🔢 अध्याय 8: अगले पद का पूर्वानुमान — अनुक्रमों और श्रेढ़ियों का अन्वेषण
कक्षा 9 | गणित मंजरी (Ganit Manjari) | महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
सूत्र त्वरित संदर्भ
| राशि | सूत्र / व्याख्या |
|---|---|
| अनुक्रम | संख्याओं की एक क्रमिक सूची, जहाँ प्रत्येक संख्या को पद कहते हैं |
| व्यापक सूत्र (tn) | पद की स्थिति संख्या n का उपयोग करके nवें पद का मान ज्ञात करने का सूत्र |
| पुनरावर्ती सूत्र | पिछले पदों के मान का उपयोग करके किसी पद का मान ज्ञात करने का सूत्र |
| त्रिभुजाकार संख्या अनुक्रम | 1, 3, 6, 10, 15, … — tn = n(n+1)/2 |
| समानांतर श्रेढ़ी (AP) का nवाँ पद | tn = a + (n − 1)d, जहाँ a प्रथम पद और d सार्व अंतर है |
| गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) का nवाँ पद | tn = a × r(n−1), जहाँ a प्रथम पद और r सार्व अनुपात है |
| प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग | Sn = n(n+1)/2 |
| विरहांक-फिबोनाची अनुक्रम | V1 = 1, V2 = 2, Vn = Vn−1 + Vn−2 (n ≥ 3) |
🔹 भाग 1: लघु उत्तरीय प्रश्न (15 प्रश्न)
प्रश्न 1: अनुक्रम (Sequence) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: अनुक्रम संख्याओं की एक क्रमिक सूची है, जहाँ प्रत्येक संख्या अनुक्रम का एक पद है।
प्रश्न 2: पद (Term) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: अनुक्रम में प्रत्येक संख्या को पद कहते हैं। जैसे वर्ग संख्याओं के अनुक्रम में 1 पहला पद है, 4 दूसरा पद है, 25 पाँचवाँ पद है।
प्रश्न 3: व्यापक सूत्र (General Formula) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: व्यापक सूत्र वह सूत्र है जिसमें पद के मान की गणना करने के लिए पद की स्थिति संख्या n का उपयोग किया जाता है, जैसे tn = 2n − 1।
प्रश्न 4: पुनरावर्ती सूत्र (Recursive Formula) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: किसी अनुक्रम के पदों को उनसे पहले आए पदों से संबद्ध करते हुए अनुक्रम की व्याख्या करना पुनरावर्ती सूत्र कहलाता है।
प्रश्न 5: त्रिभुजाकार संख्याओं का अनुक्रम लिखिए।⭐
उत्तर: त्रिभुजाकार संख्याओं का अनुक्रम है — 1, 3, 6, 10, 15, 21, …
प्रश्न 6: वर्ग संख्याओं का अनुक्रम लिखिए।⭐
उत्तर: वर्ग संख्याओं का अनुक्रम है — 1, 4, 9, 16, 25, 36, …
प्रश्न 7: समानांतर श्रेढ़ी (AP) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: ऐसे अनुक्रम जिनमें दो क्रमिक पदों के बीच अंतर अचर (स्थिर) हो, समानांतर श्रेढ़ियाँ (APs) कहलाते हैं।
प्रश्न 8: समानांतर श्रेढ़ी के nवें पद का सूत्र लिखिए।⭐⭐
उत्तर: tn = a + (n − 1) × d, जहाँ ‘a’ प्रथम पद है और ‘d’ सार्व अंतर है।
प्रश्न 9: सार्व अंतर (Common Difference) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: समानांतर श्रेढ़ी में दो क्रमागत पदों के बीच के स्थिर अंतर को सार्व अंतर कहते हैं, जिसे ‘d’ से दर्शाया जाता है।
प्रश्न 10: गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) किसे कहते हैं?⭐⭐
उत्तर: गुणोत्तर श्रेढ़ी संख्याओं की एक ऐसी सूची होती है, जिसमें पहले पद के बाद प्रत्येक पद को एक स्थिर (नियत) संख्या से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।
