📐 NCERT गणित प्रकाश | कक्षा 8
🔢 अध्याय 5: संख्याओं का खेल
कक्षा 8 | NCERT गणित प्रकाश | हिंदी माध्यम | महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
📝 लघु उत्तरीय: 15 प्रश्न
📖 दीर्घ उत्तरीय: 10 प्रश्न
🎯 कुल प्रश्न: 25
📌 अध्याय परिचय
इस अध्याय में हम गुणज (Multiples), गुणनखंड (Factors), समता (Parity — सम/विषम), विभाज्यता की संक्षिप्त विधियाँ (3, 9, 11 से), अंकीय मूल (Digital Root), और गूढ़कलन (Cryptarithmetic) के बारे में सीखते हैं।
यह अध्याय बीजगणितीय तर्कशक्ति और गणितीय सोच को विकसित करने में बहुत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में विभाज्यता जाँच, सम-विषम समता, और बीजगणितीय व्यंजक से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
✏️लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
1
सम समता (Even Parity) क्या होती है? 4 क्रमागत संख्याओं के साथ ‘+’ और ‘−’ चिह्न लगाने पर सदैव सम समता क्यों मिलती है?
सम समता (Even Parity) क्या होती है? 4 क्रमागत संख्याओं के साथ ‘+’ और ‘−’ चिह्न लगाने पर सदैव सम समता क्यों मिलती है?
✅ उत्तर
जब किसी संख्या में 2 का गुणनखंड हो (अर्थात् संख्या सम हो) तो उसे सम समता कहते हैं। 4 क्रमागत संख्याओं में किसी भी चिह्न को बदलने पर संख्या के मान में सदैव 2 के गुणज जितना अंतर आता है। इसलिए सभी 8 व्यंजकों की समता सदैव समान (सम) होती है।
2
बिना गणना किए बताइए कि 43 + 37 सम संख्या है या विषम?
बिना गणना किए बताइए कि 43 + 37 सम संख्या है या विषम?
✅ उत्तर
हम जानते हैं: विषम + विषम = सम। 43 विषम है और 37 भी विषम है।
∴ 43 + 37 = सम संख्या है।
∴ 43 + 37 = सम संख्या है।
3
बिना गणना किए बताइए कि 4 × 347 × 3 सम है या विषम?
बिना गणना किए बताइए कि 4 × 347 × 3 सम है या विषम?
✅ उत्तर
सम × कोई भी संख्या = सम। यहाँ 4 एक सम संख्या है।
∴ 4 × 347 × 3 = सम संख्या है।
∴ 4 × 347 × 3 = सम संख्या है।
4
व्यंजक 2a + 2b का मान सदैव सम संख्या क्यों होता है? बताइए।
व्यंजक 2a + 2b का मान सदैव सम संख्या क्यों होता है? बताइए।
✅ उत्तर
2a + 2b = 2(a + b)
इस व्यंजक में 2 का गुणनखंड है। किसी भी पूर्णांक मान के लिए 2(a + b) सदैव 2 का गुणज होगा।
∴ यह व्यंजक सदैव सम संख्या होगा।
इस व्यंजक में 2 का गुणनखंड है। किसी भी पूर्णांक मान के लिए 2(a + b) सदैव 2 का गुणज होगा।
∴ यह व्यंजक सदैव सम संख्या होगा।
5
दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज कब होता है? सभी स्थितियाँ बताइए।
दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज कब होता है? सभी स्थितियाँ बताइए।
✅ उत्तर
तीन स्थितियाँ हैं:
(i) दोनों संख्याएँ 4 की गुणज हों → योग 4 का गुणज होगा।
(ii) दोनों संख्याएँ 4 की गुणज न हों (शेषफल 2) → योग 4 का गुणज होगा।
