📐 संख्याओं का खेल
कक्षा 8 | NCERT गणित प्रकाश | हिंदी माध्यम
परिचय
“संख्याओं का खेल” अध्याय में हम संख्याओं के रोचक गुणों और प्रतिरूपों को खोजते हैं। यह अध्याय हमें सिखाता है कि संख्याओं में कितने छिपे हुए रहस्य होते हैं जिन्हें बीजगणित और तर्क की मदद से समझा जा सकता है।
इस अध्याय में हम सीखेंगे कि क्रमागत संख्याओं के योग कैसे बनते हैं, सम और विषम संख्याओं की समता (parity) कैसे काम करती है, विभाज्यता की शीघ्र जाँच कैसे करें, और गूढ़कलन (Cryptarithmetic) पहेलियाँ कैसे हल करें।
गणित में तर्कशक्ति का उपयोग करके हम बिना गणना किए भी बड़े-बड़े प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं। यह अध्याय आपकी सोचने की शक्ति को विकसित करता है।
मुख्य अवधारणाएँ
- 5.1 क्या यह गुणज है? — क्रमागत संख्याओं के योग और समता के नियम
- सम समता (Even Parity) — 4 क्रमागत संख्याओं में ‘+’ और ‘–’ चिह्न के सभी व्यंजकों की समता
- सम संख्याओं का विभंजन — सम संख्याओं को 4 के गुणज और 4 के गुणज नहीं में वर्गीकरण
- सदैव, कभी-कभी या कभी नहीं — विभाज्यता के विभिन्न कथनों की सत्यता की जाँच
- 5.2 विभाज्यता की शीघ्र जाँच — 2, 3, 5, 9, 10, 11 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधियाँ
- अंकीय मूल (Digital Root) — किसी संख्या का अंकीय मूल निकालना
- 5.3 छुपे हुए अंकों की पहेली — गूढ़कलन (Cryptarithmetic) पहेलियाँ हल करना
विस्तृत नोट्स
🔢 5.1 क्रमागत संख्याओं का योग
जब हम कुछ क्रमागत (consecutive) संख्याओं को जोड़ते हैं तो कई रोचक प्रतिरूप मिलते हैं:
| योगफल | क्रमागत संख्याएँ |
|---|---|
| 7 | 3 + 4 |
| 10 | 1 + 2 + 3 + 4 |
| 12 | 3 + 4 + 5 |
| 15 | 7 + 8 |
| 15 | 4 + 5 + 6 |
| 15 | 1 + 2 + 3 + 4 + 5 |
उदाहरण: 7 = 3 + 4, 15 = 7 + 8
सम संख्याओं को हमेशा क्रमागत संख्याओं के योग के रूप में नहीं लिखा जा सकता। उदाहरण के लिए 2 और 4 को क्रमागत पूर्णांकों के योग के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
➕➖ 4 क्रमागत संख्याओं में ‘+’ और ‘–’ चिह्न
4 क्रमागत संख्याओं (जैसे 3, 4, 5, 6) के बीच ‘+’ और ‘–’ चिह्न लगाने पर 8 अलग-अलग व्यंजक बनते हैं।
3
+
4
–
4
+
5
–
5
+6 → 3+4+5+6=18
–6 → 3+4+5–6=6
+6 → 3+4–5+6=8
–6 → 3+4–5–6=–4
+
5
–
5
+6 → 3–4+5+6=10
–6 → 3–4+5–6=–2
+6 → 3–4–5+6=0
–6 → 3–4–5–6=–12
- 4 क्रमागत संख्याओं के सभी 8 व्यंजकों का परिणाम हमेशा सम संख्या होता है।
- यह सम समता (even parity) कहलाती है।
- यदि एक ‘+’ को ‘–’ में बदलें तो परिणाम में सदैव सम संख्या के बराबर परिवर्तन होता है।
- सभी व्यंजक a ± b ± c ± d की समता सदैव समान होती है।
