Short Questions
1. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव क्या है?
उत्तर: जब किसी तार में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
2. चुंबकीय दिक्सूचक क्या है?
उत्तर: चुंबकीय दिक्सूचक एक छोटा चुंबक होता है जो उत्तर–दक्षिण दिशा दर्शाता है।
3. विद्युत-चुंबक क्या होता है?
उत्तर: धारा प्रवाहित होने पर चुंबक की तरह व्यवहार करने वाली कुंडली को विद्युत-चुंबक कहते हैं।
4. विद्युत-चुंबक में किस धातु का क्रोड लगाया जाता है?
उत्तर: विद्युत-चुंबक में लोहे का क्रोड लगाया जाता है।
5. विद्युत धारा बंद करने पर विद्युत-चुंबक का क्या होता है?
उत्तर: विद्युत धारा बंद करने पर विद्युत-चुंबक अपना चुंबकीय गुण खो देता है।
6. उत्थापक विद्युत-चुंबक का उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर: इसका उपयोग कारखानों और कबाड़खानों में भारी लोहे की वस्तुएँ उठाने में होता है।
7. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव क्या कहलाता है?
उत्तर: विद्युत धारा के कारण तार के गरम होने की प्रक्रिया तापीय प्रभाव कहलाती है।
8. निक्रोम तार का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: क्योंकि निक्रोम तार अधिक प्रतिरोध उत्पन्न कर अधिक ऊष्मा पैदा करता है।
9. बैटरी क्या होती है?
उत्तर: एक या अधिक सेलों के संयोजन को बैटरी कहते हैं।
10. वोल्टीय सेल में विद्युत कैसे उत्पन्न होती है?
उत्तर: रासायनिक अभिक्रियाओं के कारण विद्युत उत्पन्न होती है।
11. शुष्क सेल को शुष्क क्यों कहते हैं?
उत्तर: क्योंकि इसमें विद्युत-अपघट्य द्रव के स्थान पर गाढ़ी लेई होती है।
12. निष्क्रिय सेल किसे कहते हैं?
उत्तर: जो सेल विद्युत आपूर्ति करने योग्य न रहे, उसे निष्क्रिय सेल कहते हैं।
13. पुनः आवेशनीय बैटरी का एक लाभ लिखिए।
उत्तर: इसे बार-बार चार्ज करके उपयोग किया जा सकता है।
14. कुंडली की चुंबकीय शक्ति किस पर निर्भर करती है?
उत्तर: धारा की मात्रा और फेरों की संख्या पर निर्भर करती है।
15. पृथ्वी को चुंबक क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
Long Questions
1. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव को समझाइए।
उत्तर: जब किसी चालक तार में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। इस चुंबकीय क्षेत्र के कारण पास रखी चुंबकीय दिक्सूचक की सुई विक्षेपित हो जाती है। जैसे ही विद्युत धारा बंद की जाती है, चुंबकीय प्रभाव समाप्त हो जाता है।
2. विद्युत-चुंबक क्या है?
उत्तर: विद्युत-चुंबक वह कुंडली होती है जो विद्युत धारा प्रवाहित होने पर चुंबक की तरह व्यवहार करती है। इसमें सामान्यतः लोहे का क्रोड लगाया जाता है जिससे इसकी चुंबकीय शक्ति बढ़ जाती है। धारा बंद होने पर विद्युत-चुंबक अपना चुंबकत्व खो देता है।
3. विद्युत-चुंबक को अधिक शक्तिशाली कैसे बनाया जा सकता है?
उत्तर: कुंडली में फेरों की संख्या बढ़ाने से विद्युत-चुंबक की शक्ति बढ़ जाती है। यदि कुंडली में अधिक विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो चुंबकीय क्षेत्र और प्रबल हो जाता है। इसके अलावा लोहे का क्रोड लगाने से चुंबक की क्षमता बढ़ जाती है।
4. उत्थापक विद्युत-चुंबक का कार्य वर्णन कीजिए।
उत्तर: उत्थापक विद्युत-चुंबक में जब विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो यह एक प्रबल चुंबक बन जाता है। यह लोहे या स्टील की भारी वस्तुओं को आकर्षित कर ऊपर उठा लेता है। धारा बंद करते ही चुंबकीय प्रभाव समाप्त हो जाता है और वस्तुएँ नीचे गिर जाती हैं।
5. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव क्या है?
उत्तर: जब विद्युत धारा किसी चालक से होकर गुजरती है तो प्रतिरोध के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है। इस घटना को विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहा जाता है। यही प्रभाव अनेक घरेलू उपकरणों में उपयोग किया जाता है।
6. घरेलू उपकरणों में तापीय प्रभाव का उपयोग कैसे होता है?
उत्तर: इस्तरी, हीटर और गीजर जैसे उपकरणों में तापीय अवयव लगे होते हैं जो धारा प्रवाहित होने पर गरम हो जाते हैं। उत्पन्न ऊष्मा का उपयोग कपड़े इस्तरी करने या पानी गरम करने में किया जाता है। ये सभी उपकरण तापीय प्रभाव के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
7. वोल्टीय सेल की संरचना और कार्य समझाइए।
उत्तर: वोल्टीय सेल में दो भिन्न धातुओं के इलेक्ट्रोड और एक विद्युत-अपघट्य होता है। इनके बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रिया से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है। परिपथ पूरा होने पर विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है।
8. शुष्क सेल वोल्टीय सेल से अधिक उपयोगी क्यों है?
उत्तर: शुष्क सेल में द्रव के स्थान पर गाढ़ी लेई होती है जिससे रिसाव नहीं होता। यह हल्का और ले जाने में सुरक्षित होता है। इसी कारण इसका दैनिक जीवन में अधिक उपयोग किया जाता है।
9. पुनः आवेशनीय बैटरियों के लाभ लिखिए।
उत्तर: पुनः आवेशनीय बैटरियों को बार-बार चार्ज करके उपयोग किया जा सकता है। इससे अपव्यय कम होता है और धन की बचत होती है। ये पर्यावरण के लिए भी अधिक अनुकूल होती हैं।
10. पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का महत्व लिखिए।
उत्तर: पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र दिशा ज्ञान में पक्षियों और जीवों की सहायता करता है। यह अंतरिक्ष से आने वाले हानिकारक कणों से पृथ्वी की रक्षा करता है। इसी कारण पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाता है।

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