1. बल क्या है?
जब हम किसी वस्तु को धक्का (अपकर्षण) या खींचते (अभिकर्षण) हैं, तो हम उस पर बल लगाते हैं।
परिभाषा:
किसी वस्तु पर लगाया गया धक्का या खिंचाव, जो किसी अन्य वस्तु के साथ पारस्परिक क्रिया के कारण उत्पन्न होता है, बल कहलाता है।
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- बल हमेशा दो वस्तुओं के बीच की पारस्परिक क्रिया का परिणाम होता है।
उदाहरण:
- दराज खोलना
- साइकिल चलाना
- गेंद को किक मारना
- रबर बैंड खींचना
2. बल के प्रभाव
बल लगाने से वस्तु पर निम्न प्रभाव हो सकते हैं—
- विरामावस्था की वस्तु को गति देना
- गतिमान वस्तु की चाल बदलना (तेज़ या धीमा करना)
- गति की दिशा बदलना
- वस्तु का आकार बदलना
- उपरोक्त में से एक या अधिक प्रभाव एक साथ उत्पन्न करना
महत्वपूर्ण तथ्य
यदि कोई वस्तु स्थिर है तो इसका अर्थ यह नहीं कि उस पर बल नहीं लग रहा है। हो सकता है कि उस पर लगने वाले बल संतुलित हों।
3. बल – एक पारस्परिक क्रिया
- बल तभी उत्पन्न होता है जब दो वस्तुएँ परस्पर क्रिया करती हैं ।
- जैसे – हाथ और मेज, गेंद और खिलाड़ी।
- जब परस्पर क्रिया समाप्त होती है, तो बल भी समाप्त हो जाता है।
4. बलों के प्रकार
बल मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—
- संपर्क बल
- असंपर्क बल
4.1 संपर्क बल
जब बल लगाने के लिए वस्तुओं के बीच भौतिक संपर्क आवश्यक हो, तो उसे संपर्क बल कहते हैं।
(i) पेशीय बल
- यह हमारी मांसपेशियों की क्रिया से उत्पन्न होता है।
- चलना, दौड़ना, उठाना, धक्का देना आदि पेशीय बल के उदाहरण हैं।
- पशु भी कार्य करने के लिए पेशीय बल का उपयोग करते हैं।
शरीर में भूमिका:
- भोजन चबाना
- हृदय द्वारा रक्त संचार
- पाचन क्रिया
(ii) घर्षण बल
जब एक वस्तु दूसरी वस्तु की सतह पर चलती है, तो उनके बीच जो विरोधी बल लगता है, उसे घर्षण बल कहते हैं।
विशेषताएँ:
- यह गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है।
- यह संपर्क बल है।
- यह सतह की प्रकृति पर निर्भर करता है।
खुरदरी सतह → अधिक घर्षण
चिकनी सतह → कम घर्षण
घर्षण क्यों उत्पन्न होता है?
सतहों की सूक्ष्म अनियमितताओं के कारण वे एक-दूसरे में फँस जाती हैं।
द्रव और गैस में घर्षण
वायु और जल भी गतिमान वस्तुओं पर घर्षण बल लगाते हैं।
इसी कारण हवाई जहाज, नाव आदि विशेष आकार में बनाए जाते हैं।
4.2 असंपर्क बल
जब वस्तुएँ एक-दूसरे के संपर्क में आए बिना बल लगाती हैं, तो उसे असंपर्क बल कहते हैं।
(i) चुंबकीय बल
- चुंबक लोहे जैसी वस्तुओं को आकर्षित करता है।
- समान ध्रुव → प्रतिकर्षण
- असमान ध्रुव → आकर्षण
विशेषता:
चुंबक बिना संपर्क के बल लगा सकता है।
(ii) स्थिरवैद्युत बल
जब दो वस्तुओं को रगड़ा जाता है तो उन पर स्थैतिक आवेश उत्पन्न होता है।
- समान आवेश → प्रतिकर्षण
- विपरीत आवेश → आकर्षण
उदाहरण:
- रगड़ा हुआ गुब्बारा कागज के टुकड़ों को आकर्षित करता है।
यह भी असंपर्क बल है।
(iii) गुरुत्वाकर्षण बल
पृथ्वी सभी वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
परिभाषा:
वह बल जिससे पृथ्वी वस्तुओं को अपनी ओर खींचती है, गुरुत्वाकर्षण बल कहलाता है।
- यह सदैव आकर्षण बल है।
- यह असंपर्क बल है।
जब वस्तु ऊपर फेंकी जाती है—
- ऊपर जाते समय चाल कम होती है
- शीर्ष पर क्षणभर रुकती है
- फिर नीचे गिरती है
इसे ऊर्ध्वाधर गति कहते हैं।
5. भार और द्रव्यमान
(i) भार
वह बल जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है, उसका भार कहलाता है।
- SI मात्रक → न्यूटन (N)
- स्थान बदलने पर भार बदल सकता है।
(ii) द्रव्यमान
किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा को द्रव्यमान कहते हैं।
- मात्रक → ग्राम (g), किलोग्राम (kg)
- द्रव्यमान कभी नहीं बदलता।
अंतर
| द्रव्यमान | भार |
|---|---|
| पदार्थ की मात्रा | गुरुत्वाकर्षण बल |
| kg में मापा जाता है | N में मापा जाता है |
| स्थिर रहता है | स्थान के अनुसार बदलता है |
5.1 कमानीदार तुला (स्प्रिंग बैलेंस)
- भार मापने का उपकरण
- अधिकतम परास उदाहरण: 0–10 N
- न्यूनतम मापन उदाहरण: 0.2 N
- उपयोग से पहले परास और छोटे भाग का मान देखना आवश्यक है।
6. तैरना और डूबना
जब किसी वस्तु को जल में डाला जाता है—
- पृथ्वी नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल लगाती है।
- जल ऊपर की ओर उत्प्लावन (उत्क्षेप) बल लगाता है।
स्थिति:
- यदि गुरुत्वाकर्षण बल > उत्प्लावन बल → वस्तु डूबेगी
- यदि दोनों बराबर → वस्तु तैरेगी
उत्प्लावन बल द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है।
महत्वपूर्ण बिंदु (स्मरणीय)
- बल धक्का या खिंचाव है।
- बल का मात्रक न्यूटन (N) है।
- बल दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया है।
- पेशीय और घर्षण बल → संपर्क बल
- चुंबकीय, स्थिरवैद्युत और गुरुत्वाकर्षण बल → असंपर्क बल
- बल चाल, दिशा और आकार बदल सकता है।
- घर्षण गति का विरोध करता है।
- भार बदल सकता है, द्रव्यमान नहीं।
- द्रव ऊपर की ओर उत्प्लावन बल लगाते हैं।
अध्याय का सार
इस अध्याय में हमने सीखा कि बल हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। बिना बल के न तो गति संभव है और न ही परिवर्तन। बल वस्तुओं की गति, दिशा और आकार को बदल सकता है। बल दो प्रकार के होते हैं – संपर्क और असंपर्क बल। गुरुत्वाकर्षण हमें पृथ्वी से जोड़े रखता है, घर्षण हमें चलने में सहायता करता है, और उत्प्लावन बल के कारण वस्तुएँ जल में तैरती या डूबती हैं।

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