(iii) एक 4 की गुणज हो, दूसरी नहीं → योग 4 का गुणज नहीं होगा।
(i) दोनों संख्याएँ 4 की गुणज हों → योग 4 का गुणज होगा।
(ii) दोनों संख्याएँ 4 की गुणज न हों (शेषफल 2) → योग 4 का गुणज होगा।
(iii) एक 4 की गुणज हो, दूसरी नहीं → योग 4 का गुणज नहीं होगा।
6
9 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि क्या है? उदाहरण दीजिए।
9 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि क्या है? उदाहरण दीजिए।
✅ उत्तर
संक्षिप्त विधि: कोई संख्या 9 से विभाज्य होगी, यदि उसके सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य हो।
उदाहरण: संख्या 405 → 4 + 0 + 5 = 9, जो 9 से विभाज्य है।
∴ 405, 9 से विभाज्य है।
उदाहरण: संख्या 405 → 4 + 0 + 5 = 9, जो 9 से विभाज्य है।
∴ 405, 9 से विभाज्य है।
7
क्या संख्या 123, 9 से विभाज्य है? बिना भाग किए बताइए।
क्या संख्या 123, 9 से विभाज्य है? बिना भाग किए बताइए।
✅ उत्तर
अंकों का योग: 1 + 2 + 3 = 6
6, 9 से विभाज्य नहीं है।
∴ 123, 9 से विभाज्य नहीं है।
6, 9 से विभाज्य नहीं है।
∴ 123, 9 से विभाज्य नहीं है।
8
3 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि क्या है? क्या 9 का हर गुणज 3 से भी विभाज्य होता है?
3 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि क्या है? क्या 9 का हर गुणज 3 से भी विभाज्य होता है?
✅ उत्तर
संक्षिप्त विधि: कोई संख्या 3 से विभाज्य होगी, यदि उसके सभी अंकों का योग 3 से विभाज्य हो।
हाँ, 9 का हर गुणज 3 से भी विभाज्य होता है, क्योंकि 3, संख्या 9 का एक गुणनखंड है।
हाँ, 9 का हर गुणज 3 से भी विभाज्य होता है, क्योंकि 3, संख्या 9 का एक गुणनखंड है।
9
अंकीय मूल (Digital Root) क्या होता है? संख्या 489710 का अंकीय मूल ज्ञात कीजिए।
अंकीय मूल (Digital Root) क्या होता है? संख्या 489710 का अंकीय मूल ज्ञात कीजिए।
✅ उत्तर
किसी संख्या के अंकों को तब तक जोड़ते रहें जब तक एक अंकीय संख्या न मिले — यही अंकीय मूल है।
489710 → 4+8+9+7+1+0 = 29 → 2+9 = 11 → 1+1 = 2
∴ अंकीय मूल = 2
489710 → 4+8+9+7+1+0 = 29 → 2+9 = 11 → 1+1 = 2
∴ अंकीय मूल = 2
10
सामान्य नियम बताइए: यदि a, M को और a, N को विभाजित करे, तो क्या होगा?
सामान्य नियम बताइए: यदि a, M को और a, N को विभाजित करे, तो क्या होगा?
✅ उत्तर
सामान्य नियम: यदि a, M को विभाजित करता है और a, N को भी विभाजित करता है, तो
a, M + N को भी विभाजित करेगा, और
a, M − N को भी विभाजित करेगा।
a, M + N को भी विभाजित करेगा, और
a, M − N को भी विभाजित करेगा।
11
वे संख्याएँ जिन्हें 5 से विभाजित करने पर शेषफल 3 हो, उन्हें किस बीजगणितीय व्यंजक से दर्शाते हैं?
वे संख्याएँ जिन्हें 5 से विभाजित करने पर शेषफल 3 हो, उन्हें किस बीजगणितीय व्यंजक से दर्शाते हैं?
