🎲 अध्याय 7: संभावनाओं का गणित — प्रायिकता का परिचय
कक्षा 9 | गणित मंजरी (Ganit Manjari) | महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
🔢 सूत्र त्वरित संदर्भ
| राशि | सूत्र / व्याख्या |
|---|---|
| प्रायिकता का पैमाना | 0 (असंभव) से 1 (निश्चित) तक, अर्थात 0 ≤ P(E) ≤ 1 |
| प्रायोगिक प्रायिकता | = घटना के घटित होने की संख्या ÷ परीक्षण की कुल संख्या |
| सैद्धांतिक प्रायिकता P | = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ सभी संभावित परिणामों की संख्या |
| सापेक्षिक आवृत्ति | घटना की संख्या ÷ कुल परीक्षण की संख्या (प्रायोगिक प्रायिकता के समान) |
| प्रतिदर्श समष्टि (S) | किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समुच्चय |
| प्रतिदर्श आकार | n(S) से निरूपित — समष्टि में तत्वों की संख्या |
| घटना (Event) | प्रतिदर्श समष्टि का उपसमुच्चय (सबसेट) |
| वृक्ष आरेख | बहु-चरणीय प्रयोग के सभी संभावित परिणामों को सूचीबद्ध करने की विधि |
🔹 भाग 1: लघु उत्तरीय प्रश्न (15 प्रश्न)
प्रश्न 1: प्रायिकता क्या है?⭐
उत्तर: जिस प्रकार हम लंबाई, क्षेत्रफल अथवा आयतन जैसी राशियों को मापते हैं, उसी प्रकार प्रायिकता भी एक प्रकार का मापन है, जिसका उपयोग किसी घटना के घटित होने की संभावना को मापने में किया जाता है।
प्रश्न 2: यादृच्छिकता (Randomness) क्या है?⭐
उत्तर: यादृच्छिकता एक ऐसी परिस्थिति या क्रिया (जैसे सिक्के को उछालना अथवा पासा फेंकना) से संबंधित है, जहाँ आप यह अनुमान नहीं लगा सकते कि निश्चित रूप से आगे क्या होगा।
प्रश्न 3: प्रायिकता को किस पैमाने पर मापा जाता है?⭐
उत्तर: किसी घटना के घटित होने की संभावना को प्रकट करने के लिए प्रायिकता को 0 से 1 तक के पैमाने पर मापा जाता है।
प्रश्न 4: समप्रायिक (Equally Likely) परिणाम किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: जब किसी प्रयोग में सभी संभावित परिणामों की संभावना समान होती है, तो उन्हें समप्रायिक अर्थात समान संभावना वाले परिणाम कहते हैं। उदाहरण: सिक्का उछालने पर चित और पट आने की प्रायिकता।
प्रश्न 5: असंभव घटना की प्रायिकता क्या होती है?⭐
उत्तर: यदि किसी घटना की प्रायिकता 0 है तो इसका अर्थ है कि वह घटना असंभव है (जैसे बिना खेले विजयी होना)।
प्रश्न 6: निश्चित रूप से घटित होने वाली घटना की प्रायिकता क्या होती है?⭐
उत्तर: यदि किसी घटना की प्रायिकता 1 है तो इसका आशय यह है कि वह घटना निश्चित रूप से घटित होगी।
प्रश्न 7: प्रायोगिक प्रायिकता का सूत्र लिखिए।⭐⭐
उत्तर: प्रायोगिक प्रायिकता = घटना के घटित होने की संख्या ÷ परीक्षण की कुल संख्या।
प्रश्न 8: सैद्धांतिक प्रायिकता का सूत्र लिखिए।⭐⭐
उत्तर: सैद्धांतिक प्रायिकता (P) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ सभी संभावित परिणामों की संख्या।
प्रश्न 9: प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) किसे कहते हैं?⭐⭐
उत्तर: किसी प्रयोग में सभी संभावित परिणामों के समुच्चय को प्रतिदर्श समष्टि कहते हैं, जिसे ‘S’ से निरूपित किया जाता है।
