समष्टि मापन — परिमाप और क्षेत्रफल
कक्षा 9 | NCERT गणित मंजरी | संपूर्ण नोट्स
4 × 100 मीटर रिले दौड़ में सभी धावक एक ही समापन रेखा पर दौड़ खत्म करते हैं, फिर भी वे अलग-अलग आरंभिक बिंदुओं से दौड़ शुरू करते हैं — इसे सांतरण (Stagger) कहते हैं। इस पहेली को हल करने के लिए हमें यह जानना जरूरी है कि वृत्त के चारों ओर की लंबाई (परिधि) कैसे ज्ञात करें।
इस अध्याय में हम विभिन्न आकृतियों — वर्ग, आयत, त्रिभुज और वृत्त — के परिमाप (Perimeter) और क्षेत्रफल (Area) ज्ञात करना सीखेंगे। हम π (पाई) के इतिहास, वृत्त की चाप की लंबाई, त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल, हीरोन का सूत्र, तथा चक्रीय चतुर्भुज के लिए ब्रह्मगुप्त के सूत्र का भी अध्ययन करेंगे।
यह अध्याय क्षेत्रमिति (mensuration) की नींव है, जो आगे कक्षा 10 और उससे ऊपर की कक्षाओं में भी उपयोगी रहती है। परीक्षा में इस अध्याय से सूत्र आधारित तथा व्यावहारिक (real-life) प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं, इसलिए हर सूत्र को समझकर याद रखना आवश्यक है।
📐 सूत्र त्वरित संदर्भ
| सूत्र | व्याख्या |
|---|---|
| वर्ग का परिमाप = 4a | a भुजा वाले वर्ग की सभी चार भुजाओं की लंबाई का योग |
| समबाहु त्रिभुज का परिमाप = 3a | a भुजा वाले समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लंबाई का योग |
| आयत का परिमाप = 2(a + b) | a लंबाई और b चौड़ाई वाले आयत का परिमाप |
| वृत्त की परिधि C = 2πr = πd | r त्रिज्या और d व्यास वाले वृत्त की परिधि (चारों ओर की लंबाई) |
| चाप की लंबाई = 2πr × (θ°/360°) | θ° केंद्र पर अंतरित कोण वाले चाप की लंबाई |
| वर्ग/आयत का क्षेत्रफल = a² / ab | a भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल a², तथा a व b भुजाओं वाले आयत का क्षेत्रफल ab |
| समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई = bh | समान आधार और ऊँचाई वाले आयत में रूपांतरित करके प्राप्त सूत्र |
| त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × आधार × ऊँचाई | समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा |
| हीरोन का सूत्र = √(s(s−a)(s−b)(s−c)) | जहाँ s = ½(a+b+c) अर्द्ध-परिमाप है; तीनों भुजाओं की लंबाई से क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए |
| वृत्त का क्षेत्रफल = πr² | त्रिज्या r वाले वृत्त द्वारा घेरा गया क्षेत्रफल |
| त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = πr² × (θ°/360°) | θ° केंद्रीय कोण वाले त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल |
| ब्रह्मगुप्त सूत्र = √((s−a)(s−b)(s−c)(s−d)) | चक्रीय चतुर्भुज की चारों भुजाओं a, b, c, d से क्षेत्रफल; s = ½(a+b+c+d) |
🔢 मुख्य अवधारणाएँ
1. आकृति का परिमाप (Perimeter of a Figure)
किसी दी गई आकृति के लिए उसका परिमाप उसकी सभी सीमा-रेखाओं की कुल लंबाई होता है। कल्पना कीजिए कि एक छोटा कीड़ा आकृति के चारों ओर की सीमा-रेखा पर टहलने जा रहा है और तब तक नहीं मुड़ता जब तक वह पुनः अपने आरंभिक बिंदु पर नहीं आ जाता — कीड़े द्वारा तय की गई यह दूरी ही आकृति का परिमाप है।
वर्ग का परिमाप = 4a इकाई (a भुजा)
समबाहु त्रिभुज का परिमाप = 3a इकाई (a भुजा)
