षष्ठ चरण — राजस्थान (26 जनवरी 1950)
परिचय — षष्ठ चरण का महत्व
षष्ठ चरण राजस्थान के एकीकरण का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण था, जिसमें 26 जनवरी 1950 को सिरोही रियासत को राजस्थान में विलीन किया गया। यह तारीख भारतीय संविधान के लागू होने का दिन था, जिसने राजस्थान को एक पूर्ण राज्य का दर्जा दिया।
इस चरण के पहले, पंचम चरण (15 मई 1949) में मत्स्य संघ को संयुक्त वृहत् राजस्थान में मिलाया गया था। अब केवल सिरोही ही बचा था, जो अरावली पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी भाग में स्थित था। सिरोही का विलय राजस्थान के एकीकरण को पूरा करने के लिए आवश्यक था।
चरण का महत्व
- संविधान दिवस: 26 जनवरी को भारतीय संविधान लागू हुआ, जिससे राजस्थान को राज्य का दर्जा मिला
- भौगोलिक पूर्णता: सिरोही के विलय से राजस्थान का भौगोलिक क्षेत्र पूर्ण हुआ
- राजनीतिक एकता: सभी रियासतें एक राज्य में एकीभूत हो गईं

सिरोही रियासत का इतिहास
सिरोही रियासत राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण रियासत थी। इसका इतिहास मध्यकाल से जुड़ा है और यह अरावली पर्वत श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध था।
सिरोही की स्थापना और विकास
सिरोही की भौगोलिक स्थिति
सिरोही का राजस्थान में विलय
सिरोही का विलय राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया का अंतिम चरण था। सरदार वल्लभभाई पटेल और उनके सहयोगी वी.पी. मेनन ने इस प्रक्रिया को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विलय की प्रक्रिया
- 1948-1949: राजस्थान के अन्य भागों का एकीकरण पूरा हुआ, सिरोही अभी बाकी था
- सरदार पटेल की भूमिका: सिरोही के शासक को राजस्थान में विलीन होने के लिए राजी किया गया
- विलय समझौता: सिरोही के शासक ने 26 जनवरी 1950 को विलय समझौते पर हस्ताक्षर किए
- राजस्थान का पूर्ण एकीकरण: सिरोही के विलय से राजस्थान का भौगोलिक और राजनीतिक एकीकरण पूरा हुआ
| चरण | तारीख | विलीन क्षेत्र | मुख्य रियासतें |
|---|---|---|---|
| 1 प्रथम | 18 मार्च 1948 | मत्स्य संघ | अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली |
| 2 द्वितीय | 25 मार्च 1948 | राजस्थान संघ | कोटा, बूंदी, झालावाड़ आदि 9 रियासतें |
| 3 तृतीय | 18 अप्रैल 1948 | संयुक्त राजस्थान | उदयपुर |
| 4 चतुर्थ | 30 मार्च 1949 | वृहत् राजस्थान | जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर |
| 5 पंचम | 15 मई 1949 | संयुक्त वृहत् राजस्थान | मत्स्य संघ |
| 6 षष्ठ | 26 जनवरी 1950 | राजस्थान | सिरोही |
विलय के कारण
भारत के एकीकरण के लिए सभी रियासतों को एक राज्य में विलीन करना आवश्यक था।
सिरोही का विलय राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र को पूरा करने के लिए आवश्यक था।
भारतीय संविधान के लागू होने से पहले सभी रियासतों का विलय पूरा करना था।

26 जनवरी 1950 — संविधान दिवस
26 जनवरी 1950 भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन था। इसी दिन भारतीय संविधान लागू हुआ और भारत एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। इसी दिन सिरोही को भी राजस्थान में विलीन किया गया।
संविधान दिवस का महत्व
राजस्थान की संवैधानिक स्थिति
26 जनवरी 1950 को राजस्थान को भारतीय संघ का एक पूर्ण राज्य घोषित किया गया। इसके पहले, राजस्थान विभिन्न चरणों में विभिन्न राज्यों के रूप में अस्तित्व में था। अब यह एक एकीकृत राज्य बन गया।
- संघीय संरचना: राजस्थान भारतीय संघ का एक राज्य बन गया
- राज्यपाल: राजस्थान के लिए एक राज्यपाल की नियुक्ति की गई
- विधानसभा: राजस्थान की अपनी विधानसभा बनाई गई
- मुख्यमंत्री: हीरालाल शास्त्री राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री बने
सिरोही के विलय के लिए एक औपचारिक समझौता किया गया। सरदार पटेल और वी.पी. मेनन ने सिरोही के शासक को राजस्थान में विलीन होने के लिए राजी किया।
- शासक की सहमति: सिरोही के शासक ने विलय पर सहमति दी
- विलय दस्तावेज: 26 जनवरी 1950 को विलय दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए
- संपत्ति का हस्तांतरण: सिरोही की सभी संपत्ति राजस्थान को हस्तांतरित की गई
- प्रशासनिक एकीकरण: सिरोही का प्रशासन राजस्थान के अधीन आ गया
राजस्थान राज्य की स्थापना
राजस्थान राज्य की स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई। यह एकीकरण की एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम था, जो 1948 से शुरू हुई थी। सिरोही के विलय से राजस्थान का भौगोलिक और राजनीतिक एकीकरण पूरा हुआ।
राजस्थान की स्थापना के बाद की स्थिति
हीरालाल शास्त्री
1950-1952सरदार पटेल
1947-1950वी.पी. मेनन
1947-1950राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था
| पद | नाम | कार्यकाल | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 मुख्यमंत्री | हीरालाल शास्त्री | 1950-1952 | राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री |
| 2 राज्यपाल | सरदार गुलजारीलाल नंदा | 1950-1952 | राजस्थान के प्रथम राज्यपाल |
| 3 विधानसभा | राजस्थान विधानसभा | 1950 से | राजस्थान की विधायिका |
| 4 उच्च न्यायालय | जयपुर उच्च न्यायालय | 1950 से | राजस्थान की न्यायपालिका |
राजस्थान का भौगोलिक विस्तार
- क्षेत्रफल: 342,239 वर्ग किलोमीटर (भारत का सबसे बड़ा राज्य)
- जनसंख्या: लगभग 4 करोड़ (1950 की जनगणना के अनुसार)
- भाषा: हिंदी राजस्थान की मुख्य भाषा
- राजधानी: जयपुर (1956 तक जयपुर राजस्थान की राजधानी रही)
- मुख्य शहर: जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, जैसलमेर, कोटा


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