Solutions For All Chapters – संस्कृत Class 7
ईशावास्यम् इदं सर्वम




वयम् अभ्यासं कुर्मः
१. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखन्तु —
(क) दैत्यराजः कः? (राक्षसों का राजा कौन है?)
उत्तर हिरण्यकशिपुः (हिरण्यकशिपु)
(ख) के हिरण्यकशिपुं ध्यायन्ति? (हिरण्यकशिपु का ध्यान कौन करते हैं?)
उत्तर राक्षसाः (राक्षस)
(ग) किं देवेभ्यः न दास्यन्ति? (देवताओं को क्या नहीं देंगे?)
उत्तर यज्ञभागः (यज्ञ का भाग)
(घ)कस्य दलनेन अपि सः जीवति? (किसके कुचलने पर भी वह जीवित रहता है?)
उत्तर गजस्य (हाथी का)
(ङ)राक्षसाः कुतः प्रह्लादं पातितवन्तः? (राक्षसों ने प्रह्लाद को कहाँ से गिराया?)
उत्तर शिखरात् (पर्वत की चोटी से)
(च)हिरण्यकशिपुः कस्मात् वरं प्राप्तवान्? (हिरण्यकशिपु ने किससे वर प्राप्त किया?)
उत्तर ब्रह्मतः (ब्रह्मा से)
(छ) हरिः कुत्र अस्ति इति कः वदति? (हरि कहाँ है, यह कौन कहता है?)
उत्तर प्रह्लादः (प्रह्लाद)
२. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानाम् पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखन्तु –
(क) के भीताः तिष्ठन्ति? (कौन डरे हुए खड़े रहते हैं?)
उत्तरः सुराः असुराः यक्ष – गन्धर्व – किन्नराः भवतः सर्वे भीताः तिष्ठन्ति। (देवता, असुर, यक्ष, गन्धर्व और किन्नर – आप सब भयभीत खड़े रहते हैं।)
(ख) प्रह्लादः अहर्निशं किं करोति? (प्रह्लाद दिन-रात क्या करता है?)
उत्तरः प्रह्लादः अहर्निशं हिरण्यकशिपुस्य शत्रोः हरेः गुणगानं करोति । (प्रह्लाद दिन-रात हिरण्यकशिपु के शत्रु भगवान हरि के गुणों का गान करता है।)
(ग) प्रह्लादं कथं समुद्रे क्षिप्तवन्तः? (प्रह्लाद को समुद्र में कैसे फेंका गया?)
उत्तरः प्रह्लादं रज्ज्वा बद्ध्वा समुद्रमध्ये क्षिप्तवन्तः । (प्रह्लाद को रस्सी से बाँधकर समुद्र के बीच में फेंक दिया।)
(घ) नृसिंहः कथं बहिः आगच्छति? (नृसिंह बाहर कैसे प्रकट होते हैं?)
उत्तरः हिरण्यकशिपुः स्तम्भं प्रहरति । महता गर्जनेन नृसिंह: बहिः आगच्छति। (हिरण्यकशिपु स्तम्भ पर प्रहार करता है। बड़े गर्जन के साथ नृसिंह बाहर आते हैं।)
(ङ) हिरण्यकशिपुः केन स्तम्भं भङ्क्ष्यामि इति वदति? (हिरण्यकशिपु किससे स्तम्भ को तोड़ने की बात करता है?)
उत्तरः हिरण्यकशिपुः खड्गेन स्तम्भं भक्ष्यामि इति वदति । (हिरण्यकशिपु तलवार से स्तम्भ को काट डालूँगा, ऐसा कहता है।)
३. उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयन्तु —
| क्रमांक | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | हिन्दी |
|---|---|---|---|---|
| (क) | रामेण | रामाभ्याम् | रामैः | राम से, दो रामों से, कई रामों से |
| (ख) | चमसेन | चमसाभ्याम् | चमसैः | चम्मच से, दो चम्मचों से, कई चम्मचों से |
| (ग) | आचार्येण | आचार्याभ्याम् | आचार्यैः | आचार्य से, दो आचार्यों से, कई आचार्यों से |
| (घ) | आसनेन | आसनाभ्याम् | आसनैः | आसन से, दो आसनों से, कई आसनों से |
| (ङ) | बालिकया | बालिकाभ्याम् | बालिकाभिः | बालिका से, दो बालिकाओं से, कई बालिकाओं से |
| (च) | पेटिकया | पेटिकाभ्याम् | पेटिकाभिः | पेटिका से, दो पेटिकाओं से, कई पेटिकाओं से |
| (छ) | मित्रेण | मित्राभ्याम् | मित्रैः | मित्र से, दो मित्रों से, कई मित्रों से |
| (ज) | वस्त्रेण | वस्त्राभ्याम् | वस्त्रैः | वस्त्र से, दो वस्त्रों से, कई वस्त्रों से |
४. उदाहरणानुसारं रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुर्वन्तु —
(क) “हिरण्यकशिपुः” आगच्छति। (हिरण्यकशिपु आता है।)
उत्तर कः आगच्छति? (कौन आता है?)
