मैं और मेरा देश — प्रश्न-अभ्यास
लेखक: कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ | विधा: निबंध | कक्षा 9
मेरे उत्तर मेरे तर्क — (MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
6 प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं? (पाठ्यपुस्तक के निर्देशानुसार)
🔥 बार-बार पूछा गया
“एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई”, इस पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘दरार’ किस ओर संकेत करता है?
तर्क: लेखक को लगता था कि उसके पास घर, पड़ोस और नगर सब कुछ है — वह अपने आप में पूर्ण है। लेकिन लाला लाजपत राय के अनुभव ने उसे यह एहसास कराया कि जब तक देश गुलाम है, व्यक्ति की यह पूर्णता की भावना झूठी है। इसी पूर्णता के भाव पर ठोकर लगने को ‘दरार’ कहा गया है।
⭐ अति महत्वपूर्ण
निबंध में कहा गया है कि “ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।” लेखक को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद की अनुभूति होती है?
तर्क: लेखक ने स्पष्ट किया है कि जो प्रश्न बात को आगे बढ़ाने और खिलने का अवसर देते हैं, ऐसे प्रश्नों में उन्हें अपूर्व आनंद आता है। यह प्रश्न सही समय पर पूछा गया होता है और विचारों को विकसित करने में सहायक होता है।
⭐ अति महत्वपूर्ण
“अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए”, इस वाक्य में पराधीनता के दिनों को दीन कहा गया है क्योंकि पराधीन भारत में—
तर्क: ‘दीन’ का अर्थ है — दयनीय, हीन। गुलामी के दौर में भारतवासियों का आत्मसम्मान कुचला जाता था। वे विदेशी सत्ता के सामने बेबस थे और अपनी बात कहने तथा गौरव से जीने का अधिकार उनसे छीन लिया गया था।
✅ निश्चित प्रश्न
निबंध के अनुसार मनुष्य साधन-संपन्न होते हुए भी गौरव का अनुभव नहीं कर सकते यदि—
तर्क: लाला लाजपत राय के अनुभव के आधार पर लेखक ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास स्वर्ग के भी सब साधन और उपहार हों, परंतु उसका देश गुलाम हो या किसी भी रूप में हीन हो, तो वे सारे साधन उसे गौरव नहीं दे सकते।
⭐ अति महत्वपूर्ण
“पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी साफ है”, इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘गाँठ’ किन दो बातों को साथ बाँधती है?
तर्क: जापान की दोनों घटनाओं से यह बात स्पष्ट होती है कि एक नागरिक का कार्य उसके देश से और देश का सम्मान-अपमान उसके नागरिक के आचरण से जुड़ा होता है। यही ‘गाँठ’ है जो देश और नागरिक को अटूट रूप से बाँधती है।
🔥 बार-बार पूछा गया
प्रस्तुत निबंध में मुख्यतः कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?
तर्क: इस निबंध में लेखक ने यह बताया है कि व्यक्ति और देश दो अलग चीजें नहीं हैं। नागरिक की हीनता से देश की और देश की गौरव से नागरिक की पहचान बनती है। यही इस निबंध का केंद्रीय भाव है — व्यक्ति और देश का अटूट अंतर्संबंध।
मेरी समझ मेरे विचार
3 प्रश्न
इन प्रश्नों के उत्तर लिखते समय पाठ की घटनाओं और उदाहरणों का उपयोग करें। उत्तर 4-6 वाक्यों में लिखें।
✅ निश्चित प्रश्न
स्वामी रामतीर्थ फल देने वाले युवक का उत्तर सुनकर मुग्ध क्यों हो गए?
