MCQ संस्कृत Chapter 6 Sanskrit ऋषिकुल्या Class 9 Rishikulya CBSE Advertisement समथेन कृषिः कार्या लोकानां हितकाम्यया 1. भारतवर्षं प्राचीनकालाद् कीदृशं राष्ट्रम् अस्ति? (भारत देश पुराने समय से कैसा देश है?)व्यापारप्रधानम् (व्यापार वाला)सैन्यप्रधानम् (सेना वाला)कृषिप्रधानम् (खेती वाला)उद्योगप्रधानम् (कारखाने वाला)Question 1 of 202. कस्य कर्मणा एव सर्वविधानां सस्यानां प्राप्तिर्भवति? (किसके काम से सभी प्रकार की फसलों की प्राप्ति होती है?)कृषिकर्मणा (खेती के काम से)व्यापारकर्मणा (व्यापार के काम से)सैन्यकर्मणा (सेना के काम से)राजकर्मणा (राजकीय काम से)Question 2 of 203. कस्याः उत्पद्यमानतया अन्नफलादीनां प्राप्तिः भवति? (किसकी उत्पत्ति से अन्न और फलों की प्राप्ति होती है?)वनानाम् (वनों की)कृष्या (खेती की)नदीनाम् (नदियों की)पर्वतानाम् (पर्वतों की)Question 3 of 204. कृषकाः महता श्रमेण कानि उत्पादयन्ति? (किसान बहुत मेहनत से क्या पैदा करते हैं?)वस्त्राणि (कपड़े)शस्त्राणि (हथियार)भवनानि (घर)अन्नादीनि (अन्न आदि)Question 4 of 205. कृषकाः आदौ कस्य सम्यक् परीक्षणं कुर्वन्ति? (किसान सबसे पहले किसका अच्छी तरह परीक्षण करते हैं?)भूमेः जलादीनां च (भूमि और पानी आदि का)गगनस्य (आकाश का)वह्नेः (आग का)वायोः (हवा का)Question 5 of 206. आचार्यकौटिल्यः कृषिविद्यां कस्यां विद्यायां समावेशयति? (आचार्य कौटिल्य खेती की विद्या को किस विद्या में शामिल करते हैं?)न्यायविद्यायाम् (न्याय विद्या में)वार्ताविद्यायाम् (वार्ता या आजीविका की विद्या में)मोक्षविद्यायाम् (मोक्ष विद्या में)तर्कविद्यायाम् (तर्क विद्या में)Question 6 of 207. कृषिविषये प्राचीनाः महर्षयः कः सूक्ष्मं विशदं च विचारितवन्तः? (खेती के विषय में प्राचीन किन महर्षियों ने सूक्ष्म और विस्तार से विचार किया?)केवलं व्यासः (केवल व्यास ने)केवलं वाल्मीकिः (केवल वाल्मीकि ने)पराशरप्रभृतयः (पराशर आदि ने)केवलं मनुः (केवल मनु ने)Question 7 of 208. 'अन्नं प्राणा बलं चान्नम्' इत्यस्मिन् श्लोके अन्नं किम् उच्यते? ('अन्नं प्राणा बलं चान्नम्' इस श्लोक में अन्न को क्या कहा गया है?)अनर्थसाधनम् (बर्बादी का साधन)दुःखसाधनम् (दुःख का साधन)बन्धसाधनम् (बंधन का साधन)सर्वार्थसाधनम् (सभी उद्देश्यों का साधन)Question 8 of 209. के सर्वे चान्नोपजीविनः सन्ति? (कौन सभी अन्न पर जीने वाले हैं?)केवलं देवासुराः (केवल देवता और राक्षस)देवासुरमनुष्याः (देवता, राक्षस और मनुष्य)केवलं पक्षिणः (केवल पक्षी)केवलं वृक्षाः (केवल पेड़)Question 9 of 2010. अन्नं हि कया सञ्जातम् अस्ति? (अन्न वास्तव में किससे उत्पन्न होता है?)