अध्याय 5 — समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर | Hindi Medium | Exam Ready
🔢 सूत्र और मुख्य नियम — त्वरित संदर्भ
| नियम / सूत्र | विवरण |
|---|---|
| रैखिक युग्म | ∠a + ∠b = 180° (दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के आसन्न कोण) |
| शीर्षाभिमुख कोण | ∠a = ∠c तथा ∠b = ∠d (सम्मुख कोण सदैव समान) |
| लम्ब रेखाएँ | चारों कोण = 90° (समकोण) |
| संगत कोण | समांतर रेखाओं में तिर्यक रेखा से बने संगत कोण समान होते हैं |
| एकांतर कोण | समांतर रेखाओं में एकांतर कोण सदैव समान होते हैं |
| अंतः कोण | तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180° |
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रतिच्छेदी रेखाएँ किसे कहते हैं?
⭐ Easy
जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं तो कितने कोण बनते हैं? उनके नाम बताइए।
⭐ Easy
रैखिक युग्म किसे कहते हैं? रैखिक युग्म के कोणों का योग कितना होता है?
⭐ Easy
शीर्षाभिमुख कोण किसे कहते हैं? क्या वे सदैव समान होते हैं?
⭐ Easy
लम्ब रेखाएँ किसे कहते हैं? लम्ब रेखाओं में प्रत्येक कोण का माप कितना होता है?
⭐ Easy
समांतर रेखाएँ किसे कहते हैं?
⭐ Easy
तिर्यक रेखा (Transversal) किसे कहते हैं?
⭐ Easy
संगत कोण (Corresponding Angles) किसे कहते हैं?
⭐⭐ Medium
एकांतर कोण (Alternate Angles) किसे कहते हैं? समांतर रेखाओं में ये कैसे होते हैं?
⭐⭐ Medium
यदि ∠a = 120° है (दो प्रतिच्छेदी रेखाओं में), तो ∠b, ∠c और ∠d के मान क्या होंगे?
⭐⭐ Medium
∠b = 180° − 120° = 60° (रैखिक युग्म: ∠a + ∠b = 180°)
∠c = 120° (शीर्षाभिमुख कोण: ∠c = ∠a)
∠d = 60° (शीर्षाभिमुख कोण: ∠d = ∠b)
अतः ∠b = 60°, ∠c = 120°, ∠d = 60°
समांतर रेखाओं की पहचान के लिए संगत कोणों का क्या उपयोग है?
⭐⭐ Medium
तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों (Interior Angles) का योग कितना होता है?
⭐⭐ Medium
समकोणक (Set Square) का उपयोग करके समांतर रेखाएँ कैसे खींची जाती हैं?
⭐⭐ Medium
जब दो रेखाओं को एक तिर्यक रेखा प्रतिच्छेद करती है तो अधिकतम कितने भिन्न कोण बन सकते हैं?
⭐⭐ Medium
गणित में समांतर और लम्ब रेखाओं को दर्शाने के लिए किन संकेतों का उपयोग किया जाता है?
⭐ Easy
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
सिद्ध कीजिए कि जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं तो शीर्षाभिमुख कोण सदैव समान होते हैं।
⭐⭐ Medium
∴ ∠a + ∠b = 180° …(i)
∴ ∠b + ∠c = 180° …(ii)
∠a + ∠b = ∠b + ∠c
∴ ∠a = ∠c (सिद्ध)
∴ ∠b = ∠d (सिद्ध)
चित्र 5.26 के अनुसार समांतर रेखाएँ l और m को तिर्यक रेखा t प्रतिच्छेद करती है। यदि ∠6 = 135° हो तो अन्य सभी कोणों (∠1 से ∠8 तक) का माप ज्ञात कीजिए।
⭐⭐⭐ Hard
∠1 = 45° (∠3 का शीर्षाभिमुख कोण)
उदाहरण 2 (अध्याय 5) के अनुसार: रेखाएँ l व m तिर्यक रेखा t द्वारा प्रतिच्छेद की जाती हैं। यदि ∠a = 120° और ∠f = 70° हो तो बताइए कि रेखाएँ l और m समांतर हैं या नहीं?
