Solutions For All Chapters – संस्कृत Class 8
पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्
(देखो, कौन-सा स्थान भारत का सुंदर है।)
अभ्यासात् जायते सिद्धिः
१. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखत –
(नीचे लिखे गए प्रश्नों के एक शब्द में उत्तर लिखो।)
(क) अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति? (हमारे देश में कितने राज्य हैं?)
👉 उत्तरम् – अष्टाविंशतिः (अट्ठाईस)
(ख) प्राचीनेतिहासे का स्वाधीनाः आसन्? (प्राचीन इतिहास में कौन स्वतंत्र थीं?)
👉 उत्तरम् – सप्तभगिन्यः (सात बहनें (पूर्वोत्तर राज्य))
(ग) केषां समवायः ‘सप्तभगिन्यः’ इति कथ्यते? (किन राज्यों के समूह को ‘सात बहनें’ कहा जाता है?)
👉 उत्तरम् – अष्टराज्यानाम् (आठ राज्यों के समूह का)
(घ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति? (हमारे देश में कितने केंद्रशासित प्रदेश हैं?)
👉 उत्तरम् – अष्ट (आठ (८))
(ङ) सप्तभगिनी-प्रदेशे कः उद्योगः सर्वप्रमुखः? (सात बहनों के प्रदेशों में कौन-सा उद्योग सबसे प्रमुख है?)
👉 उत्तरम् – वंशोद्योगः (बाँस उद्योग)
२. अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत –
(नीचे लिखे गए प्रश्नों के पूर्ण वाक्य में उत्तर लिखो।)
(क) भ्रातृसहित-भगिनीसप्तके कानि राज्यानि सन्ति?
👉 उत्तरम् – अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरम्, मिजोरमः, मेघालयः, नागालैण्डं, त्रिपुरा च भगिन्यः; सिक्किमः भ्राता अस्ति।
🔸 हिंदी प्रश्न – सात बहनों और भाई के समूह में कौन-कौन से राज्य हैं?
🔸 उत्तर – अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा बहनें हैं; सिक्किम भाई है।
(ख) इमानि राज्यानि सप्तभगिन्यः इति किमर्थं कथ्यन्ते?
👉 उत्तरम् – इमानि राज्यानि सप्तभगिन्य कथ्यन्ते यतः एतेषाम् राज्यानां सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यानां साम्याद् भौगोलिक वैशिष्ट्यात् च इमानि उक्त उपाधिना प्रथितानि।
🔸 हिंदी प्रश्न – इन राज्यों को ‘सात बहनें’ क्यों कहा जाता है?
🔸 उत्तर – इन राज्यों को सामाजिक और सांस्कृतिक समानताओं तथा भौगोलिक विशेषताओं के कारण ‘सप्तभगिनी’ कहा जाता है।
(ग) ऐशान्यकोणप्रदेशेषु के निवसन्ति?
👉 उत्तरम् – ऐशान्यकोणप्रदेशेषु गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा, प्रभृतयः इत्यादयः जनजातीयाः निवसन्ति।
🔸 हिंदी प्रश्न – उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में कौन लोग निवास करते हैं?
🔸 उत्तर – उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा आदि जनजातियाँ निवास करती हैं।
(घ) पूर्वोत्तरप्रादेशिकाः केषु निष्णाताः सन्ति?
👉 उत्तरम् – पूर्वोत्तरप्रादेशिका : बहुभाषाभिः समन्विताः, पूर्वपरम्पराभिः परिपूरिताः स्वलीला-कलासु च निष्णाताः सन्ति ।
🔸 हिंदी प्रश्न – पूर्वोत्तर राज्यों के लोग किन चीज़ों में दक्ष होते हैं?
🔸 उत्तर – उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लोग अनेक भाषाओं से युक्त हैं, परंपराओं से समृद्ध हैं और अपनी लोक-लीलाओं तथा कलाओं में निपुण हैं।
(ङ) वंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः कुत्र क्रियते?
👉 उत्तरम् – वंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः आवस्त्राभूषणेभ्यः गृहनिर्माणपर्यन्तं इति क्रियते ।
🔸 हिंदी प्रश्न – बाँस से बनी वस्तुओं का उपयोग कहाँ होता है?
