उत्तर प्रदेश: अक्षांश एवं देशांतर विस्तार
अक्षांशीय स्थिति का जलवायु पर प्रभाव — UPPSC Prelims + Mains
परिचय एवं भौगोलिक स्थिति
उत्तर प्रदेश, भारत के उत्तरी-मध्य भाग में स्थित एक विशाल राज्य है जो भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला एवं चौथा सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल में) है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसकी जलवायु, कृषि, एवं संस्कृति को गहरे रूप से प्रभावित करती है।
उत्तर प्रदेश कर्क रेखा (Tropic of Cancer — 23½°N) के उत्तर में स्थित है, अतः यह उपोष्ण कटिबंधीय (Sub-tropical) जलवायु क्षेत्र में आता है। राज्य का दक्षिणी सिरा कर्क रेखा के अत्यन्त निकट है, जबकि उत्तरी सिरा शीतोष्ण (Temperate) जलवायु प्रभाव की ओर अग्रसर है। यही अक्षांशीय विभिन्नता राज्य के भीतर जलवायु की विविधता का मूल कारण है।
राज्य की सीमाएँ उत्तर में नेपाल एवं उत्तराखण्ड, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, दक्षिण में मध्यप्रदेश, तथा पूर्व में बिहार एवं झारखण्ड से लगती हैं।
अक्षांशीय विस्तार का विवरण
उत्तर प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार 23°52′ उत्तरी अक्षांश से 30°24′ उत्तरी अक्षांश तक है। यह लगभग 6°32′ का विस्तार है जो राज्य के भीतर उल्लेखनीय जलवायु भिन्नता उत्पन्न करता है।
| बिन्दु | अक्षांश | जिला / क्षेत्र | जलवायु विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 उत्तरतम बिन्दु | 30°24′N | पीलीभीत (उत्तर) | शीतल, अधिक वर्षा, तराई आर्द्र |
| 2 दक्षिणतम बिन्दु | 23°52′N | ललितपुर / मिर्ज़ापुर (दक्षिण) | उष्ण, कम वर्षा, विंध्य पठार |
| 3 कर्क रेखा निकटता | 23°30′N | दक्षिणी UP सीमा के निकट | अधिकतम सौर विकिरण, ग्रीष्मकाल में सूर्य लम्बवत् |
| 4 मध्य अक्षांश | ~27°N | लखनऊ, कानपुर | विशिष्ट उपोष्ण — चारों ऋतुएँ स्पष्ट |
अक्षांश और सौर विकिरण का सम्बन्ध
अक्षांश जितना कम होगा, सूर्य की किरणें उतनी ही अधिक लम्बवत् (Perpendicular) पड़ेंगी। UP के दक्षिणी जिले (ललितपुर, झाँसी, मिर्ज़ापुर) निम्न अक्षांश पर हैं अतः वहाँ ग्रीष्मकाल में अत्यधिक ताप रहता है। उत्तरी जिले (पीलीभीत, लखीमपुर खीरी) उच्च अक्षांश पर होने से अपेक्षाकृत शीतल रहते हैं।
देशांतरीय विस्तार का विवरण
उत्तर प्रदेश का देशांतरीय विस्तार 77°05′ पूर्वी देशांतर से 84°38′ पूर्वी देशांतर तक है। यह लगभग 7°33′ का विस्तार है।
| बिन्दु | देशांतर | जिला / क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 पश्चिमतम बिन्दु | 77°05′E | मथुरा / आगरा क्षेत्र | राजस्थान सीमा के निकट, शुष्क प्रवृत्ति |
| 2 पूर्वतम बिन्दु | 84°38′E | बलिया / सोनभद्र | बिहार सीमा के निकट, अधिक आर्द्रता |
| 3 भारतीय मानक समय रेखा | 82°30′E | इलाहाबाद (प्रयागराज) | IST आधार रेखा — UP से होकर गुज़रती है |
| 4 समय अंतराल (पूर्व से पश्चिम) | ~30 मिनट | बलिया → मथुरा | स्थानीय समय में अंतर लगभग 30 मिनट |
82°30′E — भारतीय मानक समय (IST) रेखा
82°30′ पूर्वी देशांतर — जो प्रयागराज (Prayagraj/Allahabad) से होकर गुज़रती है — को भारत का मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) चुना गया है। इससे IST = GMT + 5:30 घण्टे होता है। यह UP के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य है।
