कोशिका – जीवन की निर्माण इकाई
1. अध्याय का परिचय
सभी जीवित प्राणी कोशिकाओं से बने होते हैं। कोशिका जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक तथा कार्यात्मक इकाई है। कुछ जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं जबकि कुछ जीव लाखों कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं, ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं और अंग मिलकर अंग-तंत्र का निर्माण करते हैं।
2. कोशिका क्या है?
- कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
- सभी जीवों का निर्माण कोशिकाओं से होता है।
- कोशिका जीवित रहने के लिए आवश्यक सभी मूल क्रियाएँ कर सकती है।
3. एककोशिकीय और बहुकोशिकीय जीव
एककोशिकीय जीव (Unicellular)
ऐसे जीव जो केवल एक कोशिका से बने होते हैं।
उदाहरण
- जीवाणु
- यीस्ट
बहुकोशिकीय जीव (Multicellular)
ऐसे जीव जो अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं।
उदाहरण
- पादप
- मछली
- पक्षी
- मनुष्य
4. कोशिकाओं का अध्ययन कैसे किया जाता है?
अधिकांश कोशिकाएँ इतनी छोटी होती हैं कि उन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता। इसलिए उनके अध्ययन के लिए सूक्ष्मदर्शी का उपयोग किया जाता है।
5. मानव नेत्र की विभेदन सीमा
- मानव नेत्र लगभग 0.1 mm दूरी तक की दो वस्तुओं को अलग-अलग पहचान सकता है।
- इससे छोटी वस्तुएँ एक ही बिंदु जैसी दिखाई देती हैं।
- अधिकांश कोशिकाएँ इस सीमा से छोटी होती हैं।
6. रॉबर्ट हुक का योगदान
- वर्ष 1665 में रॉबर्ट हुक ने स्वयं निर्मित सूक्ष्मदर्शी से कॉर्क का अध्ययन किया।
- उन्होंने छोटे-छोटे कक्ष देखे।
- इन्हें उन्होंने “सेल” अर्थात् कोशिका नाम दिया।
7. प्रकाश सूक्ष्मदर्शी
प्रकाश सूक्ष्मदर्शी की सहायता से कोशिकाओं का आवर्धित चित्र देखा जाता है।
मुख्य भाग
- नेत्रिका
- अभिदृश्यक लेंस
- काय नली
- मंच
- दर्पण
- समायोजन घुंडी
- आधार
8. इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
- यह प्रकाश की जगह इलेक्ट्रॉनों का उपयोग करता है।
- इससे कोशिका की अत्यंत सूक्ष्म संरचनाएँ देखी जा सकती हैं।
- नैनोमीटर स्तर तक अध्ययन संभव होता है।
9. कोशिका की संरचना
कोशिका मुख्य रूप से तीन भागों से बनी होती है:
- कोशिका झिल्ली
- कोशिकाद्रव्य
- केंद्रक
10. कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)
परिचय
- कोशिका झिल्ली कोशिका को चारों ओर से घेरती है।
- इसे प्लाज्मा झिल्ली भी कहते हैं।
- यह कोशिका की आंतरिक सामग्री की रक्षा करती है।
वरणात्मक पारगम्यता
कोशिका झिल्ली:
- कुछ पदार्थों को अंदर-बाहर जाने देती है।
- कुछ पदार्थों को रोक देती है।
इस गुण को वरणात्मक पारगम्यता (Selectively Permeable) कहते हैं।
11. परासरण (Osmosis)
परिभाषा
वरणात्मक रूप से पारगम्य झिल्ली के माध्यम से जल का कम विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र से अधिक विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर जाना परासरण कहलाता है।
विशेषताएँ
- केवल जल की गति होती है।
- झिल्ली आवश्यक होती है।
- संतुलन बनने तक प्रक्रिया चलती रहती है।
12. विसरण (Diffusion)
परिभाषा
उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर कणों की गति को विसरण कहते हैं।
परासरण और विसरण में अंतर
| परासरण | विसरण |
|---|---|
| केवल जल की गति | किसी भी कण की गति |
| झिल्ली आवश्यक | झिल्ली आवश्यक नहीं |
| जल का स्थानांतरण | पदार्थों का स्थानांतरण |
13. विभिन्न प्रकार के विलयन
(1) समपरासारी विलयन
बाहरी और आंतरिक सांद्रता समान होती है।
(2) अल्पपरासारी विलयन
बाहरी विलेय सांद्रता कम होती है।
(3) अतिपरासारी विलयन
बाहरी विलेय सांद्रता अधिक होती है।
14. कोशिका झिल्ली की संरचना
- कोशिका झिल्ली लगभग 7–10 nm मोटी होती है।
- यह लिपिड तथा प्रोटीन से बनी होती है।
- इसकी संरचना को तरल-मोजेक मॉडल द्वारा समझाया जाता है।
तरल-मोजेक मॉडल
मुख्य विशेषताएँ
- लिपिड की द्विपरत होती है।
- प्रोटीन उसमें अंतःस्थापित रहते हैं।
- झिल्ली तरल प्रकृति की होती है।
- प्रोटीन द्वारपाल (Gatekeeper) का कार्य करते हैं।
15. कोशिका भित्ति (Cell Wall)
परिचय
- कोशिका झिल्ली के बाहर उपस्थित अतिरिक्त आवरण।
- केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है।
- कोशिका को मजबूती और निश्चित आकार प्रदान करता है।
कार्य
- कोशिका की रक्षा करना।
- आकार बनाए रखना।
- पौधों को सीधा खड़ा रखने में सहायता।
- जल एवं खनिजों के आवागमन में सहायता।
संरचना
- मुख्यतः सेलुलोज से बनी होती है।
- सेलुलोज एक कार्बोहाइड्रेट है।
- यह अनेक ग्लूकोज इकाइयों से मिलकर बनता है।
16. पादप एवं जंतु कोशिका में अंतर
पादप कोशिका
- कोशिका भित्ति उपस्थित।
- आकार अधिक स्थिर।
- चीनी के घोल में भी बाहरी आकार बना रहता है।
जंतु कोशिका
- कोशिका भित्ति अनुपस्थित।
- आकार बदल सकता है।
- सांद्र विलयन में सिकुड़ जाती है।
17. कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
- कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच पाया जाने वाला जेली जैसा पदार्थ।
- इसमें अनेक कोशिकांग उपस्थित होते हैं।
- अधिकांश कोशिकीय क्रियाएँ यहीं होती हैं।
18. कोशिकांग (Organelles)
कोशिकाद्रव्य में उपस्थित विशेष संरचनाएँ कोशिकांग कहलाती हैं।
इनका कार्य:
- ऊर्जा प्रदान करना
- पदार्थों का निर्माण
- अपशिष्ट हटाना
- कोशिका की गतिविधियों का संचालन करना
19. प्रोकैरियोटिक कोशिका
विशेषताएँ
- स्पष्ट केंद्रक नहीं होता।
- झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते
- सामान्यतः आकार छोटा होता है।
- अधिकांश एककोशिकीय होते हैं।
उदाहरण
- जीवाणु
20. यूकैरियोटिक कोशिका
विशेषताएँ
- स्पष्ट केंद्रक उपस्थित।
- झिल्ली-बद्ध कोशिकांग उपस्थित।
- आकार अपेक्षाकृत बड़ा।
- एककोशिकीय या बहुकोशिकीय हो सकती हैं।
उदाहरण
- पादप कोशिका
- जंतु कोशिका
21. कोशिका पंजर (Cytoskeleton)
कार्य
- कोशिका को संरचनात्मक स्थिरता प्रदान करना।
- कोशिका का आकार बनाए रखना।
- कोशिका की गति में सहायता करना।
- आंतरिक परिवहन में सहायता करना।
22. विषाणु, विषाणुभ और प्रायन
ये कोशिका रहित संक्रामक कारक हैं।
विषाणु (Virus)
- आनुवंशिक पदार्थ + प्रोटीन आवरण
विषाणुभ (Viroid)
- केवल आनुवंशिक पदार्थ
- प्रोटीन आवरण नहीं
प्रायन (Prion)
- असामान्य प्रोटीन
- आनुवंशिक पदार्थ नहीं

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