(a + b – c – d) – (a – b – c – d) = 2b (एक सम संख्या)
इसलिए परिणाम की समता नहीं बदलती।
याद रखें: विषम ± विषम = सम | सम ± सम = सम | विषम ± सम = विषम
🔵 सम संख्याओं का विभंजन (4 से विभाज्यता)
सम संख्याओं को 4 से भाग देने पर दो प्रकार की शेषफल मिलती है:
4 की गुणज
4, 8, 12, 16, 24…
4 ÷ 4 = 1 (शेष 0)
शेषफल = 0
4 की गुणज नहीं
2, 6, 10, 14, 18…
6 ÷ 4 = 1 (शेष 2)
शेषफल = 2
- दो 4 की गुणज सम संख्याओं का योग सदैव 4 का गुणज होगा।
4p + 4q = 4(p + q) - दो 4 की गुणज नहीं वाली सम संख्याओं का योग भी सदैव 4 का गुणज होगा।
(4p+2) + (4q+2) = 4(p+q+1) - एक 4 की गुणज + एक 4 की गुणज नहीं = 4 की गुणज नहीं।
4p + (4q+2) = 4(p+q) + 2
✅ सदैव, कभी-कभी या कभी नहीं
विभाज्यता के कुछ महत्वपूर्ण नियम:
- सामान्य नियम 1: यदि a, M को विभाजित करता है और a, N को विभाजित करता है, तो a, M+N और M–N दोनों को विभाजित करेगा।
- सामान्य नियम 2: यदि A, k से विभाज्य है, तो A के सभी गुणज k से विभाज्य होंगे।
- सामान्य नियम 3: यदि A, k से विभाज्य है, तो A, k के सभी गुणनखंडों से भी विभाज्य होगा।
- सामान्य नियम 4: यदि A, k से विभाज्य है और A, m से भी विभाज्य है, तो A, k व m के लघुत्तम समापवर्त्य से भी विभाज्य होगा।
| कथन | सत्यता |
|---|---|
| यदि 8, दो संख्याओं को विभाजित करे तो उनके योग को भी विभाजित करेगा | सदैव सत्य ✅ |
| 8 से विभाजित संख्या को 8 के गुणजों के योग के रूप में लिखा जा सकता है | कभी-कभी सत्य ⚡ |
| यदि कोई संख्या 7 से विभाज्य है तो उसके सभी गुणज 7 से विभाज्य होंगे | सदैव सत्य ✅ |
| यदि कोई संख्या 12 से विभाज्य है तो 12 के सभी गुणनखंडों से भी विभाज्य होगी | सदैव सत्य ✅ |
| यदि कोई संख्या 7 से विभाज्य है तो 7 के किसी भी गुणज से विभाज्य होगी | कभी-कभी सत्य ⚡ |
| जब विषम + सम जोड़ें तो 6 का गुणज मिलेगा | कभी सत्य नहीं ❌ |
🔣 क्या शेष बचता है? (शेषफल का बीजगणित)
यदि किसी संख्या को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 3 बचे तो वह संख्या 5k + 3 के रूप में होगी।
| k | 0 | 1 | 2 | 3 | 4 |
|---|---|---|---|---|---|
| 5k + 3 | 3 | 8 | 13 | 18 | 23 |
| 5k – 2 | — | 3 | 8 | 13 | 18 |
- 5 से विभाजित करने पर शेषफल 3 बचाने वाली संख्याएँ: 5k + 3 (k ≥ 0)
- इन्हें 5k – 2 (k ≥ 1) के रूप में भी लिखा जा सकता है।
- सामान्य रूप: n को m से भाग करने पर शेषफल r हो, तो n = mq + r
🔍 5.2 विभाज्यता की शीघ्र जाँच
10, 5 और 2 से विभाज्यता
- 2 से विभाज्य: यदि इकाई अंक सम हो (0, 2, 4, 6, 8)
- 5 से विभाज्य: यदि इकाई अंक 0 या 5 हो
- 10 से विभाज्य: यदि इकाई अंक 0 हो
- 4 से विभाज्य: यदि अंतिम 2 अंक 4 से विभाज्य हों
