Prose Chapter 1 – How I Taught My Grandmother to Read Chapter 2 – The Pot Maker Chapter 3 – Winds of Change Chapter 4 – Vitamin-M Chapter 5 – The World of Limitless Possibilities Chapter 6 – Twin Melodies Chapter 7 – Carrier of Words Chapter 8 – Follow That Dream Poetry Chapter 1 […]
प्रथमः पाठः – अहम् अस्मि भारतस्य संविधानम् MCQ I Chapter 1 Sanskrit Class 9 MCQ II Chapter 1 Sanskrit Class 9 MCQ III Chapter 1 Sanskrit Class 9 द्वितीयः पाठः – योऽधीतविद्य: सकलः स सर्वेषां गुरुभवेत् MCQ I Chapter 2 Sanskrit Class 9 MCQ II Chapter 2 Sanskrit Class 9 MCQ III Chapter 2 Sanskrit […]
यादृशम् अन्नं तादृशं मनः (जैसा अन्न होता है, वैसा ही मन होता है।) 1. एकपदेन उत्तरं लिखत — एक पद में उत्तर लिखिए- (क) मनः अन्नस्य कीदृशः भागः? (मन अन्न का कैसा भाग है?) उत्तर : मनः अन्नस्य अणिष्ठः भागः। (मन अन्न का सबसे सूक्ष्म भाग है।) (ख) मथ्यमानस्य दध्नः अणिष्ठः भागः किं भवति? (मथे […]
स्वाध्यायान्मा प्रमदः (पढ़ाई करने में लापरवाही मत करो।) 1. अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत — पूर्ण वाक्य में उत्तर लिखिए- (क) आचार्यः कम् अनुशास्ति? (आचार्य किसे उपदेश देते हैं?) उत्तर : आचार्यः अन्तेवासिनम् अनुशास्ति। (आचार्य शिष्य को उपदेश देते हैं।) (ख) किं कृत्वा आचार्यः अन्तेवासिनम् अनुशास्ति? (क्या करके आचार्य शिष्य को उपदेश देते हैं?) उत्तर : […]
यक्ष-युधिष्ठिरसंवादः (यक्ष और युधिष्ठिर के बीच हुआ संवाद) प्रश्न 1. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत्। नीचे दिए गए प्रश्नों के पूर्ण वाक्य में उत्तर लिखिए। (क) विद्या कस्य मित्रं भवति? (विद्या किसकी मित्र होती है?) उत्तर : विद्या प्रवसतः मित्रं भवति। (विद्या विदेश में रहने वाले व्यक्ति की मित्र होती है।) (ख) कीदृशः पुरुषः […]
“धर्मश्च व्यवहारश्च चरित्रं राजशासनम्” धर्म, अच्छा व्यवहार, अच्छा चरित्र और राजा की आज्ञा का पालन करना चाहिए १. एकवाक्येन उत्तरं लिखत – एक वाक्य में उत्तर लिखिए। (क) छात्रैः पुस्तकालयं गत्वा किं पुस्तकं दृष्टम्? (विद्यार्थियों ने पुस्तकालय जाकर कौन-सी पुस्तक देखी?) उत्तरम् : छात्रैः पुस्तकालयं गत्वा अर्थशास्त्रम् इति पुस्तकं दृष्टम्। (विद्यार्थियों ने पुस्तकालय जाकर ‘अर्थशास्त्र’ […]
समथेन कृषिः कार्या लोकानां हितकाम्यया (लोगों के कल्याण की कामना से कृषि कार्य का समर्थन करना) १. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत- (नीचे दिए गए प्रश्नों के पूर्ण वाक्य में उत्तर लिखिए) (क) तुष्टचेतसः के भवन्ति ? (संतुष्ट चित्त वाले कौन होते हैं?) उत्तरम् : कृषिकार्ये संलग्नाः जनाः तुष्टचेतसः भवन्ति। (कृषि कार्य में संलग्न […]
पञ्च शीलानि आचरेम, आदर्शसमाजं रचयेम (हम पाँच अच्छे नियमों का पालन करें और एक अच्छा समाज बनाएँ।) प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरं लिखत। (क) जातककथासु बुद्धस्य नाम किमासीत्? (जातक कथाओं में बुद्ध का नाम क्या था?) उत्तर : बोधिसत्त्वः। (बोधिसत्त्व) (ख) का बुभुक्षिता आसीत्? (कौन भूखी थी?) उत्तर : व्याघ्री। (बाघिन) (ग) बोधिसत्त्वः कथं प्राणान् अत्यजत्? […]
सा देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेणा संस्थिता (जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित हैं। १. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत- (नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए) (क) अन्ताराष्ट्रियमहिलादिवसः कदा आचर्यते ? (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है?) उत्तरम् : अन्ताराष्ट्रियमहिलादिवसः मार्चमासस्य अष्टम-दिनाङ्के (८ मार्च) आचर्यते। (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मार्च महीने की आठ तारीख […]
वैद्यवृत्तिचतुर्विधा (वैद्य का काम चार प्रकार का होता है) १. पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत| (पाठ के आधार पर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए) (क) धर्मसाधनविषये महाकविना कालिदासेन उक्तं वाक्यं किम् ? (धर्म साधन के विषय में महाकवि कालिदास द्वारा कहा गया वाक्य क्या है?) उत्तरम् : धर्मसाधनविषये महाकविना कालिदासेन उक्तं वाक्यम् अस्ति […]