आयत का परिमाप = 2(a + b) इकाई (a लंबाई, b चौड़ाई)
महत्वपूर्ण गुण: यदि वर्ग की भुजा दोगुनी कर दी जाए तो परिमाप भी दोगुना हो जाता है। वर्ग के लिए परिमाप और भुजा का अनुपात सदैव 4:1 स्थिर रहता है (भुजा बढ़ने या घटने पर भी)। इसी प्रकार, समबाहु त्रिभुज के लिए परिमाप और भुजा का अनुपात सदैव 3:1 पर स्थिर रहता है।
2. वृत्त का परिमाप — C/D अनुपात और π (Circumference and Pi)
प्राचीन समय में लोगों को यह बोध हुआ कि वृत्त के आकार में परिवर्तन करने पर भी उसकी परिधि (C) और व्यास (D) का अनुपात परिवर्तित नहीं होता। इस स्थिर अनुपात को C/D अनुपात कहते हैं, जिसे अब हम π (पाई) कहते हैं।
π के मान के इतिहास की झलक:
• मेसोपोटामिया (लगभग 1900 सामान्य संवत पूर्व) — π का मान 3 + 1/8 = 3.125
• आर्किमिडीज (250 सामान्य संवत पूर्व) — 3 10/71 < π < 3 1/7
• जू चोंगजी (चीन) — π ≈ 355/113 ≈ 3.1415929 (800 वर्षों तक सबसे सटीक मान)
• आर्यभट (499 सामान्य संवत) — π ≈ 62832/20000 = 3.1416
• ब्रह्मगुप्त (628 सामान्य संवत) — π ≈ √10 = 3.1622
• माधव — π के लिए पहला सटीक अनंत श्रेणी सूत्र: π/4 = 1 − 1/3 + 1/5 − 1/7 + …
ध्यान दीजिए: π, 22/7 के समान नहीं है (22/7 केवल एक सन्निकट/निकट मान है), इसलिए हम π ≈ 22/7 लिखते हैं, π = 22/7 नहीं। इसी प्रकार π ≈ 355/113 भी एक अत्यंत सटीक सन्निकटन है। सन 1706 में विलियम जोन्स ने C/D अनुपात दर्शाने के लिए ग्रीक अक्षर π का प्रयोग शुरू किया।
3. π अपरिमेय है (π is Irrational)
π के अंक बिना किसी दिखने वाले प्रतिरूप (पैटर्न) के निरंतर चलते रहते हैं, इसीलिए इसे दो पूर्णांकों के अनुपात (भिन्न) के रूप में नहीं लिखा जा सकता। ऐसी संख्याओं को अपरिमेय (Irrational) कहा जाता है।
शताब्दियों बाद (1761) गणितज्ञ लैम्बर्ट ने प्रमाणित किया कि π अपरिमेय है। चूँकि π अपरिमेय है, इसलिए π के लिए कोई “सर्वोत्तम भिन्न” नहीं है — यदि π के निकट कोई भिन्न मान विद्यमान है तो हम उससे भी निकटतम दूसरा भिन्न ढूँढ़ सकते हैं।
याद रखने की रोचक विधि: अंग्रेजी वाक्य “How I wish I could recollect pi” के प्रत्येक शब्द के अक्षरों की संख्या गिनने पर (3, 1, 4, 1, 5, 9, 2) हमें π ≈ 3.141592 प्राप्त होता है। इसीलिए 14 मार्च को पाई दिवस और 22 जुलाई को पाई सन्निकटन दिवस मनाया जाता है।
4. वृत्त की चाप की लंबाई (Length of an Arc of a Circle)
d व्यास वाले वृत्त की परिधि πd है, अर्थात 2πr (जहाँ r त्रिज्या है)। इसी सूत्र से हम अर्द्धवृत्त, चतुर्थांश वृत्त और सामान्य चाप की लंबाई निकाल सकते हैं।
अर्द्धवृत्तीय चाप की लंबाई = 2πr ÷ 2 = πr
चतुर्थांश वृत्त के चाप की लंबाई = 2πr ÷ 4 = πr/2
व्यापक सूत्र: यदि चाप AB वृत्त के केंद्र O पर θ° का कोण अंतरित करता है तो चाप की लंबाई = 2πr × (θ°/360°) होती है।
400 मीटर दौड़-पथ में उपयोग: दौड़-पथ में दो सीधे खंड (84.39 मीटर प्रत्येक) और दो अर्द्धवृत्ताकार खंड होते हैं जो उभयनिष्ठ केंद्र वाले अर्द्धवृत्त बनाते हैं; सबसे आंतरिक अर्द्धवृत्त की त्रिज्या 36.5 मीटर होती है और प्रत्येक पथ की चौड़ाई 1.22 मीटर होती है — इसी जानकारी से सांतरण (stagger) का माप निकाला जाता है।
5. आयत, समांतर चतुर्भुज और त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of Rectangle, Parallelogram, Triangle)
