विलेयों, विलायकों और विलयनों का अद्भुत संसार
जिज्ञासा जीवित रखें
1. बताइए कि नीचे दिए गए कथन सत्य हैं अथवा असत्या असत्य कथन या कथनों को सत्य बनाइए।
(क) ऑक्सीजन गैस ठंडे पानी की अपेक्षा गरम पानी में अधिक घुलनशील होती है।
(ख) रेत और पानी का मिश्रण एक विलयन है।
(ग) किसी वस्तु द्वारा घेरे गए स्थान को उसका द्रव्यमान कहते हैं।
(घ) असंतृप्त विलयन में संतृप्त विलयन की अपेक्षा अधिक विलेय घुला हुआ होता है।
(ङ) वायुमंडल में उपस्थित विभिन्न गैसें भी एक समरूपी मिश्रण है।
उत्तर: (क) असत्य, (ख) असत्य, (ग) असत्य, (घ) असत्य, (ङ) सत्य
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) किसी ठोस का आयतन विस्थापन विधि द्वारा मापा जा सकता है जहाँ ठोस को जल में ______________ जाता है और जल स्तर की ___________ मापी जाती है।
(ख) किसी विशिष्ट तापमान ____________ पर में घुली __________ की अधिकतम मात्रा उस तापमान पर उसकी विलेयता कहलाती है।
(ग) प्रायः तापमान में वृद्धि से घनत्व _____________ है।
(घ) वह विलयन जिसमें ग्लूकोस जल में पूर्णतः घुल गया हो तथा दिए गए तापमान पर और अधिक ग्लूकोस नहीं घुल सकता, ग्लूकोस का – विलयन कहलाता है।
उत्तर:
(क) डुबाया, वृद्धि
(ख) पर विलायक, विलेय
(ग) घटता
(घ) संतृप्त विलयन
3. आप जल से भरे गिलास में तेल डालते हैं। तेल ऊपर तैरने लगता है। इससे आपको क्या ज्ञात होता है?
(क) तेल जल से अधिक सघन होता है।
(ख) जल तेल से अधिक सघन होता है।
(ग) तेल और जल का घनत्व समान होता है।
(घ) तेल जल में घुल जाता है।
उत्तर: (ख) जल तेल से अधिक सघन होता है।
कारण:
तेल जल में ऊपर तैरता है, क्योंकि तेल का घनत्व जल से कम होता है। जिस पदार्थ का घनत्व कम होता है वह अधिक घनत्व वाले द्रव पर तैरता है। इसलिए जल अधिक सघन है और तेल उसके ऊपर तैरता है।
4. किसी पत्थर की मूर्ति का वजन 225 g है और इसका आयतन 90 cm³ है। इसके घनत्व का परिकलन कीजिए और पूर्वानुमान लगाइए कि यह मूर्ति जल में तैरेगी अथवा डूबेगी।
उत्तर: दिया गया:
द्रव्यमान = 225 g
आयतन = 90 cm³
सूत्र:
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
परिकलन:
घनत्व = 225 / 90
घनत्व = 2.5 g/cm³
निष्कर्ष:
जल का घनत्व लगभग 1 g/cm³ होता है।
चूँकि पत्थर की मूर्ति का घनत्व 2.5 g/cm³ है, जो जल से अधिक है, इसलिए यह जल में डूब जाएगी।
5. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है? अन्य कथन उपयुक्त क्यों नहीं हैं?
(क) एक संतृप्त विलयन किसी निश्चित तापमान पर और अधिक विलेय घोल सकता है।
(ख) किसी दिए गए तापमान पर एक असंतृप्त विलयन में विलेय की अधिकतम संभव मात्रा घुल गई है।
(ग) एक निश्चित तापमान पर संतृप्त विलयन में और अधिक विलेय नहीं घुल सकता है।
(घ) एक संतृप्त विलयन केवल उच्च तापमान पर बनता है।
उत्तर: (ग) एक निश्चित तापमान पर संतृप्त विलयन में और अधिक विलेय नहीं घुल सकता है।
यह कथन उचित क्यों है?
संतृप्त विलयन वह होता है जिसमें विलेय की अधिकतम मात्रा घुल चुकी होती है और उस तापमान पर इससे अधिक विलेय घुल नहीं सकता।
अन्य कथन उपयुक्त क्यों नहीं हैं:
(क) यह कथन गलत है, क्योंकि संतृप्त विलयन में और अधिक विलेय नहीं घुल सकता।
(ख) यह कथन गलत है, क्योंकि असंतृप्त विलयन में अभी और विलेय घुल सकता है, अधिकतम मात्रा नहीं घुली होती।
(घ) यह कथन गलत है, क्योंकि संतृप्त विलयन किसी भी तापमान पर बन सकता है, केवल उच्च तापमान पर ही नहीं।
6. आपके पास 2 लीटर आयतन की एक बोतल है। आप इसमें 500 mL जल भरते हैं। बोतल में और कितना जल भरा जा सकता है?