✅ उत्तर
5 के गुणज 5k के रूप में होते हैं।
5 से विभाजित करने पर शेषफल 3 → ये संख्याएँ 5 के गुणजों से 3 अधिक हैं।
∴ बीजगणितीय व्यंजक = 5k + 3 (जहाँ k = 0, 1, 2, 3, …)
5 से विभाजित करने पर शेषफल 3 → ये संख्याएँ 5 के गुणजों से 3 अधिक हैं।
∴ बीजगणितीय व्यंजक = 5k + 3 (जहाँ k = 0, 1, 2, 3, …)
12
सामान्य नियम: यदि A, k से विभाज्य है, तो A के सभी गुणजों के बारे में क्या कह सकते हैं?
सामान्य नियम: यदि A, k से विभाज्य है, तो A के सभी गुणजों के बारे में क्या कह सकते हैं?
✅ उत्तर
सामान्य नियम: यदि A, k से विभाज्य है, तो A के सभी गुणज भी k से विभाज्य होंगे।
उदाहरण: 14 (= 7 × 2) 7 से विभाज्य है। 14 के गुणज 28, 42, 70 भी 7 से विभाज्य हैं।
उदाहरण: 14 (= 7 × 2) 7 से विभाज्य है। 14 के गुणज 28, 42, 70 भी 7 से विभाज्य हैं।
13
क्या व्यंजक x² + 2 का मान सदैव सम संख्या होगा? उदाहरण सहित बताइए।
क्या व्यंजक x² + 2 का मान सदैव सम संख्या होगा? उदाहरण सहित बताइए।
✅ उत्तर
नहीं, x² + 2 सदैव सम नहीं होगा।
यदि x = 6 (सम) → 36 + 2 = 38 (सम) ✅
यदि x = 3 (विषम) → 9 + 2 = 11 (विषम) ❌
∴ यह व्यंजक कभी-कभी सम होता है।
यदि x = 6 (सम) → 36 + 2 = 38 (सम) ✅
यदि x = 3 (विषम) → 9 + 2 = 11 (विषम) ❌
∴ यह व्यंजक कभी-कभी सम होता है।
14
11 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि में अंकों के आगे कौन-से चिह्न लगाते हैं?
11 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि में अंकों के आगे कौन-से चिह्न लगाते हैं?
✅ उत्तर
इकाई के अंक से प्रारंभ करते हुए प्रत्येक अंक के आगे एकांतर क्रम में ‘+’ और ‘−’ चिह्न लगाते हैं।
फिर इस व्यंजक का मान ज्ञात करते हैं। यही मान 11 से भाग करने पर मिलने वाले शेषफल को दर्शाता है।
उदाहरण: 328105 → −3+2−8+1−0+5 = −3
फिर इस व्यंजक का मान ज्ञात करते हैं। यही मान 11 से भाग करने पर मिलने वाले शेषफल को दर्शाता है।
उदाहरण: 328105 → −3+2−8+1−0+5 = −3
15
गूढ़कलन (Cryptarithmetic) क्या है? इसमें कौन-कौन से नियम होते हैं?
गूढ़कलन (Cryptarithmetic) क्या है? इसमें कौन-कौन से नियम होते हैं?
