उत्तर प्रदेश : अक्षांशीय प्रभाव एवं तापमान पर प्रभाव
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परिचय एवं भौगोलिक स्थिति
उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जो उत्तरी मैदानी भाग में स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति — विशेषकर अक्षांशीय विस्तार — राज्य के तापमान, जलवायु और कृषि चक्र को गहराई से प्रभावित करती है।
उत्तर प्रदेश कर्क रेखा (23.5°N) के निकट स्थित है। राज्य का दक्षिणी भाग कर्क रेखा को स्पर्श करता है, जिससे वहाँ उष्णकटिबंधीय जलवायु की विशेषताएँ मिलती हैं, जबकि उत्तरी भाग उपोष्णकटिबंधीय (Sub-tropical) प्रकृति का है। यह अक्षांशीय विविधता ही राज्य के तापमान में उत्तर-दक्षिण असमानता का मूल कारण है।
अक्षांशीय विस्तार : विस्तृत विश्लेषण
अक्षांश (Latitude) वह कोणीय दूरी है जो भूमध्य रेखा से किसी स्थान तक मापी जाती है। उत्तर प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार लगभग 6.5° है, जो राज्य की जलवायु में उल्लेखनीय विविधता उत्पन्न करता है।
| क्षेत्र | प्रमुख जिले | अक्षांश (लगभग) | जलवायु प्रकृति |
|---|---|---|---|
| 1 उत्तरी UP | पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच | 29°–30°N | उपोष्णकटिबंधीय, शीत शीतकाल |
| 2 मध्य UP | लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद | 25°–27°N | महाद्वीपीय, चरम तापमान |
| 3 पश्चिमी UP | आगरा, मथुरा, मेरठ | 27°–29°N | अर्द्ध-शुष्क, लू का प्रकोप |
| 4 पूर्वी UP | वाराणसी, गोरखपुर, आज़मगढ़ | 25°–27°N | आर्द्र, अधिक वर्षा |
| 5 दक्षिणी UP | मिर्ज़ापुर, सोनभद्र, चंदौली | 23°–25°N | उष्णकटिबंधीय, पठारी, गर्म |
अक्षांश और सूर्यातप (Insolation) का संबंध
अक्षांश बढ़ने के साथ सूर्य की किरणें अधिक तिरछी पड़ती हैं, जिससे सूर्यातप की मात्रा घटती है। UP में दक्षिण से उत्तर की ओर जाने पर प्रति डिग्री अक्षांश पर औसत तापमान में लगभग 0.5°C से 0.8°C की कमी देखी जाती है।
तापमान वितरण : मौसमवार विश्लेषण
उत्तर प्रदेश में चार प्रमुख ऋतुएँ होती हैं — ग्रीष्म, वर्षा, शरद् और शीत। प्रत्येक ऋतु में तापमान का वितरण अक्षांशीय स्थिति के कारण भिन्न-भिन्न होता है।
| ऋतु | माह | औसत तापमान | अधिकतम (दक्षिण UP) | न्यूनतम (उत्तर UP) |
|---|---|---|---|---|
| ग्रीष्म | मार्च–जून | 38–42°C | 48°C (झाँसी) | 35°C (पीलीभीत) |
| वर्षा | जुलाई–सितंबर | 30–35°C | 34°C | 28°C |
| शरद् | अक्तूबर–नवंबर | 20–28°C | 28°C | 16°C |
| शीत | दिसंबर–फरवरी | 8–15°C | 16°C | 0–4°C (पीलीभीत) |
अक्षांश का तापमान पर सीधा प्रभाव
अक्षांश किसी भी क्षेत्र के तापमान का सबसे मूलभूत नियंत्रक है। UP के संदर्भ में यह प्रभाव कई रूपों में दृष्टिगोचर होता है।
उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिले (सोनभद्र, चंदौली — 23–24°N) में सूर्य की किरणें उत्तरी जिलों की अपेक्षा अधिक सीधी पड़ती हैं। इससे प्रति वर्ग किमी क्षेत्र पर अधिक सौर ऊर्जा प्राप्त होती है → तापमान अधिक। पीलीभीत (30°N) में किरणें अपेक्षाकृत तिरछी → तापमान कम।
- कर्क रेखा के निकटवर्ती जिले — वर्ष में दो बार सूर्य लगभग लंबवत् (ग्रीष्म में एक बार)
- उत्तरी जिले — सूर्य कभी लंबवत् नहीं → वार्षिक सूर्यातप कम
- परिणाम : दक्षिण UP में ग्रीष्म तापमान 3–5°C अधिक
अक्षांश दिन की लंबाई को भी प्रभावित करता है। 21 जून (ग्रीष्म अयनांत) को उत्तरी UP (30°N) में दिन की लंबाई दक्षिणी UP (24°N) से अधिक होती है। लेकिन 22 दिसंबर (शीत अयनांत) को उत्तरी भाग में रातें अधिक लंबी → अधिक ठंड।
- ग्रीष्म में लंबा दिन → लंबे समय तक सौर ऊर्जा → तापमान अधिक बढ़ता है
- शीत में लंबी रात → अधिक विकिरण ह्रास → तापमान अधिक गिरता है
- उत्तरी UP में वार्षिक तापांतर दक्षिण की तुलना में अधिक
अक्षांशीय स्थिति UP में विभिन्न दाब-पेटियों और पवन प्रणालियों के प्रभाव को निर्धारित करती है। उत्तरी UP शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) से प्रभावित होता है जो भूमध्य सागर से आते हैं और हिमालय के साथ-साथ तापमान घटाते हैं।
