द्रव्य की कणीय प्रकृति
जिज्ञासा बनाए रखें
1. सही विकल्प चुनिए-
ठोस पदार्थों और दवों में मूल अंतर यह है कि घटक कण
(क) ठोस पदार्थों में सुसंकुलित होते हैं जबकि द्रवों में स्थिर होते हैं।
(ख) ठोस पदार्थों में एक दूसरे से अधिक दूर होते हैं और द्रवों में उनकी नियत स्थिति होती है।
(ग) ठोस पदार्थों में सदैव गति करते रहते हैं और द्रवों में उनकी नियत स्थिति होती है।
(घ) ठोस पदार्थों में सुसंकुलित होते हैं और द्रवों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति करते हैं।
उत्तर: (घ) ठोस पदार्थों में सुसंकुलित होते हैं और द्रवों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति करते हैं।
2. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं? असत्य कथनों को सत्य कथन के रूप में लिखिए।
(क) बर्फ का जल में पिघलना किसी ठोस का द्रव में रूपांतरण का एक उदाहरण है।
उत्तर: सत्य
(ख) गलन प्रक्रिया में रूपांतरण के समय अंतराकणीय आकर्षणों में कमी होती है।
उत्तर: सत्य
(ग) ठोस पदार्थों की एक निश्चित आकृति और निश्चित आयतन होता है।
उत्तर: सत्य
(घ) ठोस पदार्थों में अंतराकणीय अन्योन्य क्रियाएँ अति प्रबल होती हैं और अंतराकणीय स्थान अति सूक्ष्म होते हैं।
उत्तर: सत्य
(ङ) जब हम कक्ष के किसी कोने में कपूर को गरम करते हैं तो उसकी सुगंध कक्ष के सभी कोनों में पहुँच जाती है।
उत्तर: सत्य
(च) गरम करने पर हम कपूर को ऊर्जा दे रहे हैं और यह ऊर्जा गंध के रूप में मुक्त होती है।
उत्तर: असत्य
सही कथन: (च) गरम करने पर कपूर को ऊर्जा मिलती है जिससे उसके कण तेज गति से फैलते हैं और उनकी सुगंध पूरे कक्ष में फैल जाती है।
3. सत्यता सहित सही उत्तर का चयन कीजिए।
यदि हम किसी कुर्सी से सभी घटक कण हटा पाते तो क्या होता?
(क) कुछ भी नहीं बदलता
(ख) कणों की हानि के कारण कुर्सी का भार कम हो जाता
(ग) कुर्सी का कुछ भी नहीं बचता
उत्तर: (ग) कुर्सी का कुछ भी नहीं बचता
व्याख्या: किसी भी वस्तु (जैसे कुर्सी) का निर्माण अत्यंत सूक्ष्म कणों से होता है। यदि उस कुर्सी से सभी घटक कण हटा दिए जाएँ, तो वहाँ कोई पदार्थ नहीं बचेगा। इसलिए कुर्सी भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
4. गैसें सरलतापूर्वक क्यों मिश्रित हो जाती हैं जबकि ठोस पदार्थ मिश्रित नहीं होते। ऐसा क्यों?
