प्रकृति कैसे सामंजस्य में काम करती है
जिज्ञासा को बनाए रखें
1. दिए गए आरेख (चित्र 12.19) को देखिए और गलत कथन का चयन कीजिए।
(i) समुदाय समष्टि से बड़ा होता है।
(ii) समुदाय एक पारितंत्र से छोटा होता है।
(iii) पारितंत्र किसी समुदाय का भाग होता है।
उत्तर: (iii) पारितंत्र किसी समुदाय का भाग होता है।
2. समष्टि किसी समुदाय का भाग होती है। यदि सभी अपघटक, अकस्मात एक वन पारितंत्र से लुप्त हो जाएँ तो आपके विचार से क्या परिवर्तन होंगे? व्याख्या कीजिए कि अपघटक आवश्यक क्यों होते हैं।
उत्तर:
यदि किसी वन पारितंत्र से सभी अपघटक (जैसे जीवाणु और कवक) अचानक लुप्त हो जाएँ, तो निम्नलिखित परिवर्तन होंगे:
- मृत पादपों और जंतुओं का विघटन नहीं होगा – जंगल में मृत पत्तियाँ, पेड़ और जंतु जमा होते जाएँगे।
- मृदा में पोषक तत्व वापस नहीं आएँगे – अपघटक मृत पदार्थों को सरल पदार्थों में बदलकर मृदा को पोषक तत्व देते हैं।
- पौधों की वृद्धि रुक जाएगी – पोषक तत्वों की कमी के कारण नए पौधे ठीक से नहीं उग पाएँगे।
- आहार श्रृंखला प्रभावित होगी – पौधों की कमी से शाकाहारी जंतुओं की संख्या घटेगी और उनके बाद मांसाहारी जंतु भी कम हो जाएँगे।
- पारितंत्र का संतुलन बिगड़ जाएगा – धीरे-धीरे पूरा पारितंत्र असंतुलित हो सकता है।
अपघटक मृत पादपों और जंतुओं को विघटित करके पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण (recycling) करते हैं। इससे मृदा उपजाऊ बनी रहती है और पारितंत्र में जीवन का चक्र चलता रहता है। इसलिए अपघटक पारितंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं।
3. तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के सेल्वम ने बताया कि उनका गाँव मैंग्रोव वनों की उपस्थिति के कारण 2004 की सुनामी से आस-पास के गाँवों की तुलना में कम प्रभावित हुआ था। इससे सरिता, शबनम और शिजो को आश्चर्य हुआ। वे सोच रही थीं कि क्या मैंग्रोव वन गाँव की सुरक्षा कर रहे थे। क्या आप इसे समझने में उनकी सहायता कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, मैंग्रोव वन वास्तव में गाँव की सुरक्षा करने में मदद करते हैं।
मैंग्रोव पेड़ों की जड़ें बहुत घनी और फैली हुई होती हैं। जब सुनामी या समुद्री तूफान की बड़ी लहरें तट की ओर आती हैं, तो ये जड़ें और पेड़ लहरों की गति और शक्ति को कम कर देते हैं। इससे पानी की तेज़ लहरें सीधे गाँव तक नहीं पहुँच पातीं और उनका प्रभाव कम हो जाता है।
इसके अतिरिक्त:
- मैंग्रोव पेड़ मिट्टी को पकड़कर रखते हैं, जिससे तट का कटाव कम होता है।
- ये प्राकृतिक बाधा (natural barrier) की तरह काम करते हैं।
- इससे तटीय क्षेत्रों के गाँव, खेत और घरों को कम नुकसान होता है।
इसलिए 2004 की सुनामी के समय जहाँ मैंग्रोव वन थे वहाँ के गाँव अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुए, जबकि जिन क्षेत्रों में मैंग्रोव नहीं थे वहाँ अधिक नुकसान हुआ।
4. इस आहार श्रृंखला को देखें-
घास – टिड्डा – मेंढक – साँप
यदि इस पारितंत्र से मेंढक लुप्त हो जाएँ तो टिड्डों और साँपों की समष्टि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और क्यों?