प्रश्न 11: गुणोत्तर श्रेढ़ी के nवें पद का सूत्र लिखिए।⭐⭐
उत्तर: tn = a × r(n−1), जहाँ ‘a’ प्रथम पद है और ‘r’ सार्व अनुपात है।
प्रश्न 12: सार्व अनुपात (Common Ratio) किसे कहते हैं?⭐
उत्तर: गुणोत्तर श्रेढ़ी में पदों के क्रमागत युग्मों का अचर अनुपात सार्व अनुपात कहलाता है, जिसे ‘r’ से दर्शाया जाता है।
प्रश्न 13: प्रथम n प्राकृत संख्याओं के योग का सूत्र लिखिए।⭐⭐
उत्तर: प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योगफल Sn = n(n + 1)/2 होता है।
प्रश्न 14: विरहांक-फिबोनाची अनुक्रम क्या है?⭐⭐
उत्तर: विरहांक-फिबोनाची अनुक्रम 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34, … है, जिसमें V1 = 1, V2 = 2 और प्रत्येक अगला पद पूर्व के दो पदों का योग है (Vn = Vn−1 + Vn−2)।
प्रश्न 15: फ्रैक्टल्स (Fractals) किसे कहते हैं?⭐⭐
उत्तर: फ्रैक्टल्स वे आकृतियाँ या प्रतिरूप हैं, जिनका वही रूप विभिन्न स्तरों पर बार-बार दिखाई देता है, जैसे सिएरपिंस्की त्रिभुज।
🔹 भाग 2: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (10 प्रश्न)
प्रश्न 1: व्यंजक un = 2n − 1 पर विचार कीजिए। इससे प्राप्त होने वाले प्रथम तीन पद ज्ञात कीजिए तथा बताइए कि यह किस अनुक्रम का व्यापक सूत्र है। ⭐⭐⭐
दिया है: व्यंजक un = 2n − 1
चरण 1: n = 1, 2, 3 रखने पर — u1 = 2×1 − 1 = 1, u2 = 2×2 − 1 = 3, u3 = 2×3 − 1 = 5
∴ उत्तर = प्रथम तीन पद 1, 3, 5 हैं। इस प्रकार, un = 2n − 1 विषम संख्याओं के अनुक्रम के nवें पद के लिए व्यापक सूत्र है।
प्रश्न 2: सूत्र un = 2n − 1 का उपयोग करते हुए ज्ञात कीजिए कि विषम संख्या 137, विषम संख्या अनुक्रम में कौन-सी स्थिति पर है। ⭐⭐⭐
दिया है: व्यापक सूत्र un = 2n − 1, विशेष संख्या = 137
सूत्र: un = 137 को हल करना है
चरण 1: 2n − 1 = 137
चरण 2: 2n = 138, n = 69
∴ उत्तर = 137 विषम संख्या अनुक्रम का 69वाँ पद है।
प्रश्न 3: उस अनुक्रम पर विचार कीजिए, जो व्यापक सूत्र sn = 5n − 2 द्वारा बनाया जाता है। जाँच कीजिए कि क्या संख्याएँ 308 और 471 इस अनुक्रम के पद हैं। ⭐⭐⭐
दिया है: व्यापक सूत्र sn = 5n − 2
चरण 1 (308 की जाँच): 5n − 2 = 308 ⟹ 5n = 310 ⟹ n = 62 (प्राकृत संख्या है)
चरण 2 (471 की जाँच): 5n − 2 = 471 ⟹ 5n = 473 ⟹ n = 94.6 (प्राकृत संख्या नहीं है)
∴ उत्तर = 308 इस अनुक्रम का 62वाँ पद है, परंतु 471 इस अनुक्रम का पद नहीं है क्योंकि n प्राकृत संख्या नहीं है।
प्रश्न 4: नीचे दिए गए अनुक्रम के प्रथम चार पद पुनरावर्ती सूत्र द्वारा ज्ञात कीजिए — u1 = 1, un = 2un−1 + 3, जब n ≥ 2 हो। ⭐⭐⭐
दिया है: u1 = 1, पुनरावर्ती सूत्र un = 2un−1 + 3
चरण 1: u2 = 2u1 + 3 = 2×1 + 3 = 5
चरण 2: u3 = 2u2 + 3 = 2×5 + 3 = 13
चरण 3: u4 = 2u3 + 3 = 2×13 + 3 = 29
∴ उत्तर = अनुक्रम के प्रथम चार पद 1, 5, 13, 29 हैं।
प्रश्न 5: नीचे दिए गए अनुक्रम के प्रथम चार पद पुनरावर्ती सूत्र द्वारा ज्ञात कीजिए — s1 = 3, sn = sn−1(sn−1 − 1), जहाँ n ≥ 2 है। ⭐⭐⭐
दिया है: s1 = 3, पुनरावर्ती सूत्र sn = sn−1(sn−1 − 1)
चरण 1: s2 = s1(s1 − 1) = 3 × (3 − 1) = 3 × 2 = 6
चरण 2: s3 = s2(s2 − 1) = 6 × (6 − 1) = 6 × 5 = 30
