✍️ लघु प्रश्न (Short Questions)
1.
प्रश्न (संस्कृत): खदुीरामस्य जन्म कदा अभवत्?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम का जन्म कब हुआ?
उत्तर: खदुीरामस्य जन्म १८८९ तमे वर्षे दिसम्बरमासस्य तृतीये दिनाङ्के अभवत्।
हिंदी उत्तर: खुदीराम का जन्म 1889 में दिसंबर महीने की 3 तारीख को हुआ।
2.
प्रश्न: खदुीरामस्य जन्म कुत्र अभवत्?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम का जन्म कहाँ हुआ?
उत्तर: तस्य जन्म बङ्गप्रान्ते मोहोबनीग्रामे अभवत्।
हिंदी: उनका जन्म बंगाल प्रान्त के मोहोबनी गाँव में हुआ।
3.
प्रश्न: खदुीरामस्य मातापितरौ के आस्ताम्?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम के माता-पिता कौन थे?
उत्तर: तस्य पितुः नाम त्रैलोक्यनाथः, मातुः नाम लक्ष्मीप्रिया देवी आसीत्।
हिंदी: उनके पिता का नाम त्रैलोक्यनाथ और माता का नाम लक्ष्मीप्रिया देवी था।
4.
प्रश्न: खदुीरामः बाल्यकाले किमर्थं व्यथितः आसीत्?
हिंदी अनुवाद: बचपन में खुदीराम क्यों दुखी रहते थे?
उत्तर: सः देशवासिषु अत्याचारान् दृष्ट्वा व्यथितः आसीत्।
हिंदी: वह देशवासियों पर अत्याचार देखकर दुखी होते थे।
5.
प्रश्न: सत्येन्द्रनाथः किम् उपदिशत्?
हिंदी अनुवाद: सत्येन्द्रनाथ ने क्या उपदेश दिया?
उत्तर: शरीरं दृढं, बुद्धिः तीक्ष्णा, मनः निर्मलं भवेत् इति उपदिशत्।
हिंदी: उन्होंने कहा कि शरीर मजबूत, बुद्धि तेज और मन निर्मल होना चाहिए।
6.
प्रश्न: खदुीरामः कस्य प्रेरणया क्रान्तिकार्ये प्रवृत्तः?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम किसकी प्रेरणा से क्रांतिकारी बने?
उत्तर: सः देशभक्तेः भावनया प्रेरितः आसीत्।
हिंदी: वह देशभक्ति की भावना से प्रेरित थे।
7.
प्रश्न: खदुीरामः किम् आयोजनं करोति स्म?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम क्या आयोजन करते थे?
उत्तर: सः पदयात्राम् आयोजनं करोति स्म।
हिंदी: वह पदयात्रा का आयोजन करते थे।
8.
प्रश्न: किङ्ग्ज़फोर्ड् कः आसीत्?
हिंदी अनुवाद: किंग्जफोर्ड कौन था?
उत्तर: सः आङ्ग्लः न्यायिक अधिकारी आसीत्।
हिंदी: वह एक अंग्रेज न्यायिक अधिकारी था।
9.
प्रश्न: खदुीरामः कदा पर्यन्तं पादत्राणं न धारयिष्यामि इति उक्तवान्?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम ने कब तक जूते न पहनने की प्रतिज्ञा की?
उत्तर: यावत् भारतं आङ्ग्लशासनात् मुक्तं न भविष्यति तावत्।
हिंदी: जब तक भारत अंग्रेजों से मुक्त नहीं होगा तब तक।
10.
प्रश्न: खदुीरामः कदा हुतात्मा जातः?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम कब शहीद हुए?
उत्तर: सः १९०८ तमे वर्षे अगस्तमासस्य एकादशे दिने हुतात्मा जातः।
हिंदी: वह 1908 में 11 अगस्त को शहीद हुए।
📝 दीर्घ प्रश्न (Long Questions)
1.
प्रश्न (संस्कृत): खदुीरामस्य बाल्यजीवनं वर्णयत।
हिंदी अनुवाद: खुदीराम के बाल्यकाल का वर्णन कीजिए।
उत्तर (संस्कृत):
खदुीरामः बाल्यकालतः एव असाधारणः आसीत्। तस्य मनः क्रीडासु न रमते स्म। सः देशवासिषु अत्याचारान् दृष्ट्वा दुःखितः भवति स्म। तस्य पालनं तस्य अग्रजया कृतम्।
हिंदी उत्तर:
खुदीराम बचपन से ही असाधारण थे। उनका मन खेलों में नहीं लगता था। वे देशवासियों पर अत्याचार देखकर दुखी होते थे। उनका पालन-पोषण उनकी बहन ने किया।
2.
प्रश्न: बङ्गभङ्ग आन्दोलनं किम् आसीत्?
हिंदी अनुवाद: बंग-भंग आंदोलन क्या था?
उत्तर (संस्कृत):
१९०५ तमे वर्षे कर्जनः बङ्गप्रान्तस्य विभाजनं कृतवान्। तेन सर्वत्र जनान्दोलनं जातम्। तत् बङ्गभङ्ग आन्दोलनम् इति कथ्यते।
हिंदी:
1905 में कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया। इससे पूरे देश में आंदोलन हुआ जिसे बंग-भंग आंदोलन कहा गया।
3.
प्रश्न: खदुीरामस्य क्रान्तिकार्याणि वर्णयत।
हिंदी अनुवाद: खुदीराम के क्रांतिकारी कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर (संस्कृत):
खदुीरामः पदयात्रां करोति स्म, पत्रकानि वितरति स्म, देशभक्तिगीतानि गायति स्म। सः जनजागरणं कृतवान्।
हिंदी:
खुदीराम पदयात्रा करते थे, पर्चे बाँटते थे और देशभक्ति के गीत गाते थे। उन्होंने लोगों को जागरूक किया।
4.
प्रश्न: किङ्ग्ज़फोर्ड्-वधयोजनां वर्णयत।
हिंदी अनुवाद: किंग्जफोर्ड की हत्या की योजना का वर्णन करें।
उत्तर (संस्कृत):
प्रफुल्ल-खदुीरामाभ्यां किङ्ग्ज़फोर्डस्य वधाय योजना कृता। तौ तस्य रथे विस्फोटकं क्षिप्तवन्तौ। किन्तु सः न मृतः।
हिंदी:
प्रफुल्ल और खुदीराम ने किंग्जफोर्ड को मारने की योजना बनाई। उन्होंने उसके रथ पर बम फेंका, लेकिन वह बच गया।
5.
प्रश्न: खदुीरामस्य धैर्यं वर्णयत।
हिंदी अनुवाद: खुदीराम के साहस का वर्णन करें।
उत्तर (संस्कृत):
खदुीरामः न्यायालये अपि निर्भयः आसीत्। सः सर्वेषां प्रश्नानां उत्तरं “वन्दे मातरम्” इति ददाति स्म।
हिंदी:
खुदीराम न्यायालय में भी निर्भय थे। वह हर प्रश्न का उत्तर “वंदे मातरम्” देते थे।
6.
प्रश्न: खदुीरामस्य जीवनात् किम् शिक्षां लभामहे?
हिंदी अनुवाद: खुदीराम के जीवन से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर (संस्कृत):
अस्माभिः देशभक्तिः, साहसम्, त्यागभावना च शिक्षणीयाः। राष्ट्राय जीवनं समर्पयितव्यम्।
हिंदी:
हमें उनके जीवन से देशभक्ति, साहस और त्याग की भावना सीखनी चाहिए। हमें राष्ट्र के लिए समर्पित रहना चाहिए।


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