(ख) “सुरासुराः” सर्वे भीताः भविष्यन्ति। (देवता और असुर सभी डर जाएंगे।)
उत्तर के भीताः भविष्यन्ति? (कौन डर जाएंगे?)
(ग) दैत्यराजः “खड्गेन” प्रहरति। (राक्षसराज तलवार से प्रहार करता है।)
उत्तर दैत्यराजः केन प्रहरति? (राक्षसराज किससे प्रहार करता है?)
(घ) अहं “प्रह्लादं” मारयिष्यामि। (मैं प्रह्लाद को मारूँगा।)
उत्तर त्वं कम् मारयिष्यसि? (तुम किसे मारोगे?)
(ङ) तात! हरिः तु “सर्वत्र” अस्ति। (पिताजी! भगवान हरि तो सर्वत्र (हर जगह) हैं।)
उत्तर हरिः कुत्र अस्ति? (हरि कहाँ हैं?)
(च) “पुत्रस्य” विषये वक्तुम् इच्छति। (वह पुत्र के विषय में कहना चाहता है।)
उत्तर कस्य विषये वक्तुम् इच्छति? (किसके विषय में कहना चाहता है?)
(छ) नृसिंहः “निजनखैः” हिरण्यकशिपुं मारितवान्। (नृसिंह ने अपने नाखूनों से हिरण्यकशिपु को मारा।)
उत्तर नृसिंहः केन हिरण्यकशिपुं मारितवान्? (नृसिंह ने हिरण्यकशिपु को किससे मारा?)
५. अध: प्रदत्तेषु रिक्तस्थानेषु तृतीया – विभक्त्यन्तानि रूपाणि लिखन्तु —
(क) अहं मम खड्गेन स्तम्भं भङ्क्ष्यामि।
मैं अपनी तलवार से स्तम्भ को तोड़ूँगा।
(ख) प्रह्लादः गजस्य पददलनेन अपि जीवति।
प्रह्लाद हाथी के पैर से कुचले जाने पर भी जीवित रहता है।
(ग) सर्वे जनाः नारायणेन अनुगृहीताः।
सभी लोग नारायण द्वारा अनुगृहीत हैं।
(घ) निजनखैः तव वक्ष:स्थलं विदीर्य मारयिष्यामि।
मैं अपने नाखूनों से तुम्हारी छाती फाड़कर मार डालूँगा।
(ङ) बालिकाः शिक्षिकया सह चर्चां कुर्वन्ति।
बालिकाएँ शिक्षिका के साथ चर्चा करती हैं।
६. उदाहरणानुसारं संयोज्य लिखन्तु –
| क्रम | शब्द संयोजन | उत्तर (संयुक्त शब्द) |
|---|---|---|
| (क) | रमा + ईशः | रमेशः |
| (ख) | सुर + ईश्वरः | सुरेशः |
| (ग) | नाग + इन्द्रः | नागेन्द्रः |
| (घ) | गज + इन्द्रः | गजेन्द्रः |
| (ङ) | माता + इव | मातेव |
| (च) | राम + इति | राम इति |
| (छ) | पर + उपकारः | परोपकारः |
| (ज) | मम + उपरि | ममोपरी |
| (झ) | सूर्य + उदयः | सूर्योदयः |
| (ञ) | रामेण + उक्तम् | रामोक्तम् |
| (ट) | तस्य + उपरि | तस्योपरी |
७. उदाहरणानुसारं वाक्यानि वर्तमानकालतः भविष्यत्काले परिवर्तयन्तु –
| क्रम | वर्तमानकालः वाक्य (अब) | हिन्दी अनुवाद (वर्तमानकाल) | भविष्यत्कालः वाक्य (भविष्य में) | हिन्दी अनुवाद (भविष्यत्काल) |
|---|---|---|---|---|
| (क) | सा आपणं गच्छति। | वह बाजार जाती है। | सा आपणं गमिष्यति। | वह बाजार जाएगी। |
| (ख) | रमा क्रीडाङ्गणे क्रीडति। | रमा खेल के मैदान में खेलती है। | रमा क्रीडाङ्गणे क्रीडिष्यति। | रमा खेल के मैदान में खेलेगी। |