अक्षांशीय स्थिति का जलवायु पर प्रभाव
उत्तर प्रदेश की उपोष्ण कटिबंधीय अक्षांशीय स्थिति (23°52′N – 30°24′N) इसकी जलवायु के छह प्रमुख पहलुओं को नियंत्रित करती है — तापमान, वर्षा, ऋतु परिवर्तन, सौर विकिरण, पाला एवं लू।
दक्षिणी UP (ललितपुर, झाँसी) में ग्रीष्म ताप 47–48°C तक पहुँचता है; उत्तरी UP (पीलीभीत, बहराइच) में 40–42°C से अधिक नहीं जाता। निम्न अक्षांश = अधिक सूर्यताप = उच्च तापमान।
पूर्वी एवं उत्तरी UP में 900–1000 मिमी, मध्य UP में 700–900 मिमी तथा पश्चिमी-दक्षिणी UP में 600–700 मिमी वार्षिक वर्षा होती है। अक्षांश के साथ हिमालय की नमी का सम्बन्ध भी है।
उच्च अक्षांश (उत्तरी UP) में शीतकालीन तापमान 3–5°C तक गिरता है; निम्न अक्षांश (दक्षिणी UP) में 8–10°C से नीचे नहीं जाता। पाला (Frost) मुख्यतः उत्तरी UP में पड़ता है।
ग्रीष्म में निम्न अक्षांश क्षेत्रों (झाँसी, बाँदा, हमीरपुर) में लू (Hot dry wind) अत्यन्त प्रचण्ड होती है। उच्च अक्षांश में हिमालय की शीतल हवाओं के कारण इसकी तीव्रता कम होती है।
उत्तरी UP (30°N) में 21 जून (Summer Solstice) को दिन की लम्बाई ~14.5 घण्टे होती है, जबकि दक्षिणी UP (24°N) में ~13.5 घण्टे। यह अंतर कृषि फसल चक्र को प्रभावित करता है।
23°–30° अक्षांश उपोष्ण उच्च दाब पेटी के निकट है, अतः सामान्यतः अवरोही वायु प्रवाह होता है। यही कारण है कि UP में वर्षा पूर्णतः मानसून पर निर्भर है — उत्तर-पूर्व व्यापारिक हवाएँ यहाँ शुष्क होती हैं।
| क्षेत्र | अक्षांश | ग्रीष्म तापमान (°C) | शीत तापमान (°C) | वर्षा (मिमी) | विशेष |
|---|---|---|---|---|---|
| पीलीभीत/बहराइच | 28°–30°N | 40–42 | 3–7 | 900–1000 | तराई, आर्द्र |
| लखनऊ/कानपुर | 26°–27°N | 43–45 | 5–10 | 750–900 | मध्यम जलवायु |
| आगरा/मथुरा | 27°–28°N | 44–46 | 5–8 | 650–750 | अर्ध-शुष्क पश्चिम |
| झाँसी/ललितपुर | 24°–25°N | 46–48 | 8–12 | 600–700 | विंध्य — उष्ण शुष्क |
| वाराणसी/इलाहाबाद | 25°–26°N | 44–46 | 7–12 | 800–1000 | पूर्व — अधिक वर्षा |
देशांतर का समय एवं मानसून पर प्रभाव
देशांतर किसी स्थान के स्थानीय समय और मानसून के आगमन क्रम को निर्धारित करता है। उत्तर प्रदेश के 77°05′E से 84°38′E तक के विस्तार के कारण पूर्वी UP में मानसून पहले पहुँचता है।
मानसून आगमन का क्रम (UP में)
स्थानीय समय में अंतर
प्रत्येक 1° देशांतर = 4 मिनट का समय अंतर। उत्तर प्रदेश का पूर्वी (84°38′E) एवं पश्चिमी (77°05′E) छोर के बीच लगभग 7°33′ का अंतर है, जो ~30 मिनट के स्थानीय समय अंतर के बराबर है। परन्तु पूरे राज्य में IST (82°30′E) लागू होती है।
| तथ्य | मान | प्रभाव |
|---|---|---|
| देशांतरीय विस्तार | 77°05′E – 84°38′E | ~30 मिनट समय अंतर |
| मानक याम्योत्तर | 82°30′E (IST) | प्रयागराज से गुज़रती है |
| मानसून पहले | पूर्वी UP (जून प्रथम) | 84°E के निकट |
| मानसून बाद में | पश्चिमी UP (जुलाई) | 77°E के निकट |
| अधिक वर्षा | पूर्व (900–1000 मिमी) | मानसून प्रथम प्रवेश |
| कम वर्षा | पश्चिम (600–700 मिमी) | मानसून देर से एवं कमज़ोर |
क्षेत्रीय जलवायु भिन्नता — भौगोलिक आधार