स्वामी रामतीर्थ जापान की रेलयात्रा के दौरान फल न मिलने पर कह बैठे थे — “जापान में शायद अच्छे फल नहीं मिलते।” एक जापानी युवक ने यह सुन लिया और दूर से एक टोकरी ताजे फल लाकर उन्हें भेंट किए।
जब स्वामी जी ने दाम देने की कोशिश की तो युवक ने कहा — “आप इनका मूल्य देना ही चाहते हैं तो वह यह है कि आप अपने देश में जाकर किसी से यह न कहिएगा कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।”
स्वामी जी इस उत्तर से मुग्ध हो गए क्योंकि युवक ने बिना किसी स्वार्थ के, केवल देश के सम्मान की रक्षा के लिए यह कार्य किया। एक साधारण नागरिक का देशभक्ति से ओत-प्रोत यह व्यवहार अत्यंत प्रेरणादायक था।
🔥 बार-बार पूछा गया
जापान के युवक ने स्वामी रामतीर्थ को दिए गए फलों के मूल्य के रूप में क्या माँगा? आपके मन में उस युवक के व्यक्तित्व की कौन-सी छवि उभरती है, यह भी लिखिए।
माँगा गया मूल्य: जापानी युवक ने फलों के बदले में कोई धन नहीं माँगा। उसने केवल यह अनुरोध किया कि स्वामी रामतीर्थ भारत जाकर किसी से यह न कहें कि “जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।” वह अपने देश की छवि की रक्षा करना चाहता था।
व्यक्तित्व की छवि: उस युवक के व्यक्तित्व की निम्न छवि उभरती है —
- वह सच्चा देशभक्त था जिसे अपने देश के सम्मान की गहरी चिंता थी।
- वह निःस्वार्थी और उदार था — बिना किसी लाभ की अपेक्षा के दूसरों की सहायता की।
- वह जागरूक नागरिक था जो अपने दैनिक कार्यों से देश का गौरव बढ़ाना चाहता था।
- वह विनम्र था पर देश के प्रति पूरी तरह समर्पित था।
🔥 बार-बार पूछा गया
“बात यह है कि मैं और मेरा देश दो अलग चीज तो हैं ही नहीं।” स्वयं को देश से अलग न मानने के पीछे क्या तर्क हो सकते हैं, उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
लेखक के अनुसार व्यक्ति और देश एक ही सत्ता के दो पहलू हैं। इस कथन के पीछे निम्न तर्क हैं —
- पहचान का तर्क: जब कोई विदेशी हमसे पूछता है “तुम कौन हो?” तो हम अपने देश का नाम लेते हैं। हमारी पहचान ही हमारे देश की पहचान है।
- सम्मान का तर्क: यदि किसी विदेश में भारतीय का अपमान होता है तो वह देश का अपमान है। जापानी युवक की घटना इसका उदाहरण है।
- दायित्व का तर्क: जैसे अपने घर को स्वच्छ रखना हमारा दायित्व है, वैसे ही देश को स्वच्छ और सशक्त रखना भी हमारा दायित्व है।
- लाभ-हानि का तर्क: देश की प्रगति से नागरिक को लाभ होता है और नागरिक की हीनता से देश की हानि होती है — दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं।
उदाहरण: जिस जापानी विद्यार्थी ने पुस्तकालय की पुस्तक से चित्र चुराए, उसकी वजह से उसके पूरे देश के नागरिकों पर पुस्तकालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया। यह स्पष्ट करता है कि व्यक्ति का कार्य देश से अलग नहीं होता।
मेरे अनुभव मेरे विचार
6 प्रश्न
🔥 बार-बार पूछा गया
“देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उसकी हीनता और गौरव का फल भी उसके देश को मिलता है”, अपने आस-पास के विभिन्न उदाहरणों के द्वारा इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
इस पंक्ति का भाव यह है कि व्यक्ति और देश का संबंध दोतरफा है — देश का सम्मान नागरिक को और नागरिक का सम्मान देश को मिलता है।
उदाहरण —
- खेल जगत का उदाहरण: जब कोई भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक में पदक जीतता है, तो देश का सम्मान बढ़ता है और उस खिलाड़ी को राष्ट्रीय सम्मान मिलता है।
- भ्रष्टाचार का उदाहरण: यदि कोई अधिकारी विदेश में भ्रष्ट आचरण करता है, तो उस पर ही नहीं, भारत की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- विज्ञान का उदाहरण: डॉ. अब्दुल कलाम जी के वैज्ञानिक योगदान से देश का सम्मान बढ़ा और देश ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया।
- स्वच्छता का उदाहरण: जो नागरिक सार्वजनिक स्थानों को गंदा करते हैं, वे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाते हैं।
यह निबंध का केंद्रीय विचार है: नागरिक और देश का गौरव-अपमान परस्पर जुड़ा है।
⭐ अति महत्वपूर्ण
