Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 National War Memorial National War Memorial (Unit 5), Chapter 16 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 Ila Sachani:Embroidering Dreams with her Feet Ila Sachani: Embroidering Dreams with (Unit 5), Ch 15 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 Hamara Bharat—Incredible India! Hamara Bharat—Incredible India! (Unit 5), Chapter 13 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 Yoga—A Way of Life Yoga—A Way of Life (Unit 4), Chapter 12 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 Spices that Heal Us Spices that Heal Us (Unit 3), Chapter 9 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 What a Bird Thought What a Bird Thought (Unit 3), Chapter 8 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 The Unlikely Best Friends The Unlikely Best Friends (Unit 2), Chapter 4 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 Rama to the Rescue Rama to the Rescue (Unit 1), Chapter 3 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Video For All Chapters – English Poorvi Class 6 The Raven and the Fox The Raven and the Fox (Unit 1), Chapter 2 Explanation हिन्दी में, Class 6 English Poorvi
Unit 1: Fables and Folk Tales A Bottle of Dew The Raven and the Fox Rama to the Rescue Unit 2: Friendship The Unlikely Best Friends A Friend’s Prayer The Chair Unit 3: Nurturing Nature Neem Baba What a Bird Thought Spices that Heal Us Unit 4: Sports and Wellness Change of Heart The Winner […]
वयं वर्णमालां पठामः वर्णाः द्विविधाः भवन्ति स्वराः व्यञ्जनानि च । (वर्ण दो प्रकार के होते हैं- स्वर और व्यंजन) (1) स्वराः (स्वर) → स्वराणाम् उच्चारणं स्वतन्त्ररूपेण भवति । (स्वरों का उच्चारण स्वतन्त्र रूप से होता है । ) → स्वराः द्विविधाः सन्ति – समानाक्षराणि सन्ध्यक्षराणि च । (स्वर दो प्रकार के होते हैं- समानाक्षर और […]
एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्? पुंलिङ्गम् हिन्दी अनुवाद: स्त्रीलिङ्गम् हिन्दी अनुवाद: नपुंसकलिङ्गम् हिन्दी अनुवाद: क्रियापदानि हिन्दी अनुवाद: सर्वनामप्रयोगः हिन्दी अनुवाद:
अहं च त्वं च मम नाम भरतः। अहं छात्रः। मेरा नाम भरत है। मैं छात्र हूँ। मम नाम गणेशः। अहं शिक्षकः। मेरा नाम गणेश है। मैं शिक्षक हूँ। मम नाम गौतमः। अहं चिकित्सकः। मेरा नाम गौतम है। मैं डॉक्टर हूँ। मम नाम राघवः। अहं ऋषिः। मेरा नाम राघव है। मैं ऋषि (साधु) हूँ। मम नाम […]
अहं प्रातः उत्तिष्ठामि नमो नमः। मम नाम सन्दीपः। अहं मम दिनचर्या वदामि। नमस्ते। मेरा नाम सन्दीप है। मैं अपनी दिनचर्या बताता हूँ। नमो नमः। मम नाम खुशूः। अहमपि मम दिनचर्या वदामि। नमस्ते। मेरा नाम खुशू है। मैं भी अपनी दिनचर्या बताती हूँ। अहं प्रतिदिनं प्रातः पञ्चवादने (५:००) उत्तिष्ठामि। मैं रोज़ सुबह पाँच (5:00)बजे उठता हूँ। […]
शूराः वयं धीराः वयम श्रीमान! मैंने आज ‘शूरा वयं धीरा वयम्’ गीत सुना। ठीक है! यह सुंदर है। श्रीमान! मैंने भी यह गीत सुना। यह एक सुंदर गीत है। विद्यार्थियों! इस ‘शूरा वयं धीरा वयम्’ गीत में ‘वयम्’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? मेरा मानना है कि ‘वयम्’ शब्द भारतीयों के लिए प्रयुक्त हुआ […]
