स्वास्थ्य — एक अमूल्य निधि
जिज्ञासा बनाए रखें
1. चित्रों में दर्शाए गए रोगों को संचरणीय अथवा असंचरणीय रोगों के रूप में समूहित करें।
उत्तर:
1. संचरणीय रोग (जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं)
- सर्दी-जुकाम और फ्लू
- आंत्र ज्वर (टाइफॉइड)
- छोटी माता (चिकनपॉक्स)
2. असंचरणीय रोग (जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते)
- मधुमेह (डायबिटीज)
- अस्थमा (दमा)
2. रोगों को व्यापक रूप से संचरणीय और असंचरणीय रोगों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। नीचे दिए गए विकल्पों में से असंचरणीय रोगों को पहचानिए।
(i) आंत्र ज्वर
(ii) अस्थमा
(iii) मधुमेह
(iv) खसरा
(क) (i) और (ii)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) (i) और (iv)
(घ) (ii) और (iv)
उत्तर: असंचरणीय रोग वे होते हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते
दिए गए रोगों को देखें:
(i) आंत्र ज्वर (टाइफॉइड) – संचरणीय रोग
(ii) अस्थमा – असंचरणीय रोग
(iii) मधुमेह – असंचरणीय रोग
(iv) खसरा – संचरणीय रोग
इसलिए असंचरणीय रोग हैं:
(ii) अस्थमा और (iii) मधुमेह
सही उत्तर: (ख) (ii) और (iii)
3. आपके विद्यालय में फ्लू का प्रकोप हुआ है। आपके अनेक सहपाठी अनुपस्थित हैं जबकि कुछ खाँसते और छींकते हुए विद्यालय आ रहे हैं।
(i) संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए विद्यालय द्वारा तत्काल क्या उपाय किए जाने चाहिए?
(ii) यदि आपके साथ बेंच पर बैठने वाले सहपाठी में फ्लू के लक्षण दिखने लगें तो आप उन्हें दुःख अथवा ठेस पहुँचाए बिना कैसे प्रतिक्रिया देंगे?
(iii) इस स्थिति में आप स्वयं को और दूसरों को संक्रमित होने से कैसे बचा सकते हैं?
उत्तर:
(i) संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए विद्यालय द्वारा उपाय:
विद्यालय को बीमार विद्यार्थियों को घर पर आराम करने की सलाह देनी चाहिए, कक्षाओं और परिसर की स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए तथा विद्यार्थियों को खाँसते-छींकते समय मुँह और नाक ढकने के लिए प्रेरित करना चाहिए। भीड़भाड़ कम रखने और आवश्यक होने पर मास्क के उपयोग की सलाह भी दी जा सकती है।
(ii) सहपाठी में फ्लू के लक्षण दिखने पर प्रतिक्रिया:
मैं अपने सहपाठी से विनम्रता से कहूँगा कि यदि उन्हें खाँसी-जुकाम है तो वे थोड़ा आराम करें और शिक्षक को बताएँ या घर जाकर डॉक्टर से जाँच कराएँ। इससे वे जल्दी ठीक हो जाएँगे और दूसरों को भी संक्रमण नहीं होगा।
(iii) स्वयं को और दूसरों को संक्रमित होने से बचाने के उपाय:
मैं नियमित रूप से साबुन से हाथ धोऊँगा, खाँसते-छींकते समय मुँह और नाक ढकूँगा, बीमार लोगों से बहुत नज़दीकी संपर्क से बचूँगा और व्यक्तिगत वस्तुएँ जैसे रुमाल या बोतल साझा नहीं करूँगा। इससे संक्रमण फैलने की संभावना कम होगी।
4. आपका परिवार ऐसे स्थान पर यात्रा की योजना बना रहा है जहाँ मलेरिया का प्रकोप है।
(i) यात्रा से पर्व, यात्रा के समय और यात्रा के पश्चात आपको कौन-कौन सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
(ii) आप अपने भाई अथवा बहन को मच्छरदानी या मच्छर प्रतिकर्षी का महत्त्व कैसे समझाएँगे?
(iii) यदि ऐसे क्षेत्रों में यात्री स्वास्थ्य सलाह की अनदेखी करते हैं तो क्या हो सकता है?
