1. प्रस्तावना
इस अध्याय में हमने सीखा कि –
- क्या विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव होता है?
- क्या एक धारावाही तार गरम होता है?
- विद्युत-चुंबक कैसे बनाया जाता है?
- बैटरी और सेल कैसे कार्य करते हैं?
2. क्या विद्युत धारा का कोई चुंबकीय प्रभाव होता है?
क्रियाकलाप 4.1 का निष्कर्ष
जब किसी तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है और उसके पास एक चुंबकीय दिक्सूचक रखा जाता है, तो:
- स्विच ऑन करने पर → दिक्सूचक सुई विक्षेपित होती है।
- स्विच ऑफ करने पर → सुई अपनी प्रारंभिक स्थिति में लौट आती है।
निष्कर्ष:
जब किसी चालक (तार) में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
इसी को विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं।
वैज्ञानिक परिचय
सन् 1820 में डेनमार्क के वैज्ञानिक हँस क्रिश्चियन ऑस्टेंड ने यह खोज की कि विद्युत और चुंबकत्व परस्पर संबंधित हैं।
चुंबकीय क्षेत्र
किसी चुंबक या धारावाही तार के चारों ओर वह क्षेत्र जहाँ चुंबकीय प्रभाव अनुभव किया जा सके, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है।
3. विद्युत-चुंबक
क्रियाकलाप 4.2 और 4.3
जब लोहे की कील पर तार लपेटकर उसमें धारा प्रवाहित की जाती है:
- कील कागज की क्लिपों को आकर्षित करती है।
- धारा बंद करने पर आकर्षण समाप्त हो जाता है।
परिभाषा:
धारावाही कुंडली जो चुंबक की तरह व्यवहार करती है, विद्युत-चुंबक कहलाती है।
विद्युत-चुंबक की विशेषताएँ
- इसमें दो ध्रुव होते हैं – उत्तर और दक्षिण।
- धारा बंद करने पर चुंबकीय प्रभाव समाप्त हो जाता है।
- लौह क्रोड डालने से चुंबक अधिक प्रबल हो जाता है।
विद्युत-चुंबक की प्रबलता किन पर निर्भर करती है?
- धारा का परिमाण
- कुंडली के फेरों की संख्या
- लोहे का क्रोड
- धारा की दिशा बदलने से ध्रुव बदल जाते हैं
4. उत्थापक विद्युत-चुंबक
यह शक्तिशाली विद्युत-चुंबक होते हैं जिन्हें क्रेन से लटकाया जाता है।
उपयोग:
- कारखानों में
- कबाड़ घरों में
- भारी लोहे की वस्तुएँ उठाने में
धारा ऑन → वस्तु उठती है
धारा ऑफ → वस्तु गिर जाती है
5. क्या एक धारावाही तार गरम होता है?
क्रियाकलाप 4.5
निक्रोम तार में धारा प्रवाहित करने पर:
- तार गरम हो जाता है।
- अधिक धारा → अधिक ऊष्मा
कारण:
हर चालक धारा के प्रवाह में प्रतिरोध करता है।
इस प्रतिरोध के कारण विद्युत ऊर्जा → तापीय ऊर्जा में बदल जाती है।
परिभाषा
किसी चालक से धारा प्रवाहित होने पर उसका गरम हो जाना
विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहलाता है।
घरेलू उपकरण जो तापीय प्रभाव पर कार्य करते हैं:
- विद्युत हीटर
- इस्तरी
- जल-तापक
- केतली
- हेयर ड्रायर
इनमें तापन अवयव (हीटिंग एलिमेंट) होता है।
सावधानियाँ
- अधिक ऊष्मा से तार जल सकते हैं
- प्लास्टिक पिघल सकता है
- आग लग सकती है
इसीलिए सुरक्षा युक्तियाँ लगाई जाती हैं।
6. बैटरी से विद्युत धारा कैसे उत्पन्न होती है?
6.1 वोल्टीय सेल
इसे गैल्वेनिक सेल भी कहते हैं।
इसमें होते हैं:
- दो भिन्न धातु की छड़ें (इलेक्ट्रोड)
- विद्युत-अपघट्य (दुर्बल अम्ल/लवण विलयन)
रासायनिक अभिक्रिया से विद्युत उत्पन्न होती है।
ऐतिहासिक तथ्य
इसका नाम दो वैज्ञानिकों पर रखा गया:
- एलेसैंद्रो वोल्टा
- लुइगी गैल्वेनी
6.2 नींबू से सेल बनाना
- ताँबे की पट्टी
- लोहे की कील
- नींबू का रस (विद्युत अपघट्य)
कई नींबू जोड़ने पर LED जल सकती है।
6.3 शुष्क सेल
- जस्ता पात्र → ऋणात्मक सिरा
- कार्बन छड़ → धनात्मक सिरा
- गाढ़ा विद्युत अपघट्य
यह एक बार उपयोग के बाद फेंक दिया जाता है।
6.4 पुनः आवेशनीय बैटरियाँ
- इन्हें बार-बार चार्ज किया जा सकता है।
- घड़ी, मोबाइल, लैपटॉप, इनवर्टर में उपयोग।
सबसे अधिक उपयोग होने वाली बैटरी:
लिथियम-आयन बैटरी
7. पृथ्वी एक चुंबक
पृथ्वी भी एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है क्योंकि:
- इसके भीतर तरल लोहे की गति
- विद्युत धाराएँ उत्पन्न होती हैं
पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र:
- प्रवासी पक्षियों की सहायता करता है
- हानिकारक कणों से रक्षा करता है
8. महत्वपूर्ण परिभाषाएँ
| शब्द | परिभाषा |
|---|---|
| चुंबकीय क्षेत्र | चुंबकीय प्रभाव का क्षेत्र |
| विद्युत-चुंबक | धारावाही कुंडली जो चुंबक की तरह कार्य करे |
| तापीय प्रभाव | धारा से उत्पन्न ऊष्मा |
| सेल | रासायनिक अभिक्रिया से विद्युत उत्पन्न करने वाली युक्ति |
| बैटरी | एक से अधिक सेलों का समूह |
9. स्मरणीय बिंदु
- धारा → चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है
- कुंडली → विद्युत-चुंबक बनती है
- धारा → ऊष्मा उत्पन्न करती है
- सेल → रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है
- पुनः आवेशनीय बैटरी → बार-बार उपयोग योग्य

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