द्रव्य की प्रकृति— तत्व, यौगिक और मिश्रण
अपनी जिज्ञासा बनाए रखें
1. निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार कीजिए जहाँ दो पदार्थ ‘अ’ और ‘ब’ संयोजित होकर एक उत्पाद ‘स’ बनाते हैं-
अ + ब – स
मान लीजिए कि ‘अ’ और ‘ब’ को रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता है। इस जानकारी के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(क) ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ सभी यौगिक हैं और केवल ‘स’ का संघटन निश्चित है।
(ख) ‘स’ एक यौगिक है और ‘अ’ एवं ‘ब’ का संघटन निश्चित है।
(ग) ‘अ’ और ‘ब’ यौगिक हैं एवं ‘स’ का संघटन निश्चित है।
(घ) ‘अ’ और ‘ब’ तत्व हैं ‘स’ एक यौगिक है तथा इसका संघटन निश्चित है।
उत्तर: (घ) ‘अ’ और ‘ब’ तत्व हैं, ‘स’ एक यौगिक है तथा इसका संघटन निश्चित है।
2. अभिकथन- वायु एक मिश्रण है।
कारण – मिश्रण तब बनता है जब दो या दो से अधिक पदार्थ बिना किसी रासायनिक परिवर्तन के मिश्रित होते हैं।
(क) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) अभिकथन सत्य है परंतु कारण असत्य है।
(घ) अभिकथन असत्य है परंतु कारण सत्य है।
उत्तर: (क) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
3. जल ऑक्सीजन और हाइड्रोजन तत्वों से निर्मित एक यौगिक है। इसके गुणधर्म ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के गुणधर्मों से भिन्न हैं। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर: यह कथन सही है कि जल (Water) हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना एक यौगिक है और इसके गुणधर्म अपने घटक तत्वों से भिन्न होते हैं।
पुष्टि (व्याख्या):
1. जल का संघटन
- जल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों के निश्चित अनुपात (2:1) में रासायनिक संयोजन से बनता है, इसलिए यह एक यौगिक है।
2. घटक तत्वों के गुणधर्म
- हाइड्रोजन : ज्वलनशील गैस (जलती है)।
- ऑक्सीजन : दहन को बढ़ाने वाली गैस (जलने में सहायता करती है)।
3. जल के गुणधर्म
- जल एक द्रव है।
- यह न तो जलता है और न ही दहन को बढ़ाता है।
- यह आग बुझाने में भी उपयोग किया जाता है।
इससे स्पष्ट होता है कि यौगिक के गुणधर्म उसके घटक तत्वों के गुणधर्मों से भिन्न होते हैं।
4. निम्नलिखित में से किसमें सभी उदाहरण सही सुमेलित हैं? अपने उत्तरों के समर्थन में कारण दीजिए।
(i) तत्व- जल, नाइट्रोजन, लोहा, वायु।
(ii) समरूप मिश्रण खनिज, समुद्री जल, काँसा, वायु।
(iii) शुद्ध पदार्थ कार्बन डाइऑक्साइड, लोहा, ऑक्सीजन, चीनी।
(iv) विषमरूप मिश्रण- वायु, रेत, पीतल, गदला जल।
उत्तर: (iii) शुद्ध पदार्थ कार्बन डाइऑक्साइड, लोहा, ऑक्सीजन, चीनी।
कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और चीनी (सुक्रोज) यौगिक हैं, जो कई तत्वों के रासायनिक संयोजन से बने होते हैं और इनकी संरचना स्थिर होती है। लोहा और ऑक्सीजन (O₂) भी तत्व हैं, जिनकी संरचना स्थिर होती है। ये सभी शुद्ध पदार्थ हैं, क्योंकि इनके गुण एकसमान होते हैं और इन्हें भौतिक रूप से तोड़ा नहीं जा सकता।
5. लोहा आर्द्र वायु के साथ अभिक्रिया करके आयरन ऑक्साइड बनाता है और मैग्नीशियम ऑक्सीजन में दहन के पश्चात मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। उपर्युक्त अभिक्रियाओं में सम्मिलित सभी पदार्थों को तत्वों, यौगिकों या मिश्रणों के रूप में औचित्य सहित वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
