📘 पाठ 9 : कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः
🔶 1. परिचय
- यह पाठ महाभारत की कहानी पर आधारित है।
- इसमें भीम और बकासुर की कथा दी गई है।
- यह एक रूपक (नाटक) है।
- मुख्य संदेश:
👉 उपकार का बदला उपकार से देना चाहिए।
🔶 2. कहानी का सरल वर्णन
- पाण्डव एकचक्र नगर में एक ब्राह्मण के घर रहते थे।
- वहाँ एक राक्षस बकासुर रहता था।
- नियम था:
- रोज एक व्यक्ति + भोजन राक्षस को देना पड़ता था।
👉 एक दिन ब्राह्मण के परिवार की बारी आई।
- ब्राह्मण बहुत दुखी था।
- तब कुन्ती (भीम की माता) ने कहा:
👉 “मैं अपने पुत्र को भेजूँगी।”
🔶 3. भीम का निर्णय
- भीम ने कहा:
- हमें ब्राह्मण ने पहले सहायता दी थी।
- अब हमारा कर्तव्य है कि हम उसकी मदद करें।
👉 प्रसिद्ध श्लोक:
“कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः”
👉 मतलब:
उपकार का बदला उपकार से देना ही सच्चा धर्म है।
🔶 4. भीम और बकासुर का सामना
- भीम भोजन लेकर बकासुर के पास गया।
- उसने सारा भोजन खुद खा लिया।
- बकासुर क्रोधित हो गया।
- दोनों में युद्ध हुआ।
👉 अंत में:
- भीम ने बकासुर को मार दिया।
🔶 5. मुख्य संदेश (शिक्षाएँ)
- उपकार का बदला देना चाहिए
- दूसरों की सहायता करनी चाहिए
- साहस और वीरता जरूरी है
- अन्याय का विरोध करना चाहिए
- धर्म का पालन करना चाहिए
🔶 6. पात्र परिचय
| पात्र | परिचय |
|---|---|
| भीम | बलवान पाण्डव, वीर |
| कुन्ती | भीम की माता |
| युधिष्ठिर | सबसे बड़े भाई |
| अर्जुन | महान धनुर्धर |
| बकासुर | राक्षस (दुष्ट) |
| ब्राह्मण | गरीब और दुखी व्यक्ति |
🔶 7. महत्वपूर्ण श्लोक (भावार्थ सहित)
1️⃣
भैक्षप्रदानेन चिरं परैरुपकृता वयम्।
कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः।।
👉 अर्थ:
- हमें लोगों ने लंबे समय तक मदद दी है
- इसलिए हमें भी उनकी मदद करनी चाहिए
2️⃣
इमौ हि पीवरौ बाहू… बकं विध्वंसयिष्यामि
👉 अर्थ:
- भीम कहता है:
- मेरे ये शक्तिशाली हाथ ही काफी हैं
- मैं बकासुर को मार दूँगा
🔶 8. महत्वपूर्ण शब्द (सरल अर्थ)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| असुर | राक्षस |
| आयोधन | युद्ध |
| मुष्टान्न | स्वादिष्ट भोजन |
| प्रतिश्रुतम् | वचन दिया |
| प्रतिवेशी | पड़ोसी |
| पौरा: | नगर के लोग |
| जठर | पेट |
| श्रोत्रिय | विद्वान ब्राह्मण |
| मल्लयुद्ध | कुश्ती |
| दर्प | घमंड |


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