पृथ्वी एक तंत्र — ऊर्जा द्रव्य और जीवन
( Short Questions )
1. प्रश्न: ग्रहीय पवन किस कारण बनती हैं?
उत्तर: पृथ्वी के असमान ऊष्मण के कारण बनने वाली उच्च एवं निम्न वायुदाब पट्टियों के कारण ग्रहीय पवन बनती हैं।
2. प्रश्न: भूमध्यरेखा के पास निम्न वायुदाब पट्टी क्यों बनती है?
उत्तर: सूर्य द्वारा तीव्र ऊष्मण के कारण गर्म वायु ऊपर उठती है, जिससे भूमध्यरेखा के पास निम्न वायुदाब पट्टी बनती है।
3. प्रश्न: उपोष्ण उच्च दाब पट्टियाँ लगभग किन अक्षांशों पर बनती हैं?
उत्तर: लगभग 30° उत्तरी तथा 30° दक्षिणी अक्षांशों पर।
4. प्रश्न: पृथ्वी के घूर्णन का पवनों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: पृथ्वी के घूर्णन के कारण पवन अपने सीधे मार्ग से विक्षेपित हो जाती हैं।
5. प्रश्न: महासागरीय धाराएँ क्या हैं?
उत्तर: महासागरीय जल की विशाल मात्रा का निरंतर प्रवाह महासागरीय धाराएँ कहलाता है।
6. प्रश्न: महासागरीय धाराओं को कौन-कौन से कारक प्रभावित करते हैं?
उत्तर: पवन, ताप, लवणता, पृथ्वी का घूर्णन तथा स्थलखंडों का वितरण महासागरीय धाराओं को प्रभावित करते हैं।
7. प्रश्न: महासागरीय भंवर (Gyres) क्या हैं?
उत्तर: पृथ्वी के घूर्णन से बनने वाले विशाल वृत्ताकार महासागरीय प्रवाह को महासागरीय भंवर कहते हैं।
8. प्रश्न: जैव-भूरासायनिक चक्र क्या है?
उत्तर: जैविक और अजैविक घटकों के बीच द्रव्य और ऊर्जा का चक्रीय संचलन जैव-भूरासायनिक चक्र कहलाता है।
9. प्रश्न: जैव-भूरासायनिक चक्र में किन प्रमुख पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण होता है?
उत्तर: कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन का।
10. प्रश्न: जल चक्र में जल किन स्रोतों से वाष्पित होता है?
उत्तर: नदियों, झीलों और महासागरों से।
11. प्रश्न: वाष्पित जल संघनित होकर क्या बनाता है?
उत्तर: बादल बनाता है।
12. प्रश्न: जल पृथ्वी पर किन रूपों में वापस आता है?
उत्तर: वर्षा, ओले तथा हिम के रूप में।
13. प्रश्न: कार्बन जीवन का मुख्य आधार क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा डीएनए सभी में कार्बन होता है।
14. प्रश्न: प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधे किस गैस का उपयोग करते हैं?
उत्तर: वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का।
15. प्रश्न: श्वसन द्वारा कौन-सी गैस पुनः वायुमंडल में छोड़ी जाती है?
उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)।
( Long Questions )
1. प्रश्न: ग्रहीय पवनों के निर्माण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पृथ्वी पर सूर्य का ऊष्मण समान नहीं होता। भूमध्यरेखा के पास अधिक ऊष्मा मिलने से गर्म वायु ऊपर उठती है और निम्न वायुदाब क्षेत्र बनता है। ऊपर उठी वायु ठंडी होकर लगभग 30° उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांशों पर नीचे उतरती है, जिससे उपोष्ण उच्च दाब पट्टियाँ बनती हैं। वहाँ से वायु पुनः निम्न दाब क्षेत्रों की ओर बहती है और वायुमंडलीय परिसंचरण चक्र बनता है। पृथ्वी के घूर्णन के कारण ये पवनें सीधे न बहकर विक्षेपित हो जाती हैं।
2. प्रश्न: महासागरीय धाराएँ क्या हैं? इनके निर्माण के प्रमुख कारण लिखिए।
उत्तर:
महासागरीय जल की विशाल मात्रा का निरंतर प्रवाह महासागरीय धाराएँ कहलाता है।
इनके निर्माण के प्रमुख कारण हैं—
- ग्रहीय पवन
- वायुदाब में अंतर
- तापमान में अंतर
- लवणता में अंतर
- पृथ्वी का घूर्णन
- स्थलखंडों का वितरण
इन सभी कारणों से महासागरों का जल निरंतर गति करता रहता है।
3. प्रश्न: महासागरीय धाराओं का पृथ्वी की जलवायु पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
