१. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-
(नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए)
(क) अन्ताराष्ट्रियमहिलादिवसः कदा आचर्यते ? (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है?)
उत्तरम् : अन्ताराष्ट्रियमहिलादिवसः मार्चमासस्य अष्टम-दिनाङ्के (८ मार्च) आचर्यते।
(अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मार्च महीने की आठ तारीख (८ मार्च) को मनाया जाता है।)
(ख) खेलराजस्य मार्गदर्शकः कः आसीत् ? (खेलराज का मार्गदर्शक कौन था?)
उत्तरम् : खेलराजस्य मार्गदर्शकः महर्षिः अगस्त्यः आसीत्।
(खेलराज के मार्गदर्शक महर्षि अगस्त्य थे।)
(ग) अश्विनीकुमारौ केन निर्मितं पादं विश्पलायाः कृते अकल्पयताम् ? (अश्विनीकुमारों ने विश्पला के लिए किस चीज़ से बना पैर लगाया?)
उत्तरम् : अश्विनीकुमारौ लोहनिर्मितं पादं विश्पलायाः कृते अकल्पयताम्।
(अश्विनीकुमारों ने विश्पला के लिए लोहे से बना पैर लगाया।)
(घ) भारतसर्वकारेण गुञ्जनसक्सेना कथं सम्मानिता ? (भारत सरकार द्वारा गुंजन सक्सेना को कैसे सम्मानित किया गया?)
उत्तरम् : भारतसर्वकारेण शौर्यचक्रपुरस्कारं दत्त्वा गुञ्जनसक्सेना सम्मानिता।
(भारत सरकार द्वारा शौर्य चक्र पुरस्कार देकर गुंजन सक्सेना को सम्मानित किया गया।)
(ङ) नारीणां भूषणानि कानि ? (नारियों के आभूषण कौन-कौन से हैं?)
उत्तरम् : बुद्धिः, उत्साहः, स्मृतिः, प्रज्ञा, विविधकलाः, धृतिः (धैर्यं), सहिष्णुता च नारीणां भूषणानि सन्ति।
(बुद्धि, उत्साह, स्मृति, प्रज्ञा, विविध कलाएँ, धैर्य और सहनशीलता (क्षमाभाव) नारियों के आभूषण हैं।)
(च) भारतीयमहिलासु विश्पला कस्याः प्रतिरूपमिव सर्वान् प्रेरयति ? (भारतीय महिलाओं में विश्पला किसकी प्रतिमा/प्रतिरूप के समान सभी को प्रेरित करती है?)
उत्तरम् : भारतीयमहिलासु विश्पला इच्छाशक्तेः प्रतिरूपमिव सर्वान् प्रेरयति।
(भारतीय महिलाओं में विश्पला इच्छाशक्ति की प्रतिमा/प्रतिरूप के समान सभी को प्रेरित करती है।)
(छ) कारगिलयुद्धे गुञ्जनसक्सेना कीदृशं पराक्रमं कृतवती ? (कारगिल युद्ध में गुंजन सक्सेना ने कैसा पराक्रम किया?)
उत्तरम् : कारगिलयुद्धे गुञ्जनसक्सेना युद्धविमानम् उड्डाययन्ती व्रणितान् आपद्ग्रस्तान् च सैनिकान् सुरक्षितं स्थानं नीतवती, अपेक्षितवस्तूनाम् आपूर्तिमपि कृतवती।
(कारगिल युद्ध में गुंजन सक्सेना ने लड़ाकू विमान उड़ाकर घायल और संकटग्रस्त सैनिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी की।)
(ज) काः महिलाः पुण्यश्लोकाः स्वयंप्रभाः च सन्ति ? (कौन-कौन सी महिलाएँ पवित्र चरित्र वाली और स्वयंप्रकाशित (महान) हैं?)
उत्तरम् : राज्ञी लक्ष्मीबाई, जिजाबाई, अहल्यादेवी, चेन्नमा, रुद्रमाम्बा, भगिनी निवेदिता, शारदादेवी, सावित्री इत्यादयः महिलाः पुण्यश्लोकाः स्वयंप्रभाः च सन्ति।
(रानी लक्ष्मीबाई, जिजाबाई, अहिल्यादेवी, चेन्नम्मा, रुद्रमाम्बा, भगिनी निवेदिता, शारदादेवी, सावित्री आदि महिलाएँ पवित्र चरित्र वाली और स्वयंप्रकाशित हैं।)
2. रेखाङ्कितपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत —
(रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न बनाइए)
(क) अद्य वयम् अत्र अन्ताराष्ट्रियमहिलादिवसकार्यक्रमस्य निमित्तेन समुपस्थिताः स्मः।
(आज हम सब यहाँ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम के उद्देश्य से उपस्थित हुए हैं।)
उत्तर – अद्य वयम् अत्र कस्य निमित्तेन समुपस्थिताः स्मः ?
(आज हम सब यहाँ किस उद्देश्य / कारण से उपस्थित हुए हैं?)
(ख) सः तस्यामेव रात्रौ देवचिकित्सकौ अश्विनीकुमारौ समाह्वयत्।
(उसने उसी रात दोनों देव चिकित्सकों में से अश्विनीकुमारों (दोनों अश्विनी कुमार) को बुलाया।)
उत्तर : सः तस्यामेव रात्रौ देवचिकित्सकौ कौ समाह्वयत् ?
