अंकगणितीय व्यंजक
संख्याओं और संक्रियाओं के संयोजन को व्यंजक कहते हैं। इस अध्याय में हम पदों, कोष्ठकों, और वितरण के गुण के बारे में विस्तार से समझेंगे।
➕ व्यंजकों की तुलना
🔢 पद (Terms)
🔲 कोष्ठक
✖️ वितरण का गुण
📐 क्रमविनिमेयता
परिचय — व्यंजक (Expression) क्या है?
आपने 13 + 2, 20 – 4, 12 × 5, और 18 ÷ 3 जैसे गणितीय वाक्यांश देखे होंगे। ऐसे वाक्यांश अंकगणितीय व्यंजक कहलाते हैं।
🔑 परिभाषा
प्रत्येक व्यंजक का एक मान (Value) होता है जो उसका परिणाम होता है।
+
2
=
15
हम व्यंजक और उसके मान के बीच संबंध दर्शाने के लिए बराबर के चिह्न ‘=’ का उपयोग करते हैं।
जैसे: 13 + 2 = 15
📝 उदाहरण — एक ही मान के अनेक व्यंजक
संख्या 12 को विभिन्न तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है:
मल्लिका विद्यालय में भोजन के लिए प्रतिदिन ₹25 खर्च करती है। सोमवार से शुक्रवार (5 दिन) का कुल खर्च = 5 × 25 = 125 रुपये
व्यंजकों की तुलना
जिस प्रकार हम संख्याओं की तुलना =, < और > से करते हैं, उसी प्रकार व्यंजकों की भी तुलना उनके मानों के आधार पर की जाती है।
🧠 बिना गणना किए तुलना करना
कभी-कभी हम सीधे गणना किए बिना भी व्यंजकों की तुलना कर सकते हैं:
| व्यंजक 1 | तुलना | व्यंजक 2 | कारण |
|---|---|---|---|
| 1023 + 125 | < (छोटा) | 1022 + 128 | राजा के पास 1 ज्यादा था, जॉय को 3 ज्यादा मिले → जॉय के पास 2 ज्यादा |
| 113 – 25 | = (बराबर) | 112 – 24 | पहले में 1 अधिक, घटाने में भी 1 अधिक → बराबर |
| 245 + 289 | > | 246 + 285 | पहले में 1 कम लेकिन दूसरे में 4 ज्यादा घटाया |
तुलना के लिए मानों की अनुमानित जांच करें — क्या एक व्यंजक में वृद्धि दूसरे की वृद्धि से अधिक है? बस इतना समझें।
जटिल व्यंजकों को पढ़ना और मान निकालना
जब किसी व्यंजक में एक से अधिक संक्रियाएँ हों तो उसका मान निकालने की एक से अधिक विधियाँ हो सकती हैं।
मल्लेश 30 कंचे लाया। अरुण 5 थैले लाया, प्रत्येक में 4 कंचे।
व्यंजक: 30 + 5 × 4पूर्णार्णा ने पहले जोड़ा: (30 + 5) × 4 = 35 × 4 = 140 ❌ गलत!
मल्लेश ने पहले गुणा किया: 30 + (5 × 4) = 30 + 20 = 50 ✅ सही!
30 + 5 × 4 को देखकर यह स्पष्ट नहीं होता कि पहले क्या करें। इसीलिए कोष्ठक का उपयोग जरूरी है!
