मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण
1. मिश्रण (Mixture)
मिश्रण दो या दो से अधिक पदार्थों को मिलाकर बनता है। मिश्रण के घटक अपने-अपने गुण बनाए रखते हैं।
मिश्रण के प्रकार
(क) समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture)
. जिसमें सभी भागों का संघटन एक समान हो।
. मिश्रण के घटक अलग-अलग दिखाई नहीं देते।
. इसे विलयन (Solution) भी कहते हैं।
. उदाहरण:
- चीनी + जल
- सिरका
- सोडा जल (कार्बन डाइऑक्साइड + जल)
(ख) विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture)
. जिसमें संघटन एक समान नहीं होता।
. घटक अलग-अलग दिखाई देते हैं।
. उदाहरण:
- रेत + जल
- तेल + जल
2. विलयन (Solution)
विलयन एक समांगी मिश्रण होता है।
विलयन के घटक
विलेय (Solute)
जो पदार्थ घुलता है।
विलायक (Solvent)
जिसमें विलेय घुलता है।
उदाहरण:
चीनी + जल के विलयन में
- चीनी = विलेय
- जल = विलायक
3. विलयन की सांद्रता (Concentration)
विलायक या विलयन की निश्चित मात्रा में घुले विलेय की मात्रा को सांद्रता कहते हैं।
सांद्रता का महत्व
ORS बनाने में
- दवाइयों में
- कृषि में पीड़कनाशी बनाने में
- खाद्य पदार्थों में
- चाय आदि बनाने में
4. सांद्रता व्यक्त करने की विधियाँ
(क) द्रव्यमान-द्रव्यमान प्रतिशत (% m/m)
100 g विलयन में उपस्थित विलेय के ग्राम बताता है।
सूत्र
उपयोग
- दूध पाउडर
- मसालों के मिश्रण
- पैक किए गए खाद्य पदार्थों की संरचना बताने में
उदाहरण
90 g जल + 10 g नमक
अतः सांद्रता = 10% m/m
(ख) द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत (% m/v)
100 mL विलयन में उपस्थित विलेय के ग्राम बताता है।
सूत्र
उपयोग
- दवाइयों में
- प्रयोगशालाओं में
- ग्लूकोज विलयन में
उदाहरण
5 g ग्लूकोज को घोलकर 100 mL विलयन बनाया गया।
अतः सांद्रता = 5% m/v
(ग) आयतन-आयतन प्रतिशत (% v/v)
100 mL विलयन में उपस्थित विलेय के mL बताता है।
सूत्र
उपयोग
- इत्र
- प्रसाधन सामग्री
- सिरका
उदाहरण
1 mL पीड़कनाशी को मिलाकर 100 mL विलयन बनाया गया।
अतः सांद्रता = 1% v/v
5. विलेयता (Solubility)
किसी निश्चित तापमान पर 100 g या 100 mL विलायक में घुलने वाली विलेय की अधिकतम मात्रा को विलेयता कहते हैं।
संतृप्त विलयन
ऐसा विलयन जिसमें उस तापमान पर और अधिक विलेय नहीं घुल सकता।
तापमान का प्रभाव
- अधिकांश ठोस पदार्थों की विलेयता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
- गैसों की विलेयता तापमान बढ़ने पर घटती है।
6. समांगी मिश्रणों के पृथक्करण की विधियाँ
(क) क्रिस्टलीकरण (Crystallization)
संतृप्त विलयन से क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्रिस्टलीकरण कहते हैं।
सिद्धांत
विभिन्न तापमानों पर पदार्थों की विलेयता अलग-अलग होती है।
उपयोग
- घुलनशील ठोस पदार्थों को अलग करने में
- पदार्थों के शुद्धीकरण में
क्रिस्टल के उदाहरण
- सेंधा नमक
- मिश्री
- हिमकण (Snowflakes)
- पाला (Frost)
क्रिस्टलीकरण के मुख्य चरण
- संतृप्त विलयन बनाना।
- गर्म विलयन का निस्यंदन करना।
- विलयन को धीरे-धीरे ठंडा करना।
- क्रिस्टलों को अलग कर धोना और सुखाना।
विशेष तथ्य
धीरे-धीरे ठंडा करने पर बड़े और अच्छे क्रिस्टल बनते हैं।
(ख) आसवन (Distillation)
दो मिश्रणीय द्रवों को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग करने की विधि को आसवन कहते हैं।
सिद्धांत
- कम क्वथनांक वाला द्रव पहले वाष्पित होता है।
- वाष्प को ठंडा कर पुनः द्रव बनाया जाता है।
उपयोग
- विलायक को पुनः प्राप्त करने में
- दो द्रवों को अलग करने में
- घुलनशील ठोस वाले विलयन से द्रव प्राप्त करने में
उदाहरण
ऐसीटोन + जल
- ऐसीटोन का क्वथनांक = 56°C
- जल का क्वथनांक = 100°C
- इसलिए दोनों को आसवन द्वारा अलग किया जा सकता है।
पारंपरिक उपयोग
कन्नौज में “मिट्टी का इत्र” पारंपरिक आसवन विधि (देग-भापका विधि) से बनाया जाता है।
(ग) प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation)
जब मिश्रण के घटकों के क्वथनांकों में अंतर 25°C से कम हो, तब प्रभाजी आसवन का उपयोग किया जाता है।
उपयोग
कच्चे पेट्रोलियम से प्राप्त किए जाते हैं:
- LPG
- पेट्रोल
- किरोसिन
- डीजल
- स्नेहक तेल
- बिटुमिन आदि
(घ) कागज वर्णलेखिकी (Paper Chromatography)
मिश्रण के घटकों को उनके कागज और विलायक के साथ अलग-अलग प्रकार की अंतःक्रिया के आधार पर पृथक करने की विधि।
सिद्धांत
- विलायक कागज पर ऊपर चढ़ता है।
- विभिन्न घटक अलग-अलग गति से चलते हैं।
- परिणामस्वरूप वे अलग-अलग धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं।
उपयोग
- स्याही के रंगों को अलग करना
- पालक की पत्तियों के वर्णकों को अलग करना
- पुष्पों के रंगीन वर्णकों को अलग करना
7. विषमांगी मिश्रणों का पृथक्करण
दो अमिश्रणीय द्रवों का पृथक्करण
उदाहरण
- तेल और जल
दोनों आपस में नहीं मिलते और अलग-अलग परतें बनाते हैं।
पृथक्करण विधि
पृथक्कारी कीप (Separating Funnel) का उपयोग किया जाता है।
प्रक्रिया
- मिश्रण को पृथक्कारी कीप में रखा जाता है।
- स्थिर रखने पर दो परतें बन जाती हैं।
- नीचे की परत (जल) को पहले निकालते हैं।
- ऊपर की परत (तेल) को अलग पात्र में एकत्रित करते हैं।







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