कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः
एकचक्रम् (रूपकम्) — सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर | हिन्दी अनुवाद सहित
📖 सभी अभ्यास
🔤 व्याकरण — सन्धि, समास
⭐ कक्षा ९ NCERT
- प्र.१ — एकपदेन उत्तरम् (One Word Answers)
- प्र.२ — पूर्णवाक्येन उत्तरम् (Full Sentence Answers)
- प्र.३ — वाक्यानि केन कं प्रति उक्तानि (Who Said to Whom)
- प्र.४ — सन्धिविभाजनम् (Sandhi Analysis)
- प्र.५ — पर्यायवाचि-मेलनम् (Synonym Matching)
- प्र.६ — विपरीतार्थक-शब्दाः (Antonyms)
- प्र.७ — विशेषणपद-चयनम् (Select Adjectives)
- प्र.८ — समस्तपदानि (Compound Words)
- प्र.९ — वाक्य-भाव-मेलनम् (Match Emotion)
- प्र.१० — वाच्यपरिवर्तनम् (Voice Change)
- शब्दार्थाः (Word Meanings)
प्र.१ — एकपदेन उत्तरम् (One Word Answers)
(नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखिए।)
(भीम की माँ कौन है?)
(भीम की माँ कुन्ती है।)
(कुन्ती के निर्णय को कौन सही नहीं मानता?)
(कुन्ती के निर्णय को युधिष्ठिर सही नहीं मानते।)
(पाण्डवों का उपकार करने वाला कौन है?)
(पाण्डवों का उपकार करने वाला वह ब्राह्मण (गृहस्वामी) है।)
(किसको सोचकर दुर्योधन को नींद नहीं आती?)
(भीम को सोचकर दुर्योधन को नींद नहीं आती।)
(पाण्डव कहाँ रहते थे?)
(पाण्डव एकचक्रनगर में एक ब्राह्मण के घर रहते थे।)
(भरत वंश का दीपक / प्रकाश कौन है?)
(भरत वंश का प्रकाश भीम है।)
(कौन बहुत विलाप करता है?)
(उस ब्राह्मण का इकलौता पुत्र तपस्वी बहुत विलाप करता है।)
प्र.२ — पूर्णवाक्येन उत्तरम् (Full Sentence Answers)
(“भैक्षप्रदानेन …” श्लोक के अनुसार सनातन धर्म क्या है?)
(इस श्लोक के अनुसार सनातन धर्म यह है कि जो उपकार किया गया हो, उसका बदला प्रत्युपकार से चुकाना चाहिए — यही शाश्वत धर्म है।)
(बकनामा राक्षस कहाँ रहता है?)
(बकनामा राक्षस एकचक्रनगर के पास एक पर्वत पर रहता है।)
(कुन्ती ने क्या वचन दिया था?)
(कुन्ती ने पड़ोसी ब्राह्मण को वचन दिया था कि अपने पुत्रों में से एक को बकासुर के पास भेजूँगी।)
(भीम के बड़े भाई कौन हैं?)
(भीम के बड़े भाई युधिष्ठिर हैं।)
(कौन अवज्ञा की पात्र नहीं है?)
(माता की आज्ञा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।)
(नगरवासी बकासुर को बलि कैसे देते हैं?)
(नगरवासी बकासुर को बारी-बारी से बलि देते हैं — प्रतिदिन एक नगरवासी स्वेच्छा से बकासुर का भोजन बनता था।)
(क्षत्रियों का धर्म क्या है?)
