Short Questions
1. सूक्ष्मजीव किसे कहते हैं?
उत्तर: वे जीव जिन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता और सूक्ष्मदर्शी से देखा जाता है, सूक्ष्मजीव कहलाते हैं।
2. कोशिका क्या है?
उत्तर: कोशिका जीवन की मूलभूत इकाई है जिससे सभी सजीव बने होते हैं।
3. कोशिका के तीन मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?
उत्तर: कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक कोशिका के तीन मुख्य भाग हैं।
4. कोशिका भित्ति किसमें पाई जाती है?
उत्तर: कोशिका भित्ति पादप कोशिकाओं में पाई जाती है।
5. जीवाणु किस प्रकार के जीव होते हैं?
उत्तर: जीवाणु एककोशिकीय सूक्ष्मजीव होते हैं।
6. खमीर किस वर्ग का सूक्ष्मजीव है?
उत्तर: खमीर कवक वर्ग का सूक्ष्मजीव है।
7. लैक्टोबैसिलस का उपयोग किसके लिए किया जाता है?
उत्तर: लैक्टोबैसिलस का उपयोग दूध से दही बनाने में किया जाता है।
8. राइजोबियम कहाँ पाया जाता है?
उत्तर: राइजोबियम फलीदार पौधों की जड़ों की मूल ग्रंथिकाओं में पाया जाता है।
9. सूक्ष्मदर्शी का क्या कार्य है?
उत्तर: सूक्ष्मदर्शी छोटी वस्तुओं को बड़ा करके दिखाता है।
10. केंद्रक का क्या कार्य है?
उत्तर: केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
11. बहुकोशिकीय जीव किसे कहते हैं?
उत्तर: जो जीव अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं उन्हें बहुकोशिकीय जीव कहते हैं।
12. एककोशिकीय जीव किसे कहते हैं?
उत्तर: जो जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं उन्हें एककोशिकीय जीव कहते हैं।
13. विघटन किसे कहते हैं?
उत्तर: जटिल पदार्थों का सरल पदार्थों में टूटना विघटन कहलाता है।
14. हरित लवक का क्या कार्य है?
उत्तर: हरित लवक प्रकाश संश्लेषण में सहायता करता है।
15. बायोगैस किससे बनती है?
उत्तर: बायोगैस सूक्ष्मजीवों द्वारा अपशिष्ट के विघटन से बनती है।
Long Questions
1. सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार का महत्त्व लिखिए।
उत्तर: सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार ने विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति ला दी। इसकी सहायता से वैज्ञानिकों ने उन जीवों और संरचनाओं को देखा जो नग्न आँखों से दिखाई नहीं देते। इससे कोशिका, सूक्ष्मजीव और उनके कार्यों को समझना संभव हुआ और जीवविज्ञान का तेजी से विकास हुआ।
2. कोशिका को जीवन की मूल इकाई क्यों कहा जाता है?
उत्तर: कोशिका को जीवन की मूल इकाई इसलिए कहा जाता है क्योंकि सभी सजीव एक या अधिक कोशिकाओं से बने होते हैं। जीवन से संबंधित सभी क्रियाएँ जैसे श्वसन, वृद्धि और प्रजनन कोशिकाओं में ही होती हैं। बिना कोशिका के जीवन की कल्पना संभव नहीं है।
3. पादप कोशिका और जंतु कोशिका में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: पादप कोशिका में कोशिका भित्ति, हरित लवक और बड़ी रसधानी पाई जाती है, जबकि जंतु कोशिका में ये संरचनाएँ नहीं होतीं। पादप कोशिकाएँ प्रकाश संश्लेषण कर सकती हैं, परंतु जंतु कोशिकाएँ ऐसा नहीं कर पातीं। इसी कारण दोनों की संरचना और कार्य में अंतर होता है।
4. कोशिका झिल्ली के कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कोशिका झिल्ली कोशिका के बाहरी आवरण के रूप में कार्य करती है। यह कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है। साथ ही यह कोशिका को आकार देने और उसे अन्य कोशिकाओं से अलग रखने में सहायता करती है।
5. केंद्रक का कार्य समझाइए।
उत्तर: केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है। यह कोशिका की सभी गतिविधियों जैसे वृद्धि, विभाजन और प्रजनन को नियंत्रित करता है। इसमें आनुवंशिक पदार्थ उपस्थित होता है, जो गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाता है।
6. सूक्ष्मजीव पर्यावरण को स्वच्छ करने में कैसे सहायक होते हैं?
उत्तर: सूक्ष्मजीव मृत पौधों, जंतुओं और अपशिष्ट पदार्थों को विघटित कर देते हैं। वे जटिल पदार्थों को सरल पोषक तत्वों में बदलते हैं जो मिट्टी में मिल जाते हैं। इस प्रकार वे पर्यावरण को स्वच्छ रखने और पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण में सहायता करते हैं।
7. खमीर आटे को फुलाने में कैसे सहायक होता है?
उत्तर: खमीर एक सूक्ष्मजीव है जो श्वसन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करता है। यह गैस आटे में बुलबुले बनाती है, जिससे आटा फूल जाता है। इसी कारण ब्रेड, केक और भटूरे नरम और फूले हुए बनते हैं।
8. लैक्टोबैसिलस दही जमाने में कैसे सहायक होता है?
उत्तर: लैक्टोबैसिलस एक उपयोगी जीवाणु है जो दूध में उपस्थित लैक्टोज शर्करा को लैक्टिक अम्ल में बदल देता है। यह अम्ल दूध को दही में परिवर्तित कर देता है। गरम वातावरण में यह जीवाणु तेजी से कार्य करता है।
9. राइजोबियम जीवाणु का कृषि में क्या महत्त्व है?
उत्तर: राइजोबियम जीवाणु दलहनी पौधों की जड़ों की ग्रंथिकाओं में पाया जाता है। यह वायु से नाइट्रोजन को ग्रहण कर पौधों के लिए उपयोगी बनाता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है।
10. सूक्ष्मजीव हमारे लिए लाभकारी क्यों हैं?
उत्तर: सूक्ष्मजीव भोजन बनाने, दही जमाने, ब्रेड बनाने और पर्यावरण की सफाई में सहायक होते हैं। वे अपशिष्ट पदार्थों का विघटन कर पोषक तत्वों को पुनः मिट्टी में मिलाते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ सूक्ष्मजीव औषधि और जैव-ईंधन के उत्पादन में भी उपयोगी हैं।

Leave a Reply