✅ उत्तर
गूढ़कलन एक पहेली है जिसमें प्रत्येक अक्षर एक अंक को दर्शाता है।
नियम: (i) प्रत्येक अक्षर एक अलग अंक होता है। (ii) एक अंक को अधिकतम एक अक्षर से दर्शाते हैं। (iii) किसी संख्या का पहला अंक 0 नहीं होता।
जैसे: A1 + 1B = B0 — यहाँ A, B छुपे हुए अंक हैं।
नियम: (i) प्रत्येक अक्षर एक अलग अंक होता है। (ii) एक अंक को अधिकतम एक अक्षर से दर्शाते हैं। (iii) किसी संख्या का पहला अंक 0 नहीं होता।
जैसे: A1 + 1B = B0 — यहाँ A, B छुपे हुए अंक हैं।
📖 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
1
4 क्रमागत संख्याओं में ‘+’ और ‘−’ चिह्न लगाने पर सभी व्यंजकों की समता सदैव समान क्यों होती है? व्याख्या 1 और व्याख्या 2 के आधार पर समझाइए।
4 क्रमागत संख्याओं में ‘+’ और ‘−’ चिह्न लगाने पर सभी व्यंजकों की समता सदैव समान क्यों होती है? व्याख्या 1 और व्याख्या 2 के आधार पर समझाइए।
✅ उत्तर
व्याख्या 1 (बीजगणित द्वारा):
मान लीजिए व्यंजक: a + b − c − d। अब +b को −b से बदलने पर मिलता है a − b − c − d।
दोनों का अंतर = (a + b − c − d) − (a − b − c − d) = 2b (एक सम संख्या)
∴ यदि दो संख्याओं के मध्य अंतर सम हो, तो दोनों की समता समान होती है।
व्याख्या 2 (समता नियम द्वारा):
विषम ± विषम = सम, सम ± सम = सम, विषम ± सम = विषम।
a ± b की समता सदैव समान रहती है चाहे a और b की समता कुछ भी हो।
∴ सभी व्यंजक a ± b ± c ± d की समान समता होती है — वे सभी सम होते हैं।
2
दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज कब होगा? बीजगणित और उदाहरण द्वारा तीनों स्थितियों को स्पष्ट कीजिए।
दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज कब होगा? बीजगणित और उदाहरण द्वारा तीनों स्थितियों को स्पष्ट कीजिए।
✅ उत्तर
स्थिति 1: दोनों सम संख्याएँ 4 की गुणज हों।
4p + 4q = 4(p + q) — यह सदैव 4 का गुणज है।
उदाहरण: 12 + 16 = 28 = 4 × 7 ✅
स्थिति 2: दोनों सम संख्याएँ 4 की गुणज न हों (शेषफल 2)।
(4p + 2) + (4q + 2) = 4p + 4q + 4 = 4(p + q + 1) — यह भी 4 का गुणज है।
उदाहरण: 2 + 6 = 8 = 4 × 2 ✅
स्थिति 3: एक 4 की गुणज हो, दूसरी न हो।
4p + (4q + 2) = 4(p + q) + 2 — यह 4 का गुणज नहीं है।
∴ योग 4 का गुणज तब होगा जब दोनों संख्याएँ 4 की गुणज हों या दोनों 4 की गुणज न हों।
3
9 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि को बीजगणित के माध्यम से समझाइए। संख्या 427 को उदाहरण के रूप में प्रयोग कीजिए।
9 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि को बीजगणित के माध्यम से समझाइए। संख्या 427 को उदाहरण के रूप में प्रयोग कीजिए।
✅ उत्तर
सिद्धांत: हम जानते हैं कि 1 = 0 + 1, 10 = 9 + 1, 100 = 99 + 1, 1000 = 999 + 1 …
अर्थात् प्रत्येक स्थानीय मान = 9 का गुणज + 1। इसलिए प्रत्येक अंक का शेषफल उस अंक के बराबर होता है।
संख्या 427 के लिए:
427 = 4 × 100 + 2 × 10 + 7 × 1
= 4 × (99 + 1) + 2 × (9 + 1) + 7 × 1
= (4 × 99 + 2 × 9) + (4 + 2 + 7)
= (9 के गुणज) + 13
13 → 1 + 3 = 4 (9 से शेषफल)
∴ 427 ÷ 9 से शेषफल = 4। अंकों का योग ज्ञात करने से 9 से शेषफल मिलता है।
4
निम्नलिखित कथनों को ‘सदैव सत्य’, ‘कभी-कभी सत्य’ या ‘कभी सत्य नहीं’ में वर्गीकृत कीजिए और कारण बताइए: (i) यदि 8 दो संख्याओं को विभाजित करे तो उनके योग को भी विभाजित करेगा। (ii) यदि कोई संख्या 8 से विभाजित हो तो 8 उसके किसी भी विभाजन (अलग-अलग) को भी विभाजित करेगा।
निम्नलिखित कथनों को ‘सदैव सत्य’, ‘कभी-कभी सत्य’ या ‘कभी सत्य नहीं’ में वर्गीकृत कीजिए और कारण बताइए: (i) यदि 8 दो संख्याओं को विभाजित करे तो उनके योग को भी विभाजित करेगा। (ii) यदि कोई संख्या 8 से विभाजित हो तो 8 उसके किसी भी विभाजन (अलग-अलग) को भी विभाजित करेगा।
✅ उत्तर
कथन (i): यदि 8 दोनों संख्याओं को विभाजित करे।
मान लो दोनों संख्याएँ 8a और 8b हैं।
8a + 8b = 8(a + b) — यह 8 का गुणज है।
उदाहरण: 8 + 16 = 24 = 8 × 3 ✅
∴ कथन (i) सदैव सत्य है।
कथन (ii): 8m को 8a + 8b (दोनों 8 के गुणज) के रूप में लिख सकते हैं — सत्य।
परंतु 72 = 50 + 22 (50 और 22 दोनों 8 के गुणज नहीं) — असत्य।
∴ कथन (ii) केवल कभी-कभी सत्य है।
5
11 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि को समझाइए। संख्या 320185 के लिए उदाहरण सहित चरणबद्ध तरीके से बताइए।
11 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि को समझाइए। संख्या 320185 के लिए उदाहरण सहित चरणबद्ध तरीके से बताइए।
✅ उत्तर
सिद्धांत: स्थानीय मान 11 के किसी गुणज से 1 अधिक या 1 कम के एकांतर क्रम में होते हैं।
1 = 11×0 + 1 (1 अधिक), 10 = 11×1 − 1 (1 कम), 100 = 11×9 + 1 (1 अधिक), 1000 = 11×91 − 1 (1 कम)।
संख्या 320185 के लिए:
चरण 1: 1 अधिक वाले स्थानों के अंकों का योग (इकाई, सैकड़ा, दस हजार): 5 + 1 + 2 = 8
चरण 2: 1 कम वाले स्थानों के अंकों का योग (दहाई, हजार, लाख): 8 + 0 + 3 = 11
चरण 3: अंतर = 8 − 11 = −3
∴ संख्या 320185, 11 के किसी गुणज से 3 कम है। शेषफल = 8 (−3 mod 11 = 8)।
6
चार क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ हैं? बीजगणित का उपयोग करके हल कीजिए।
चार क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ हैं? बीजगणित का उपयोग करके हल कीजिए।
✅ उत्तर
दिया है: चार क्रमागत संख्याओं का योग = 34
माना: पहली संख्या = n
तब चार क्रमागत संख्याएँ: n, n+1, n+2, n+3
n + (n+1) + (n+2) + (n+3) = 34
4n + 6 = 34
4n = 28
n = 7
∴ चार क्रमागत संख्याएँ हैं: 7, 8, 9, 10 और 7+8+9+10 = 34 ✅
7
सामान्य नियम बताइए: यदि A, k से विभाज्य है तो A, k के सभी गुणनखंडों से भी विभाज्य होगा। संख्या 12 का उदाहरण लेकर समझाइए।