व्यंजकों में कोष्ठक (Brackets)
📌 कोष्ठक का नियम
🧮 उदाहरण 1 — कंचों की संख्या
= 30 + 20 ← पहले कोष्ठक हल किया
= 50
💰 उदाहरण 2 — इरफान का वापसी पैसा
इरफान ने बिस्कुट पर ₹15 और तूर की दाल पर ₹56 खर्च किए। उसने ₹100 दिए।
100 – 15 + 56 = 141 ← यह गलत है! इतने पैसे वापस नहीं मिल सकते।
100 – (15 + 56) = 100 – 71 = 29 रुपये ✅
व्यंजकों में पद (Terms)
📌 पद की परिभाषा
घटाव को जोड़ में बदलकर पद पहचाने जाते हैं:
83 – 14 = 83 + (–14) → पद: 83 और –14
| व्यंजक | पदों के योग के रूप में | पद |
|---|---|---|
| 12 + 7 | 12 + 7 | 12, 7 |
| 13 – 2 + 6 | 13 + (–2) + 6 | 13, –2, 6 |
| 6 × 5 + 3 | (6 × 5) + 3 | 6 × 5, 3 |
| –18 – 3 | –18 + (–3) | –18, –3 |
| 2 – 10 + 4 × 6 | 2 + (–10) + (4 × 6) | 2, –10, 4 × 6 |
6 × 5 और 4 × 6 जैसे गुणनफल एकल पद हैं क्योंकि उनमें कोई ‘+’ का चिह्न नहीं है।
🧮 व्यंजक का मान पदों के आधार पर निकालना
पहले प्रत्येक पद का मान निकालें, फिर सभी पदों को जोड़ें।
= 30 + 5 × 4 ← दो पद
= 30 + 20
= 50
अदला-बदली और समूहीकरण के गुण
🔀 क्रमविनिमेयता गुण (Commutative Property)
6 + (–4) = 2
(–4) + 6 = 2 ✅ बराबर!
पहले टोपी पहनो फिर जूते, या पहले जूते फिर टोपी — दोनों में एक जैसे दिखते हैं! 🎩👟
🗂️ साहचर्यता गुण (Associative Property)
समूहीकरण का तरीका बदलने से भी योगफल नहीं बदलता।
(–7) + 10 + (–11)
विधि 1: [(–7) + 10] + (–11) = 3 + (–11) = –8
विधि 2: (–7) + [10 + (–11)] = (–7) + (–1) = –8
विधि 3: [(–7) + (–11)] + 10 = (–18) + 10 = –8
पदों को किसी भी क्रम में जोड़ने से समान मान प्राप्त होता है। इसीलिए मनसा को अपनी लिस्ट में छूटी हुई संख्या सिर्फ जोड़नी होगी — शुरू से दोबारा नहीं करना होगा!
कोष्ठकों को हटाना
📘 नियम 1 — धनात्मक चिह्न के बाद कोष्ठक
जब कोष्ठक के आगे धनात्मक (+) चिह्न हो तो कोष्ठक हटाने पर अंदर के पदों के चिह्न नहीं बदलते।
📗 नियम 2 — ऋणात्मक चिह्न के बाद कोष्ठक
जब कोष्ठक के आगे ऋणात्मक (–) चिह्न हो तो कोष्ठक हटाने पर अंदर के सभी पदों के चिह्न बदल जाते हैं!
200 – (40 + 3) = 200 – 40 – 3 ✅
200 – (40 + 3) ≠ 200 – 40 + 3 ❌
| व्यंजक | कोष्ठक हटाने के बाद | मान |
|---|---|---|
| 14 + (12 + 10) | 14 + 12 + 10 | 36 |
| 14 – (12 + 10) | 14 – 12 – 10 | –8 |
| 14 + (12 – 10) | 14 + 12 – 10 | 16 |
| 14 – (12 – 10) | 14 – 12 + 10 | 12 |
| 500 – (250 – 100) | 500 – 250 + 100 | 350 |
ऋणात्मक चिह्न = सब पलट जाता है!
कोष्ठक के अंदर के + → – और – → + हो जाते हैं।
वितरण का गुण (Distributive Property)
🎯 मुख्य सूत्र
📖 उदाहरण — ल्हामो और नोर्बू का खाना
दोनों ने एक-एक वड़ा (₹43) और एक-एक रसगुल्ला (₹24) मँगवाया।
🏫 उदाहरण — स्काउट और गाइड परेड
4 पंक्ति स्काउट + 3 पंक्ति गाइड, प्रत्येक पंक्ति में 5:
= (4 + 3) × 5 ← वितरण का गुण
= 7 × 5
= 35
⚡ मानसिक गणना की चाल
= (100 – 3) × 25
= 100×25 – 3×25
= 2500 – 75 = 2425
(जब 53 × 18 = 954 दिया हो)
= (53+10) × 18
= 954 + 180 = 1134
किसी योगफल (अंतर) का गुणज = गुणजों के योगफल (अंतर) के समान होता है।
यानी: a × (b ± c) = a×b ± a×c
सामान्य गलतियाँ — इनसे बचें!