- 8 से विभाज्य: यदि अंतिम 3 अंक 8 से विभाज्य हों
किसी संख्या को …dcba लिखें। यह = …+1000d + 100c + 10b + a
10b, 100c आदि सभी 10 के गुणज हैं, इसलिए संख्या 10 से तभी विभाज्य होगी जब इकाई अंक a = 0 हो।
9 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि
- कोई संख्या 9 से विभाज्य होगी यदि उसके सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य हो।
- अंकों का योग करते रहें जब तक एकल अंक न मिले — यही शेषफल है।
3 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि
- कोई संख्या 3 से विभाज्य होगी यदि उसके सभी अंकों का योग 3 से विभाज्य हो।
- 9 के सभी गुणज, 3 के गुणज भी होते हैं।
11 से विभाज्यता की संक्षिप्त विधि
| स्थानीय मान | 11 के साथ संबंध | अंतर |
|---|---|---|
| इकाई (1) | 1 = 11×0 + 1 | 11 के गुणज से 1 अधिक |
| दहाई (10) | 10 = 11×1 – 1 | 11 के गुणज से 1 कम |
| सैकड़ा (100) | 100 = 11×9 + 1 | 11 के गुणज से 1 अधिक |
| हजार (1000) | 1000 = 11×91 – 1 | 11 के गुणज से 1 कम |
- चरण 1: इकाई से शुरू करके प्रत्येक अंक के आगे एकांतर क्रम में ‘+’ और ‘–’ लगाएँ।
- चरण 2: व्यंजक का मान ज्ञात करें।
- चरण 3: यदि परिणाम 0 या 11 का गुणज हो, तो संख्या 11 से विभाज्य है।
🔵 अंकीय मूल (Digital Root)
- 9 के सभी गुणजों का अंकीय मूल सदैव 9 होता है।
- किसी संख्या का अंकीय मूल = उस संख्या को 9 से भाग देने पर शेषफल (यदि शेषफल 0 हो तो अंकीय मूल 9 होगा)
- आर्यभट द्वितीय (लगभग 950 ई.) ने अपने ग्रंथ महासिद्धांत में अंकीय मूल की गणना विधि बताई।
🧩 5.3 छुपे हुए अंकों की पहेली (गूढ़कलन / Cryptarithmetic)
A1
+ 1B
B0
AB
+ 37
6A
ON
ON
+ ON
PO
QR
QR
+ QR
PRR
हल करने की विधि: इकाई के अंकों से शुरू करें → तर्क का उपयोग करें → संभावित मान खोजें → जाँचें। उदाहरण: BYE × 6 = RAY में B = 1 होगा क्योंकि यदि B ≥ 2 हो तो गुणनफल 4 अंकों का होगा।
उदाहरण (Solved Examples)
याद रखें
- 4 क्रमागत संख्याओं में किसी भी तरह ‘+’/’-‘ लगाने पर परिणाम सदैव सम होगा।
- विषम ± विषम = सम | सम ± सम = सम | विषम ± सम = विषम
- 2 से विभाज्य: इकाई अंक सम हो (0, 2, 4, 6, 8)
- 3 से विभाज्य: अंकों का योग 3 से विभाज्य हो
- 5 से विभाज्य: इकाई अंक 0 या 5 हो
- 9 से विभाज्य: अंकों का योग 9 से विभाज्य हो
- 11 से विभाज्य: एकांतर अंकों के योग का अंतर 0 या 11 का गुणज हो
- यदि A, k से विभाज्य हो तो A के सभी गुणज भी k से विभाज्य होंगे।
- यदि A, k से विभाज्य हो तो A, k के सभी गुणनखंडों से भी विभाज्य होगा।
- अंकीय मूल = अंकों को एकल अंक मिलने तक जोड़ते रहें।
- n को m से भाग पर शेषफल r हो, तो n = mq + r के रूप में लिखें।