उत्तर: यदि इस पारितंत्र से मेंढक लुप्त हो जाएँ, तो टिड्डों की संख्या बढ़ जाएगी क्योंकि उन्हें खाने वाला मेंढक नहीं होगा।
दूसरी ओर साँपों की संख्या घट जाएगी क्योंकि उनका मुख्य भोजन (मेंढक) कम हो जाएगा।
5. एक विद्यालय के उद्यान में विद्यार्थियों ने पिछले मौसम में अपेक्षाकृत कम तितलियाँ देखीं। इसके संभावित कारण क्या हो सकते हैं? परिसर में अधिक तितलियाँ लाने के लिए विद्यार्थी क्या कदम उठा सकते हैं?
उत्तर:
संभावित कारण:
- उद्यान में फूलों और पौधों की कमी।
- कीटनाशकों (pesticides) का अधिक उपयोग।
- पर्यावरण या मौसम में परिवर्तन।
- तितलियों के लिए उपयुक्त पौधों का अभाव।
तितलियाँ बढ़ाने के उपाय:
- उद्यान में अधिक फूलदार और सुगंधित पौधे लगाना।
- कीटनाशकों का उपयोग कम करना या बंद करना।
- तितलियों के लिए अनुकूल पौधे और वातावरण बनाना।
- पानी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना।
6. ऐसा पारितंत्र क्यों संभव नहीं है जिसमें केवल उत्पादक हों और कोई उपभोक्ता या अपघटक न हों?
उत्तर: ऐसा पारितंत्र संभव नहीं है क्योंकि उपभोक्ता और अपघटक के बिना पारितंत्र का संतुलन नहीं बन सकता।
- उपभोक्ता उत्पादकों (पौधों) को खाकर ऊर्जा प्राप्त करते हैं और ऊर्जा को आगे की खाद्य श्रृंखला में पहुँचाते हैं।
- अपघटक मृत पौधों और जीवों को विघटित करके पोषक तत्त्वों को मिट्टी में वापस मिलाते हैं।
यदि उपभोक्ता और अपघटक नहीं होंगे, तो पोषक तत्त्वों का पुनर्चक्रण नहीं होगा और पारितंत्र संतुलित नहीं रह पाएगा।
7. अपने घर या विद्यालय के समीप दो अलग-अलग स्थानों का अवलोकन कीजिए (जैसे एक उद्यान और सड़क के किनारे का कोई स्थल)। आपको दिखाई देने वाले सजीव एवं निर्जीव घटकों की सूची बनाइए। दोनों पारितंत्र किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर:
उद्यान
- सजीव: पेड़-पौधे, घास, तितलियाँ, पक्षी
- निर्जीव: मिट्टी, पानी, हवा, सूर्य का प्रकाश
सड़क किनारा
- सजीव: घास, कीड़े, पक्षी
- निर्जीव: धूल, पत्थर, सड़क, हवा, सूर्य का प्रकाश
अंतर:
उद्यान में सजीवों की विविधता और हरियाली अधिक होती है, जबकि सड़क किनारे सजीव कम और प्रदूषण अधिक होता है।
8. कृषि क्षेत्र जैसे मानव निर्मित पारितंत्र आवश्यक हैं परंतु उन्हें संधारणीय बनाया जाना चाहिए। इस कथन पर टिप्पणी करें।
उत्तर: हाँ, कृषि क्षेत्र आवश्यक हैं क्योंकि वे भोजन और आजीविका प्रदान करते हैं।
लेकिन उन्हें संधारणीय (sustainable) बनाना ज़रूरी है ताकि मृदा, जल और पर्यावरण का संतुलन बना रहे।
इसके लिए रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों का कम उपयोग, जैविक खेती और पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण अपनाना चाहिए।
9. यदि किसी रोग के कारण भारतीय शशकों की समष्टि कम हो जाती है (चित्र 12.20) तो इस का अन्य जीवों की संख्या पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: यदि शशकों (खरगोशों) की संख्या कम हो जाती है, तो लोमड़ियों की संख्या भी घट जाएगी क्योंकि उनका भोजन कम हो जाएगा।
साथ ही घास और पौधों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि उन्हें खाने वाले शशक कम हो जाएँगे।



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