⭐⭐⭐ Hard
∠b = 180° − ∠a = 180° − 120° = 60°
यदि l ∥ m होती तो ∠b = ∠f होना चाहिए।
∴ ∠b ≠ ∠f
उदाहरण 3 (अध्याय 5) के अनुसार: तिर्यक रेखा t समांतर रेखाओं l और m को प्रतिच्छेद करती है। यदि ∠3 = 50° हो तो ∠6 का माप ज्ञात कीजिए।
⭐⭐ Medium
∠2 = 180° − 50° = 130°
चूँकि l ∥ m, इसलिए ∠2 = ∠6
∠3 + ∠6 = 50° + 130° = 180° (अंतः कोण का योग सदैव 180° होता है)
एकांतर कोण (Alternate Angles) सदैव समान होते हैं — इसे संगत कोणों और शीर्षाभिमुख कोणों के आधार पर सिद्ध कीजिए।
⭐⭐⭐ Hard
चूँकि l ∥ m → ∠f = ∠b
∴ ∠b = ∠d
∵ ∠f = ∠b (संगत कोण)
∵ ∠b = ∠d (शीर्षाभिमुख कोण)
∴ ∠f = ∠d (सिद्ध)
उदाहरण 4 (अध्याय 5) के अनुसार: चित्र 5.29 में रेखाखंड AB ∥ CD और AD ∥ BC है। ∠ADC = 60° और ∠DAC = 65° है। ∠CAB, ∠ABC और ∠BCD ज्ञात कीजिए।
⭐⭐⭐ Hard
∠ADC + ∠DAB = 180°
60° + ∠DAB = 180°
∴ ∠DAB = 120°
120° = 65° + ∠CAB
∴ ∠CAB = 55°
∠ADC + ∠BCD = 180°
60° + ∠BCD = 180°
∴ ∠BCD = 120°
∠DAB + ∠ABC = 180°
120° + ∠ABC = 180°
∴ ∠ABC = 60°
∠f = 120° है (चित्र 5.25, अध्याय 5)। संगत कोण और शीर्षाभिमुख कोण का उपयोग करते हुए एकांतर कोण ∠d का माप ज्ञात कीजिए। विधि विस्तार से बताइए।
⭐⭐ Medium
∠b, ∠f का संगत कोण है।
l ∥ m → संगत कोण समान → ∠b = ∠f = 120°
∠d, ∠b का शीर्षाभिमुख कोण है।
शीर्षाभिमुख कोण सदैव समान → ∠d = ∠b = 120°
यह नियम ∠f के किसी भी माप के लिए सत्य होगा।
कागज मोड़कर समांतर रेखाएँ बनाने की विधि समझाइए। रेखा l के समांतर बिंदु A से होकर जाने वाली रेखा m कैसे बनाएँगे?
⭐⭐ Medium
इस मोड़ से बनी रेखा को t कहते हैं।
इस रेखा को m कहते हैं।
∴ l और m दोनों t के साथ 90° का कोण बनाती हैं।
संगत कोण (90° = 90°) समान हैं → l ∥ m
मापन और ज्यामिति में क्या अंतर है? ज्यामिति में तर्क द्वारा निष्कर्ष निकालना मापन से बेहतर क्यों है? अध्याय के आधार पर समझाइए।
⭐⭐ Medium
• मापन उपकरणों के उपयुक्त उपयोग न करने से त्रुटि।
• खींची गई रेखाओं की मोटाई में अंतर (आदर्श रेखा में कोई मोटाई नहीं होती)।
चित्र 5.34 के अनुसार: AB ∥ CD, CD ∥ EF और EA ⊥ AB। यदि ∠BEF = 55° हो तो x और y के मान ज्ञात कीजिए।
⭐⭐⭐ Hard
AB ∥ EF में AE तिर्यक रेखा है।
∠EAB + ∠AEF = 180° (अंतः कोणों का योग)
90° + ∠AEF = 180° → ∠AEF = 90°
90° = ∠AEB + 55°
∴ ∠AEB = 35°
∠ABE + ∠BEF (अंतः कोण) → y = ∠ABE
y और ∠BEF (55°) एकांतर कोण हैं → y = 55°
EA ⊥ AB → x संगत कोण से
AB ∥ CD और EA तिर्यक → x = 90°
(क्योंकि EA ⊥ AB और AB ∥ CD → EA ⊥ CD भी)
💡 परीक्षा टिप्स — अध्याय 5
💡 रैखिक युग्म = 180° — यह नियम सबसे अधिक उपयोग होता है। हर प्रश्न में सबसे पहले रैखिक युग्म की जाँच करें।
💡 शीर्षाभिमुख कोण हमेशा समान होते हैं — सम्मुख कोणों को ढूँढ़ना न भूलें।
💡 समांतर रेखाओं की पहचान के लिए संगत कोणों की समानता जाँचें — यही सबसे सरल तरीका है।
💡 अंतः कोणों का योग = 180° — यह नियम HOTS और दीर्घ उत्तर प्रश्नों में बहुत काम आता है।
💡 सामान्य गलती: एकांतर और संगत कोण को आपस में मिला देते हैं — एकांतर कोण तिर्यक रेखा के विपरीत दिशा में होते हैं।
💡 लम्ब रेखाएँ वे होती हैं जहाँ सभी चार कोण 90° हों — केवल दो नहीं।
📌 याद रखें — मुख्य बातें
📌 दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ चार कोण बनाती हैं — रैखिक युग्म = 180°, शीर्षाभिमुख = समान।
📌 लम्ब रेखाएँ = 90° पर प्रतिच्छेद करने वाली रेखाएँ।
📌 समांतर रेखाएँ = एक ही तल में, कभी न मिलने वाली रेखाएँ।
📌 तिर्यक रेखा से 8 कोण बनते हैं — अधिकतम 4 भिन्न माप।
📌 समांतर रेखाओं में संगत कोण = समान।
📌 समांतर रेखाओं में एकांतर कोण = समान।
📌 समांतर रेखाओं में एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180°।
📌 संकेत: समांतर = तीर (→), लम्ब = वर्ग कोण (□)।

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