क्षेत्रफल के लिए इकाई 1 × 1 वर्ग ली जाती है। a इकाई और b इकाई भुजाओं वाले आयत का क्षेत्रफल ab वर्ग इकाई होता है।
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल: समांतर चतुर्भुज को समान आधार b और समान ऊँचाई h वाले आयत में रूपांतरित किया जा सकता है, इसलिए समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार × ऊँचाई = bh होता है।
त्रिभुज का क्षेत्रफल: त्रिभुज की दो सर्वांगसम प्रतियों को जोड़कर समांतर चतुर्भुज बनाया जा सकता है, इसलिए b इकाई आधार व h इकाई ऊँचाई वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × bh वर्ग इकाई होता है।
माध्यिका का गुण (प्रमेय): एक त्रिभुज की माध्यिका त्रिभुज को दो समान क्षेत्रफलों वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है। उदाहरण: यदि AD, ΔABC की माध्यिका है और BC = 2a इकाई, ऊँचाई h इकाई है, तो ΔABD और ΔACD दोनों का क्षेत्रफल = ah/2 वर्ग इकाई होगा, भले ही दोनों त्रिभुज सर्वांगसम न हों।
6. हीरोन का सूत्र (Heron’s Formula)
यदि त्रिभुज की ऊँचाई ज्ञात न हो, केवल तीनों भुजाओं की लंबाई ज्ञात हो, तो क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए यूनानी गणितज्ञ हीरोन का सूत्र प्रयोग किया जाता है।
यदि ΔABC की भुजाएँ BC = a, CA = b, AB = c हैं तो अर्द्ध-परिमाप s = ½(a + b + c) होगा, तथा
त्रिभुज का क्षेत्रफल = √(s(s−a)(s−b)(s−c))
चक्रीय चतुर्भुज के लिए ब्रह्मगुप्त का सूत्र (हीरोन सूत्र का व्यापकीकरण): यदि चक्रीय चतुर्भुज की भुजाएँ a, b, c, d हैं और अर्द्ध-परिमाप s = ½(a+b+c+d) है, तो क्षेत्रफल = √((s−a)(s−b)(s−c)(s−d)) होगा। जब चौथी भुजा d = 0 हो, तो ब्रह्मगुप्त का सूत्र स्वतः हीरोन के सूत्र में बदल जाता है — इसलिए हीरोन का सूत्र, ब्रह्मगुप्त सूत्र की एक विशेष स्थिति है।
7. वृत्त का क्षेत्रफल और त्रिज्यखंड (Area of a Circle and Sector)
आर्किमिडीज ने दर्शाया कि वृत्त का क्षेत्रफल एक ऐसे समकोण त्रिभुज के क्षेत्रफल के समान होता है, जिसकी भुजाएँ वृत्त की त्रिज्या और परिधि के समान होती हैं।
वृत्त का क्षेत्रफल = ½ × परिधि × त्रिज्या = ½ × 2πr × r = πr²
त्रिज्यखंड (Sector): एक चाप और उसके शीर्षबिंदुओं को जोड़ने वाली दोनों त्रिज्याओं से मिलकर बना क्षेत्र। यदि चाप वृत्त के केंद्र पर θ° का कोण बनाती है तो त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = πr² × (θ°/360°) होगा।
वृत्त का खंड (Segment): एक चाप और उसके शीर्षबिंदुओं को मिलाने वाली जीवा से मिलकर बना क्षेत्र।
व्युत्पत्ति की झलक: वृत्त को पतली-पतली त्रिज्यखंड आकार की पंखुड़ियों में काटकर पुनर्व्यवस्थित करने पर वे एक समांतर चतुर्भुज जैसी आकृति बनाती हैं, जिसका आधार = परिधि का आधा (πr) और ऊँचाई = त्रिज्या (r) होती है। इसी से वृत्त का क्षेत्रफल = πr × r = πr² सिद्ध होता है।
✅ उदाहरण सहित व्याख्या
एक वृत्त का परिमाप 44 सेंटीमीटर है। इसकी त्रिज्या क्या होगी? (π = 22/7 का प्रयोग कीजिए)
वृत्त की चाप की लंबाई ज्ञात कीजिए यदि त्रिज्या 3.5 सेंटीमीटर है और केंद्र पर कोण 60° है।
