उत्तर प्रदेश — मूल स्थिति एवं अक्षांशीय विस्तार
भौगोलिक स्थिति, देशांतरीय विस्तार, क्षेत्रफल एवं सीमाएँ — UPPSC प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा हेतु सम्पूर्ण विश्लेषण
परिचय एवं प्रमुख भौगोलिक तथ्य
उत्तर प्रदेश भारत के उत्तर-मध्य भाग में स्थित एक विशाल राज्य है जो उपोष्णकटिबन्धीय क्षेत्र (Sub-tropical Zone) में आता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे कृषि, जनसंख्या एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भारत का सबसे महत्वपूर्ण राज्य बनाती है।
उत्तर प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किमी है जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यह राज्य 26°N अक्षांश रेखा के निकट स्थित होने के कारण उपोष्णकटिबन्धीय आर्द्र जलवायु का अनुभव करता है।
अक्षांशीय विस्तार — विस्तृत विश्लेषण
उत्तर प्रदेश उत्तरी अक्षांशों में 23°52′ से 30°24′ तक विस्तृत है। यह सम्पूर्ण विस्तार उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere) में एवं कर्क रेखा के उत्तर में स्थित है।
| विवरण | अक्षांश/स्थान | सम्बन्धित जनपद | विशेषता |
|---|---|---|---|
| उत्तरतम बिन्दु | 30°24′ उत्तर | सहारनपुर | हिमालय की तलहटी, शिवालिक क्षेत्र |
| दक्षिणतम बिन्दु | 23°52′ उत्तर | ललितपुर (चन्देरी के पास) | विन्ध्य पठार का किनारा |
| कुल अक्षांशीय विस्तार | 6°32′ | सम्पूर्ण UP | लगभग 728 किमी उत्तर-दक्षिण |
| मध्य अक्षांश | ~27°08′ उत्तर | लखनऊ (~26°51’N) | राजधानी लखनऊ लगभग मध्य में |
| कर्क रेखा (23°30’N) | राज्य के दक्षिण से गुजरती है | ललितपुर/झाँसी | UP का दक्षिणी सिरा कर्क रेखा के निकट |
🌐 अक्षांश एवं भौगोलिक कटिबन्ध
उत्तर प्रदेश कर्क रेखा (23°30’N) से उत्तर में स्थित है, अतः यह पूर्णतः शीतोष्ण कटिबन्ध (Temperate Zone) एवं उपोष्ण कटिबन्ध (Sub-tropical Zone) के सन्धि-क्षेत्र में आता है। इसीलिए यहाँ ग्रीष्मकाल अत्यन्त गर्म एवं शीतकाल अपेक्षाकृत कठोर होता है।
देशांतरीय विस्तार एवं भारतीय मानक समय
उत्तर प्रदेश 77°05′ पूर्व देशांतर से 84°38′ पूर्व देशांतर तक फैला हुआ है। इसका कुल देशांतरीय विस्तार 7°33′ है जो पूर्व-पश्चिम दिशा में लगभग 650 किमी के बराबर है।
| विवरण | देशांतर | सम्बन्धित स्थान |
|---|---|---|
| पश्चिमतम बिन्दु | 77°05′ पूर्व | शामली जनपद (पश्चिमी UP) |
| पूर्वतम बिन्दु | 84°38′ पूर्व | बलिया जनपद (पूर्वाञ्चल) |
| कुल देशांतरीय विस्तार | 7°33′ | ~650 किमी पूर्व-पश्चिम |
| भारतीय मानक याम्योत्तर (IST) | 82°30′ पूर्व | प्रयागराज (इलाहाबाद) से होकर गुजरती है |
⏰ भारतीय मानक समय (IST) एवं UP का सम्बन्ध
82°30′ पूर्व देशांतर को भारत का मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) माना जाता है। यह रेखा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) जिले से होकर गुजरती है। इसी कारण UP भारत के मानक समय निर्धारण में केन्द्रीय भूमिका रखता है। यह याम्योत्तर UP के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं आन्ध्रप्रदेश से भी होकर गुजरती है।