योऽधीतविद्य: सकलः स सर्वेषां गुरुभवेत् (जो व्यक्ति अच्छी तरह से विद्या प्राप्त कर लेता है, वह सभी का गुरु बन जाता है। १. पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत – (पूर्ण वाक्य में उत्तर लिखिए) (क) कः सर्वेषां गुरुः भवेत्? (सबका गुरु कौन हो सकता है?) उत्तर : यः सकलविद्याम् अधीतवान्, सः सर्वेषां गुरुः भवेत्। (जिसने समस्त विद्या […]
स्वाध्यायान्मा प्रमदः (पढ़ाई करने में लापरवाही मत करो।) 1. पाठ का मुख्य विषय ‘स्वाध्यायान्मा प्रमदः’ पाठ में प्राचीन भारतीय शिक्षा-व्यवस्था तथा तैत्तिरीयोपनिषद् की शिक्षावल्ली में दिए गए जीवनोपयोगी उपदेशों का वर्णन किया गया है। इस पाठ में आचार्य अपने शिष्यों को सत्य बोलने, धर्म का पालन करने, नियमित अध्ययन करने, माता-पिता एवं गुरु का सम्मान […]
यादृशम् अन्नं तादृशं मनः (जैसा अन्न होता है, वैसा ही मन होता है।) 1. पाठ का परिचय यह पाठ छान्दोग्योपनिषद् के षष्ठ अध्याय के पाँचवें खण्ड से लिया गया है। पाठ में मन, प्राण और वाणी के विषय में बताया गया है। इन विषयों को आरुणि और उनके पुत्र श्वेतकेतु के संवाद के माध्यम से […]
यक्ष-युधिष्ठिरसंवादः (यक्ष और युधिष्ठिर के बीच हुआ संवाद) 1. अध्याय का परिचय इस अध्याय में महाभारत के वनपर्व में वर्णित यक्ष और युधिष्ठिर के प्रश्न-उत्तर संवाद को प्रस्तुत किया गया है। अध्याय की शुरुआत में विद्यार्थी महर्षि व्यास की प्रतिमा देखते हैं। शिक्षक बताते हैं कि महर्षि व्यास को कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास भी कहा जाता […]
धर्मश्च व्यवहारश्च चरित्रं राजशासनम् धर्म, अच्छा व्यवहार, अच्छा चरित्र और राजा की आज्ञा का पालन करना चाहिए 1. पाठ का परिचय इस पाठ में आचार्य कौटिल्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र के विषय में चर्चा की गई है। पाठ में शासन-व्यवस्था, राज्य के अंग, न्याय-व्यवस्था, राजा के कर्तव्य, कोष-व्यवस्था तथा कर-व्यवस्था आदि विषयों को संवाद के माध्यम […]
समथेन कृषिः कार्या लोकानां हितकाम्यया (लोगों के कल्याण की कामना से कृषि कार्य का समर्थन करना) 1. पाठ का मुख्य विषय इस पाठ में कृषि के महत्त्व, कृषक के परिश्रम, कृषि-विज्ञान तथा कृषि के लिए भूमि की जाँच के विषय में बताया गया है। पाठ में बताया गया है कि अन्न, प्राण और बल के […]
पञ्च शीलानि आचरेम, आदर्शसमाजं रचयेम (हम पाँच अच्छे नियमों का पालन करें और एक अच्छा समाज बनाएँ।) 1. पाठ का परिचय इस पाठ में भगवान् गौतम बुद्ध, उनके करुणामय जीवन, उनके उपदेश तथा बौद्ध धर्म के पञ्चशील, चार आर्यसत्य, अष्टाङ्गिक मार्ग और शरणत्रय का वर्णन किया गया है। पाठ में व्याघ्री जातक के माध्यम से […]
सा देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेणा संस्थिता (जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित हैं। 1. पाठ का प्रसंग यह पाठ अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के प्रसंग पर आधारित है। समारोह 8 मार्च 2026 को आयोजित किया गया है। इसमें स्वयंप्रभा महिला संघ की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में प्रमुख […]
वैद्यवृत्तिचतुर्विधा (वैद्य का काम चार प्रकार का होता है) 1. पाठ का विषय इस पाठ में आयुर्वेद, चिकित्सा के चार पाद, स्वास्थ्य की रक्षा के उपाय, स्वस्थ व्यक्ति के गुण तथा वैद्य की चतुर्विध वृत्ति का वर्णन किया गया है। पाठ के अंत में आत्रेय और उनके शिष्य जीवितराम की कथा भी दी गई है। […]
Chapter 1 Orienting Yourself: The Use of Coordinates Chapter 2 Introduction to Linear Polynomials Chapter 3 The World of Numbers Chapter 4 Exploring Algebraic Identities Chapter 5 I’m Up and Down, and Round and Round Chapter 6 Measuring Space: Perimeter and Area Chapter 7 The Mathematics of Maybe: Introduction to Probability Chapter 8 Predicting What […]
योऽधीतविद्य: सकलः स सर्वेषां गुरुभवेत् (जो व्यक्ति अच्छी तरह से विद्या प्राप्त कर लेता है, वह सभी का गुरु बन जाता है। 1. अध्याय का परिचय इस पाठ में प्राचीन भारतीय शिक्षा-परंपरा, विद्याओं, कलाओं, वेदों, उपवेदों और वेदांगों के बारे में बताया गया है। यह पाठ ‘शक्रनीति’ नामक ग्रंथ से लिया गया है। शक्रनीति के […]