दी गई अभिक्रियाएँ:
- लोहा + आर्द्र वायु → आयरन ऑक्साइड (जंग)
- मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड
अब इन अभिक्रियाओं में सम्मिलित पदार्थों का वर्गीकरण:
| पदार्थ | वर्ग (तत्व / यौगिक / मिश्रण) | कारण |
|---|---|---|
| लोहा (Iron) | तत्व | क्योंकि यह एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना शुद्ध पदार्थ है। |
| आर्द्र वायु (Moist Air) | मिश्रण | वायु में कई गैसें (नाइट्रोजन, ऑक्सीजन आदि) तथा जलवाष्प होते हैं, इसलिए यह मिश्रण है। |
| आयरन ऑक्साइड | यौगिक | यह लोहा और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से बनता है। |
| मैग्नीशियम | तत्व | यह एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना शुद्ध पदार्थ है। |
| ऑक्सीजन | तत्व | यह एक मूल तत्व है। |
| मैग्नीशियम ऑक्साइड | यौगिक | यह मैग्नीशियम और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से बना यौगिक है। |
6. निम्नलिखित को तालिका 8.3 में तत्वों, यौगिकों या मिश्रणों के रूप में वर्गीकृत कीजिए। कार्बन डाइऑक्साइड, रेत, समुद्री जल, मैग्नीशियम ऑक्साइड, गदला जल, ऐलुमिनियम, सोना, ऑक्सीजन, जंग, आयरन सल्फाइड, ग्लूकोस, वायु, जल, फलों का रस, नाइट्रोजन, सोडियम क्लोराइड, सल्फर, हाइड्रोजन, बेकिंग सोडा।
उत्तर:
| तत्व | यौगिक | मिश्रण |
|---|---|---|
| ऐलुमिनियम | कार्बन डाइऑक्साइड | रेत |
| सोना | मैग्नीशियम ऑक्साइड | समुद्री जल |
| ऑक्सीजन | आयरन सल्फाइड | गदला जल |
| नाइट्रोजन | ग्लूकोस | वायु |
| सल्फर | जल | फलों का रस |
| हाइड्रोजन | सोडियम क्लोराइड | |
| बेकिंग सोडा | ||
| जंग |
संक्षेप में:
- तत्व (Elements): ऐलुमिनियम, सोना, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, हाइड्रोजन
- यौगिक (Compounds): कार्बन डाइऑक्साइड, मैग्नीशियम ऑक्साइड, आयरन सल्फाइड, ग्लूकोस, जल, सोडियम क्लोराइड, बेकिंग सोडा, जंग
- मिश्रण (Mixtures): रेत, समुद्री जल, गदला जल, वायु, फलों का रस
7. लौह चूर्ण और गंधक चूर्ण के मिश्रण को गरम करने पर कौन-सा नया पदार्थ बनता है और यह मूल मिश्रण से किस प्रकार भिन्न होता है? अभिक्रिया का समीकरण शब्दों में लिखिए।
उत्तर: लौह चूर्ण (Iron powder) और गंधक चूर्ण (Sulphur powder) के मिश्रण को गरम करने पर आयरन सल्फाइड नामक नया पदार्थ बनता है।
यह मूल मिश्रण से इस प्रकार भिन्न होता है:
- मूल मिश्रण में लौह और गंधक के कण अलग-अलग दिखाई देते हैं, जबकि आयरन सल्फाइड में एक समान काला पदार्थ बन जाता है।
- मिश्रण में चुंबक से लौह को अलग किया जा सकता है, लेकिन आयरन सल्फाइड में चुंबक का प्रभाव नहीं होता।
- मिश्रण के घटकों को भौतिक विधि से अलग किया जा सकता है, जबकि आयरन सल्फाइड एक यौगिक है, इसलिए इसे भौतिक विधि से अलग नहीं किया जा सकता।
- आयरन सल्फाइड के गुण मिश्रण के गुणों से भिन्न होते हैं।
अभिक्रिया का शब्दों में समीकरण:
लोहा + गंधक → आयरन सल्फाइड
8. क्या किसी पदार्थ को तत्व और यौगिक दोनों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए कि क्यों अथवा क्यों नहीं।
उत्तर: नहीं, किसी पदार्थ को तत्व और यौगिक दोनों के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।