उत्तर: गैसें सरलतापूर्वक मिश्रित हो जाती हैं क्योंकि गैसों के कणों के बीच बहुत अधिक अंतराकणीय स्थान होता है और वे सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं। इसी कारण गैसों के कण आसानी से एक-दूसरे में फैलकर मिश्रित हो जाते हैं।
इसके विपरीत ठोस पदार्थों में कण बहुत पास-पास और दृढ़ता से जुड़े होते हैं तथा वे अपनी निश्चित स्थिति से इधर-उधर नहीं जा सकते। इसलिए ठोस पदार्थ आसानी से आपस में मिश्रित नहीं होते।
5. जब काँच के गिलास में रखा दूध मेज पर छलक जाता है तो वह बहता है और फैल जाता है परंतु काँच के गिलास की आकृति वही रहती है। इस कथन को सत्यापित कीजिए।
उत्तर: दूध एक द्रव पदार्थ है और काँच का गिलास एक ठोस पदार्थ है।
द्रव पदार्थों के कणों के बीच आकर्षण बल अपेक्षाकृत कम होता है और उनके कण एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति कर सकते हैं। इसलिए जब गिलास से दूध मेज पर गिरता है तो वह बहता और फैल जाता है।
इसके विपरीत काँच के गिलास के कण बहुत सुसंकुलित और दृढ़ता से जुड़े होते हैं। इसलिए उसके कण अपनी निश्चित स्थिति से नहीं हटते और गिलास की आकृति वही बनी रहती है।
6. जब बर्फ पिघलती है और वह जल वाष्प में रूपांतरित होती है है तो कणों की व्यवस्था में होने वाले परिवर्तनों को चित्र द्वारा निरूपित कीजिए।
उत्तर:
जब बर्फ → जल → जल वाष्प में परिवर्तन होता है, तब कणों की व्यवस्था इस प्रकार बदलती है:
1. बर्फ (ठोस अवस्था)
कण बहुत पास-पास और सुसंकुलित होते हैं, केवल अपनी जगह पर कंपन करते हैं।
2. जल (द्रव अवस्था)
कण थोड़े दूर हो जाते हैं और एक-दूसरे के बीच फिसलकर गति कर सकते हैं।
3. जल वाष्प (गैसीय अवस्था)
कण बहुत दूर-दूर हो जाते हैं और सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
7. निम्नलिखित में उपस्थित कणों को निरूपित करता हुआ चित्र आरेखित कीजिए-
(क) ऐलुमिनियम पर्णिका
(ख) ग्लिसरीन
(ग) मेथेन गैस
उत्तर: (क) ऐलुमिनियम पर्णिका
(ख) ग्लिसरीन
(ग) मेथेन गैस
8. चित्र 7.16 (क) का अवलोकन कीजिए जिसमें एक ऐसी मोमबत्ती का चित्र है जिसे कुछ समय जलने के पश्चात बुझाया गया है। चित्र में मोम की विभिन्न अवस्थाओं को पहचानिए और चित्र 7.16 (ख) में दर्शाई गई कणों की व्यवस्था के साथ उनका मिलान कीजिए।
उत्तर:
1. ठोस मोम (मोमबत्ती का ठोस भाग)
- कण बहुत पास-पास और व्यवस्थित होते हैं।
- यह ऊपर बाईं ओर वाले चित्र (सुसंकुलित कण) से मेल खाता है।
2. द्रव मोम (पिघला हुआ मोम)
- कण पास-पास होते हैं लेकिन थोड़े अव्यवस्थित रहते हैं और एक-दूसरे के बीच सरक सकते हैं।
- यह ऊपर दाईं ओर वाले चित्र से मेल खाता है।
3. मोम की वाष्प / धुआँ (गैसीय अवस्था)
- कण बहुत दूर-दूर होते हैं और स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
- यह नीचे वाले चित्र से मेल खाता है।
9. समुद्र के जल का स्वाद नमकीन क्यों होता है जबकि इसमें नमक दिखाई भी नहीं देता है? समझाइए।
उत्तर: समुद्र के जल का स्वाद नमकीन होता है क्योंकि इसमें नमक और अन्य खनिज पदार्थ घुले हुए होते हैं।
जब नदियाँ पहाड़ों और चट्टानों से होकर बहती हैं, तो वे उनमें उपस्थित लवण (नमक) और खनिजों को घोलकर अपने साथ समुद्र तक ले जाती हैं। ये लवण समुद्र के जल में पूरी तरह घुल जाते हैं, इसलिए वे हमें दिखाई नहीं देते।
हालाँकि, जब हम समुद्र का पानी चखते हैं तो उसमें घुले हुए नमक के कारण उसका स्वाद नमकीन लगता है।
10. चावल के दाने और चावल के आटे को जब विभिन्न पात्रों में रखा जाता है तो वे पात्र का आकार ले लेते हैं। क्या वे ठोस हैं या द्रव? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: चावल के दाने और चावल का आटा ठोस पदार्थ हैं, द्रव नहीं।
व्याख्या:
- चावल के प्रत्येक दाने और आटे का प्रत्येक कण एक छोटा ठोस कण होता है।
- जब इन्हें किसी पात्र में रखा जाता है तो ये ढेर के रूप में पात्र का आकार ले लेते हैं, इसलिए ऐसा लगता है कि वे द्रव की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
- लेकिन वास्तव में उनके कणों की अपनी निश्चित आकृति और आयतन होता है, इसलिए वे ठोस ही हैं।







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