प्रमुख बांध — राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, माही बजाज सागर, जवाई, बीसलपुर
परिचय — राजस्थान के बांध
राजस्थान भारत का सबसे शुष्क राज्य है, जहाँ वार्षिक वर्षा मात्र 500 मिमी से भी कम है। इस जल संकट से निपटने के लिए राजस्थान सरकार ने विभिन्न नदियों पर बांध निर्मित किए हैं। राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, माही बजाज सागर, जवाई और बीसलपुर ये पाँच प्रमुख बांध राजस्थान की जल आपूर्ति, विद्युत उत्पादन और सिंचाई का मुख्य आधार हैं।
ये बांध न केवल कृषि के लिए जल प्रदान करते हैं, बल्कि जलविद्युत शक्ति का उत्पादन भी करते हैं। राजस्थान के कुल जल संसाधन का एक बड़ा हिस्सा इन बांधों के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। Rajasthan Govt Exam Preparation में ये बांध अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं।

चंबल नदी के बांध — राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर
चंबल नदी राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण नदी है, जो मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान में प्रवेश करती है। इस नदी पर राजस्थान और मध्य प्रदेश के संयुक्त प्रयास से कई बांध बनाए गए हैं, जिनमें राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर सबसे प्रमुख हैं।
राणा प्रताप सागर बांध
राणा प्रताप सागर बांध चंबल नदी पर चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है। यह बांध 1970 में पूरा हुआ था। इसकी ऊँचाई 54.86 मीटर है और यह एक आर्च डैम (Arch Dam) है। इस बांध से 115 मेगावाट जलविद्युत शक्ति का उत्पादन होता है।
राणा प्रताप सागर का जलाशय सांभर झील के बाद राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा कृत्रिम जलाशय है। इसकी क्षमता 1,449 करोड़ घन मीटर है। यह बांध चित्तौड़गढ़, कोटा और बूंदी जिलों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है।
जवाहर सागर बांध
जवाहर सागर बांध चंबल नदी पर कोटा जिले में स्थित है। यह बांध 1972 में पूरा हुआ था। इसकी ऊँचाई 44.19 मीटर है और यह भी एक आर्च डैम है। इस बांध से 58.5 मेगावाट जलविद्युत शक्ति का उत्पादन होता है।
जवाहर सागर का जलाशय क्षमता 432 करोड़ घन मीटर है। यह बांध मुख्य रूप से कोटा और बूंदी जिलों की सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
| बांध का नाम | स्थान | पूरा होने का वर्ष | ऊँचाई (मीटर) | विद्युत क्षमता (MW) | जलाशय क्षमता (करोड़ घन मीटर) |
|---|---|---|---|---|---|
| राणा प्रताप सागर | चित्तौड़गढ़ | 1970 | 54.86 | 115 | 1,449 |
| जवाहर सागर | कोटा | 1972 | 44.19 | 58.5 | 432 |
माही बजाज सागर बांध
माही बजाज सागर बांध माही नदी पर डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित है। यह बांध 1966 में पूरा हुआ था और इसका निर्माण भारतीय जूट मिल्स एसोसिएशन (IJMA) द्वारा किया गया था, इसलिए इसे बजाज सागर नाम दिया गया।
माही बजाज सागर की विशेषताएँ
माही बजाज सागर बांध की ऊँचाई 60 मीटर है और यह एक कंक्रीट ग्रेविटी डैम (Concrete Gravity Dam) है। इस बांध से 25 मेगावाट जलविद्युत शक्ति का उत्पादन होता है। इसकी जलाशय क्षमता 702 करोड़ घन मीटर है।
माही नदी राजस्थान के दक्षिणी भाग में बहती है और गुजरात में खंभात की खाड़ी में गिरती है। माही बजाज सागर बांध डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर जिलों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है।
माही नदी का महत्व
माही नदी राजस्थान की एक महत्वपूर्ण नदी है, जो मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान में प्रवेश करती है। इस नदी पर माही बजाज सागर के अलावा माही बांध (गुजरात में) भी बना हुआ है। माही नदी की कुल लंबाई 576 किमी है।