“मुझे बहुतों की अपने लिए जरूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की जरूरत का उनके लिए जवाब था।”
(क) प्रातःकाल से लेकर रात्रि तक आप अपने किन-किन कार्यों में किस-किसका क्या सहयोग लेते हैं और आप दूसरों को किस तरह का सहयोग देते हैं? अपने अनुभव लिखिए।
(ख) उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्द ‘बहुतों’ में कौन-कौन सम्मिलित होंगे, अनुमान के आधार पर लिखिए।
(ग) रचनाकार को स्वयं के लिए दूसरे लोगों से किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता पड़ती होगी और वह दूसरों को किस प्रकार का सहयोग देता होगा, अनुमान के आधार पर लिखिए।
(क) दिनचर्या में लिया/दिया गया सहयोग —
- सुबह: किसान से अनाज, दूधवाले से दूध, समाचारपत्र वाले से अखबार लेते हैं।
- विद्यालय में: शिक्षकों से ज्ञान लेते हैं और सहपाठियों को पढ़ाई में सहयोग देते हैं।
- घर में: माँ-पिता से देखभाल लेते हैं और बड़ों की सेवा करके, छोटों की मदद करके सहयोग देते हैं।
- बाजार में: दुकानदार से सामान लेते हैं, अपने काम के बदले सेवाएँ देते हैं।
(ख) ‘बहुतों’ में सम्मिलित लोग — किसान, मजदूर, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, दुकानदार, पड़ोसी, मित्र, परिवारजन, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, बिजलीकर्मी आदि।
(ग) रचनाकार का परस्पर सहयोग — रचनाकार को पुस्तकालय, प्रकाशक, पाठक, परिवार और समाज से सहयोग मिलता है। बदले में वह अपनी रचनाओं से समाज को जागरूकता, प्रेरणा, विचार और मनोरंजन प्रदान करता है।
🔥 बार-बार पूछा गया
“सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।”
(क) उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित अंश “युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता” के आधार पर लिखिए कि देश की प्रगति, विकास एवं सुरक्षा के प्रति हम सभी के क्या-क्या दायित्व हैं?
(ख) अपने पास-पड़ोस में विचरने वाले पशु-पक्षियों की जीवनचर्या का अवलोकन कीजिए और अपने अवलोकन के आधार पर लिखिए कि आप उनके संघर्षों को किस रूप में देखते हैं?
(ग) इस निबंध में जीवन को युद्ध क्यों कहा गया है? आप अपने घर के बड़ों से इस विषय पर चर्चा करके उनके और अपने विचार लिखिए।
(घ) देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा सैनिक करते हैं। इसी तरह हमारे आस-पास हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक लोग कार्यरत हैं। ये कौन-कौन लोग हैं और उनके लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?
(क) देश के प्रति हमारे दायित्व —
- किसान — अनाज उगाकर देश को खाद्य सुरक्षा देता है।
- विद्यार्थी — पढ़-लिखकर देश का भविष्य बनाता है।
- कलाकार — कला से देश की संस्कृति को जीवित रखता है।
- नागरिक — कर देकर, कानून मानकर और ईमानदारी से जीकर देश की नींव मजबूत करता है।
- मतदाता — सही नेता चुनकर लोकतंत्र को मजबूत करता है।
(ख) पशु-पक्षियों के संघर्ष — चिड़िया प्रतिदिन दाना चुगने के लिए संघर्ष करती है, बच्चों के लिए घोंसला बनाती है और खतरों से बचाती है। बैल खेत जोतकर परिश्रम करते हैं। ये प्राणी हमें यह सिखाते हैं कि जीवन संघर्ष से ही आगे बढ़ता है।
(ग) जीवन को युद्ध क्यों कहा — जैसे युद्ध में केवल लड़ाई नहीं होती — रसद पहुँचाना, जय बोलना, रणनीति बनाना सब मिलकर युद्ध जीतते हैं — उसी प्रकार जीवन में भी हर व्यक्ति अपनी-अपनी भूमिका से देश की उन्नति में योगदान देता है। हर कार्य का महत्व है।
(घ) हमारे जीवन को बेहतर बनाने वाले लोग और उनके प्रति कर्तव्य —
| व्यक्ति | योगदान | हम क्या कर सकते हैं |
|---|---|---|
| शिक्षक | ज्ञान देते हैं | आदर और आज्ञापालन |
| सफाईकर्मी | स्वच्छता रखते हैं | कूड़ा न फेंकें, सम्मान दें |
| डॉक्टर/नर्स | स्वास्थ्य की रक्षा | उनके निर्देशों का पालन करें |
| किसान | अनाज उगाते हैं | भोजन की बर्बादी न करें |
⭐ अति महत्वपूर्ण
“अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।”
(क) उपर्युक्त पंक्ति के आधार पर लिखिए कि पास-पड़ोस के लोगों में किस तरह के पारस्परिक संबंध रहे होंगे?
