MCQ Chapter 15 हिंदी आरोह Class 12 Hindi Aroh CBSE Board Advertisement श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज 1. जाति-प्रथा के समर्थक इसे किसका दूसरा रूप मानते हैं?श्रम विभाजनसामाजिक समताराजनीतिक स्वतंत्रतालोकतंत्रQuestion 1 of 202. आंबेडकर के अनुसार जाति-प्रथा केवल श्रम विभाजन ही नहीं, बल्कि किसका भी रूप है?धन विभाजनश्रमिकों का विभाजनशिक्षा विभाजनराजनीतिक विभाजनQuestion 2 of 203. जाति-प्रथा श्रमिकों के विभिन्न वर्गों के साथ कैसा व्यवहार करती है?सभी को समान मानती हैसभी को स्वतंत्र करती हैउन्हें ऊँच-नीच के क्रम में बाँटती हैसभी को एक ही पेशा देती हैQuestion 3 of 204. आंबेडकर के अनुसार श्रम विभाजन किस आधार पर होना चाहिए?जन्म के आधार परमाता-पिता के सामाजिक स्तर के आधार परजाति के आधार परव्यक्ति की रुचि और क्षमता के आधार परQuestion 4 of 205. जाति-प्रथा में व्यक्ति का पेशा मुख्यतः किस आधार पर निर्धारित किया जाता है?माता-पिता के सामाजिक स्तर और पैतृक पेशे के आधार परव्यक्ति की व्यक्तिगत रुचि के आधार परव्यक्ति की शिक्षा के आधार परव्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा के आधार परQuestion 5 of 206. जाति-प्रथा व्यक्ति को किस प्रकार पेशे से बाँध देती है?केवल शिक्षा के समय तकजीवनभर एक पेशे में बाँधकरकेवल कुछ वर्षों के लिएकेवल विदेश मेंQuestion 6 of 207. आंबेडकर के अनुसार जाति-प्रथा भारत में बेरोजगारी का प्रमुख कारण क्यों है?यह शिक्षा को अनिवार्य बनाती हैयह उद्योगों को बढ़ावा देती हैयह व्यक्ति को पैतृक पेशा बदलने की अनुमति नहीं देतीयह सभी को समान रोजगार देती हैQuestion 7 of 208. जाति-प्रथा के कारण व्यक्ति निर्धारित कार्य को अरुचि से क्यों करता है?उसे अधिक वेतन मिलता हैउसे काम की आवश्यकता नहीं होतीउसे अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता हैवह अपनी इच्छा के विरुद्ध कार्य करने के लिए विवश होता हैQuestion 8 of 209. आंबेडकर के अनुसार जाति-प्रथा आर्थिक दृष्टि से हानिकारक क्यों है?यह व्यक्ति की स्वाभाविक रुचि, प्रेरणा और आत्मशक्ति को दबाती हैयह सभी को समान अवसर देती हैयह व्यक्ति को पेशा बदलने की स्वतंत्रता देती हैयह श्रमिकों की क्षमता बढ़ाती हैQuestion 9 of 2010. आदर्श समाज में वांछित परिवर्तन किस प्रकार संचारित होने चाहिए?केवल एक वर्ग तकसमाज के एक छोर से दूसरे छोर तककेवल शासकों तककेवल शिक्षित लोगों तकQuestion 10 of 2011. आंबेडकर के अनुसार आदर्श समाज में सामाजिक जीवन के लिए क्या आवश्यक है?लोगों के बीच दूरीकेवल औपचारिक संपर्कसंपर्क के अनेक साधन और अवसरअलग-अलग वर्गों में स्थायी विभाजनQuestion 11 of 2012. आंबेडकर के अनुसार स्वतंत्रता में कौन-सा अधिकार शामिल है?केवल शासन करने का अधिकारकेवल धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिकारकेवल संपत्ति जमा करने का अधिकारअपना व्यवसाय चुनने और अपनी शक्ति का प्रभावशाली उपयोग करने का अधिकारQuestion 12 of 2013. आंबेडकर के अनुसार दासता का अर्थ केवल क्या नहीं है?कानूनी पराधीनतादूसरों द्वारा निर्धारित कर्तव्यों का पालन करने की विवशताइच्छा के विरुद्ध पेशा अपनानास्वतंत्रता से वंचित होनाQuestion 13 of 2014. आंबेडकर के अनुसार मनुष्यों की क्षमता किन तीन बातों पर निर्भर करती है?धन, पद और प्रतिष्ठाशारीरिक वंश परंपरा, सामाजिक उत्तराधिकार और अपने प्रयत्नजाति, धर्म और भाषाजन्मस्थान, व्यवसाय और संपत्तिQuestion 14 of 2015. सामाजिक उत्तराधिकार में कौन-सी उपलब्धियाँ शामिल हैं?केवल पैतृक संपत्तिकेवल पारिवारिक प्रतिष्ठामाता-पिता की कल्याण-कामना, शिक्षा और वैज्ञानिक ज्ञानार्जनकेवल जन्म से प्राप्त व्यवसायQuestion 15 of 2016. आंबेडकर के अनुसार किन आधारों पर असमान व्यवहार अनुचित है?व्यक्ति के अपने प्रयत्नों परव्यक्ति की स्वेच्छा परव्यक्ति की विकसित क्षमता परशारीरिक वंश परंपरा और सामाजिक उत्तराधिकार परQuestion 16 of 2017. समाज के सदस्यों से अधिकतम उपयोगिता प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?सभी को आरंभ से समान अवसर और समान व्यवहार देनालोगों को जन्म के आधार पर अलग करनाकेवल संपन्न लोगों को अवसर देनापेशा चुनने की स्वतंत्रता समाप्त करनाQuestion 17 of 2018. आंबेडकर के अनुसार राजनीतिज्ञ सभी मनुष्यों के साथ समान व्यवहार क्यों करता है?क्योंकि सभी मनुष्य प्रत्येक क्षमता में समान होते हैंक्योंकि सभी का वर्गीकरण और श्रेणीकरण संभव नहीं होताक्योंकि सभी की आवश्यकताएँ एक जैसी होती हैंक्योंकि सभी मनुष्यों की क्षमताएँ बिल्कुल समान होती हैंQuestion 18 of 2019. आंबेडकर के अनुसार समता का व्यावहारिक महत्त्व क्या है?यह केवल कल्पना है और उपयोगी नहीं हैयह लोगों को अलग-अलग श्रेणियों में बाँटती हैयह व्यवहार का व्यावहारिक सिद्धांत और कसौटी हैयह केवल कानून तक सीमित हैQuestion 19 of 2020. आंबेडकर के विचार में सुविधा-संपन्न लोगों को ही उत्तम व्यवहार का हकदार मानना क्यों अनुचित है?क्योंकि वे शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकतेक्योंकि वे समाज में कोई योगदान नहीं देतेक्योंकि उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिलतीक्योंकि ऐसा निर्णय पहले से सुविधा-संपन्न लोगों के पक्ष में होता हैQuestion 20 of 20 Loading...
Leave a Reply