🔸 उत्तर – बाँस और वृक्षों से बनी वस्तुओं का उपयोग वस्त्र-आभूषणों से लेकर घर निर्माण तक किया जाता है।
३. अधोलिखितेषु पदेषु प्रकृति-प्रत्ययविभागं कुरुत –
(नीचे लिखे गए शब्दों में प्रकृति और प्रत्यय का विभाजन कीजिए।)
यथा – गन्तुम् = गम + ‘तुमुन्
(क) ज्ञातुम् —————— + ——————
(ख) विश्रुतः —————— + ——————
(ग) अतिरिच्य —————— + ——————
(घ) पठनीयम् —————— + ——————
उत्तरम् –
🔹 गन्तुम् = गम् (प्रकृति) + तुमुन् (प्रत्यय)
(क) ज्ञातुम् (जानने के लिए) = ज्ञा + तुमुन्
(ख) विश्रुतः (प्रसिद्ध) = श्रु + क्त (वि + पूर्वसर्ग)
👉 विश्रुतः = वि (उपसर्ग) + श्रु (धातु) + क्त (कृदन्त प्रत्यय)
(ग) अतिरिच्य (अतिरिक्त रूप से) = ऋच् + अतिच (उपसर्ग) + यङ् (प्रत्यय)
👉 अतिरिच्य = अति (उपसर्ग) + ऋच् (धातु) + ल्यप् (कृदन्त प्रत्यय)
(घ) पठनीयम् (पढ़ने योग्य) = पठ् + अनीयर्
४. रेखाङ्कितम् पदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत –
(रेखांकित शब्द के आधार पर प्रश्न बनाइए)
(क) वयं स्वदेशस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः। (हम अपने देश के राज्यों के बारे में जानना चाहते हैं।)
प्रश्नः –वयं कस्य राज्यानां विषये ज्ञातुम् इच्छामः? (हम किस देश के राज्यों के बारे में जानना चाहते हैं ?)
(ख) सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः| (प्राचीन इतिहास में सात बहनें स्वतंत्र देखे गए हैं।)
प्रश्नः – का: प्राचीनेतिहासे के स्वाधीनाः दृष्टाः? (कौन प्राचीन इतिहास में स्वतंत्र देखे गए हैं?)
(ग) प्रदेशेऽस्मिन् हस्तशिल्पानां बाहुल्यं वर्तते। (इस प्रदेश में हस्तशिल्पों की प्रचलन है।)
प्रश्नः – प्रदेशेऽस्मिन् केषाम् बाहुल्यं वर्तते? (इस प्रदेश में किसका अधिक प्रचार/प्रचलन है?)
(घ) एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं स्वर्गसदृशानि । (ये राज्य भ्रमण के लिए स्वर्ग के समान हैं।)
प्रश्नः – एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं कीदृशानि सन्ति? (ये राज्य भ्रमण के लिए किसके समान हैं?)
५. यथानिर्देशम् उत्तरत –
(निर्देशानुसार उत्तर दो।)
(क) महोदये ! मम भगिनी कथयति। अत्र ‘मम’ इति सर्वनामपदं कस्यै प्रयुक्तम् ?
उत्तरम् – ‘मम’ इति सर्वनामपदं ‘भगिन्यै’ प्रयुक्तम्।
🔸 हिंदी अनुवाद –
प्रश्न – “महोदया! मेरी बहन कहती है।” यहाँ ‘मम’ (मेरा/मेरी) यह सर्वनाम शब्द किसके लिए प्रयोग किया गया है?
उत्तराणि : स्वरायै
👉 उत्तर : स्वरायै (स्वरा के लिए)
(ख) सामाजिक-सांस्कृतिकपरिदृश्यानां साम्याद् इमानि उक्तोपाधिना प्रथितानि। अस्मिन् वाक्ये ‘प्रथितानि’ इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम् ?