(उसने उसी रात दोनों देव चिकित्सकों में से किन दो को बुलाया?)
(ग) युद्धरतेभ्यः सैनिकेभ्यः अपेक्षितवस्तूनाम् आपूर्तिम् विमानेन कृतवती।
(युद्ध में लगे हुए सैनिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति विमान के द्वारा की गई।)
उत्तर : युद्धरतेभ्यः सैनिकेभ्यः अपेक्षितवस्तूनाम् आपूर्तिम् केन कृतवती ?
(युद्ध में लगे हुए सैनिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किसके द्वारा की गई?)
(घ) स्वयंप्रभा इति भवतीनाम् संस्थायाः नाम।
(‘स्वयंप्रभा’ यह आपकी (आप सब महिलाओं की) संस्था का नाम है।)
उत्तर : स्वयंप्रभा इति कासाम् संस्थायाः नाम ?
(‘स्वयंप्रभा’ यह किनकी / किस संस्था का नाम है?)
(ङ) सा युद्धम् अनुवर्तयितुं शत्रून् जेतुं च ऐच्छत्।
(वह युद्ध जारी रखने और शत्रुओं को जीतने की इच्छा रखती थी।)
उत्तर : सा युद्धम् अनुवर्तयितुं कान् जेतुं च ऐच्छत् ?
(वह युद्ध जारी रखने और किन्हें (किनको) जीतने की इच्छा रखती थी?)
३. अधोलिखितेषु वाक्येषु विशेषणं विशेष्यं च चिनुत –
(विशेषण और विशेष्य चुनिए)
| क्र. सं. | वाक्यम् (वाक्य) | विशेषणम् (विशेषण) | विशेष्यम् (विशेष्य) | हिन्दी अर्थ |
| (क) | तस्याः अक्षय्यं निर्धारं विज्ञाय तौ तस्यै लोहनिर्मितपादञ्च अकल्पयताम्। | १. अक्षय्यम्
२. लोहनिर्मितम् | १. निर्धारम्
२. पादम् | अचल (न क्षय होने वाला) निश्चय,
लोहे का बना हुआ पैर |
| (ख) | कृत्रिमपादयुता अपि विश्पला रणे अपूर्वं पराक्रमं प्रदर्शितवती। | १. कृत्रिमपादयुता
२. अपूर्वम् | १. विश्पला
२. पराक्रमम् | बनावटी पैर वाली विश्पला,
अभूतपूर्व पराक्रम |
| (ग) | विघ्नान् अविगणय्य निर्भयेन मनसा युद्धक्षेत्रं प्रविश्य सर्वेषु विस्मयं जनयन्ती सा देशसेवां निरवहत्। | निर्भयेन | मनसा | भयमुक्त/निर्भीक मन के द्वारा |
| (घ) | भवत्याः प्रेरकवचनैः वयं सर्वे महतीम् ऊर्जा प्राप्तवन्तः। | १. प्रेरकवचनैः (प्रेरकैः)
२. महतीम् | १. वचनैः
२. ऊर्जाम् |
4. उदाहरणं दृष्ट्वा पदानां विग्रहं कुरुत —
(समास-विग्रह कीजिए)
उदाहरण: देशरक्षायै = देशस्य रक्षा देशरक्षा, तस्यै।
(क) युद्धनिपुणा
उत्तर : युद्धे निपुणा।
हिंदी अर्थ: युद्ध में कुशल।
(ख) प्रेरकप्रसङ्गः
उत्तर : प्रेरकः च असौ प्रसङ्गः।
हिंदी अर्थ: प्रेरणा देने वाला प्रसंग।
(ग) वीरोचितभावः
उत्तर : वीराय उचितः भावः।
हिंदी अर्थ: वीर के योग्य भाव।
(घ) अपूर्वपराक्रमम्
उत्तर : न पूर्वः अपूर्वः, अपूर्वः च असौ पराक्रमः।
हिंदी अर्थ: ऐसा पराक्रम जो पहले न देखा गया हो, अर्थात अद्भुत पराक्रम।
(ङ) महार्घाणि आभूषणानि
उत्तर : महान्ति अर्घाणि येषां तानि महार्घाणि आभूषणानि।
हिंदी अर्थ: बहुत मूल्यवान आभूषण।
5. अधोलिखितानि वाक्यानि पाठक्रमानुसारं पुनः लिखत —
(वाक्यों को पाठ के क्रम में लिखिए)
सही क्रम: (ङ) → (ग) → (क) → (ख) → (घ)
(ङ) कदाचित् देशे युद्धम् आरब्धम्।
एक बार देश में युद्ध आरम्भ हुआ।
(ग) पराक्रमेण युद्धं कुर्वती सा शत्रुभिः परिवेष्टिता जाता।
पराक्रम से युद्ध करती हुई वह शत्रुओं से घिर गई।
(क) तस्याः पादः शत्रूणां शस्त्रैः छिन्नः अभवत्।
उसका पैर शत्रुओं के हथियारों से कट गया।
(ख) अश्विनीकुमारौ विश्पलायाः पादोपचारं कृतवन्तौ।
अश्विनीकुमारों ने विश्पला के पैर का उपचार किया।
(घ) कृत्रिमपादयुता अपि विश्पला रणे अपूर्वं पराक्रमं प्रदर्शितवती।
कृत्रिम पैर होने पर भी विश्पला ने युद्ध में अद्भुत पराक्रम दिखाया।


Leave a Reply