जलेना (पानी से)वायुना (हवा से)धान्यात ् / धान्यसञ्जातम् (धान्य से)आकाशेन (आकाश से)Question 10 of 2011. कः भिक्षां प्राप्नोति मानवः? (कौन सा मनुष्य भीख पाता है?)यः धनी भवति (जो धनी होता है)यः राजा भवति (जो राजा होता है)यः विद्वान् भवति (जो विद्वान होता है)यः कृषौ असमर्थः भवति (जो खेती में असमर्थ होता है)Question 11 of 2012. कया कृष्या प्रार्थकः (याचकः) नैव जायते? (किसकी खेती से मांगने वाला कभी पैदा नहीं होता?)एकया कृष्या (एकमात्र खेती से)व्यापारेण (व्यापार से)युद्धेन (युद्ध से)भिक्षया (भिक्षा से)Question 12 of 2013. अस्मिन् लोके कः भूपतिः भूयात्? (इस संसार में कौन राजा के समान हो जाता है?)केवलं सैनिकः (केवल सिपाही)कृष्यान्वितः (खेती से जुड़ा हुआ व्यक्ति)केवलं मन्त्री (केवल मंत्री)केवलं चौर्यकारी (केवल चोर)Question 13 of 2014. जनाः कैः पूरिताः सन्तः अपि कृषकान् प्रार्थयन्ति? (लोग किससे भरे होने पर भी किसानों की प्रार्थना करते हैं?)तृणैः (घास से)पाषाणैः (पत्थरों से)सुवर्णरौप्यमाणिक्यवसनैः (सोने, चांदी, मणियों और वस्त्रों से)मृत्तिकया (मिट्टी से)Question 14 of 2015. कृषकाः कीदृशाः भवन्ति? (किसान कैसे स्वभाव के होते हैं?)असत्यवादिनः (झूठ बोलने वाले)क्रूरस्वभावाः (क्रूर स्वभाव वाले)लोभिनः (लोभी)गोभूमिदेवभक्ताः सत्यवादिनः (गाय, भूमि और देवताओं के भक्त तथा सच बोलने वाले)Question 15 of 2016. कृषकाः कीदृशचेतसः भवन्ति? (किसान कैसे मन वाले होते हैं?)तुष्टचेतसः (प्रसन्न मन वाले)दुःखचेतसः (दुःखी मन वाले)क्रुद्धचेतसः (गुस्से वाले मन के)भयचेतसः (डरे हुए मन वाले)Question 16 of 2017. कृषकाः कैः हीनाः भवन्ति? (किसान किससे रहित होते हैं?)बलहीनाः (बल से हीन)तन्द्रालस्यादिहीनाः (सुस्ती और आलस आदि से रहित)ज्ञानहीनाः (ज्ञान से हीन)धनहीनाः (धन से हीन)Question 17 of 2018. कृषकाः कैः वर्जिताः भवन्ति? (किसान किन चीजों से दूर रहते हैं?)गुणैः (गुणों से)नेहैः (स्नेह से)कामक्रोधादिवर्जिताः (काम और क्रोध आदि विकारों से दूर)सहायैः (सहायता से)Question 18 of 2019. कृषकाः परस्परं कीदृशाः भवन्ति? (किसान आपस में कैसे होते हैं?)शत्रुभाजम् (शत्रुता रखने वाले)द्वेषरताः (द्वेष करने वाले)उदासीनताः (उदासीन)स्नेहभाजम् साह्यकर्मरताः च (प्यार से युक्त और मदद के कामों में लगे रहने वाले)Question 19 of 2020. भूमेः परीक्षणार्थं कृषकः किं करोति? (मिट्टी की जाँच के लिए किसान क्या करता है?)मृदम् आघ्राय पीत्वा तोलयित्वा च (मिट्टी को सूंघकर, उसका पानी पीकर और तौलकर)केवलं दृष्ट्वा (केवल देखकर)केवलं स्पृष्ट्वा (केवल छूकर)किमपि न करोति (कुछ नहीं करता)Question 20 of 20 Loading...
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