(ख) वर्तमान समय में ऐसे संबंधों में किस तरह के परिवर्तन आए हैं और इनके क्या कारण हो सकते हैं? लिखिए।
(क) पुराने पास-पड़ोस के संबंध — पंक्ति से पता चलता है कि पहले पड़ोसी आपस में परिवार की तरह रहते थे। वे एक-दूसरे के बच्चों को अपने बच्चों की तरह प्यार करते थे। सुख-दुख में साथ देते, आपस में सहयोग करते और मिलजुलकर त्योहार मनाते थे।
(ख) वर्तमान में परिवर्तन और कारण —
- परिवर्तन: आज के शहरों में पड़ोसी एक-दूसरे को जानते भी नहीं। बंद दरवाजे और व्यस्त जीवन ने दूरियाँ बढ़ा दी हैं।
- कारण 1 — शहरीकरण: लोग नौकरी के लिए नए शहरों में आए हैं, जहाँ उनकी जड़ें नहीं हैं।
- कारण 2 — तकनीक: मोबाइल और इंटरनेट ने आभासी दुनिया में व्यस्त कर दिया है।
- कारण 3 — व्यस्तता: आधुनिक जीवनशैली इतनी व्यस्त है कि पड़ोसी से मिलने का समय नहीं।
⭐ अति महत्वपूर्ण
“क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?” अपने घर/विद्यालय के आस-पास, सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों की स्वच्छता एवं सौंदर्य को बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी, संबंधी क्या-क्या करते हैं?
हम अपने आस-पास के स्थानों की स्वच्छता और सौंदर्य बनाए रखने के लिए निम्न कार्य करते हैं —
- कूड़े को हमेशा डस्टबिन में ही डालते हैं।
- विद्यालय प्रांगण में सफाई अभियान में भाग लेते हैं।
- ऐतिहासिक स्थलों पर कुछ भी न लिखने और न तोड़ने का संकल्प लेते हैं।
- पेड़-पौधे लगाते हैं और उनकी देखभाल करते हैं।
- सार्वजनिक दीवारों पर पोस्टर नहीं लगाते और गंदे शब्द नहीं लिखते।
- जल के स्रोतों — तालाब, नदी आदि में कूड़ा नहीं फेंकते।
उत्तर में अपने वास्तविक अनुभव जोड़ने से अंक अधिक मिलते हैं।
✅ निश्चित प्रश्न
“मैं कोई ऐसा काम न करूँ जिससे मेरे देश की स्वतंत्रता को, दूसरे शब्दों में, उसके सम्मान को धक्का पहुँचे।” देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे, इसके लिए क्या करें और क्या नहीं करें? अपने-अपने समूह में इसकी चर्चा कीजिए और चर्चा से उभरे बिंदुओं को प्रातःकालीन सभा में पढ़कर सुनाइए।
ईमानदारी से काम करें; सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करें; विदेश में देश की अच्छाइयाँ बताएँ; सही समय पर कर भरें; मतदान अवश्य करें; राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें।
भ्रष्टाचार में भाग न लें; सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें; देश की बुराई विदेश में न फैलाएँ; सामाजिक भेदभाव न करें; कानून न तोड़ें; राष्ट्रीय धरोहर को नुकसान न पहुँचाएँ।
मेरे प्रश्न (स्वनिर्मित प्रश्न)
3 प्रश्न
निम्नलिखित सामग्री पढ़कर तीन प्रश्न बनाइए: “यह सोचना एकदम निराधार है कि केवल संपन्न व्यक्ति ही देश की प्रगति और विकास में योगदान दे सकते हैं…”
(उपर्युक्त सामग्री के आधार पर स्वनिर्मित प्रश्न)
- प्रश्न 1: उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार, क्या केवल धनी और संपन्न व्यक्ति ही देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
- प्रश्न 2: एक सामान्य नागरिक अपने आचरण से देश की छवि को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है? उदाहरण देकर समझाइए।
- प्रश्न 3: “हम सब नागरिक अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं” — इस कथन के आलोक में बताइए कि विदेश में भारतीयों का व्यवहार देश की छवि के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
व्याकरण की बात (भाषा-अध्ययन)
3 भाग
⭐ अति महत्वपूर्ण