प्रश्न 10: प्रतिदर्श आकार को किस संकेत से दर्शाया जाता है?⭐⭐
उत्तर: प्रतिदर्श समष्टि में तत्वों की संख्या को प्रतिदर्श आकार कहा जाता है और इसे ‘n(S)’ से निरूपित किया जाता है।
प्रश्न 11: घटना (Event) किसे कहते हैं?⭐⭐
उत्तर: कोई घटना एक संभावित परिणाम अथवा परिणामों का संयोजन होती है जो तब घटित हो सकती है जब आप कोई यादृच्छिक गतिविधि करते हैं। कोई घटना, एक प्रतिदर्श समष्टि का उपसमुच्चय होती है।
प्रश्न 12: एक सिक्के को उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि क्या होगी?⭐⭐
उत्तर: प्रतिदर्श समष्टि S = {चित (H), पट (T)} होगी और प्रतिदर्श आकार 2 होगा।
प्रश्न 13: एक पासा फेंकने पर प्रतिदर्श समष्टि क्या होगी?⭐⭐
उत्तर: प्रतिदर्श समष्टि S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} होगी और प्रतिदर्श आकार 6 होगा।
प्रश्न 14: द्यूतकार (गेंबलर) का भ्रम क्या है?⭐⭐
उत्तर: यह भ्रम है कि यदि कोई घटना यादृच्छिक रूप से एक शृंखला में कई बार घटित होती है (जैसे लगातार छह बार चित आना) तो अगली बार उसके विपरीत परिणाम की अधिक संभावना हो जाती है। वास्तव में सिक्के या पासे की कोई स्मृति नहीं होती, अतः प्रत्येक बार प्रायिकता पहले के समान ही रहती है।
प्रश्न 15: वृक्ष आरेख (Tree Diagram) किसे कहते हैं?⭐⭐
उत्तर: वृक्ष आरेख एक दृश्यांकन है जिसका उपयोग बहु-चरणीय प्रयोग के सभी संभावित परिणामों को सूचीबद्ध करने के लिए किया जाता है। वृक्ष की प्रत्येक शाखा एक संभावित परिणाम को दर्शाती है।
🔹 भाग 2: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (10 प्रश्न)
प्रश्न 1: मान लीजिए, आप एक पासा 50 बार फेंकते हैं और उसमें ठीक 8 बार 4 प्राप्त होता है। पासे पर 4 प्राप्त होने की प्रायोगिक प्रायिकता ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: परीक्षण की कुल संख्या = 50, घटना के घटित होने की संख्या (4 आना) = 8
सूत्र: प्रायोगिक प्रायिकता = घटना के घटित होने की संख्या ÷ परीक्षण की कुल संख्या
चरण 1: पासे पर 4 प्राप्त होने की प्रायोगिक प्रायिकता = 8/50
∴ उत्तर = 8/50 = 0.16 अथवा 16% (यह 4 की सापेक्षिक आवृत्ति भी है)
प्रश्न 2: यदि आप एक आदर्श षट्फलकीय पासे को फेंकते हैं तो पासे पर 4 प्राप्त होने की सैद्धांतिक प्रायिकता क्या है? ⭐⭐⭐
दिया है: षट्फलकीय पासा (1 से 6 तक अंक)
सूत्र: सैद्धांतिक प्रायिकता (P) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ सभी संभावित परिणामों की संख्या
चरण 1: अनुकूल परिणामों की संख्या = 1 (केवल संख्या 4)
चरण 2: सभी संभावित परिणामों की संख्या = 6 (1 से लेकर 6 तक की संख्याएँ)
∴ उत्तर = P (पासे पर 4 प्राप्त होना) = 1/6 = 0.1666… ≈ 0.167 अथवा 16.7%
प्रश्न 3: ‘PROBABILITY’ शब्द से एक अक्षर का यादृच्छिक रूप से चयन किया जाता है। ‘B’ अक्षर के चयनित होने की प्रायिकता क्या है? ⭐⭐⭐
दिया है: शब्द ‘PROBABILITY’
चरण 1: अनुकूल परिणामों की संख्या = 2 (‘PROBABILITY’ शब्द में दो ‘B’ हैं)