- ❌ गलत: 30 + 5 × 4 = 35 × 4 = 140
✅ सही: 30 + 5 × 4 = 30 + 20 = 50
(पहले गुणा, फिर जोड़) - ❌ गलत: 100 – 15 + 56 = 141 (वापसी पैसा)
✅ सही: 100 – (15 + 56) = 29
(कोष्ठक जरूरी था) - ❌ गलत: 200 – (40 + 3) = 200 – 40 + 3 = 163
✅ सही: 200 – (40 + 3) = 200 – 40 – 3 = 157
(ऋणात्मक चिह्न से कोष्ठक हटाने पर सब चिह्न बदलते हैं) - ❌ गलत: 5 × 4 + 3 = 5 × (4 + 3)
✅ सही: 5 × 4 + 3 = 23 ≠ 5 × 7 = 35
(वितरण का गुण: 5 से दोनों पदों को गुणा करना होता) - ❌ गलत: – (8 + 3) = –8 + 3
✅ सही: – (8 + 3) = –8 – 3 = –11
(ऋणात्मक चिह्न सभी पदों पर लागू होता है)
अध्याय सारांश
संख्याओं और संक्रियाओं (+, –, ×, ÷) के संयोजन को अंकगणितीय व्यंजक कहते हैं।
=, <, > चिह्नों से मानों के आधार पर तुलना होती है।
कोष्ठक के अंदर के व्यंजक का मान सबसे पहले निकाला जाता है।
‘+’ चिह्न से अलग किए गए भाग पद कहलाते हैं। (घटाव को जोड़ में बदलकर पद पहचानें)
पदों का क्रम बदलने से योगफल नहीं बदलता। a + b = b + a
समूहीकरण बदलने से योगफल नहीं बदलता। (a+b)+c = a+(b+c)
ऋणात्मक चिह्न के बाद कोष्ठक हटाने पर अंदर के सभी चिह्न बदलते हैं।
a × (b + c) = a×b + a×c
a × (b – c) = a×b – a×c
📝
परीक्षा प्रश्नोत्तर
पद: 28, –7, 8
= 28 + (–7) + 8 = 21 + 8 = 29(b) 39 – 2 × 6 + 11
पद: 39, –(2×6), 11 → 39, –12, 11
= 39 – 12 + 11 = 27 + 11 = 38
ऋणात्मक चिह्न → सभी चिह्न बदलेंगे
= 14 – 12 – 10 = –8(b) 14 – (12 – 10)
= 14 – 12 + 10 (– का + हुआ, + का – हुआ)
= 2 + 10 = 12
5 × 29 और –5 × 29 → (8–3)×29 > (3–8)×29(b) वितरण के गुण से: (34–28) × 42 = 34×42 – 28×42
अतः: (34–28) × 42 = 34×42 – 28×42
3 × (5 + 8) = 3 × 5 + 3 × 8
जाँच: 3 × 13 = 15 + 24 = 39 ✅
= (100 – 3) × 25
= 100 × 25 – 3 × 25 (वितरण का गुण)
= 2500 – 75
= 2425
पद: 6 × 5 (पहला पद) और 3 (दूसरा पद)
मान: 30 + 3 = 33 ✅
पद: 5×(3+2), 7×8, 3
= 5 × 5 + 7 × 8 + 3 (पहले कोष्ठक हल किया)
= 25 + 56 + 3
= 84
= (36 – 10) + 1
= 26 + 1 = 27 ✅हाँ, यह सही है! क्योंकि:
a – 9 = a – 10 + 1 (10 घटाया, 1 वापस जोड़ा)
कोष्ठक नियम से: a – (10 – 1) = a – 10 + 1 ✅

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