उत्तर:
(i) यात्रा से पूर्व, यात्रा के समय और यात्रा के पश्चात सावधानियाँ:
यात्रा से पहले उस क्षेत्र में मलेरिया की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और आवश्यक दवाइयों तथा मच्छर से बचाव के साधन साथ रखने चाहिए। यात्रा के दौरान मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए और मच्छर प्रतिकर्षी लगाना चाहिए। यात्रा के बाद यदि बुखार, ठंड लगना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से जाँच करानी चाहिए।
(ii) भाई या बहन को मच्छरदानी या मच्छर प्रतिकर्षी का महत्त्व समझाना:
मैं उन्हें समझाऊँगा कि मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है, इसलिए मच्छरदानी और मच्छर प्रतिकर्षी हमें मच्छरों के काटने से बचाते हैं। इनके उपयोग से हम सुरक्षित रहते हैं और बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है।
(iii) स्वास्थ्य सलाह की अनदेखी करने पर परिणाम:
यदि यात्री स्वास्थ्य संबंधी सलाह को नजरअंदाज करते हैं तो उन्हें मलेरिया होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे उनकी तबीयत खराब हो सकती है और बीमारी अन्य लोगों में भी फैलने की संभावना बढ़ सकती है।
5. आपके चाचाजी ने अपने मित्रों की संगत में पड़कर धूम्रपान करना आरंभ कर दिया है जबकि यह सर्वविदित है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हानिक हो सकता है और मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
(i) आप उन्हें ठेस पहुँचाए बिना उनसे ऐसा क्या कहेंगे जिससे कि वे इसे छोड़ दें?
(ii) यदि आपके मित्र ने पार्टी में आपको धूम्रपान करने के लिए कहा तो आप क्या करेंगे?
(iii) विद्यालय ऐसी हानिकारक आदतों से विद्यार्थियों को बचाने में कैसे सहायता कर सकते हैं?
उत्तर:
(i) चाचाजी से क्या कहेंगे:
मैं उनसे विनम्रता से कहूँगा कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है और इससे फेफड़ों तथा हृदय से संबंधित गंभीर रोग हो सकते हैं। मैं उनसे अनुरोध करूँगा कि वे अपने स्वास्थ्य और परिवार की भलाई के लिए इस आदत को छोड़ने का प्रयास करें।
(ii) यदि मित्र धूम्रपान करने के लिए कहे:
मैं स्पष्ट रूप से मना कर दूँगा और कहूँगा कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए मैं इसे नहीं करना चाहता। साथ ही मैं अपने मित्र को भी इससे दूर रहने की सलाह दूँगा।
(iii) विद्यालय विद्यार्थियों की कैसे सहायता कर सकता है:
विद्यालय विद्यार्थियों को धूम्रपान और अन्य हानिकारक आदतों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, पोस्टर और विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे विद्यार्थी ऐसी आदतों से दूर रहें।
6. सानिया अपनी सखी विनीता से कहती है, “प्रतिजैविक औषधियाँ किसी भी संक्रमण को ठीक कर सकती हैं इसलिए हमें रोगों की चिंता नहीं करनी चाहिए।” विनीता ऐसे कौन-कौन से प्रश्न पूछ सकती हैं जिससे सानिया समझ सके कि उसका कथन गलत है?
उत्तर:
विनीता सानिया से निम्नलिखित प्रश्न पूछ सकती है—
- क्या प्रतिजैविक औषधियाँ सभी प्रकार के संक्रमणों, जैसे वायरस से होने वाले सर्दी-जुकाम और फ्लू, को ठीक कर सकती हैं?
- क्या प्रतिजैविक औषधियाँ केवल जीवाणु (बैक्टीरिया) से होने वाले रोगों पर ही प्रभावी नहीं होतीं?
- यदि प्रतिजैविक औषधियों का अनावश्यक या गलत उपयोग किया जाए तो क्या जीवाणुओं में प्रतिरोध (एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस) विकसित नहीं हो सकता?
- क्या बिना चिकित्सक की सलाह के प्रतिजैविक औषधियाँ लेना सुरक्षित है?
इन प्रश्नों के माध्यम से विनीता सानिया को समझा सकती है कि प्रतिजैविक औषधियाँ सभी संक्रमणों को ठीक नहीं करतीं और उनका उपयोग केवल चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए।
7. निम्नलिखित तालिका में एक वर्ष की अवधि में एक चिकित्सालय में अंकित किए गए डेंगू के मामलों की संख्या की जानकारी दी गई है-
आप एक बार ग्राफ (दंड आलेख) बनाइए जिसमें Y-अक्ष पर मामलों की संख्या और X-अक्ष पर माह के नाम अंकित हों। अपने निष्कर्षों का समीक्षात्मक विश्लेषण कीजिए एवं निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
उत्तर:
(i) किन तीन महीनों में डेंगू के मामले सबसे अधिक थे?
उत्तर: सबसे अधिक मामले जुलाई, अगस्त और सितंबर में थे (प्रत्येक में 65 मामले)।
(ii) किस महीने अथवा महीनों में मामले सबसे कम थे?
उत्तर: सबसे कम मामले जनवरी में थे (10 मामले)।
(iii) डेंगू के सर्वाधिक प्रकोप वाले महीनों में कौन-से प्राकृतिक या पर्यावरणीय कारण इसके मामलों में वृद्धि का कारण बन सकते थे?
