अध्याय 1 – परिचय अध्याय 2 – उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत अध्याय 3 – उत्पादन तथा लागत अध्याय 4 – पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में फर्म का सिद्धांत अध्याय 5 – बाजार संतुलन
Notes For All Chapters – अर्थशास्त्र Class 12 स्वतंत्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था आजादी के समय भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी ऐसा अंग्रेजों की विभेदकारी कर नीति एवं अपने लाभ के लिए भारत का इस्तेमाल करने की वजह से हुआ था आज़ादी के समय भारत की स्थिति कृषि पर निर्भरता । […]
रसायन विज्ञान (मिस्र के शब्द kēme (रसायन) से लिया गया है, जिसका अर्थ है “पृथ्वी”) एक विज्ञान है जो पदार्थ की संरचना, संरचना और गुणों और रासायनिक प्रतिक्रियाओं के दौरान होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करता है। रसायन विज्ञान को अक्सर मुख्य विज्ञान के रूप में संदर्भित किया जाता है क्योंकि यह भौतिक विज्ञान (रसायन […]
अध्याय 1 – रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ रसायन विज्ञान क्या है मोलरता क्या है मोल अंश, मोल प्रभाज क्या है मोललता किसे कहते हैं पदार्थ या द्रव्य की अवस्थाएं रासायनिक संयोजन के नियम डाल्टन का परमाणु सिद्धांत मोल संकल्पना और मोलर द्रव्यमान मूलानुपाती सूत्र एवं अणुसूत्र सीमांत अभिकर्मक अध्याय 2 – परमाणु की […]
डॉप्लर प्रभाव, उपयोग, प्रकाश में, सूत्र डॉप्लर प्रभाव जब प्रकाश स्रोत तथा प्रेक्षक के बीच आपेक्षिक गति होती है तो प्रेक्षक (श्रोता) को प्रकाश की आवृत्ति में कुछ बदलाव महसूस होता है। अर्थात् ” जब प्रकाश स्रोत एवं प्रेक्षक के बीच आपेक्षिक गति के कारण प्रकाश स्रोत की आवृत्ति में होने वाले आभासी परिवर्तन की […]
बंद और खुला ऑर्गन पाइप, सूत्र अनेकों ऐसे संगीत उत्पन्न करने वाले वाद्य यंत्र हैं जिनमें वायु कंपनों से ध्वनि उत्पन्न होती है। जैसे – बांसुरी, सीटी, शहनाई आदि। इन सभी वाद्य यंत्रों में हम फूंक मारते हैं तो ध्वनि उत्पन्न होती है। इसका कारण यह है कि जब इन वाद्य यंत्रों में हम वायु […]
विस्पन्द, आवृत्ति का सूत्र, उपयोग विस्पन्द जब लगभग समान आवृत्ति की दो ध्वनि तरंगे एक साथ उत्पन्न की जाती है तथा एक साथ एक ही दिशा में गति करती है। तो इन तरंगों के अध्यारोपण से एक नयी तरंग का निर्माण होता है। इस नवीन तरंग की आवृत्ति समय के साथ परिवर्तित होती रहती है। […]
प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण का सिद्धांत तरंगों के अध्यारोपण का सिद्धांत जब किसी माध्यम में दो या दो से अधिक तरंगे समान समय अंतराल में एक साथ बिना एक-दूसरे की गति को प्रभावित किये माध्यम में गमन करती हैं। तो माध्यम के किसी कण का किसी क्षण तरंग का परिणामी विस्थापन, दोनों तरंगों के अलग-अलग […]
प्रगामी तरंगे तथा अप्रगामी तरंगे, विशेषताएं, अंतर, उदाहरण प्रगामी तरंग जब किसी माध्यम में लगातार तरंगे उत्पन्न की जाती हैं तो माध्यम के कण भी लगातार कंपन करते रहते हैं। अतः इस दशा में, माध्यम में उत्पन्न हुए विक्षोभ को प्रगामी तरंग (progressive wave) कहते हैं। प्रगामी तरंग के उदाहरण तलाब के जल की ऊपरी […]
अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग | यांत्रिक तरंग यांत्रिक तरंग वह तरंगे जिन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होने के लिए भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है। एवं जिसमें प्रत्यास्थता तथा जड़त्व का गुण होना आवश्यक है। इस प्रकार की तरंगों को यांत्रिक तरंग (mechanical waves in Hindi) कहते हैं। यांत्रिक तरंगे ऊर्जा […]