एक त्रिभुज की भुजाएँ 3 इकाई, 4 इकाई और 5 इकाई हैं। हीरोन के सूत्र का उपयोग करके क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक समबाहु त्रिभुज की भुजा a इकाई है। हीरोन के सूत्र से इसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
एक समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप 40 सेंटीमीटर है। इसकी समान भुजाएँ 15 सेंटीमीटर लंबी हैं। त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
आयत के विषय में ब्रह्मगुप्त के सूत्र को सत्यापित कीजिए। सभी आयत चक्रीय होते हैं, अतः ब्रह्मगुप्त का सूत्र लागू होना चाहिए।
यदि त्रिज्यखंड का कोण 60° है तो 7 सेंटीमीटर त्रिज्या वाले वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
केंद्र A और B वाले दो सर्वांगसम वृत्त इस प्रकार स्थित हैं कि प्रत्येक वृत्त दूसरे वृत्त के केंद्र से होकर गुजरता है। ये वृत्त बिंदु C और D पर प्रतिच्छेद करते हैं। प्रत्येक वृत्त की त्रिज्या r इकाई है — बिंदुगत दोनों लाल चापों की कुल लंबाई ज्ञात कीजिए।
📖 सूत्रों की व्युत्पत्ति
त्रिभुज के क्षेत्रफल के सूत्र (½ × आधार × ऊँचाई) की व्युत्पत्ति
त्रिभुज के क्षेत्रफल का सूत्र ज्ञात करने की एक उत्तम विधि यह है कि त्रिभुज की दो सर्वांगसम प्रतियों को एक साथ जोड़कर एक समांतर चतुर्भुज बनाया जाए।
प्रमेय: त्रिभुज की माध्यिका त्रिभुज को दो समान क्षेत्रफलों वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है
दिया गया है: AD, त्रिभुज ABC की माध्यिका है, अर्थात D भुजा BC का मध्यबिंदु है। BC = 2a इकाई और त्रिभुज की ऊँचाई h इकाई है।
वृत्त के क्षेत्रफल का सूत्र πr² — आर्किमिडीज की विधि
आर्किमिडीज ने दर्शाया कि वृत्त का क्षेत्रफल, एक नियमित बहुभुज के परिमाप के आधे और उसकी त्रिज्या के गुणनफल के समान होता है, जब बहुभुज की भुजाओं की संख्या वृत्त के भीतर अत्यधिक बढ़ा दी जाए।
📐 महत्वपूर्ण आरेख
⚠️ सामान्य भूलें
- ⚠️ π = 22/7 मान लेना: ध्यान रहे π, 22/7 के समान नहीं है, यह केवल एक सन्निकट (निकट) मान है। इसलिए सदैव π ≈ 22/7 लिखें, π = 22/7 नहीं।
- ⚠️ परिधि और क्षेत्रफल के सूत्र में भ्रम: परिधि का सूत्र 2πr है जबकि क्षेत्रफल का सूत्र πr² है — इन दोनों को आपस में न बदलें।
- ⚠️ हीरोन सूत्र में अर्द्ध-परिमाप भूल जाना: क्षेत्रफल के सूत्र में सीधे भुजाओं a, b, c का प्रयोग न करें — पहले अर्द्ध-परिमाप s = ½(a+b+c) निकालना अनिवार्य है।
- ⚠️ चाप की लंबाई और त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल में θ°/360° लगाना भूल जाना: जब पूरा वृत्त न हो बल्कि उसका कुछ भाग (चाप या त्रिज्यखंड) हो, तो सूत्र में θ°/360° अवश्य गुणा करें।
- ⚠️ केवल भुजाओं की लंबाई से समांतर चतुर्भुज या चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने की कोशिश करना: जैसा कि चित्र 6.27 में दिखाया गया है, केवल चार भुजाओं की लंबाई से चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात नहीं किया जा सकता — इसके लिए अतिरिक्त जानकारी (जैसे कोण, विकर्ण, या चक्रीय होने का गुण) चाहिए।
- ⚠️ त्रिज्यखंड और वृत्तखंड में भ्रम: त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और एक चाप से बनता है, जबकि वृत्तखंड एक जीवा और एक चाप से बनता है — दोनों अलग-अलग क्षेत्र हैं।
💡 परीक्षा टिप्स
- 💡 जब तक अन्यथा न कहा जाए, हमेशा π ≈ 22/7 का प्रयोग करें, जैसा कि प्रश्नावली में निर्देश दिया गया है।