उत्तर: इन महीनों में वर्षा अधिक होती है, जिससे जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। यह जमा हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। गर्म और नम मौसम भी मच्छरों की संख्या बढ़ाने में सहायक होता है।
(iv) कुछ ऐसे निवारक उपाय सुझाइए जो समुदाय अथवा सरकार द्वारा ऐसे समय से पूर्व किए जा सकते हैं जब डेंगू के मामले सबसे अधिक होते हैं ताकि डेंगू के प्रकोप को कम किया जा सके?
उत्तर:
- घरों और आसपास पानी जमा न होने देना।
- नालियों, गड्ढों और टंकियों को साफ रखना।
- मच्छरदानी और मच्छर प्रतिकर्षी का उपयोग करना।
- समुदाय में स्वच्छता अभियान चलाना।
- सरकार द्वारा कीटनाशक छिड़काव और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
8. कल्पना कीजिए कि आप एक विद्यालय के स्वास्थ्य अभियान के प्रभारी हैं। इस भूमिका में आप संचरणीय और असंचरणीय रोगों को कम करने के लिए कौन-कौन से मुख्य संदेश देंगे?
उत्तर:
- व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें – नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएँ और साफ-सफाई रखें।
- खाँसते या छींकते समय मुँह और नाक ढकें ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन करें तथा जंक फूड का सेवन कम करें।
- नियमित व्यायाम करें और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें ताकि शरीर स्वस्थ रहे।
- स्वच्छ पेयजल पिएँ और आसपास के वातावरण को साफ रखें जिससे रोगों का प्रसार कम हो।
- टीकाकरण करवाएँ ताकि कई गंभीर संचरणीय रोगों से बचाव हो सके।
- तंबाकू, धूम्रपान और अन्य हानिकारक आदतों से दूर रहें।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें ताकि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहे।
9. यह सलाह दी जाती है कि वायरल संक्रमण, जैसे सर्दी, खाँसी या फ्लू में प्रतिजैविक औषधियाँ न लें। क्या आप इस सलाह के संभावित कारण बता सकते हैं?
उत्तर: वायरल संक्रमण जैसे सर्दी, खाँसी या फ्लू में प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) औषधियाँ न लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि—
- प्रतिजैविक औषधियाँ केवल जीवाणु (बैक्टीरिया) पर प्रभावी होती हैं, जबकि सर्दी, खाँसी और फ्लू वायरस के कारण होते हैं।
- अनावश्यक रूप से प्रतिजैविक लेने से जीवाणुओं में प्रतिरोध (एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस) विकसित हो सकता है, जिससे भविष्य में दवाइयाँ कम प्रभावी हो जाती हैं।
- बिना आवश्यकता के दवाइयाँ लेने से शरीर पर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
- इसलिए प्रतिजैविक औषधियाँ केवल चिकित्सक की सलाह से और सही संक्रमण में ही लेनी चाहिए।
10. किसी संक्रमित व्यक्ति के उत्सर्जी पदार्थ द्वारा पेयजल के संदूषित होने पर निम्नलिखित में से कौन-कौन से रोग फैल सकते हैं?
यकृतशोथ (हेपेटाइटिस) ए, क्षयरोग (टीबी), पोलियोमाइलाइटिस, हैजा, चेचक
उत्तर: संक्रमित व्यक्ति के उत्सर्जी पदार्थ से पेयजल के संदूषित होने पर जलजनित रोग (Water-borne diseases) फैलते हैं।
दिए गए रोगों का विश्लेषण:
- यकृतशोथ (हेपेटाइटिस) A – दूषित पानी से फैलता है
- क्षयरोग (टीबी) – हवा से फैलता है
- पोलियोमाइलाइटिस – दूषित पानी/भोजन से फैल सकता है
- हैजा – दूषित पानी से फैलता है
- चेचक – मुख्यतः हवा या संपर्क से फैलता है
इसलिए सही उत्तर:
यकृतशोथ (हेपेटाइटिस A), पोलियोमाइलाइटिस और हैजा।
11. जब हमारा शरीर किसी रोगजनक (रोगाणु) का पहली बार सामना करता है तो हमारी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सामान्यतः कम होती है परंतु जब उसी रोगजनक से पुनः सामना होता है तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पहली बार की तुलना में कहीं अधिक प्रबल होती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
जब हमारा शरीर किसी रोगजनक (रोगाणु) का पहली बार सामना करता है, तो प्रतिरक्षा प्रणाली उसे पहचानने और उसके विरुद्ध प्रतिरक्षा विकसित करने में कुछ समय लेती है। इस दौरान शरीर स्मृति कोशिकाएँ (memory cells) बना लेता है।
जब वही रोगजनक दोबारा शरीर में प्रवेश करता है, तो ये स्मृति कोशिकाएँ उसे तुरंत पहचान लेती हैं और तेजी से अधिक मात्रा में प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) बनाती हैं। इसलिए दूसरी बार शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया अधिक तेज और प्रबल होती है, जिससे रोग से जल्दी सुरक्षा मिल जाती है।




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