उद्यानस्य चित्रम् उपरि प्रदर्शितम्। एतत् राष्ट्रपतिभवनस्य परिसरे विद्यमानम् अमृत-उद्यानम् अस्ति। अत्र शताधिक-प्रकारकाणि पाटलपुष्पाणि सन्ति। सामान्यतः पञ्चसहस्राधिकानि कुसुमपुष्पाणि च सन्ति। रमणीयः निसर्गः विविधैः वर्णैः सर्वेषां चित्तम् आकर्षति। तादृशानां वर्णानां परिचयम् अस्मिन् पाठे प्राप्नुमः। हिंदी अनुवाद: ऊपर प्रदर्शित चित्र राष्ट्रपति भवन के परिसर में स्थित अमृत उद्यान का है। यहाँ सौ से अधिक प्रकार के गुलाब के […]
बुद्धिः सर्वार्थसाधिका संसारे उत्तमजीवनाय बुद्धिपूर्वकः व्यवहारः आवश्यकः भवति। बुद्धिपूर्वकं व्यवहारेण कठिनमपि कार्यं सहजं भवति। विशेषतः स्पर्धायाः समये यदि प्रतिपक्षः अतीव प्रबलः तर्हि बुद्धिवशेन विजयं तु जामः। शारीरबलात् बुद्धिबलस्य महत्त्वं कथम् अधिकम् इति एषा कथा प्रतिपादयति। एतां कथां वयं पठामः। हिंदी अनुवाद: संसार में उत्तम जीवन के लिए बुद्धिपूर्वक व्यवहार आवश्यक होता है। बुद्धिमानी से व्यवहार […]
यो जानाति सः पण्डितः संस्कृत-साहित्ये प्रहेलिकानां विशिष्टं स्थानम् अस्ति। प्रहेलिकाः आनन्दस्य मानसिकम् उल्लासं जनयन्ति। बुद्धेः तार्किकशक्तिं वर्धयन्ति। चिन्तनक्षमतां विकासयन्ति। पूर्वजानां कवीनां बुद्धिमत्तां कल्पनाशक्तिं च दर्शयन्ति। हिंदी अनुवाद: संस्कृत साहित्य में प्रहेलिकाओं का विशेष स्थान है। प्रहेलिकाएँ आनंद और मानसिक उत्साह उत्पन्न करती हैं। बुद्धि की तार्किक शक्ति को बढ़ाती हैं। चिंतन क्षमता का विकास करती […]
पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि छात्रा:! देखिए, आज मेरे हाथ में नोटिस बोर्ड के कागज हैं। श्रीमान! नोटिस बोर्ड पर क्या है? छात्रा:! इन नोटिस बोर्ड के कागजों को दीवार पर लगाइए और फिर खुद देखिए। श्रीमान! नोटिस बोर्ड पर सुंदर चित्र भी है। श्लोक भी लिखे हुए हैं। सच में, ये सजाए हुए हैं। सुंदर शब्द […]
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान्रिपुः – माता! आज तो छुट्टी का दिन है। आज मैं सारे दिन आराम करूँगा । – छुट्टी विद्यालय की है ना कि अपने अध्ययन की। बहुत आलस करते हो। उठो, मेहनत करो। – अधिक मेहनत से क्या मैं पास होऊँगा ? – जो परिश्रम करता है, वह ही जीवन में […]
सङ्ख्यागणना ननुसरला छात्रों! यहाँ आपकी कक्षा में कितने जन हैं? सुमित, विश्वनाथ, वीणा, उदिता, कमला, प्रीति, निरुपमा, प्रशान्त, देवेश और मैं हूँ। तो कितने छात्र हैं? गिनो। – एक, एक, एक, एक एक एक । – अहो! आप संस्कृत से गिनती नहीं जानते हो । ठीक है, अब संख्या की गिनती पढ़ते हैं। मैं एक […]
माधवस्य प्रियम्अङ् गम माधवानामक: एक: बालक: आसीत्। स: स्वप्ने स्वशरीरस्य अङ्गानि दृष्टवान्। तानि परस्परं चर्चां कुर्वन्ति स्म। हिंदी अनुवाद: माधव नाम का एक बालक था। उसने स्वप्न में अपने शरीर के अंगों को देखा। वे आपस में चर्चा कर रहे थे। पाद: वदति – अहं श्रेष्ठ:। मम कारणात् माधव: चलति। हिंदी अनुवाद: पैर बोलता है […]
वृक्षाः सत्पुरुषा: इव पर्यावरण संरक्षण के विषय में एक प्रदर्शनी विद्यालय में आयोजित है। छात्र उस प्रदर्शनी को देख रहे हैं और शिक्षक के साथ बात कर रहे हैं। छात्रा – श्रीमान ! मैने एक सुन्दर कथन पढ़ा है कि ‘वृक्ष सत्पुरुष हैं। ‘ शिक्षक – क्या ऐसा है? ठीक है, तो वह सुभाषित सुनाओ। […]
Question / Answer प्रश्न 1 : बालकः कुत्र गच्छति? उत्तर: बालकः विद्यालयं गच्छति। अनुवाद: बच्चा स्कूल जाता है। प्रश्न 2 : बालिका का करोति? उत्तर: बालिका पुस्तकम् पठति। अनुवाद: लड़की किताब पढ़ती है। प्रश्न 3 : सः कदा खेलति? उत्तर: सः सायं काले खेलति। अनुवाद: वह शाम को खेलता है। प्रश्न 4 : छात्रः किं […]