महासागरीय धाराएँ भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर ऊष्मा का स्थानांतरण करती हैं, जिससे पृथ्वी के तापमान में संतुलन बना रहता है। उदाहरण के रूप में उत्तर अटलांटिक प्रवाह यूरोप के उत्तर-पश्चिमी तट को अपेक्षाकृत गर्म बनाए रखता है और कई बंदरगाहों को शीतकाल में बर्फ से मुक्त रखता है। इससे व्यापार, परिवहन और जीवन पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
4. प्रश्न: जैव-भूरासायनिक चक्र क्या है? इसका महत्व बताइए।
उत्तर:
सजीव और निर्जीव घटकों के बीच द्रव्य तथा ऊर्जा का निरंतर चक्रीय आदान-प्रदान जैव-भूरासायनिक चक्र कहलाता है। इसके द्वारा कार्बन, नाइट्रोजन तथा ऑक्सीजन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण होता है। इससे पृथ्वी पर जीवन बना रहता है तथा विभिन्न पारितंत्रों के बीच संतुलन स्थापित रहता है।
5. प्रश्न: जल चक्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल चक्र में नदियों, झीलों तथा महासागरों से जल वाष्पित होकर वायुमंडल में जाता है। वहाँ संघनित होकर बादल बनते हैं। बादल वर्षा, ओले या हिम के रूप में जल को पुनः पृथ्वी पर पहुँचाते हैं। जल का कुछ भाग नदियों द्वारा समुद्र तक पहुँचता है तथा कुछ भाग भूमि में रिसकर भूजल बन जाता है। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है और पृथ्वी पर जल की उपलब्धता बनाए रखती है।
6. प्रश्न: जलवायु परिवर्तन का जल चक्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जलवायु परिवर्तन के कारण वायुमंडल अधिक नमी धारण करने लगता है। इससे कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा और कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है। हिमनदों के पिघलने से समुद्र का जल स्तर बढ़ सकता है। तीव्र वर्षा से मृदा अपरदन बढ़ता है तथा भूजल का पुनर्भरण कम हो जाता है, जिससे कृषि प्रभावित होती है।
7. प्रश्न: कार्बन चक्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कार्बन जीवन का मुख्य आधार है। यह वायुमंडल, जैवमंडल, भूमंडल तथा जलमंडल के बीच निरंतर चक्रण करता रहता है। पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके भोजन बनाते हैं। जीव इस भोजन का उपयोग करते हैं तथा श्वसन और अपघटन की प्रक्रियाओं द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड पुनः वायुमंडल में पहुँच जाती है।
8. प्रश्न: कार्बन चक्र में प्रकाश संश्लेषण, श्वसन तथा अपघटन की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ग्लूकोज़ का निर्माण करते हैं। जीव श्वसन के समय कार्बन डाइऑक्साइड पुनः वायुमंडल में छोड़ते हैं। जीवों और पौधों की मृत्यु के बाद अपघटक उनके कार्बनिक पदार्थों का विघटन करते हैं, जिससे कार्बन पुनः पर्यावरण में लौट आता है। इस प्रकार कार्बन चक्र निरंतर चलता रहता है।
9. प्रश्न: महासागरीय धाराएँ जीवन एवं मानव गतिविधियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर:
महासागरीय धाराएँ पृथ्वी के तापमान को संतुलित रखने में सहायता करती हैं। वे पोषक तत्वों का परिवहन करती हैं, जिससे समुद्री पारितंत्र को लाभ मिलता है। इनके कारण कई क्षेत्रों की जलवायु अनुकूल रहती है, जिससे व्यापार, परिवहन, मत्स्य पालन तथा अन्य मानवीय गतिविधियों को सहायता मिलती है।
10. प्रश्न: पृथ्वी के विभिन्न मंडल जैव-भूरासायनिक चक्रों द्वारा किस प्रकार परस्पर जुड़े हैं?
उत्तर:
जैव-भूरासायनिक चक्रों के माध्यम से वायुमंडल, जलमंडल, भूमंडल और जैवमंडल के बीच द्रव्य एवं ऊर्जा का निरंतर आदान-प्रदान होता है। जल चक्र, कार्बन चक्र तथा अन्य चक्र इन सभी मंडलों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। यही परस्पर संबंध पृथ्वी पर जीवन, पर्यावरणीय संतुलन तथा पारितंत्रों की निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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