उत्तर: दिया गया:
बोतल की कुल क्षमता = 2 लीटर = 2000 mL
भरा हुआ जल = 500 mL
परिकलन:
बाकी स्थान = 2000 − 500
बाकी स्थान = 1500 mL
उत्तर:
बोतल में और 1500 mL (या 1.5 लीटर) जल भरा जा सकता है।
7. किसी वस्तु का द्रव्यमान 400 g और आयतन 40 cm³ है। इसका घनत्व क्या है?
उत्तर: दिया गया:
द्रव्यमान = 400 g
आयतन = 40 cm³
सूत्र:
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
परिकलन:
घनत्व = 400 ÷ 40
घनत्व = 10 g/cm³
वस्तु का घनत्व 10 g/cm³ है।
8. चित्र 9.25 (क) और 9.25 (ख) का विश्लेषण कीजिए। बिना छिला हुआ संतरा जल में क्यों तैरता है एवं छिला हुआ संतरा जल में क्यों डूब जाता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: व्याख्या:
चित्र (क):
बिना छिला हुआ संतरा जल में तैरता है क्योंकि उसके छिलके में बहुत-से छोटे-छोटे वायु (हवा) के स्थान होते हैं। ये हवा के स्थान संतरे का कुल घनत्व कम कर देते हैं, इसलिए उसका घनत्व जल से कम हो जाता है और वह जल पर तैरने लगता है।
चित्र (ख):
जब संतरे का छिलका हटा दिया जाता है, तब उसके अंदर की हवा भी हट जाती है। इससे संतरे का घनत्व बढ़ जाता है और वह जल से अधिक सघन हो जाता है। इसलिए छिला हुआ संतरा जल में डूब जाता है।
निष्कर्ष:
किसी वस्तु का घनत्व कम होने पर वह तैरती है और घनत्व अधिक होने पर डूब जाती है।
9. किसी वस्तु ‘क’ का द्रव्यमान 200 g और आयतन 40 cm³ है। वस्तु ‘ख’ का द्रव्यमान 240 g और आयतन 60 cm³ है। किस वस्तु का घनत्व सघन है?
उत्तर: दिया गया:
वस्तु क
द्रव्यमान = 200 g
आयतन = 40 cm³
वस्तु ख
द्रव्यमान = 240 g
आयतन = 60 cm³
सूत्र:
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
वस्तु क का घनत्व:
200 ÷ 40 = 5 g/cm³
वस्तु ख का घनत्व:
240 ÷ 60 = 4 g/cm³
निष्कर्ष:
वस्तु क का घनत्व 5 g/cm³ और वस्तु ख का घनत्व 4 g/cm³ है।
इसलिए वस्तु ‘क’ अधिक सघन (घनत्व अधिक) है।
10. रीमा के पास प्रतिरूपण मृदा (मॉडलिंग क्ले) का एक टुकड़ा है जिसका वजन 120 g है। वह पहले इसे एक ठोस घन के रूप में ढालती है जिसका आयतन 60 cm³ है। इसके पश्चात वह इसे एक पतले पत्रक के रूप में समतल करती है। अनुमान लगाइए कि इसके घनत्व पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: दिया गया:
द्रव्यमान = 120 g
आयतन = 60 cm³
प्रारम्भिक घनत्व:
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
घनत्व = 120 ÷ 60 = 2 g/cm³
जब रीमा उसी मृदा को पतले पत्रक के रूप में समतल करती है, तब केवल उसका आकार (shape) बदलता है, लेकिन द्रव्यमान और कुल आयतन नहीं बदलते।
निष्कर्ष:
मृदा के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उसका घनत्व पहले की तरह 2 g/cm³ ही रहेगा।
11. लोहे के एक ब्लॉक का द्रव्यमान 600 g और घनत्व 7.9 g/cm³ है। इसका आयतन क्या होगा?
उत्तर: दिया गया:
द्रव्यमान = 600 g
घनत्व = 7.9 g/cm³
सूत्र:
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
अतः
आयतन = द्रव्यमान / घनत्व
परिकलन:
आयतन = 600 ÷ 7.9
आयतन ≈ 75.9 cm³
उत्तर: लोहे के ब्लॉक का आयतन लगभग 75.9 cm³ (लगभग 76 cm³) होगा।
12. आपको चित्र 9.26 (क) और 9.26 (ख) में दर्शाए अनुसार एक प्रयोगात्मक व्यवस्था दी गई है। परखनली (चित्र 9.26, ख) को गरम जल (~70°C) से भरे बीकर में रखने पर काँच की नली में जल के स्तर में वृद्धि हो जाती है। यह घनत्व को किस प्रकार प्रभावित करता है?
उत्तर: जब परखनली को गरम जल (~70°C) में रखा जाता है, तब परखनली के अंदर का जल गरम होकर फैलने (विस्तार) लगता है। फैलने के कारण जल का आयतन बढ़ जाता है, इसलिए काँच की नली में जल का स्तर ऊपर उठ जाता है।
घनत्व पर प्रभाव:
घनत्व = द्रव्यमान / आयतन
गरम करने पर द्रव्यमान समान रहता है, लेकिन आयतन बढ़ जाता है।
इस कारण घनत्व कम हो जाता है।
निष्कर्ष:
जल को गरम करने पर उसका घनत्व घट जाता है, इसलिए काँच की नली में जल का स्तर बढ़ता दिखाई देता है।


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