उत्तरम् – ‘इमानि’ (राज्यानि) अस्मिन वाक्ये प्रथितानि क्रियापदस्य कर्तृपदं अस्ति ।
🔸 हिंदी अनुवाद –
👉 “सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता के कारण ये उक्त उपाधि से प्रसिद्ध हुए हैं।” इस वाक्य में ‘प्रथितानि’ (प्रसिद्ध हुए) इस क्रिया का कर्ता पद क्या है?
उत्तराणि : उपाधिना
👉 उत्तर : उपाधि के द्वारा
(ग) एतेषां राज्यानां पुनः सङ्घटनं विहितम्। अत्र ‘सङ्घटनम्’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम् ?
उत्तरम् – ‘विहितम्’ अत्र ‘सङ्घटनं’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदं अस्ति।
🔸 हिंदी अनुवाद –
👉 “इन राज्यों का पुनः संगठन किया गया।” यहाँ ‘संगठनम्’ (संगठन) इस कर्ता पद की क्रिया क्या है?
उत्तराणि : विहितम्
👉 उत्तर : किया गया / निर्धारित किया गया
(घ) अत्र वंशवृक्षाणां प्राचुर्यं विद्यते। अस्मात् वाक्यात् ‘अल्पता’ इति पदस्य विपरीतार्थकं पदं किम् ?
उत्तरम् – ‘प्राचुर्यम्’ इति विपरीतार्थकं पदं अस्ति।
🔸 हिंदी अनुवाद –
👉 “यहाँ वंशवृक्षों की बहुतायत है।” इस वाक्य से ‘अल्पता’ (कम होना) शब्द का विपरीत अर्थ वाला शब्द चुनकर लिखिए।
उत्तर – ‘प्राचुर्य’ (अधिकता) उसका विलोम है।
(ङ) क्षेत्रपरिमाणैः इमानि लघूनि वर्तन्ते। अस्मिन् वाक्ये ‘सन्ति’ इति क्रियापदस्य समानार्थकं पदं किम् ?
उत्तरम् – ‘वर्तन्ते’ इति समानार्थकं क्रियापदं अस्ति।
🔸 हिंदी अनुवाद –
👉 “क्षेत्रफल की दृष्टि से ये छोटे हैं।” इस वाक्य में ‘सन्ति’ (हैं) क्रिया का समानार्थक शब्द कौन-सा प्रयोग हुआ है?
उत्तर – ‘वर्तन्ते’ शब्द ‘सन्ति’ के समान अर्थ में प्रयुक्त हुआ है।
६. अधः शब्दजालं प्रदत्तम् अस्ति । अस्मिन् उपरितः अधः वामतः दक्षिणं चेति आधारं कृत्वा सार्थक शब्दान् रेखाङ्कयत –
(नीचे शब्द-जाल दिया गया है। उसमें ऊपर, नीचे, बाएँ और दाएँ आधार लेकर सार्थक शब्दों को रेखांकित कीजिए।)
उत्तर :
(क) सिक्किम:
(ख) मणिपुरम्
(ग) त्रिपुरा
(घ) मिजोरमः
(ङ) संस्कृति:
(च) पुर्वोत्तरम्
(छ) भगिन्यः
(ज) गारो
(झ) प्राकृतिक :
(ञ) वृक्षः
(ट) भगिनी
(ठ) अरुणाचल:
(ड) भ्राता
(ढ) मेघालय
(ण) नागालैण्डम्
(त) बहवः
७. पट्टिकातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
(पट्टिका से (शब्द) चुनकर रिक्त स्थानों को भरिए।)
सिक्किमः = सिक्किम , पूर्वोत्तरराज्यानि = पूर्वोत्तर राज्य , अष्टाविंशतिः = अट्ठाईस (२८) , स्वदेशस्य राज्यानाम् = अपने देश के राज्यों के , अरुणाचलप्रदेशः = अरुणाचल प्रदेश , असमः = असम , मणिपुरं = मणिपुर , मिजोरमः = मिजोरम , मेघालयः = मेघालय , नागालैण्डं = नागालैण्ड , त्रिपुरा = त्रिपुरा , जनजातिः = जनजाति , प्राचुर्यम् = प्रचुरता / अधिकता
(क) छात्राः अद्य स्वदेशस्य राज्यानाम् विषये ज्ञातुमिच्छन्ति।