UP की अक्षांश-देशांतर स्थिति के आधार पर राज्य को मोटे तौर पर चार जलवायु उप-क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है, जो कृषि, वनस्पति, एवं जनजीवन को प्रभावित करते हैं।
जिले: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर। अक्षांश: 27°–30°N।
- वर्षा: 900–1000 मिमी — हिमालय से आने वाली नमी के कारण सर्वाधिक
- ताप: ग्रीष्म 40°C, शीत 3–5°C — पाला (Frost) सामान्य
- वनस्पति: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (Tropical Moist Deciduous)
- कृषि: गन्ना, धान, मक्का, लीची — आर्द्र जलवायु की फसलें
- विशेष: हिमालय से उतरने वाली नदियाँ (घाघरा, राप्ती, शारदा) यहाँ बाढ़ लाती हैं
जिले: लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ, अलीगढ़। अक्षांश: 25°–28°N।
- वर्षा: 700–900 मिमी — मध्यम; पश्चिम में कम, पूर्व में अधिक
- ताप: ग्रीष्म 43–46°C, शीत 5–10°C — विशिष्ट उपोष्ण ऋतुएँ
- लू: मई-जून में तीव्र गर्म शुष्क पवन — विशेष रूप से आगरा, कानपुर क्षेत्र
- कृषि: गेहूँ, सरसों, आलू (रबी); धान, बाजरा (खरीफ) — द्वि-फसली क्षेत्र
- विशेष: यहीं UP का “कृषि हृदय” है — उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी + नहर सिंचाई
जिले: झाँसी, ललितपुर, हमीरपुर, बाँदा, चित्रकूट, महोबा। अक्षांश: 23°52′–25°N।
- वर्षा: 600–750 मिमी — सबसे कम; अनिश्चित एवं अनियमित
- ताप: ग्रीष्म 46–48°C — राज्य का सर्वाधिक गर्म क्षेत्र
- मृदा: लाल-पीली एवं काली (regur) मिट्टी — कम उर्वर
- कृषि: ज्वार, बाजरा, चना — कम जल आवश्यकता वाली फसलें
- समस्या: सूखा (Drought) की सर्वाधिक आशंका — “बुंदेलखंड जल संकट” चर्चित
जिले: वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, मिर्ज़ापुर, सोनभद्र। देशांतर: 82°–84°38′E।
- वर्षा: 900–1000 मिमी — पश्चिम की अपेक्षा अधिक; मानसून पहले आता है
- ताप: ग्रीष्म 42–44°C; आर्द्रता अधिक होने से “Apparent Temperature” अधिक लगती है
- सोनभद्र: विंध्य पठार का भाग — वन सम्पदा एवं खनिज सम्पन्न
- कृषि: धान-प्रधान — “धान का कटोरा” (पूर्वांचल)
- बाढ़ (Flooding): उत्तरी UP में हिमालयी नदियों (घाघरा, राप्ती) से प्रतिवर्ष; उच्च अक्षांश + अधिक वर्षा = बाढ़ संभावित
- सूखा (Drought): दक्षिणी UP (बुंदेलखंड) में अल्प वर्षा, निम्न अक्षांश + उच्च वाष्पीकरण = जल संकट
- लू (Heat Wave): मई-जून में मध्य-दक्षिणी UP में; निम्न अक्षांश = तीव्र सौर ताप
- शीतलहर (Cold Wave): उत्तरी UP में दिसम्बर-जनवरी; उच्च अक्षांश + हिमालय से आती ठंडी हवाएँ
सारांश एवं परीक्षा उपयोगी बिन्दु
पिछले वर्षों के प्रश्न — PYQ
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश की अक्षांशीय एवं देशांतरीय स्थिति उसकी जलवायु का मूल नियंत्रक है। 23°52′N से 30°24′N अक्षांश और 77°05′E से 84°38′E देशांतर के मध्य स्थित यह राज्य उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु का प्रतिनिधि उदाहरण है — जहाँ उत्तर-दक्षिण में तापमान तथा पूर्व-पश्चिम में वर्षा की स्पष्ट प्रवणता (Gradient) देखी जाती है। यही भिन्नता UP की कृषि विविधता, जल संसाधन एवं जनजीवन को आकार देती है।


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