संदर्भ में शब्द — नीचे ‘दरार’, ‘गाँठ’ और ‘पानी’ शब्द के विभिन्न प्रयोगों को देखिए। अब अपनी पाठ्यपुस्तक में से ऐसे अन्य शब्द छाँटकर लिखिए जो संदर्भ के अनुसार भिन्न-भिन्न अर्थ देते हों।
1. “एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई।” (भावनात्मक — पूर्णता में खंडन)
2. भेदभाव की भावना सामाजिक एकता में दरार डालती है। (सामाजिक)
3. भूकंप से इमारत में दरार पड़ गई। (शाब्दिक — भवन में टूटन)
1. माला गूँथते समय धागे के एक सिरे पर गाँठ बाँध दीजिए। (शाब्दिक — गिरह)
2. “उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी साफ है” — (लाक्षणिक — अटूट बंधन)
1. बहुत प्यास लगी है, पानी दीजिए। (शाब्दिक — जल)
2. वह पानी-पानी हो गया। (लाक्षणिक — शर्मिंदा होना)
3. चारों ओर पानी-पानी हो गया। (लाक्षणिक — बाढ़ आना)
4. इनका तो पानी ही उतर चुका है। (लाक्षणिक — सम्मान/मर्यादा खोना)
पाठ से अन्य ऐसे शब्द: तेज (तेज दौड़ना / तेज बुखार / तेज मिर्च), भारी (भारी बोझ / भारी नुकसान / भारी मन), कड़वा (कड़वी दवाई / कड़वा अनुभव)।
🔥 बार-बार पूछा गया
मिलते-जुलते भाव वाले ‘शब्द-युग्म’ — आप इस निबंध में से मिलते-जुलते अर्थ वाले और पुनरुक्त (एक ही शब्द को फिर से कहना) शब्द-युग्म छाँटकर लिखिए।
| शब्द-युग्म | अर्थ / स्पष्टीकरण |
|---|---|
| ममता-दुलार | प्रेम और स्नेह |
| भरा-पूरा | पूर्ण और संतुष्ट |
| घूम-फिरकर | भ्रमण करना |
| सुख-सुविधा | आराम और अनुकूलता |
| शक्ति-बोध | शक्ति का ज्ञान/भाव |
| सौंदर्य-बोध | सुंदरता का ज्ञान/भाव |
| पूरा-पूरा (पुनरुक्त) | पूर्णतः, बिल्कुल पूरा |
| पानी-पानी (पुनरुक्त) | बहुत शर्मिंदा होना |
| छोटी-छोटी (पुनरुक्त) | अत्यंत छोटी-छोटी बातें |
| खील-खील (पुनरुक्त) | पूरी तरह बिखर जाना |
✅ निश्चित प्रश्न
शब्दों की कड़ियाँ/शृंखला — “मैं सोचा करता था कि मेरी मनुष्यता में अब कोई अपूर्णता नहीं रही।” उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित शब्द ‘अपूर्णता’ में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का ही प्रयोग चिह्नित किया गया है। इस प्रयोग को समझकर नीचे दिए गए शब्दों में उपसर्ग और प्रत्यय शब्द पहचानकर लिखिए — अलौकिक, निरक्षरता, सम्मानित, अनावश्यक, अपमानित, अभिमानी
| शब्द | उपसर्ग | मूल शब्द | प्रत्यय |
|---|---|---|---|
| अपूर्णता | अ | पूर्ण | ता |
| अलौकिक | अ | लोक | इक |
| निरक्षरता | निर् | अक्षर | ता |
| सम्मानित | सम् | मान | इत |
| अनावश्यक | अन् | आवश्यक | — |
| अपमानित | अप | मान | इत |
| अभिमानी | अभि | मान | ई |
उपसर्ग शब्द के आगे लगता है और अर्थ बदलता है। प्रत्यय शब्द के पीछे लगता है और नया शब्द बनाता है।
📖 पाठ-परिचय (Chapter Summary)
कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ (1906–1995), उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से। पत्रकार, निबंधकार, ‘पद्म श्री’ से सम्मानित।
संस्मरणात्मक निबंध (प्रश्नोत्तर/संवाद शैली में लिखा गया)
व्यक्ति और राष्ट्र का अटूट संबंध; नागरिक के अधिकार और कर्तव्य; देश का शक्ति-बोध और सौंदर्य-बोध।
लाला लाजपत राय का अनुभव; जापानी युवक और फल; दूसरे देश के विद्यार्थी की चोरी; कमालपाशा और बूढ़े किसान।
संवादात्मक / प्रश्नोत्तर शैली, सरल हिंदी, मुहावरेदार भाषा, कहावतों का प्रयोग।
MCQ, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय — सभी प्रकार के प्रश्न। व्याकरण में उपसर्ग-प्रत्यय, शब्द-युग्म महत्वपूर्ण।

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