🔸 हिंदी अनुवाद – छात्र आज अपने देश के राज्यों के बारे में जानना चाहते हैं।
(ख) अस्माकं देशे अष्टाविंशतिः राज्यानि तथा अष्ट केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति।
🔸 हिंदी अनुवाद – हमारे देश में 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं।
(ग) सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च इति पूर्वोत्तर राज्यानि कथ्यन्ते।
🔸 हिंदी अनुवाद – ‘सात बहनें और एक भाई’ कहे जाने वाले राज्य पूर्वोत्तर राज्य हैं।
(घ) सप्तभगिन्यः इत्युक्तानि राज्यानि – अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरं, मिजोरमः, मेघालयः, नागालैण्डं, त्रिपुरा च।
🔸 हिंदी अनुवाद – सात बहनों के राज्य हैं: अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा।
(ङ) प्रदेशेऽस्मिन् जनजातिः बाहुल्यम् अस्ति।
🔸 हिंदी अनुवाद – इस प्रदेश में जनजातियों की बहुतायत है।
(छ) पूर्वोत्तरराज्येषु वंशवृक्षाणां प्राचुर्य विद्यते।
🔸 हिंदी अनुवाद – पूर्वोत्तर राज्यों में बाँस के वृक्षों की प्रचुरता है।
८. भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत –
(भिन्न प्रकृति वाला शब्द चुनो)
(क) गच्छति (जाता है), पठति (पढ़ता है), धावति (दौड़ता है), अहसत् (हँसा), क्रीडति (खेलता है)
👉 भिन्नपदं – अहसत्
🔸 हिंदी अर्थ – ‘अहसत्’ (हँसा) भूतकाल में है, शेष सभी वर्तमानकाल (लट् लकार) में हैं।
(ख) छात्रः (छात्र), सेवकः (नौकर), शिक्षकः (अध्यापक), लेखिका (लेखिका), क्रीडकः (खिलाड़ी)
👉 भिन्नपदं – लेखिका
🔸 हिंदी अर्थ – ‘लेखिका’ स्त्रीलिंग है, बाकी सभी पुल्लिंग शब्द हैं।
(ग) पत्रम् (पत्र / पत्ता), मित्रम् (मित्र), पुष्पम् (फूल), आम्रः (आम), फलम् (फल)
👉 भिन्नपदं – आम्रः
🔸 हिंदी अर्थ – ‘आम्रः’ (आम का पेड़) पुल्लिंग है, शेष सभी शब्द नपुंसकलिंग हैं।
(घ) व्याघ्रः (बाघ), भल्लूकः (भालू), गजः (हाथी), कपोतः (कबूतर), शाखा (डाल), वृषभः (बैल), सिंहः (शेर)
👉 भिन्नपदं – शाखा
🔸 हिंदी अर्थ – ‘शाखा’ (टहनी) जड़ (निर्जीव) वस्तु है, शेष सभी जानवर हैं।
(ङ) पृथिवी (पृथ्वी), वसुन्धरा (धरती), धरित्री (पृथ्वी), यानम् (वाहन), वसुधा (धरती)
👉 भिन्नपदं – यानम्
🔸 हिंदी अर्थ – ‘यानम्’ (वाहन) कृत्रिम वस्तु है, शेष सभी पृथ्वी के नाम हैं।
९. विशेष्य- विशेषणानाम् उचितं मेलनं कुरुत –
(विशेष्य-विशेषणानाम् उचितं मेलनं कुरुत।)
| विशेषण – पदानि (विशेषण) | विशेष्य – पदानि (विशेष्य) | हिंदी अनुवाद |
|---|---|---|
| अयम् | प्रदेशः | यह प्रदेश |
| संस्कृतिविशिष्टायाम् | भारतभूमौ | संस्कृति-विशिष्ट भारतभूमि में |
| महत्त्वाधायिनी | संस्कृतिः | महत्व प्रदान करने वाली संस्कृति |
| प्राचीने | इतिहासे | प्राचीन इतिहास में |
| एकः | समवायः | एक समूह |



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