सूत्र सूची
| नियम / सूत्र | व्यंजक | उदाहरण |
|---|---|---|
| 4 की गुणज + 4 की गुणज | 4p + 4q = 4(p+q) | 12 + 16 = 28 (4 का गुणज) |
| (4 की गुणज नहीं) + (4 की गुणज नहीं) | (4p+2)+(4q+2) = 4(p+q+1) | 6 + 10 = 16 (4 का गुणज) |
| 4 की गुणज + 4 की गुणज नहीं | 4p+(4q+2) = 4(p+q)+2 | 8 + 6 = 14 (4 का गुणज नहीं) |
| m से भाग पर शेषफल r | n = mq + r | 5k + 3 (5 से भाग पर शेष 3) |
| 9 से विभाज्यता | अंकों का योग 9 से विभाज्य | 405 → 4+0+5=9 ✅ |
| 11 से विभाज्यता | एकांतर अंकों का अंतर = 0 या 11k | 462 → 2–6+4=0 ✅ |
| k के दो गुणजों का योग | ka + kb = k(a+b) | 8×3 + 8×5 = 8×8 = 64 |
| विभाज्यता का व्यापकीकरण | a|M और a|N ⟹ a|(M±N) | 8|16 और 8|24 → 8|40 |
अभ्यास प्रश्न
बिना गणना किए बताइए कि निम्न में से कौन-से 9 से विभाज्य हैं? MCQ
(A) 123 (B) 405 (C) 8888 (D) 93547
11 से विभाज्यता जाँचें: लघु उत्तर
(i) 841 (ii) 5529 (iii) 90904
रिक्त स्थान भरिए: रिक्त
यदि कोई संख्या 9 से विभाज्य है तो वह ______ से भी विभाज्य होगी।
वह संख्या ज्ञात करें जिसे 3 से विभाजित करने पर शेष 2 और 4 से विभाजित करने पर शेष 2 मिले। एक बीजगणितीय व्यंजक लिखिए। लघु उत्तर
निर्धारित करें — सदैव/कभी-कभी/कभी नहीं: MCQ
(i) दो सम संख्याओं का योग 3 का गुणज है।
(ii) 6 के एक गुणज और 9 के एक गुणज का योग 3 का गुणज होता है।
489710 का अंकीय मूल ज्ञात करें। लघु उत्तर
बीजगणित का उपयोग करके व्याख्या कीजिए कि 2 से विभाज्यता की जाँच केवल इकाई अंक देखकर क्यों की जा सकती है। लघु उत्तर
रिक्त स्थान भरिए: रिक्त
4 क्रमागत संख्याओं के बीच ‘+’ और ‘–’ लगाने पर सभी परिणाम सदैव ______ होते हैं।
गूढ़कलन हल करें: AB × 5 = BC लघु उत्तर
यदि 31z5, 9 का गुणज है जहाँ z एक अंक है, तो z का मान क्या होगा? लघु उत्तर
परीक्षा उपयोगी प्रश्न
प्रश्न 1: बिना गणना किए ज्ञात कीजिए कि 358095 संख्या 9 से विभाज्य है या नहीं?
प्रश्न 2: यदि कोई संख्या 9 और 4 दोनों से विभाज्य है तो क्या यह 36 से अवश्य विभाज्य होगी? बीजगणित से सिद्ध करें।
प्रश्न 3: 4 क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ हैं? बीजगणित का उपयोग करें।
प्रश्न 4: वह संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 3 से विभाजित करने पर शेषफल 2, 4 से विभाजित करने पर शेषफल 3 और 5 से विभाजित करने पर शेषफल 4 प्राप्त होता है। ऐसी सबसे छोटी संख्या कौन-सी है?
प्रश्न 5: गूढ़कलन हल करें: WOW × 5 = MEOW
(संकेत: W × 5 के इकाई अंक W होने चाहिए। कौन-सा अंक यह शर्त पूरी करता है?)
शब्द संग्रह

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