ऊँचाई: 60 मीटर
प्रकार: कंक्रीट ग्रेविटी डैम
जलाशय क्षमता: 702 करोड़ घन मीटर
सिंचाई क्षेत्र: 3 जिले

जवाई बांध
जवाई बांध जवाई नदी पर पाली जिले में स्थित है। यह बांध 1946 में पूरा हुआ था और राजस्थान के सबसे पुराने बांधों में से एक है। जवाई नदी राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी भाग में बहती है और अरावली पर्वतमाला से निकलती है।
जवाई बांध की विशेषताएँ
जवाई बांध की ऊँचाई 32 मीटर है और यह एक पत्थर और कंक्रीट का बांध है। इस बांध की जलाशय क्षमता 272 करोड़ घन मीटर है। जवाई बांध से कोई जलविद्युत उत्पादन नहीं होता, लेकिन यह सिंचाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जवाई बांध पाली, जालोर और सिरोही जिलों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है। यह बांध राजस्थान के सबसे शुष्क क्षेत्रों में जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है।
जवाई नदी प्रणाली
जवाई नदी की कुल लंबाई 418 किमी है। यह नदी मेवाड़ क्षेत्र से निकलकर गुजरात में प्रवेश करती है। जवाई नदी पर जवाई बांध के अलावा जवाई बांध-II (सुमेरपुर) भी बना हुआ है, जो 1957 में पूरा हुआ था।
- सिंचाई: जवाई नदी पर बने बांध राजस्थान के सबसे शुष्क क्षेत्रों में कृषि को संभव बनाते हैं।
- पेयजल: जवाई बांध से पाली, जालोर और सिरोही जिलों को पेयजल की आपूर्ति होती है।
- पशुपालन: यह नदी पशुपालन के लिए भी महत्वपूर्ण है, विशेषकर गोठ क्षेत्र में।
- पर्यावरण: जवाई नदी के किनारे वन और वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र हैं।
बीसलपुर बांध
बीसलपुर बांध बनास नदी पर टोंक जिले में स्थित है। यह बांध 1999 में पूरा हुआ था और राजस्थान के आधुनिक बांधों में से एक है। बीसलपुर बांध का निर्माण जयपुर शहर को पेयजल प्रदान करने के लिए किया गया था।
बीसलपुर बांध की विशेषताएँ
बीसलपुर बांध की ऊँचाई 53 मीटर है और यह एक कंक्रीट ग्रेविटी डैम है। इस बांध की जलाशय क्षमता 228 करोड़ घन मीटर है। बीसलपुर बांध से कोई जलविद्युत उत्पादन नहीं होता, लेकिन यह पेयजल आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
बीसलपुर बांध मुख्य रूप से जयपुर शहर को पेयजल प्रदान करता है। यह बांध जयपुर, टोंक और दौसा जिलों को भी सिंचाई सुविधा प्रदान करता है।
बनास नदी
बनास नदी राजस्थान की सबसे लंबी नदी है, जिसकी कुल लंबाई 512 किमी है। यह नदी अरावली पर्वतमाला से निकलती है और चंबल नदी में मिलती है। बनास नदी जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर और करौली जिलों से बहती है।
जनसंख्या: 30 लाख+
दैनिक आपूर्ति: 100+ करोड़ लीटर
स्रोत: अरावली पर्वतमाला
मिलन: चंबल नदी में
परीक्षा प्रश्न और सारांश
राजस्थान के प्रमुख बांधों का तुलनात्मक विश्लेषण
स्मरणीय सूत्र (Mnemonic)
इंटरैक्टिव प्रश्न
सारांश
पिछले वर्षों के परीक्षा प्रश्न (PYQ)
उत्तर: (B) 54.86 मीटर — राणा प्रताप सागर बांध चंबल नदी पर 54.86 मीटर ऊँचाई वाला आर्च डैम है।
उत्तर: (A) 1966 — माही बजाज सागर बांध 1966 में पूरा हुआ था और यह डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीमा पर स्थित है।
चुनौतियाँ: इस क्षेत्र में वर्षा बहुत कम होती है, जिससे जलाशय अक्सर सूख जाता है। इससे सिंचाई में समस्या आती है। जलवायु परिवर्तन के कारण स्थिति और भी गंभीर हो रही है।
उत्तर: (C) बनास — बीसलपुर बांध बनास नदी पर टोंक जिले में स्थित है। यह 1999 में पूरा हुआ था।
सिंचाई: ये बांध चित्तौड़गढ़, कोटा और बूंदी जिलों में लाखों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करते हैं।
बाढ़ नियंत्रण: ये बांध मानसून के समय बाढ़ को नियंत्रित करते हैं।
पर्यटन: इन बांधों के आसपास पर्यटन विकास हुआ है।

