प्रकाश — दर्पण एवं लेंस
जिज्ञासा बनाए रखें
1. किसी दर्पण पर आपतित प्रकाश की एक किरण एवं उसके संगत परिवर्तित किरण चित्र 10.12 में दर्शाई गई है आपतित किरण दर्पण पर अभिलंब के साथ 40° का कोण बनाती है। परावर्तित किरण और दर्पण के बीच बने कोण का मान कितना है?
(i) 40° (ii) 50° (iii) 45° (iv) 60°
उत्तर: दिया है:
आपतित किरण अभिलंब के साथ
का कोण बनाती है।
अर्थात आपतन कोण (i) = 40°
परावर्तन के नियम के अनुसार:
आपतन कोण = परावर्तन कोण
इसलिए
परावर्तन कोण (r) = 40°
अब पूछा गया है:
परावर्तित किरण और दर्पण के बीच का कोण कितना होगा?
ध्यान दें:
परावर्तन कोण अभिलंब (normal) से मापा जाता है।
अभिलंब और दर्पण के बीच का कोण 90° होता है।
इसलिए
सही उत्तर: (ii) 50°
2. चित्र 10.22 में तीन भिन्न स्थितियाँ दर्शाई गई हैं जिनमें प्रकाश किरण एक दर्पण पर आपतित है-
उपर्युक्त तीनों स्थितियों में परावर्तित किरण आरेखित कीजिए [(सही आरेख बनाने के लिए रेखनी (रूलर) एवं कोणमापक (प्रोट्रैक्टर) का उपयोग कीजिए)]। प्रत्येक स्थिति के लिए बताइए कि परावर्तन कोण का मान कितना है?
(i) प्रकाश किरण अभिलंब के अनुदिश दर्पण पर आपतित है।
उत्तर: प्रकाश किरण अभिलंब के अनुदिश दर्पण पर पड़ रही है।
इसलिए
- आपतन कोण = 0°
- परावर्तन कोण = 0°
अर्थात परावर्तित किरण उसी मार्ग से वापस लौट जाएगी।
(ii) दर्पण को किसी कोण पर घुमा दिया गया है किंतु प्रकाश किरण अभी भी इस पर अभिलंब के अनुदिश आपतित है।
उत्तर: दर्पण को घुमा दिया गया है, लेकिन किरण अभी भी अभिलंब के अनुदिश पड़ रही है।
इसलिए
- आपतन कोण = 0°
- परावर्तन कोण = 0°
अर्थात परावर्तित किरण फिर से उसी रास्ते से वापस लौटेगी।
(iii) दर्पण को किसी कोण पर घुमा दिया गया है और प्रकाश किरण इस पर अभिलंब से 20° का कोण बनाती हुई आपतित होती है।
उत्तर: प्रकाश किरण अभिलंब से 20° का कोण बनाकर दर्पण पर आपतित होती है।
परावर्तन के नियम के अनुसार
- आपतन कोण = 20°
- परावर्तन कोण = 20°
3. चित्र 10.23 में तीन प्रकार के दर्पणों के सामने स्केच पेन का ढक्कन रखा गया है।
प्रतिबिंब का मिलान सही दर्पण से कीजिए।
उत्तर:
| प्रतिबिंब | दर्पण |
| (i) | उत्तल दर्पण |
| (ii) | अवतल दर्पण |
| (iii) | समतल दर्पण |
4. चित्र 10.24 में एक स्केच पेन के ढक्कन को एक उत्तल लेंस, एक अवतल लेंस और एक समतल काँच पट्टिका के पीछे समान दूरी पर रखिए और प्रतिबिंबों का अवलोकन कीजिए। ये चित्र 10.24 में दर्शाए अनुसार हो सकते हैं।
प्रत्येक प्रतिबिंब का मिलान सही प्रकाशिक युक्ति के साथ कीजिए।
उत्तर:
| प्रतिबिंब | प्रकाशिक युक्ति |
| (i) | उत्तल लेंस |
| (ii) | अवतल लेंस |
| (iii) | काँच की समतल पारदर्शी पट्टिका |
5. किसी समतल दर्पण पर प्रकाश अभिलंब के अनुदिश आपतित है। बताइए कि निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है-
(i) आपतन कोण 90° है।
(ii) आपतन कोण 0° है।
(iii) परावर्तन कोण 90° है।
(iv) इस स्थिति में प्रकाश परावर्तित नहीं होता है।
उत्तर: (ii) आपतन कोण 0° है।
जब प्रकाश किसी सतह पर 90° के कोण पर (लंबवत) टकराता है, तो उसे अभिलंब आपतन माना जाता है।
आपतन कोण = परावर्तन कोण: परावर्तन में, परावर्तित प्रकाश का कोण हमेशा आपतित प्रकाश के कोण के बराबर होता है। चूंकि प्रकाश दर्पण पर अभिलंब (0° के कोण पर) टकरा रहा है, इसलिए परावर्तित प्रकाश का कोण भी 0° होगा।
6. चित्र 10.25 में तीन दर्पण – समतल, अवतल एवं उत्तल रखे गए हैं। किसी ग्राफ पत्रक के दर्पण में बने प्रतिबिंब के आधार पर इन दर्पणों की पहचान कीजिए और चित्र में दर्पणों के ऊपर उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) बायां दर्पण: उत्तल दर्पण