चरण 2: सभी संभावित परिणामों की संख्या = 11 (‘PROBABILITY’ शब्द में 11 अक्षर हैं)
∴ उत्तर = P (अक्षर ‘B’ को चुनना) = 2/11 = 0.1818… ≈ 0.182 अथवा 18.2%
प्रश्न 4: मान लीजिए, आप अपनी कक्षा के 50 विद्यार्थियों के प्रिय फल की सूचना संग्रहीत करते हैं — 20 विद्यार्थी आम पसंद करते हैं, 15 सेब, 10 केला और 5 अंगूर पसंद करते हैं। कक्षा से यादृच्छिक रूप से चयनित विद्यार्थी का प्रिय फल आम होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। यदि विद्यालय में 1500 विद्यार्थी हैं तो कितने आमों की आवश्यकता होगी? ⭐⭐⭐
दिया है: कुल विद्यार्थी = 50, आम पसंद करने वाले विद्यार्थी = 20
सूत्र: आम के प्रिय फल होने की प्रायिकता = विद्यार्थियों की संख्या जिनका प्रिय फल आम है ÷ विद्यार्थियों की कुल संख्या
चरण 1: प्रायिकता = 20/50 = 0.4 अथवा 40%
चरण 2: संपूर्ण विद्यालय (1500 विद्यार्थी) के लिए अनुमान — 1500 का 40%
∴ उत्तर = कक्षा में यादृच्छिक चयनित विद्यार्थी का प्रिय फल आम होने की संभावना 0.4 (40%) है, तथा 1500 विद्यार्थियों के विद्यालय के लिए लगभग 600 आमों की आवश्यकता होगी।
प्रश्न 5: मान लीजिए, आप साँप-सीढ़ी खेल रहे हैं और निरंतर तीन बार पासा फेंकने पर तीनों बार 6 प्राप्त होता है। क्या अगली बार 6 आने की संभावना कम हो जाएगी? स्पष्ट कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: पासा लगातार तीन बार फेंकने पर तीनों बार 6 प्राप्त हुआ
चरण 1: यह सोचना कि “अगली बार 6 आने की कोई संभावना नहीं है” द्यूतकार का भ्रम है, क्योंकि प्रत्येक बार जब पासा फेंका जाता है तो वह एक स्वतंत्र घटना होती है।
चरण 2: पासे पर 6 आने की प्रायिकता सदैव ही 1/6 ≈ 0.166 अथवा 16.6% होती है, चाहे पहले जो भी परिणाम प्राप्त हुए हों।
∴ उत्तर = पूर्व की घटना के आधार पर कोई भी परिवर्तन नहीं होता, अगली बार भी 6 आने की प्रायिकता 1/6 ही रहेगी।
प्रश्न 6: प्रयोग — एक निष्पक्ष सिक्का दो बार उछाला जाता है। इसका वृक्ष आरेख द्वारा प्रतिदर्श समष्टि ज्ञात कीजिए तथा दो बार चित (HH) आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: निष्पक्ष सिक्के को दो बार उछाला जाता है
चरण 1: वृक्ष आरेख से — प्रथम उछाल में H या T, फिर प्रत्येक से द्वितीय उछाल में H या T — कुल 4 संभावित परिणाम प्राप्त होते हैं।
चरण 2: प्रतिदर्श समष्टि S = {HH, HT, TH, TT}
चरण 3: सैद्धांतिक प्रायिकता (P) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ संभावित परिणामों की कुल संख्या। HH का अनुकूल परिणाम = 1, कुल परिणाम = 4
∴ उत्तर = HH की प्रायिकता = 1/4 = 0.25 अथवा 25%
प्रश्न 7: प्रायिकता पैमाने के अनुसार निम्नलिखित घटनाओं को वर्गीकृत कीजिए (जैसा दस्तावेज़ की तालिका में दिया गया है) — (i) एक पासे पर 6 से बड़ी संख्या आना (ii) एक मानक पासे पर 3 आना (iii) सिक्का उछालने पर चित आना (iv) ताश के 52 पत्तों में से 2 से 10 तक की संख्या वाला पत्ता निकालना (v) सभी लाल मिठाइयों के थैले से 1 लाल मिठाई निकालना। ⭐⭐⭐