(लोगों की रक्षा करना भूपालों और क्षत्रियों का धर्म है — ऐसा भीम ने कहा।)
प्र.३ — वाक्यानि केन कं प्रति उक्तानि (Who Said to Whom)
| क्र.सं. | वाक्यम् | केन / कया | कं / कां प्रति |
|---|---|---|---|
| यथा— | तस्माद् बालकस्य पिता तपस्वी शोचति 👉 इसलिए उस बालक का तपस्वी पिता शोक करता है। | कुन्त्या | भीमम् |
| १. | न हि मातुराज्ञा प्रत्यादेशमर्हति 👉 माता की आज्ञा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। | भीमेन | युधिष्ठिरम् |
| २. | न हि खरदंष्ट्रो मृगाधिपः सहायमपेक्षते 👉 तीखे दाँतों वाला सिंह (जानवरों का राजा) किसी सहायता की अपेक्षा नहीं करता। | भीमेन | अर्जुनम् |
| ३. | क्षत्रियाण्या यदुचितं तदनुष्ठितम् 👉 क्षत्राणी (कुन्ती) ने जो उचित था, वही किया है। | भीमेन | कुन्तीम् |
| ४. | अपि हस्तद्वयेन भोक्ष्यसे? 👉 क्या तुम दोनों हाथों से भोजन करोगे? | सहदेवेन | भीमम् |
| ५. | तस्य भीमस्य प्रेषणं कथं न त्वया सङ्कल्पितम्? 👉 उस भीम को भेजने का विचार तुमने कैसे नहीं किया? | युधिष्ठिरेण | कुन्तीम् |
| ६. | नरभक्षणं नाम मांसाशिनां राक्षसानां धर्मः | बकेन | भीमम् |
प्र.४ — सन्धिविभाजनम् (Sandhi Analysis)
(च + ए = चै — यह वृद्धि सन्धि है।)
| सन्धिपदम् | पद-१ | पद-२ | सन्धिनाम |
|---|---|---|---|
| यथा — चैतावत् | च | एतावत् | वृद्धि-सन्धिः |
| (क) सम्यगनुष्ठितम् 👉 ठीक प्रकार से किया गया | सम्यक् | अनुष्ठितम् | व्यञ्जन-सन्धिः (कु-सन्धिः) |
| (ख) पुरस्यादूरवर्तिनि 👉 नगर के पास स्थित | पुरस्य | अदूरवर्तिनि | अ+अ = आ — दीर्घ-सन्धिः |
| (ग) दुरात्मनो वृत्तम् 👉 दुष्ट व्यक्ति का आचरण | दुरात्मनः | वृत्तम् | विसर्ग-सन्धिः (ओ-आदेशः) |
| (घ) मानुषोऽपि 👉 मनुष्य भी | मानुषः | अपि | विसर्ग-सन्धिः (पूर्वरूप) |
| (ङ) नास्त्यत्र 👉 यहाँ नहीं है | न अस्ति | अत्र | अ+अ = आ; ति+अ — दीर्घ व यण्-सन्धिः |
| (च) यदुचितं तदनुष्ठितम् 👉 जो उचित था, वही किया गया | यत् | उचितम् | व्यञ्जन-सन्धिः (त्+उ) |
| (छ) खल्वेकपुत्रः 👉 वास्तव में एक ही पुत्र है | खलु | एकपुत्रः | उ+ए = व् + ए — यण्-सन्धिः |
| (ज) कथं नु त्वया सङ्कल्पितम् 👉 तुमने ऐसा विचार कैसे नहीं किया? | कथम् | नु | व्यञ्जन-सन्धिः (म् → ं) |
| (झ) धर्मसङ्ग्रहोऽत्र 👉 यहाँ धर्म का संग्रह (वर्णन) है | धर्मसङ्ग्रहः | अत्र | विसर्ग-सन्धिः (पूर्वरूप) |
| (ञ) मानुषभोजी स राक्षसः | मानुषभोजी | सः | विसर्ग-लोपः (विसर्ग-सन्धिः) |
प्र.५ — पर्यायवाचि-पदानां मेलनम् (Synonym Matching)
| पदम् | पर्यायवाची | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|
| यथा — पिता | जनकः | पिता |
| (क) आयोधनम् | ५. युद्धम् | युद्ध / लड़ाई |
| (ख) विप्रः | १. ब्राह्मणः | ब्राह्मण |
| (ग) असुरः | ४. दैत्यः | राक्षस / दैत्य |
