अभ्यासकार्यम्
प्र. 1. कोष्ठके प्रदत्तधातोः निर्दिष्टलकारे समुचितप्रयोगेण वाक्यानि पूरयत—
(कोष्ठक में दी गई धातु के निर्दिष्ट लकार (Tense/Mood) में प्रयोग द्वारा वाक्यों को पूरा कीजिए—)
i) बालकाः पुस्तकानि पठन्ति। (पठ्-लट्)
(बालक पुस्तकें पढ़ते हैं।)
ii) पुस्तकानि पठित्वा ते विद्वांसः भविष्यन्ति। (भू-लृट्)
(पुस्तकें पढ़कर वे विद्वान होंगे।)
iii) यूयम् उद्याने कदा अक्रीडत। (क्रीड्-लङ्)
(तुम सब बगीचे में कब खेले थे?)
iv) किम् आवाम् अद्य भ्रमाव। (भ्रम्-लोट्)
(क्या हम दोनों आज घूमें?)
v) त्वम् ध्यानेन पाठं पठेः। (पठ्-विधिलिङ्)
(तुम्हें ध्यान से पाठ पढ़ना चाहिए।)
vi) साधवः तपः तपन्ति। (तप्-लट्)
(साधु तपस्या करते हैं।)
vii) वयम् उत्तमान् अङ्कान् लप्स्यामहे। (लभ्-लृट्)
(हम सब अच्छे अंक प्राप्त करेंगे।)
viii) नाटकं दृष्ट्वा सर्वे अमोदन्त। (मुद्-लङ्)
(नाटक देखकर सभी प्रसन्न हुए।)
ix) पितरं वार्धक्ये पुत्रः अवश्यं सेवेत। (सेव्-विधिलिङ्)
(बुढ़ापे में पुत्र को पिता की सेवा अवश्य करनी चाहिए।)
x) हे प्रभो ! संसारे कोऽपि भिक्षां न याचेत। (याच्-विधिलिङ्)
(हे प्रभु! संसार में कोई भी भिक्षा न मांगे।)
प्र. 2. कोष्ठकात् समुचितं क्रियापदं चित्वा वाक्यानि पूरयत—
(कोष्ठक से उचित क्रियापद चुनकर वाक्यों को पूरा कीजिए-)
i) अद्य युवाम् विद्यालयं किमर्थं न अगच्छतम्? (अगच्छताम्/ अगच्छतम्/ अगच्छत)
(आज तुम दोनों विद्यालय किसलिए नहीं गए?)
ii) पुरा जनाः संस्कृतभाषया अभाषन्त। (भाषन्ते/ भाषामहे/ अभाषन्त)
(प्राचीन काल में लोग संस्कृत भाषा में बात करते थे।)
iii) यूयम् कं पाठम् अपठत? (अपठत/ अपठत्/ अपठन्)
(तुम सबने कौन सा पाठ पढ़ा?)
iv) जीवाः सर्वेऽत्र मोदन्ताम् भावयन्तः परस्परम् । (मोदताम्/ मोदेताम्/ मोदन्ताम्)
(यहाँ सभी जीव आपस में सद्भाव रखते हुए प्रसन्न रहें।)
v) कक्षायाम् सर्वे ध्यानेन पठन्तु। (पठतु / पठताम् / पठन्तु)
(कक्षा में सभी ध्यान से पढ़ें।)
vi) प्रभो मह्यम् बुद्धिम् यच्छ। (यच्छ/ यच्छतम् / यच्छत)
(हे प्रभु! मुझे बुद्धि दीजिए।)
vii) वयं सदैव सुधीराः सुवीराः च भवेम। (भवेव / भवेम/ भवेयम्)
(हम सब सदा धैर्यवान और वीर बनें।)
viii) त्वं सायं कुत्र गमिष्यसि? (गमिष्यसि/ गमिष्यथः/ गमिष्यथ)
(तुम शाम को कहाँ जाओगे?)
ix) विद्वान् सर्वत्र पूज्यते। (पूज्यन्ते/ पूज्येते/ पूज्यते)
(विद्वान की सब जगह पूजा होती है।)
x) अद्यत्वे समाचारपत्रस्य महत्त्वं सर्वे जानन्ति। (जानाति / जानन्ति/ जानासि)
(आजकल समाचार पत्र का महत्त्व सभी जानते हैं।)

Leave a Reply