(ii) मध्य दर्पण: समतल दर्पण
(iii) समकोण दर्पण: अवतल दर्पण
7. किसी संग्रहालय में कोई महिला एक विशाल अवतल दर्पण में अपना प्रतिबिंब देखती हुई चल कर उसकी ओर जाती है (चित्र 10.26)। वह देखेगी कि-
(i) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप घटता जाता है।
(ii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप घटता जाता है।
(iii) उसके उल्टे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है और अंततः यह सीधा तथा आवर्धित हो जाता है।
(iv) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है।
उत्तर: (iv) उसके सीधे प्रतिबिंब का आमाप बढ़ता जाता है।
8. एक आवर्धक लेंस को किसी मुद्रित पाठ्यसामग्री के ऊपर लाइए और उस दूरी को पहचानिए जिस पर पाठ्यसामग्री का आमाप बड़ा दिखाई देने लगता है। अब इसे पाठ्यसामग्री से दूर ले जाइए। आप क्या अवलोकन करते हैं? बताइए आवर्धक लेंस किस प्रकार का लेंस होता है?
उत्तर:
अवलोकन (Observation):
- जब आवर्धक लेंस को मुद्रित पाठ्यसामग्री के पास रखा जाता है, तो अक्षर बड़े और स्पष्ट दिखाई देते हैं।
- जैसे-जैसे लेंस को पाठ्यसामग्री से दूर ले जाते हैं, अक्षरों का आकार छोटा होने लगता है और एक दूरी के बाद वे उल्टे दिखाई देने लगते हैं।
निष्कर्ष:
आवर्धक लेंस उत्तल लेंस (Convex Lens) होता है, क्योंकि यह पास रखी वस्तु का सीधा और बड़ा (आवर्धित) प्रतिबिंब बनाता है।
10. निम्नलिखित प्रश्न अभिकथन या कारण पर आधारित है।
अभिकथन- पीछे के यातायात के अवलोकन के लिए उत्तल दर्पणों को वरीयता दी जाती है।
कारण- उत्तल दर्पण समतल दर्पणों की तुलना में सार्थक रूप से व्यापक दृष्टि क्षेत्र प्रदान करता है।
सही विकल्प का चयन कीजिए-
(i) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
(ii) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
(iii) अभिकथन सही है किंतु कारण असत्य है।
(iv) अभिकथन और कारण दोनों असत्य हैं।
उत्तर: (i) अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
11. चित्र 10.27 में O वस्तु, M दर्पण तथा 1 प्रतिबिंब को निरूपित करता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
(i) चित्र (क) समतल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।
(ii) चित्र (क) उत्तल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।
(iii) चित्र (क) अवतल दर्पण तथा चित्र (ख) उत्तल दर्पण निरूपित करता है।
(iv) चित्र (क) समतल दर्पण तथा चित्र (ख) उत्तल दर्पण निरूपित करता है।
उत्तर: (i) चित्र (क) समतल दर्पण और चित्र (ख) अवतल दर्पण निरूपित करता है।
12. किसी पारदर्शी काँच के गिलास के पीछे एक पेंसिल रखिए (चित्र 10.28)। अब गिलास को आधा जल से भरिए (चित्र 10.28) जल भरे भाग से गिलास के पार देखने पर पेंसिल कैसी दिखती है? व्याख्या कीजिए कि इसकी आकृति में परिवर्तन क्यों प्रतीत होता है?
उत्तर: जब गिलास को आधा पानी से भरकर उसके पीछे रखी पेंसिल को देखा जाता है, तो पेंसिल मुड़ी हुई या टूटी हुई दिखाई देती है। पेंसिल का वह भाग जो पानी में है, ऊपर वाले भाग की तुलना में थोड़ा खिसका हुआ या टेढ़ा दिखाई देता है।
कारण
- ऐसा प्रकाश के अपवर्तन (Refraction of Light) के कारण होता है।
- जब प्रकाश पानी से हवा में या हवा से पानी में जाता है, तो उसकी दिशा बदल जाती है।
- गिलास के पानी वाले भाग से आने वाली प्रकाश किरणें अपवर्तित हो जाती हैं।
- इस कारण पानी में डूबी पेंसिल का भाग अपनी वास्तविक स्थिति से अलग दिखाई देता है।
















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