सामान्य नियम बताइए: यदि A, k से विभाज्य है तो A, k के सभी गुणनखंडों से भी विभाज्य होगा। संख्या 12 का उदाहरण लेकर समझाइए।
✅ उत्तर
सामान्य नियम: यदि A, k से विभाज्य है, तो A, k के सभी गुणनखंडों से भी विभाज्य होगा।
उदाहरण — संख्या 12 के गुणज 24 के लिए:
24 = 12 × 2 — अर्थात 24, 12 का एक गुणज है।
12 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 4, 6, 12
24 ÷ 1 = 24 ✅, 24 ÷ 2 = 12 ✅, 24 ÷ 3 = 8 ✅, 24 ÷ 4 = 6 ✅, 24 ÷ 6 = 4 ✅, 24 ÷ 12 = 2 ✅
12m = 2 × 6 × m = 3 × 4 × m — 12 का कोई गुणनखंड इसे पूर्णत: विभाजित करता है।
∴ कथन सदैव सत्य है।
8
गूढ़कलन AB + 37 = 6A को हल कीजिए जहाँ प्रत्येक अक्षर एक अलग अंक है।
गूढ़कलन AB + 37 = 6A को हल कीजिए जहाँ प्रत्येक अक्षर एक अलग अंक है।
✅ उत्तर
दिया है: AB + 37 = 6A (सभी अक्षर अलग-अलग अंक हैं)
इकाई के स्थान पर: B + 7 = A या B + 7 = A + 10 (यदि carry हो)
दहाई के स्थान पर: A + 3 = 6 या A + 3 + 1 = 6 (carry सहित)
यदि A + 3 = 6 → A = 3
तब इकाई: B + 7 = 3 → संभव नहीं (B ऋणात्मक नहीं हो सकता)
यदि A + 3 + 1 = 6 → A + 4 = 6 → A = 2
इकाई (carry के साथ): B + 7 = 12 → B = 5
∴ A = 2, B = 5 → 25 + 37 = 62 ✅
9
निम्नलिखित कथन की जाँच कीजिए: “जब आप एक विषम संख्या में एक सम संख्या जोड़ते हैं तो 6 का गुणज प्राप्त होता है।” यह कथन सत्य है या नहीं? बीजगणित से सिद्ध कीजिए।
निम्नलिखित कथन की जाँच कीजिए: “जब आप एक विषम संख्या में एक सम संख्या जोड़ते हैं तो 6 का गुणज प्राप्त होता है।” यह कथन सत्य है या नहीं? बीजगणित से सिद्ध कीजिए।
✅ उत्तर
दिया है: एक विषम + एक सम = 6 का गुणज?
हम जानते हैं: विषम + सम = विषम संख्या (सदैव)
परंतु 6 के सभी गुणज सम संख्याएँ होते हैं।
एक विषम संख्या कभी भी सम नहीं हो सकती।
बीजगणितीय सत्यापन: माना सम संख्या = 2n, विषम संख्या = 2m + 1
2n + (2m + 1) = 6j (मान लिया)
2(n + m) = 6j − 1
बाईं ओर सम संख्या, दाईं ओर विषम (6j − 1) — यह कभी सत्य नहीं।
∴ यह कथन कभी सत्य नहीं होगा।
10
7 से विभाजित करने पर संख्या 661 में शेषफल 3 और संख्या 4779 में शेषफल 5 प्राप्त होता है। बिना गणना किए बताइए कि (i) 4779 + 661 और (ii) 4779 − 661 को 7 से विभाजित करने पर शेषफल क्या होगा?
7 से विभाजित करने पर संख्या 661 में शेषफल 3 और संख्या 4779 में शेषफल 5 प्राप्त होता है। बिना गणना किए बताइए कि (i) 4779 + 661 और (ii) 4779 − 661 को 7 से विभाजित करने पर शेषफल क्या होगा?
✅ उत्तर
दिया है: 661 = 7k + 3 (शेषफल 3), 4779 = 7m + 5 (शेषफल 5)
(i) 4779 + 661:
(7m + 5) + (7k + 3) = 7(m + k) + 8 = 7(m + k + 1) + 1
∴ 4779 + 661 को 7 से विभाजित करने पर शेषफल = 1
(ii) 4779 − 661:
(7m + 5) − (7k + 3) = 7(m − k) + 2
∴ 4779 − 661 को 7 से विभाजित करने पर शेषफल = 2
उत्तर: (i) शेषफल = 1 (ii) शेषफल = 2

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