- शीत ऋतु — उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएँ (सबसे अधिक उत्तरी UP को प्रभावित)
- ग्रीष्म ऋतु — लू (Loo) — पश्चिम से पूर्व की ओर गर्म शुष्क हवा (मुख्यतः 26°–29°N पेटी)
- मानसून — दक्षिण-पश्चिमी पवनें पूर्वी UP में अधिक वर्षा → तापमान में कमी
सूर्य का उन्नतांश (Solar Altitude) जितना अधिक, तापमान उतना अधिक। UP के दक्षिणी भाग में सौर कोण वर्ष भर उत्तरी भाग से अधिक रहता है। विषुव दिनों (Equinox — 21 मार्च, 23 सितंबर) पर सम्पूर्ण UP में सूर्य पूर्व से उदय होता है किन्तु दोपहर में दक्षिणी क्षेत्र में कोण बड़ा रहता है।
- दक्षिण UP — मध्याह्न सौर कोण उत्तर से 6–7° अधिक
- अधिक सौर कोण → वायुमंडल की कम मोटाई से गुज़रती किरणें → कम अवशोषण → अधिक तापन
क्षेत्रीय तापमान भिन्नता
UP के विभिन्न क्षेत्रों में न केवल अक्षांश बल्कि स्थलाकृति, नदियाँ और मिट्टी का प्रकार भी तापमान को प्रभावित करता है। इन सभी को मिलाकर चार प्रमुख जलवायु उपक्षेत्र बनते हैं।
तापांतर (Diurnal & Annual Range)
उत्तर प्रदेश में दैनिक तापांतर (Diurnal Range) ग्रीष्म ऋतु में 10–16°C तक हो सकता है, विशेषतः पश्चिमी और दक्षिणी UP में जहाँ वायुमंडल शुष्क रहता है। पूर्वी UP में नमी के कारण यह अंतर कम (7–10°C) रहता है। वार्षिक तापांतर पश्चिमी UP में सर्वाधिक (लगभग 40°C) है।
अन्य कारक जो तापमान को प्रभावित करते हैं
अक्षांश के अतिरिक्त कई अन्य भौगोलिक एवं भौतिक कारक UP के तापमान को नियंत्रित करते हैं। Prelims परीक्षा में इन कारकों की पहचान महत्वपूर्ण है।
उत्तरी UP के लिए हिमालय एक प्राकृतिक दीवार है जो साइबेरिया से आने वाली अत्यधिक ठंडी हवाओं को रोकती है। साथ ही शीत ऋतु में हिमालय से उतरने वाली ठंडी हवाएँ तापमान गिराती हैं।
गंगा, यमुना, घाघरा जैसी नदियाँ अपने तटवर्ती क्षेत्रों में तापमान को नियंत्रित रखती हैं। जल की उच्च ऊष्मा धारण क्षमता के कारण नदी-तटीय क्षेत्रों में दैनिक तापांतर कम होता है।
तराई व पूर्वी UP के वन क्षेत्रों में वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) से आर्द्रता बनी रहती है, जिससे तापमान अत्यधिक नहीं बढ़ता। बुन्देलखण्ड में वन कम → अधिक गर्मी।
बुन्देलखण्ड की लाल एवं काली मिट्टी तथा चट्टानें तेज़ी से गर्म होती हैं और धीरे-धीरे ठंडी। मध्य UP की जलोढ़ मिट्टी में नमी अधिक → तापमान का उतार-चढ़ाव कम।
लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा जैसे बड़े शहरों में कंक्रीट के निर्माण व उद्योगों के कारण Urban Heat Island Effect दिखता है — शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों से 2–4°C अधिक गर्म।
शीत ऋतु में भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी व पश्चिमी UP में शीतकालीन वर्षा (मावठ) लाते हैं जिससे तापमान और घट जाता है — रबी फसल के लिए उपयोगी।
कृषि एवं जनजीवन पर अक्षांशीय तापमान का प्रभाव
अक्षांशीय स्थिति से उत्पन्न तापमान-विविधता उत्तर प्रदेश की कृषि प्रणाली, फसल-चक्र और लोगों के जीवन-यापन को सीधे प्रभावित करती है।
फसल वितरण पर प्रभाव
| फसल | उपयुक्त तापमान | प्रमुख क्षेत्र (UP में) | अक्षांशीय संबंध |
|---|---|---|---|
| गेहूँ (रबी) | 10–25°C | पश्चिमी व मध्य UP | शीत तापमान (उच्च अक्षांश) — अनुकूल |
| धान (खरीफ) | 25–35°C | पूर्वी व तराई UP | उच्च तापमान + वर्षा — अनुकूल |
| गन्ना | 20–40°C | पश्चिमी UP (मेरठ, मुज़फ्फरनगर) | दीर्घ उच्च तापमान काल आवश्यक |
| दलहन | 15–30°C | मध्य UP (बुन्देलखण्ड सहित) | शुष्क व गर्म दशाएँ — उपयुक्त |
| आम (फल) | 24–27°C (फूल) | मलिहाबाद (लखनऊ), सहारनपुर | मध्य अक्षांश — इष्टतम दशाएँ |
जनजीवन पर प्रभाव
- Heat Wave Days बढ़े : UP में 1990 के बाद से लू के दिनों में 20–30% वृद्धि (Climate Change प्रभाव)
- Monsoon Delay : मानसून के देर से आने पर खरीफ फसल को नुकसान — पूर्वी UP अधिक प्रभावित
- शीतकाल छोटा : वैश्विक तापन के कारण UP में शीत ऋतु की अवधि घट रही है → गेहूँ उत्पादन पर खतरा
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