UP का पूर्व-पश्चिम देशांतरीय विस्तार 7°33′ है। प्रत्येक 1° देशांतर पर 4 मिनट का समयान्तर होता है। अतः UP के पश्चिमी (शामली) और पूर्वी (बलिया) छोर पर लगभग 30 मिनट का सूर्योदय-सूर्यास्त समयान्तर होता है। यह व्यावहारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्वी UP में सूर्योदय पश्चिमी UP की तुलना में लगभग आधे घण्टे पहले होता है।
सीमावर्ती राज्य, देश एवं सीमाओं का विश्लेषण
उत्तर प्रदेश की सीमाएँ 9 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों एवं 2 देशों (नेपाल व उत्तराखण्ड-हिमाचल सीमा) से मिलती हैं। इसकी विशाल सीमारेखा इसे भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण बनाती है।
| दिशा | सीमावर्ती राज्य/देश | प्रमुख जनपद (UP के) |
|---|---|---|
| उत्तर | उत्तराखण्ड + नेपाल | सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर; पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज |
| पश्चिम | हरियाणा + राजस्थान + दिल्ली (NCT) | शामली, मुजफ्फरनगर, मथुरा, आगरा |
| दक्षिण | मध्यप्रदेश | ललितपुर, झाँसी, बाँदा, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र |
| पूर्व | बिहार + झारखण्ड | बलिया, गाजीपुर, चन्दौली, सोनभद्र |
अक्षांशीय स्थिति का जलवायु एवं कृषि पर प्रभाव
किसी स्थान का अक्षांश उसकी जलवायु का प्रमुख निर्धारक होता है। UP की 23°52’N से 30°24’N तक की अक्षांशीय स्थिति इसकी ग्रीष्मकालीन गर्मी, शीतकालीन ठण्ड, वर्षा वितरण एवं फसल चक्र को सीधे प्रभावित करती है।
23°52’N के निकट दक्षिणी UP में ग्रीष्मकाल में सूर्य लगभग ऊर्ध्व (overhead) रहता है, जबकि उत्तरी UP (30°N) में सूर्य अपेक्षाकृत कम ऊँचा रहता है। इसीलिए बुन्देलखण्ड क्षेत्र अधिक शुष्क एवं गर्म है।
उत्तरी UP (30°N के निकट) में शिवालिक की स्थिति के कारण शीतकाल अधिक कठोर होता है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में पाला (frost) अधिक पड़ता है। दक्षिणी UP में अपेक्षाकृत कम ठण्ड होती है।
UP में वर्षा पूर्व से पश्चिम की ओर घटती है। पूर्वाञ्चल (गोरखपुर ~27°N, 83°E) में 1100 mm वार्षिक वर्षा, जबकि पश्चिमी UP (आगरा ~27°N, 78°E) में केवल 660 mm। अक्षांशीय स्थिति नमी प्रवेश को प्रभावित करती है।
UP का अक्षांशीय स्थान इसे रबी एवं खरीफ — दोनों फसलों के लिए उपयुक्त बनाता है। गेहूँ (Rabi) उत्तरी शीतल जलवायु में, धान (Kharif) पूर्वी आर्द्र जलवायु में उत्तम होता है। गन्ना (Sugarcane) मध्यवर्ती क्षेत्र में सर्वोत्तम।
उत्तर प्रदेश की अक्षांशीय स्थिति उपोष्णकटिबन्धीय आर्द्र जलवायु (Cwa — Köppen वर्गीकरण) उत्पन्न करती है। कर्क रेखा से उत्तर में स्थित होने के कारण यहाँ वर्ष भर उच्च सौर ऊर्जा प्राप्त होती है किन्तु शीतकाल में उत्तरी हवाओं (North-westerlies) के प्रभाव से तापमान गिरता है।
- दक्षिणी UP (23-25°N): अर्द्ध-शुष्क, विन्ध्य पठार, कम वर्षा (700-800 mm)
- मध्यवर्ती UP (25-27°N): गंगा-यमुना मैदान, आर्द्र उपोष्णकटिबन्धीय, 800-1000 mm वर्षा
- पूर्वोत्तर UP (27-30°N): उप-हिमालयी तराई क्षेत्र, सर्वाधिक वर्षा 1000-1200 mm
भौगोलिक स्थिति का रणनीतिक एवं आर्थिक महत्व
उत्तर प्रदेश की उत्तरी गोलार्द्ध में उपोष्णकटिबन्धीय स्थिति और इसका भारत के मध्य-उत्तर में विस्तार इसे राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक दृष्टि से भारत का सबसे महत्वपूर्ण राज्य बनाता है।


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