चरण 3: s4 = s3(s3 − 1) = 30 × (30 − 1) = 30 × 29 = 870
∴ उत्तर = अनुक्रम के प्रथम चार पद 3, 6, 30, 870 हैं।
प्रश्न 6: विरहांक-फिबोनाची अनुक्रम में V1 = 1, V2 = 2 और Vn = Vn−1 + Vn−2 है, जब n ≥ 3 हो। इस अनुक्रम के प्रथम पाँच पद ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: V1 = 1, V2 = 2, पुनरावर्ती सूत्र Vn = Vn−1 + Vn−2
चरण 1: V3 = V2 + V1 = 2 + 1 = 3
चरण 2: V4 = V3 + V2 = 3 + 2 = 5
चरण 3: V5 = V4 + V3 = 5 + 3 = 8
∴ उत्तर = अनुक्रम के प्रथम पाँच पद 1, 2, 3, 5, 8 हैं (जिसमें प्रत्येक पद, पूर्व के दो पदों का योग है)।
प्रश्न 7: एक व्यक्ति शहर में घूमने के लिए टैक्सी किराए पर लेता है। टैक्सी कंपनी निश्चित आरक्षण शुल्क ₹200 लेती है और ₹40 प्रत्येक किलोमीटर यात्रा के लिए लेती है। इसका nवाँ पद (व्यापक सूत्र) ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: बुकिंग राशि = ₹200, प्रति किमी दर = ₹40
चरण 1: 1 कि.मी. के बाद किराया = 200 + 40 = 240, 2 कि.मी. के बाद किराया = 200 + 80 = 280, 3 कि.मी. के बाद किराया = 200 + 120 = 320
चरण 2: अनुक्रम 240, 280, 320, … एक समानांतर श्रेढ़ी है जिसमें प्रथम पद a = 240 और सार्व अंतर d = 40 है।
∴ उत्तर = अनुक्रम का nवाँ पद = 240 + (n − 1) × 40 = 200 + 40n, जहाँ n कि.मी. में तय की गई यात्रा है।
प्रश्न 8: प्रथम दस प्राकृत संख्याओं का योगफल, उन्हें वास्तव में जोड़े बिना ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: S = 1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 7 + 8 + 9 + 10
चरण 1: इसे व्युत्क्रम रूप में भी लिखा जा सकता है — S = 10 + 9 + 8 + 7 + 6 + 5 + 4 + 3 + 2 + 1
चरण 2: दोनों समीकरणों को जोड़ने पर संगत संख्याओं के प्रत्येक युग्म (1+10, 2+9, 3+8, …, 10+1) का योगफल 11 प्राप्त होता है। अतः 2S = 11 का 10 बार योग = 11 × 10 = 110
∴ उत्तर = 2S = 110, अतः S = 55। प्रथम 10 प्राकृत संख्याओं का योगफल 55 है।
प्रश्न 9: जाँच कीजिए कि क्या अनुक्रम 5, 15/4, 45/16, 135/64, … एक गुणोत्तर श्रेढ़ी है। इसका nवाँ पद ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: t1 = 5, t2 = 15/4, t3 = 45/16, t4 = 135/64
चरण 1: t2/t1 = (15/4) ÷ 5 = 3/4
चरण 2: t3/t2 = (45/16) ÷ (15/4) = 3/4, तथा t4/t3 = (135/64) ÷ (45/16) = 3/4
चरण 3: पदों के क्रमागत युग्मों का अनुपात अचर 3/4 है, अतः यह एक गुणोत्तर श्रेढ़ी है जिसमें a = 5 और r = 3/4 है।
∴ उत्तर = nवाँ पद = a × r(n−1) = 5 × (3/4)(n−1)
प्रश्न 10: एक गेंद भूमि से 24 फुट की ऊँचाई से गिराई जाती है। प्रत्येक बार गेंद भूमि से टकराकर इसकी पिछली ऊँचाई के (3/4)वाँ भाग ऊँचाई तक ऊपर जाती है। गेंद के प्रथम तीन उछालों में प्राप्त ऊँचाइयाँ ज्ञात कीजिए। ⭐⭐⭐
दिया है: प्रारंभिक ऊँचाई = 24 फुट, प्रत्येक उछाल पिछली ऊँचाई का 3/4 भाग
चरण 1 (प्रथम उछाल): 24 × 0.75 = 18 फुट
चरण 2 (दूसरी उछाल): 18 × 0.75 = 13.5 फुट
चरण 3 (तीसरी उछाल): 13.5 × 0.75 = 10.125 फुट
∴ उत्तर = गेंद की ऊँचाइयों का अनुक्रम 18, 13.5, 10.125, … है, जो एक गुणोत्तर श्रेढ़ी है जिसमें a = 18 और r = 0.75 (या 3/4) है।

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