| (ग) | बालाः फलानि खादन्ति। | बच्चे फल खाते हैं। | बालाः फलानि खादिष्यन्ति। | बच्चे फल खाएँगे। |
| (घ) | ताः योगासनं कुर्वन्ति। | वे योगासन करती हैं। | ताः योगासनं करिष्यन्ति। | वे योगासन करेंगी। |
| (ङ) | अहं नित्यं पठामि। | मैं प्रतिदिन पढ़ता/पढ़ती हूँ। | अहं नित्यं पठिष्यामि। | मैं प्रतिदिन पढ़ूँगा/पढ़ूँगी। |
| (च) | त्वं कस्मिन् विषये वदसि? | तुम किस विषय में कहते हो? | त्वं कस्मिन् विषये वदिष्यसि? | तुम किस विषय में कहोगे? |
| (छ) | आवां पाठं लिखावः। | हम दोनों पाठ लिखते हैं। | आवां पाठं लिखिष्यावः। | हम दोनों पाठ लिखेंगे। |
| (ज) | यूयं शालां गच्छथ। | आप लोग स्कूल जाते हैं। | यूयं शालां गमिष्यथ। | आप लोग स्कूल जाएँगे। |
| (झ) | ते बालिके वैद्ये भवतः। | वे बालिकाएँ डॉक्टर बनती हैं। | ते बालिके वैद्ये भविष्यन्ति। | वे बालिकाएँ डॉक्टर बनेंगी। |
| (ञ) | वयं श्लोकान् स्मरामः। | हम श्लोकों को याद करते हैं। | वयं श्लोकान् स्मरिष्यामः। | हम श्लोकों को याद करेंगे। |
८. उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयन्तु –
| क्रम | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | हिन्दी अनुवाद (भविष्यत्काल) |
|---|---|---|---|---|
| (क) | बालकः कार्यं करिष्यति। | बालकौ कार्यं करिष्यतः। | बालकाः कार्यं करिष्यन्ति। | बालक कार्य करेगा, दो बालक करेंगे, सभी करेंगे। |
| (ख) | सः शालां गमिष्यति। | तौ शालां गमिष्यतः। | ते शालां गमिष्यन्ति। | वह/वे स्कूल जाएगा/जाएँगे। |
| (ग) | त्वं श्लोकं वदिष्यसि। | युवां श्लोकं वदिष्यथः। | यूयं श्लोकं वदिष्यथ। | तुम/दो तुम/सब मिलकर श्लोक कहोगे। |
| (घ) | अहं पुस्तकानि दास्यामि। | आवां पुस्तकानि दास्यावः। | वयं पुस्तकानि दास्यामः। | मैं/हम दोनों/हम सब पुस्तकें देंगे। |
| (ङ) | छात्रः प्रदर्शनीं द्रक्ष्यति। | छात्रौ प्रदर्शनीं द्रक्ष्यतः। | छात्राः प्रदर्शनीं द्रक्ष्यन्ति। | छात्र/दो छात्र/सभी छात्र प्रदर्शनी देखेंगे। |
| (च) | अहं भगवद्गीतां श्रोष्यामि। | आवां भगवद्गीतां श्रोष्यावः। | वयं भगवद्गीतां श्रोष्यामः। | मैं/हम दोनों/हम सब भगवद्गीता सुनेंगे। |
| (छ) | सा कथां लेखिष्यति। | बालिके कथां लेखिष्यतः। | ताः बालिकाः कथां लेखिष्यन्ति। | वह/दो/सभी बालिकाएँ कहानी लिखेंगी। |
| (ज) | अहं किं खादिष्यामि? | आवां किं खादिष्यावः? | यूयं किं खादिष्यथ? | मैं/हम दोनों/आप लोग क्या खाओगे? |

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