कारण:
तत्व वह शुद्ध पदार्थ है जो केवल एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना होता है और इसे रासायनिक विधि से सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता।
जबकि यौगिक वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के रासायनिक संयोजन से एक निश्चित अनुपात में बनता है और इसे रासायनिक अभिक्रिया द्वारा उसके तत्वों में तोड़ा जा सकता है।
इसलिए, किसी पदार्थ में या तो एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं (तत्व) या दो या अधिक तत्व मिलकर बने होते हैं (यौगिक)।
इसी कारण कोई भी पदार्थ एक साथ तत्व और यौगिक दोनों नहीं हो सकता।
9. यदि जल एक यौगिक न होकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का मिश्रण होता तो हमारा दैनिक जीवन किस प्रकार प्रभावित होता?
उत्तर:
यदि जल एक यौगिक न होकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का मिश्रण होता, तो हमारा दैनिक जीवन बहुत प्रभावित होता।
- जल स्थिर नहीं रहता, क्योंकि हाइड्रोजन ज्वलनशील गैस है और ऑक्सीजन दहन को बढ़ाती है।
- थोड़ी-सी चिंगारी से ही विस्फोट या आग लग सकती थी।
- ऐसे जल का उपयोग पीने, खाना बनाने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए सुरक्षित नहीं होता।
- जीव-जंतुओं और पौधों का जीवन भी कठिन हो जाता, क्योंकि उन्हें सुरक्षित जल नहीं मिल पाता।
इस प्रकार, यदि जल मिश्रण होता तो पृथ्वी पर जीवन संभव होना बहुत कठिन हो जाता।
10. चित्र 8.24 का विश्लेषण कीजिए। गैस (अ) की पहचान कीजिए। साथ ही रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण शब्दों में लिखिए।
उत्तर: चित्र 8.24 में लौह चूर्ण (Iron powder) को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Dilute Hydrochloric Acid) के साथ अभिक्रिया कराई जा रही है। इस अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है।
गैस (अ) की पहचान:
हाइड्रोजन गैस
रासायनिक अभिक्रिया का शब्दों में समीकरण:
लोहा + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस
11. मात्र अधातुओं से निर्मित किन्हीं दो यौगिकों के नाम लिखिए और प्रत्येक के दो उपयोगों का उल्लेख भी कीजिए।
उत्तर:
1. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
उपयोग:
- अग्निशामक (Fire extinguisher) में उपयोग किया जाता है।
- शीतल पेयों (सॉफ्ट ड्रिंक्स) में गैस के रूप में मिलाया जाता है।
2. अमोनिया (NH₃)
उपयोग:
- उर्वरक (Fertilizer) बनाने में उपयोग होता है।
- सफाई के रसायनों (Cleaning agents) में उपयोग किया जाता है।
12. सोने को खनिज और धातु दोनों के रूप में कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है?
उत्तर: सोने को खनिज और धातु दोनों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
खनिज के रूप में:
सोना पृथ्वी की चट्टानों और धरती के अंदर प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, इसलिए इसे खनिज कहा जाता है।
धातु के रूप में:
सोना चमकदार, तन्य (खींचा जा सकता है) और आघातवर्ध्य (पीटकर पतला किया जा सकता है) होता है। इन गुणों के कारण इसे धातु के रूप में भी वर्गीकृत किया जाता है।



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