- 💡 हीरोन के सूत्र वाले प्रश्नों में सबसे पहले अर्द्ध-परिमाप s निकालें, फिर चरणबद्ध तरीके से (s−a), (s−b), (s−c) निकालकर उत्तर लिखें — इससे गणना में गलती कम होती है।
- 💡 चाप की लंबाई और त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल के सूत्रों में θ°/360° अवश्य लगाएँ, विशेषकर जब प्रश्न में “60°”, “90°” जैसे कोण दिए गए हों।
- 💡 हीरोन का सूत्र और ब्रह्मगुप्त का सूत्र आपस में जुड़े हुए हैं (ब्रह्मगुप्त सूत्र में d=0 रखने पर हीरोन सूत्र प्राप्त होता है) — यह संबंध समझकर दोनों सूत्र आसानी से याद रखे जा सकते हैं।
- 💡 अर्द्धवृत्त, चतुर्थांश वृत्त और सामान्य चाप से जुड़े मिश्रित आकृतियों (जैसे फूल की पंखुड़ियाँ, दौड़-पथ) के परिमाप के प्रश्नों में, प्रत्येक भाग को अलग पहचानकर जोड़ें।
🧠 माइंड मैप / सारांश तालिका
| समष्टि मापन — परिमाप और क्षेत्रफल | |
| 6.1 आकृति का परिमाप | वर्ग = 4a, समबाहु त्रिभुज = 3a, आयत = 2(a+b) |
| 6.2 C/D अनुपात | π — वृत्त की परिधि व व्यास का स्थिर अनुपात; π ≈ 22/7 या 3.14 |
| 6.3 π अपरिमेय है | π को भिन्न के रूप में नहीं लिखा जा सकता |
| 6.4 चाप की लंबाई | 2πr × θ°/360°; अर्द्धवृत्त = πr, चतुर्थांश = πr/2 |
| 6.6–6.7 आयत व समांतर चतुर्भुज | क्षेत्रफल = ab; समांतर चतुर्भुज = bh |
| 6.8 त्रिभुज का क्षेत्रफल | ½bh; माध्यिका दो समान क्षेत्रफलों में बाँटती है |
| 6.8.1 हीरोन का सूत्र | √(s(s−a)(s−b)(s−c)), s = ½(a+b+c) |
| 6.9 आयत को वर्ग बनाना | बौधायन की रचना — समान क्षेत्रफल का वर्ग बनाना |
| 6.10 वृत्त का क्षेत्रफल | πr²; त्रिज्यखंड = πr² × θ°/360°; ब्रह्मगुप्त सूत्र (चक्रीय चतुर्भुज) |
📌 याद रखें
- 📌 π सभी वृत्तों के लिए परिधि और व्यास का स्थिर अनुपात है तथा यह 22/7 अथवा 3.14 के समान होता है।
- 📌 वृत्त की परिधि C = 2πr होती है, जहाँ r वृत्त की त्रिज्या है।
- 📌 वृत्त की चाप की लंबाई l = 2πr × (θ°/360°) है, जहाँ θ केंद्रीय कोण है।
- 📌 त्रिभुज का क्षेत्रफल A = ½ × आधार × ऊँचाई होता है।
- 📌 त्रिभुज के क्षेत्रफल को उसकी भुजाओं a, b, c के पदों में व्यक्त करने का हीरोन का सूत्र — क्षेत्रफल = √(s(s−a)(s−b)(s−c)), जहाँ s = ½(a+b+c) है।
- 📌 वृत्त का क्षेत्रफल πr² होता है।
- 📌 π का अनुमानित मान — आर्किमिडीज: 3 10/71 < π < 3 1/7; जू चोंगजी: π ≈ 355/113; आर्यभट: π = 3.1416; माधव का सटीक सूत्र: π = 4(1 − 1/3 + 1/5 − 1/7 + …)
- 📌 π एक अपरिमेय संख्या है।
- 📌 वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल πr² × (θ°/360°) होता है, जिसमें θ केंद्रीय कोण है।
- 📌 ब्रह्मगुप्त द्वारा चक्रीय चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र भुजाओं a, b, c, d के पदों में इस प्रकार है — क्षेत्रफल = √((s−a)(s−b)(s−c)(s−d)), जहाँ s = ½(a+b+c+d) है।
📝 अभ्यास के लिए इसी अध्याय की Important Questions फाइल देखें, जिसमें प्रश्नावली 6.1, 6.2, 6.3 तथा अंतिम प्रश्नावली के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं। नोट्स और प्रश्न-बैंक दोनों मिलकर परिमाप और क्षेत्रफल अध्याय की संपूर्ण तैयारी में सहायक होंगे।

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