| (घ) अम्ब | २. जननी | माता |
| (ङ) हुताशनः | ३. अग्निः | अग्नि / आग |
प्र.६ — विपरीतार्थक-शब्दाः (Antonyms)
| पदम् | विपरीतार्थकः | हिन्दी |
|---|---|---|
| यथा — पीवरः | कृशः | मोटा → दुबला |
| (क) उपकृतः | अपकृतः | उपकार किया → अपकार किया |
| (ख) अग्रजस्य | अनुजस्य | बड़े भाई का → छोटे भाई का |
| (ग) उचितम् | अनुचितम् | उचित → अनुचित |
| (घ) हर्षः | शोकः / विषादः | प्रसन्नता → दुःख / शोक |
प्र.७ — मञ्जूषातः विशेषणपदं चित्वा लिखत (Select Adjectives from Word Box)
| विशेष्यपदम् | विशेषणपदम् | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|
| यथा — बाहू | पीवरौ | दो स्थूल भुजाएँ |
| (क) मृष्टान्नम् | शकटपूर्णं | गाड़ी भर स्वादिष्ट भोजन |
| (ख) ब्राह्मणः | प्रतिवेशी | पड़ोसी ब्राह्मण |
| (ग) मृगाधिपः | खरदंष्ट्रः | तीखे दाँतों वाला पशुराज |
| (घ) भीमः | कौन्तेयः | कुन्ती के पुत्र भीम |
| (ङ) कुन्ती | क्षत्रियाणी | क्षत्रिय की पत्नी कुन्ती |
| (च) हुताशनः | जठरस्थः | पेट के भीतर की अग्नि |
प्र.८ — समस्तपदानि लिखत (Form Compound Words)
| विग्रहः | समस्तपदम् | समास-नाम |
|---|---|---|
| यथा — मृष्टम् अन्नम् | मृष्टान्नम् | कर्मधारय-समासः |
| (क) वीरस्य भुजयोः बलम् 👉 वीर की भुजाओं का बल | वीरभुजबलम् | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| (ख) भवता धर्माणां सङ्ग्रहः 👉 धर्मों का संग्रह | धर्मसङ्ग्रहः | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| (ग) मातुः आज्ञा 👉 माता की आज्ञा | मातुराज्ञा | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| (घ) धनुः धरति इति 👉 जो धनुष धारण करता है | धनुर्धरः | उपपद-तत्पुरुषः |
| (ङ) खरदंष्ट्रः मृगाणाम् अधिपः 👉 तीखे दाँतों वाला पशुओं का स्वामी (सिंह) | खरदंष्ट्रो मृगाधिपः | षष्ठी-तत्पुरुषः |
| (च) अस्य पुरस्य न दूरे वर्तते 👉 इस नगर से दूर नहीं स्थित | पुरस्यादूरवर्तिनि | नञ्-तत्पुरुषः |
प्र.९ — वाक्य-उचितभाव-मेलनम् (Match Sentence with Emotion)
| वाक्यम् | उचितभावः | हिन्दी भाव |
|---|---|---|
| यथा — प्रभूतमुपस्थितं मे भोजनम्। | हर्षः | प्रसन्नता |
| (क) धनुर्धरोऽहमनुगमिष्यामि। 👉 मैं धनुर्धारी हूँ, मैं साथ चलूँगा | ४. अधिकारः | अपना अधिकार जताना |
| (ख) भीमस्य प्रेषणं कथं न त्वया सङ्कल्पितम्? 👉 तुमने भीम को भेजने का विचार क्यों नहीं किया? | २. निराशा | निराशा / आश्चर्य |
| (ग) अपि हस्तद्वयेन भोक्ष्यसे? 👉 क्या तुम दोनों हाथों से खाओगे? | १. हासः | हँसी / व्यंग्य |
| (घ) हनिष्यामि तं दुरात्मानम्। 👉 मैं उस दुष्ट को मार डालूँगा | ५. ओजः | वीरता / पराक्रम |
| (ङ) स खल्वेकपुत्रस्तपस्वी भृशं परिदेवयते। 👉 वह तपस्वी, जिसका केवल एक पुत्र है, बहुत दुःखी होकर विलाप करता है | ३. ग्लानिः | दुःख / करुणा |
