Short Questions
1. द्रव्य किससे बना होता है?
उत्तर: द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म कणों से बना होता है।
2. अंतराकणीय आकर्षण बल क्या होते हैं?
उत्तर: कणों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को अंतराकणीय आकर्षण बल कहते हैं।
3. ठोस पदार्थों की आकृति निश्चित क्यों होती है?
उत्तर: ठोस में कण सुसंकुलित और प्रबल आकर्षण बल से जुड़े होते हैं इसलिए उनकी आकृति निश्चित होती है।
4. द्रव की आकृति क्यों बदल जाती है?
उत्तर: द्रव के कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं इसलिए वह पात्र की आकृति ग्रहण कर लेता है।
5. गैस का आयतन निश्चित क्यों नहीं होता है?
उत्तर: गैस के कणों के बीच अधिक स्थान होता है इसलिए उसका आयतन निश्चित नहीं होता।
6. गलनांक क्या है?
उत्तर: जिस तापमान पर ठोस द्रव में बदलता है उसे गलनांक कहते हैं।
7. क्वथनांक किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस तापमान पर द्रव उबलकर वाष्प में बदलता है उसे क्वथनांक कहते हैं।
8. वाष्पन क्या है?
उत्तर: द्रव का सतह से धीरे-धीरे वाष्प में बदलना वाष्पन कहलाता है।
9. चीनी जल में घुलकर क्यों दिखाई नहीं देती?
उत्तर: चीनी के कण जल के कणों के बीच के स्थान में चले जाते हैं इसलिए दिखाई नहीं देते।
10. गैसें आसानी से संपीडित क्यों हो जाती हैं?
उत्तर: गैसों में कणों के बीच अधिक रिक्त स्थान होता है इसलिए वे संपीडित हो जाती हैं।
11. ठोस में कण कैसे गति करते हैं?
उत्तर: ठोस के कण केवल अपनी स्थान पर कंपन करते हैं।
12. द्रव का आयतन निश्चित क्यों रहता है?
उत्तर: द्रव के कण पास-पास होते हैं इसलिए उसका आयतन निश्चित रहता है।
13. बर्फ के पिघलने पर क्या परिवर्तन होता है?
उत्तर: बर्फ ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में बदल जाती है।
14. गैसों की आकृति निश्चित क्यों नहीं होती?
उत्तर: गैस के कण सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से फैल जाते हैं।
15. ऊष्मा देने पर कणों की गति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: ऊष्मा देने पर कणों की गति बढ़ जाती है।
Long Questions
1. द्रव्य की कणीय प्रकृति को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म कणों से बना होता है जिन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता। जब हम चॉक के टुकड़े को तोड़ते और पीसते हैं तो वह छोटे-छोटे कणों में बदल जाता है, परंतु उसका पदार्थ नहीं बदलता। इसी प्रकार चीनी जल में घुलकर दिखाई नहीं देती, पर उसका स्वाद बना रहता है। इससे सिद्ध होता है कि प्रत्येक पदार्थ सूक्ष्म कणों से निर्मित है जो निरंतर गति करते रहते हैं।
2. ठोस, द्रव और गैस की अवस्थाओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ठोस पदार्थों में कण बहुत पास-पास और सुसंकुलित होते हैं, इसलिए उनकी आकृति और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। द्रवों में कण कुछ दूरी पर होते हैं और सीमित स्थान में गति कर सकते हैं, इसलिए उनका आयतन निश्चित परंतु आकृति अनिश्चित होती है। गैसों में कणों के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान होता है और वे सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं, इसलिए उनकी न तो आकृति निश्चित होती है और न ही आयतन।
3. ठोस अवस्था में कणों की व्यवस्था और गति का वर्णन कीजिए।
उत्तर: ठोस अवस्था में कण बहुत ही सुसंकुलित और एक-दूसरे से प्रबल आकर्षण बल द्वारा जुड़े रहते हैं। वे अपनी निश्चित स्थिति से हट नहीं सकते, केवल वहीं पर कंपन करते रहते हैं। इसी कारण ठोस पदार्थ कठोर होते हैं और उनकी आकृति व आयतन निश्चित रहता है।
4. द्रव अवस्था की विशेषताओं को समझाइए।
उत्तर: द्रव अवस्था में कण ठोस की तुलना में कुछ दूर-दूर होते हैं और उनमें आकर्षण बल अपेक्षाकृत कम होता है। वे एक सीमित क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं, इसलिए द्रव बह सकता है। द्रव का आयतन निश्चित रहता है, परंतु वह जिस पात्र में रखा जाता है उसकी आकृति ग्रहण कर लेता है।
5. गैसीय अवस्था की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: गैसीय अवस्था में कणों के बीच अत्यधिक रिक्त स्थान होता है और आकर्षण बल बहुत कम होता है। कण सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उपलब्ध संपूर्ण स्थान को भर देते हैं। इसी कारण गैसों की आकृति और आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं तथा उन्हें आसानी से संपीडित किया जा सकता है।
6. ऊष्मा का कणों की गति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: जब किसी पदार्थ को ऊष्मा दी जाती है तो उसके कणों की गति बढ़ जाती है। अधिक ऊर्जा मिलने से कण तेजी से कंपन या गति करने लगते हैं और उनके बीच की दूरी बढ़ जाती है। इसी कारण ठोस गरम होने पर पिघल सकते हैं और द्रव उबलकर गैस में परिवर्तित हो सकते हैं।
7. गलनांक और क्वथनांक को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: गलनांक वह तापमान है जिस पर कोई ठोस पदार्थ पिघलकर द्रव में बदल जाता है, जैसे बर्फ का जल में बदलना। क्वथनांक वह तापमान है जिस पर द्रव उबलकर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है, जैसे जल का भाप में बदलना। ये दोनों तापमान पदार्थ की विशेष पहचान होते हैं।
8. अंतराकणीय स्थान का महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अंतराकणीय स्थान कणों के बीच की दूरी को दर्शाता है जो पदार्थ की अवस्था को निर्धारित करता है। ठोस में यह स्थान बहुत कम होता है, द्रव में मध्यम और गैस में अत्यधिक होता है। इसी अंतर के कारण ठोस कठोर, द्रव प्रवाही और गैस फैलने योग्य होती है।
9. गैसों का संपीडन क्यों संभव है, समझाइए।
उत्तर: गैसों में कणों के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान होता है, इसलिए बाहरी दाब देने पर कण पास आ सकते हैं। जब सिरिंज का प्लंजर दबाया जाता है तो गैस का आयतन कम हो जाता है। इससे सिद्ध होता है कि गैसों को आसानी से संपीडित किया जा सकता है।
10. दैनिक जीवन में द्रव्य की कणीय प्रकृति का महत्व समझाइए।
उत्तर: द्रव्य की कणीय प्रकृति का ज्ञान हमें कई दैनिक प्रक्रियाओं को समझने में सहायता करता है। जैसे इत्र या अगरबत्ती की सुगंध का पूरे कमरे में फैलना कणों की गति के कारण होता है। साबुन से कपड़े धोते समय साबुन के कण तेल के कणों को घेर लेते हैं और उन्हें जल के साथ बाहर निकाल देते हैं। इस प्रकार कणों का व्यवहार हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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