु विशेषताएं
| जलवायु पहलू | कर्क रेखा के दक्षिण (बांसवाड़ा) | कर्क रेखा के उत्तर (राजस्थान) |
|---|---|---|
| तापमान (गर्मी) | 35-40°C | 40-45°C |
| तापमान (सर्दी) | 10-15°C | 5-10°C |
| वार्षिक वर्षा | 60-100 सेमी | 25-50 सेमी |
| वर्षा का मौसम | जून-सितंबर (मानसून) | जुलाई-सितंबर |
| आर्द्रता | 70-80% | 40-50% |
| वनस्पति | सागवान, साल, मिश्रित वन | कांटेदार झाड़ियां, शुष्क वन |
भौगोलिक विशेषताएं
परीक्षा प्रश्न और सारांश
कर्क रेखा राजस्थान की भूगोल परीक्षा का एक महत्वपूर्ण विषय है। Rajasthan Govt Exam Preparation में इससे संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं।