| (च) मानुषापसद, परिवेषय मे भोजनम्। 👉 अरे नीच मनुष्य! मुझे भोजन परोस | ६. धैर्यम् | धैर्यपूर्ण / उद्दण्डता |
प्र.१० — वाच्यपरिवर्तनम् (Voice Change — Kartu to Karma Vachya)
कर्मवाच्यम्: भवत्या प्रतिश्रुतम्।
कर्तृवाच्यम्: भवती प्रतिश्रुतवती।
(कर्मवाच्य में कर्ता तृतीया में और क्रिया भूतकालिक कृदन्त रूप में होती है।)
| कर्मवाच्यम् | कर्तृवाच्यम् |
|---|---|
| यथा — भवत्या प्रतिश्रुतम्। | भवती प्रतिश्रुतवती। |
| (क) क्षत्रियाण्या अनुष्ठितम्। 👉 क्षत्राणी द्वारा किया गया। | क्षत्रियाणी अनुष्ठितवती। 👉 क्षत्राणी ने किया। |
| (ख) भवत्या सज्जीक्रियताम्। 👉 आपके द्वारा तैयार किया जाए। | भवती सज्जीकरोतु। 👉 आप तैयार करें। |
| (ग) भवत्या उपक्षिप्तम्। 👉 आपके द्वारा फेंका गया। | भवती उपक्षिप्तवती। 👉 आपने फेंका। |
| (घ) त्वया सङ्कल्पितम्। 👉 तुम्हारे द्वारा विचार किया गया। | त्वं सङ्कल्पितवान्। 👉 तुमने विचार किया। |
| (ङ) भवता धर्मसङ्ग्रहः द्रष्टव्यः। 👉 आपके द्वारा धर्मसंग्रह देखा जाना चाहिए। | भवान् धर्मसङ्ग्रहं पश्यतु। 👉 आप धर्मसंग्रह देखें। |
| (च) पौरजनैः मानुषः प्रेषयितव्यः। 👉 नगरवासियों द्वारा मनुष्य भेजा जाना चाहिए। | पौरजनाः मानुषं प्रेषयन्ति। 👉 नगरवासी मनुष्य को भेजते हैं। |
शब्दार्थाः — सर्वं शब्देन भासते (Key Word Meanings)
| संस्कृत शब्दः | अर्थः (संस्कृत) | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| अभिहितम् | उक्तम् | कहा गया | Said |
| आकर्णय | शृणु | सुनो | Listen |
| आतिथेयः | अतिथिसेवाकारकः | अतिथि सेवा करने वाला | Host |
| आयोधनम् | युद्धम् | युद्ध | Battle |
| उत्फुल्लाक्षः | विकसितनयनः | खिले नेत्रों वाला | Wide-open eyes |
| औदरिकः | भोजनप्रियः | केवल पेट भरने वाला | Glutton |
| कामम् | निश्चयेन | निश्चित ही | Certainly |
| निषूदकः | विनाशकः | विनाशक | Destroyer |
| पीवरौ | स्थूलौ | दोनों स्थूल / मोटे | Two Stout |
| पौराः | नागरिकाः | नागरिक | Citizens |
| प्रतिवेशी | निकट गृहवासी | पड़ोसी | Neighbour |
| प्रतिश्रुतम् | प्रतिज्ञातम् | वचन दिया गया | Promised |
| प्रभूतम् | अधिकम् | अधिक / प्रचुर | Abundant |
| बाढम् | नूनम् | निश्चित | Certainly |
| मल्लयुद्धम् | मल्लानां युद्धम् | पहलवानों का युद्ध | Wrestling |
| मानुषापसद | मानुषेषु अपसद | हे निकृष्ट मानव | O’ Human of low cadre |
| मृष्टान्नम् | मृष्टम् अन्नम् | स्वादिष्ट भोजन | Tasty Food |
| वाचाट | प्रलापक | डींग मारने वाला | Boastful |
| श्रोत्रियः | श्रोत्रम् अधीते इति | वेद पढ़ने वाला | One who has studied Vedas |
| हुताशनाय | अग्नये | अग्नि के लिए | For the Fire |

Leave a Reply