( Short Questions )
1. प्रश्न: सरल रेखीय गति किसे कहते हैं?
उत्तर: जब कोई वस्तु सरल रेखा में गमन करती है, तो उसकी गति को सरल रेखीय गति कहते हैं।
2. प्रश्न: सरल रेखीय गति का सबसे सरल उदाहरण क्या है?
उत्तर: सीधी सड़क पर चलती कार या सीधी पटरी पर चलती रेलगाड़ी सरल रेखीय गति का उदाहरण है।
3. प्रश्न: किसी वस्तु की स्थिति बताने के लिए सबसे पहले क्या निर्धारित किया जाता है?
उत्तर: सबसे पहले संदर्भ बिंदु (Reference Point) निर्धारित किया जाता है।
4. प्रश्न: किसी वस्तु की स्थिति बताने के लिए किन दो बातों की आवश्यकता होती है?
उत्तर: दूरी और दिशा की आवश्यकता होती है।
5. प्रश्न: कोई वस्तु गतिशील कब कहलाती है?
उत्तर: जब समय के साथ संदर्भ बिंदु के सापेक्ष उसकी स्थिति बदलती है।
6. प्रश्न: कोई वस्तु विरामावस्था में कब होती है?
उत्तर: जब समय के साथ उसकी स्थिति में परिवर्तन नहीं होता।
7. प्रश्न: सरल रेखा में गति की कितनी दिशाएँ हो सकती हैं?
उत्तर: दो दिशाएँ—आगे और पीछे।
8. प्रश्न: धन (+) चिन्ह किस दिशा को दर्शाता है?
उत्तर: संदर्भ बिंदु के दाहिनी ओर की दिशा को।
9. प्रश्न: ऋण (–) चिन्ह किस दिशा को दर्शाता है?
उत्तर: संदर्भ बिंदु के बाईं ओर की दिशा को।
10. प्रश्न: उदाहरण में धावक द्वारा चली गई कुल दूरी कितनी है?
उत्तर: 160 मीटर।
11. प्रश्न: विस्थापन किसे कहते हैं?
उत्तर: समय के दो क्षणों के बीच किसी वस्तु की स्थिति में होने वाला सकल परिवर्तन विस्थापन कहलाता है।
12. प्रश्न: विस्थापन का परिमाण किसके बराबर होता है?
उत्तर: दो स्थितियों के बीच की दूरी के बराबर।
13. प्रश्न: समय का एक क्षण क्या होता है?
उत्तर: घड़ी का किसी दिए गए समय पर पाठ्यांक (Reading) समय का एक क्षण कहलाता है।
14. प्रश्न: समय अंतराल क्या है?
उत्तर: समय के दो क्षणों के बीच की समयावधि को समय अंतराल कहते हैं।
15. प्रश्न: अदिश राशि किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस भौतिक राशि को केवल उसके संख्यात्मक मान से व्यक्त किया जा सके, उसे अदिश राशि कहते हैं।
( Long Questions )
1. प्रश्न: सरल रेखीय गति क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: जब कोई वस्तु सीधी रेखा में गमन करती है, तो उसे सरल रेखीय गति कहते हैं। यह गति का सबसे सरल प्रकार है। सीधे मार्ग पर चलती कार, सीधी पटरी पर चलती रेलगाड़ी तथा ऊपर से नीचे गिरती गेंद इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
2. प्रश्न: किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन कैसे किया जाता है?
उत्तर: किसी वस्तु की स्थिति बताने के लिए सबसे पहले एक संदर्भ बिंदु निर्धारित किया जाता है। इसके बाद उस संदर्भ बिंदु से वस्तु की दूरी और दिशा बताई जाती है। यदि समय के साथ वस्तु की स्थिति बदलती है, तो वह गतिशील कहलाती है, और यदि स्थिति नहीं बदलती, तो वह विरामावस्था में होती है।
3. प्रश्न: चलित दूरी और विस्थापन में क्या अंतर है?