(i) एक पासे पर 6 से बड़ी संख्या आना — असंभव, क्योंकि पासे में केवल 1 से 6 तक की संख्याएँ होती हैं।
(ii) एक मानक पासे पर 3 आना — कम संभावित, परंतु असंभव नहीं क्योंकि पासे का एक फलक 3 है।
(iii) सिक्का उछालने पर चित आना — समप्रायिक संभावना, चित या पट आने की संभावना समान है।
(iv) ताश के 52 पत्तों में से 2 से 10 तक की संख्या वाला पत्ता निकालना — अधिक संभावित, क्योंकि ऐसे 36 पत्ते होते हैं।
∴ उत्तर (v) सभी लाल मिठाइयों के थैले से 1 लाल मिठाई निकालना — निश्चित, क्योंकि सभी मिठाइयाँ लाल हैं।
प्रश्न 8: प्रतिदर्श समष्टि के तीन उदाहरण लिखिए — (i) एक सिक्का उछालना (ii) एक पासा फेंकना (iii) दो सिक्कों को उछालना, प्रत्येक का प्रतिदर्श आकार भी बताइए। ⭐⭐⭐
(i) एक सिक्का उछालना — प्रयोग: एक बार निष्पक्ष सिक्का उछालना। प्रतिदर्श समष्टि S = {चित (H), पट (T)}, प्रतिदर्श आकार = 2
(ii) एक पासा फेंकना — प्रयोग: एक मानकीकृत षट्फलकीय पासा फेंकना। प्रतिदर्श समष्टि S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, प्रतिदर्श आकार = 6
∴ उत्तर (iii) दो सिक्कों को उछालना — प्रयोग: एक साथ दो सिक्कों को उछालना। प्रतिदर्श समष्टि S = {HH, HT, TH, TT}, प्रतिदर्श आकार = 4
प्रश्न 9: निम्नलिखित के लिए प्रतिदर्श समष्टि और घटना (E) दोनों लिखिए — (i) दो सिक्कों को उछालना, घटना: कम-से-कम एक सिक्का चित प्रदर्शित करता है (ii) षट्फलकीय पासा फेंकना, घटना: पासे पर प्राप्त संख्या 4 से अधिक है (iii) टोकरी से फल निकालना (सेब, केला, संतरा), घटना: वह फल निकालना जो पीला हो। ⭐⭐⭐
(i) दो सिक्कों को उछालना — प्रतिदर्श समष्टि S = {HH, HT, TH, TT}। घटना E = {HH, HT, TH} (कम-से-कम एक चित)
(ii) षट्फलकीय पासा फेंकना — प्रतिदर्श समष्टि S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}। घटना E = {5, 6} (4 से अधिक संख्या)
∴ उत्तर (iii) टोकरी से फल निकालना — प्रतिदर्श समष्टि S = {सेब, केला, संतरा}। घटना E = {केला} (वह फल जो पीला हो)
प्रश्न 10: यादृच्छिकता (Randomness) को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए कि सिक्का उछालना और पासा फेंकना यादृच्छिक क्यों माने जाते हैं। ⭐⭐⭐
दिया है: यादृच्छिकता की परिभाषा — यह एक ऐसी परिस्थिति है जहाँ आप यह अनुमान नहीं लगा सकते कि निश्चित रूप से आगे क्या होगा।
चरण 1 (सिक्का उछालना): आप जानते हैं कि परिणाम चित (H) या पट (T) ही आ सकता है, परंतु किसी उछाल में दोनों में से कौन-सा परिणाम आने वाला है, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।
चरण 2 (पासा फेंकना): आप जानते हैं कि संभावित परिणाम 1, 2, 3, 4, 5 या 6 हैं, परंतु आप यह नहीं जानते कि किसी विशिष्ट अवसर में पासा फेंकने पर कौन-सा अंक आएगा।
∴ उत्तर = ये दोनों प्रेक्षण (प्रयोग या परीक्षण) अपनी अनिश्चितता के कारण यादृच्छिक कहलाते हैं — सभी संभावित परिणाम ज्ञात होते हैं परंतु प्रत्येक विशिष्ट प्रयास का परिणाम अप्रत्याशित होता है।

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