उत्तर:
| चलित दूरी | विस्थापन |
|---|---|
| वस्तु द्वारा तय किए गए वास्तविक मार्ग की कुल लंबाई होती है। | प्रारम्भिक और अंतिम स्थिति के बीच का सकल परिवर्तन होता है। |
| इसमें दिशा बताने की आवश्यकता नहीं होती। | इसमें परिमाण के साथ दिशा बताना आवश्यक होता है। |
| यह केवल मार्ग की लंबाई बताती है। | यह दो स्थितियों के बीच की सीधी दूरी को दर्शाता है। |
| इसका SI मात्रक मीटर (m) है। | इसका SI मात्रक भी मीटर (m) है। |
4. प्रश्न: समय का क्षण और समय अंतराल में क्या अंतर है?
उत्तर: समय का एक क्षण घड़ी का किसी निश्चित समय पर पाठ्यांक (Reading) होता है, जबकि समय अंतराल दो क्षणों के बीच की समयावधि होती है। इसलिए दोनों एक-दूसरे से भिन्न हैं।
5. प्रश्न: अदिश और सदिश राशियाँ क्या हैं?
उत्तर: जिन भौतिक राशियों को केवल उनके संख्यात्मक मान से व्यक्त किया जा सकता है, उन्हें अदिश राशियाँ कहते हैं। जिन राशियों के लिए परिमाण के साथ दिशा बताना आवश्यक होता है, उन्हें सदिश राशियाँ कहते हैं।
6. प्रश्न: प्रकृति में गति के विभिन्न उदाहरण लिखिए।
उत्तर: प्रकृति में अनेक प्रकार की गतियाँ देखने को मिलती हैं। जैसे— पंख फड़फड़ाती तितलियाँ, रेंगते हुए साँप, उछलते-कूदते खरगोश, दौड़ते घोड़े, ऊपर चढ़ती लताएँ, धूल के कण, वायु में गतिमान धुएँ के कण, ज्वार-भाटा तथा आकाश में चलते बादल।
7. प्रश्न: इस अध्याय में किन-किन प्रकार की गतियों का अध्ययन किया गया है?
उत्तर: इस अध्याय में मुख्य रूप से सरल रेखीय गति तथा एकसमान वृत्तीय गति का अध्ययन किया गया है। इसके साथ ही गति का वर्णन शब्दों, संख्याओं, समीकरणों तथा ग्राफ की सहायता से करना भी बताया गया है।
8. प्रश्न: विस्थापन क्या है? इसका पूरा वर्णन कैसे किया जाता है?
उत्तर: विस्थापन समय के दो क्षणों के बीच किसी वस्तु की स्थिति में होने वाला सकल परिवर्तन है। विस्थापन का पूरा वर्णन करने के लिए उसका परिमाण (मात्रक सहित) तथा दिशा, दोनों बताना आवश्यक होता है। विस्थापन की दिशा प्रारम्भिक स्थिति से अंतिम स्थिति की ओर होती है।
9. प्रश्न: उदाहरण के अनुसार धावक की कुल चलित दूरी और विस्थापन में क्या अंतर है?
उत्तर: उदाहरण में धावक पहले बिंदु O से A तक जाता है और फिर B तक लौटता है। इस प्रकार उसकी कुल चलित दूरी 160 मीटर होती है। जबकि उसकी प्रारम्भिक स्थिति O और अंतिम स्थिति B के बीच की दूरी 40 मीटर है, जो उसका विस्थापन है। इससे स्पष्ट होता है कि चलित दूरी और विस्थापन अलग-अलग राशियाँ हैं।
10. प्रश्न: किसी वस्तु की स्थिति बताने में दिशा का क्या महत्व है?
उत्तर: किसी वस्तु की सही स्थिति बताने के लिए केवल दूरी बताना पर्याप्त नहीं होता। यह भी बताना आवश्यक है कि वस्तु संदर्भ बिंदु के दाहिनी ओर है या बाईं ओर। इसलिए स्थिति का वर्णन करने के लिए दूरी के साथ दिशा भी बताई जाती है। सामान्यतः दाहिनी दिशा को धन (+) तथा बाईं दिशा को ऋण (–) माना जाता है।

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