तरंगे नोट्स तरंग गति तरंग किसी माध्यम में उत्पन्न वह विक्षोभ है जिसमें माध्यम के कर अपने स्थान पर बने रहते हैं परंतु ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो जाती है। उदाहरण जब हम किसी तालाब में पत्थर फेंकते हैं तो पत्थर के फेंकने पर तालाब के जल में कंपन उत्पन्न हो […]
अनुनाद, प्रभाव, लक्षण, सिद्धांत अनुनाद जब किसी वस्तु पर कोई बाह्य आवर्त बल आरोपित किया जाता है तो वस्तु में प्रणोदित दोलन बाह्य बल के अंतर्गत उत्पन्न होते हैं। अर्थात ” यदि बाह्य बल की आवृत्ति वस्तु की स्वभाविक आवृत्ति के बराबर हो तो वस्तु के प्रणोदित दोलनों का आयाम बहुत बड़ा हो जाता है […]
सरल लोलक का आवर्तकाल के लिए व्यंजक, सूत्र, नियम सरल लोलक जब किसी छोटे और भारी पिंड को किसी भारहीन पिंड एवं लम्बाई में न बढ़ने वाले धागे के एक सिरे से पिंड को बांधकर धागे को किसी घर्षण रहित दीवार (छत) से लटका दें। तो इस प्रकार बने समायोजन को सरल लोलक (simple pendulum) […]
स्प्रिंग का संयोजन, श्रेणीक्रम तथा समांतर क्रम, स्प्रिंग की गति, दोलन, उदाहरण नियतांक जब किसी पिंड के किसी लटके हुए स्प्रिंग के निचले सिरे से बांध दिया जाता है तो पिंड के भार के कारण वह स्प्रिंग नीचे की ओर झुकने लगता है। अर्थात स्प्रिंग की लंबाई में वृद्धि हो जाती है। तो स्प्रिंग का […]
सरल आवर्त गति का विस्थापन समीकरण, त्वरण का मान, वेग, आवर्तकाल इस लेख में सरल आवर्त गति का विस्थापन समीकरण प्राप्त करेंगे करते हैं। एवं इसके वेग और त्वरण का मान क्या होता है इसे भी प्राप्त करते हैं। एवं इससे संबंधित परिभाषाएं जैसे आयाम, आवृत्ति, आवर्तकाल तथा कला की परिभाषा का अध्ययन करते हैं। […]
सरल आवर्त गति, विशेषताएं आवर्त गति जब कोई पिंड किसी निश्चित पथ पर अपनी गति को एक निश्चित समयांतराल में बार-बार दोहराता है तो पिंड की इस गति को आवर्त गति (periodic motion) कहते हैं। आवर्त गति में प्रयोग होने वाले समय अंतराल को आवर्तकाल कहते हैं। अर्थात वह समय अंतराल जिसके बाद वस्तु की […]
दोलन गति जब कोई पिंड एक निश्चित पथ पर किसी स्थिर बिंदु के इधर-उधर एक नियत समय में अपनी गति को बार-बार दोहराता है तो पिंड की इस गति को दोलन गति (oscillatory motion in Hindi) कहते हैं। इसे कंपन गति भी कहते हैं। दोलन गति के उदाहरण 1. जब हम किसी रस्सी को दीवार […]
आवोगाद्रो का नियम, परिभाषा, संख्या का मान आवोगाद्रो का नियम इस नियम के अनुसार, समान ताप और दाब पर विभिन्न गैसों के निश्चित आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है। इसे आवोगाद्रो का नियम (Avogadro’s law) कहते हैं। माना A और B दो गैसें हैं समान ताप और दाब पर इनका समान आयतन V […]
चार्ल्स का नियम इस नियम के अनुसार, नियत पर किसी गैस के निश्चित द्रव्यमान का आयतन गैस के परमताप के अनुक्रमानुपाती होता है। अर्थात् V ∝ T अथवा V/T = नियतांक अतः इस समीकरण द्वारा स्पष्ट होता है कि यदि हम गैस के दाब को नियत रखते हुए गैस के ताप को दोगुना कर दें […]
बॉयल का नियम, ग्राफीय निरूपण इस नियम के अनुसार, नियत ताप पर किसी गैस के निश्चित द्रव्यमान का आयतन उस गैस के दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात् V ∝ अथवा VP = नियतांक अर्थात् इस समीकरण द्वारा स्पष्ट होता है कि यदि हम गैस के ताप को नियत रखते हुए उसके दाब को दोगुना […]
अणुगति सिद्धांत नोट्स गैस का अणुगति सिद्धांत गैसों के गुणों की व्याख्या अणुगति सिद्धांत के अनुसार की जा सकती है और सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक गैस विभिन्न छोटे-छोटे कणों से मिलकर बनी होती है इन कणों को अणु कहते हैं। अगर एक आदर्श गैस की बात करें तो उसके सभी अणु एक दूसरे के समान […]
ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम इस नियम के अनुसार, किसी भी स्वतः चलित मशीन जिससे कोई भी बाह्य स्रोत की सहायता के, ऊष्मा को किसी ठंडी वस्तु से गर्म वस्तु अथवा नीचे ताप वाली वस्तु से ऊंचे ताप वाली वस्तु को देना असम्भव है। इस नियम को व्यक्त करने के लिए निम्न कथन मुख्य हैं- 1. […]
ऊष्मा इंजन, कार्नो इंजन की दक्षता का सूत्र, प्रकार, चक्र, व्यंजक ऊष्मा इंजन यह एक ऐसी युक्ति है जो ऊष्मीय ऊर्जा को यांत्रिक कार्य में परिवर्तित करती है। ऊष्मा इंजन के मुख्यतः तीन भाग होते हैं। (1) स्रोत (2) कार्यकारी पदार्थ (इंजन) (3) सिंक ऊष्मा इंजन कैसे काम करता है यह चित्र में दिखाया गया […]
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम इस प्रथम के अनुसार, यदि किसी ऊष्मागतिकी निकाय को ऊष्मा दी जाए तो इस ऊष्मा का कुछ भाग निकाय की आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि करने में खर्च हो जाएगा। तथा ऊष्मा का शेष भाग ऊष्मागतिकी निकाय द्वारा कार्य करने में व्यय हो जाएगा। अर्थात किसी निकाय को Q ऊष्मा दी जाए […]
ऊष्मागतिकी का शून्यवां नियम ऊष्मागतिकी के शून्य नियम के अनुसार, यदि दो निकाय किसी तीसरे ऊष्मागतिकी निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में है तो वह दोनों निकाय भी परस्पर तापीय साम्य में होंगे। माना दो ऊष्मागतिकी निकाय A और B हैं जो दोनों अलग-अलग तीसरे ऊष्मागतिकी निकाय C से तापीय साम्य में है। तब […]
ऊष्मागतिकी नोट्स ऊष्मागतिकी के तीन नियम है जिससे संबंधित प्रशन हर साल वार्षिक परीक्षाओं में आता है। इसलिए हमने इस अध्याय के अंतर्गत तीनो नियम और अन्य सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। ऊष्मागतिकी नोट्स ऊष्मागतिकी के अंतर्गत हम ऊष्मा तथा यांत्रिक ऊर्जा में परस्पर संबंध का अध्ययन करते हैं। ऊष्मागतिकी के कुछ […]
स्टीफन का नियम क्या है, सूत्र, नियतांक स्टीफन का नियम किसी पृष्ठ का ताप बढ़ते जाने पर उस पृष्ठ से अनेकों विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित होती हैं। विकिरण ऊर्जा के संबंध में वैज्ञानिक स्टीफन ने एक नियम का प्रतिपादन किया। जिसे स्टीफन का विकिरण नियम (Stefan’s law of radiation in Hindi) कहते हैं। इस नियम के […]
न्यूटन का शीतलन नियम, इसकी सीमाएं न्यूटन का शीतलन नियम इस नियम के अनुसार, किसी गर्म वस्तु या पिंड से ऊष्मा क्षति की दर, वस्तु तथा उसके वातावरण के तापों के अंतर के अनुक्रमानुपाती होती है। चूंकि हम जानते हैं कि ऊष्मा किसी वस्तु में उच्च ताप से निम्न ताप की ओर चलती है। अतः […]
वीन का विस्थापन नियम जब किसी कृष्णिका का ताप बढ़ाते हैं तो कृष्णिका से उत्सर्जित अधिकतम ऊर्जा विकिरण कम तरंगदैर्ध्य की ओर विस्थापित होती है। अर्थात् अधिक ताप बढ़ने पर तरंगदैर्ध्य का मान घटता है। किसी आदर्श कृष्णिका से उत्सर्जित अधिकतम ऊर्जा की तरंगदैर्ध्य (λm) उसके परमताप T के व्युत्क्रमानुपाती होती है। अर्थात् λm ∝ […]
ऊष्मा चालकता गुणांक के लिए सूत्र स्थापित कीजिए एवं परिभाषा लिखिए ऊष्मा चालकता गुणांक का सूत्र माना एक लंबी व बेलनाकार अनुप्रस्थ परिच्छेद वाली पदार्थ की छड़ है जिसके प्रत्येक पृष्ठ का क्षेत्रफल A है। तथा इसकी लंबाई l है। यह छड़ स्थायी अवस्था में है। छड़ के दो समतल समतापी पृष्ठों के ताप क्रमशः […]
गुप्त ऊष्मा, वाष्पन तथा गलन, परिभाषा, प्रकार, एस आई मात्रक गुप्त ऊष्मा स्थिर ताप पर किसी पदार्थ के एकांक द्रव्यमान की अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा को उस पदार्थ की गुप्त ऊष्मा (latent heat) कहते हैं। इसे L से प्रदर्शित करते हैं। यदि स्थिर ताप पर किसी पदार्थ का द्रव्यमान m तथा आवश्यक ऊष्मा […]
विशिष्ट ऊष्मा क्या है, ऊष्मा धारिता किसे कहते हैं, सूत्र, SI मात्रक, प्रकार ऊष्मा धारिता किसी वस्तु को दी गई ऊष्मा की वह मात्रा जो उसके ताप में एकांक परिवर्तन करने के लिए अवशोषित की जाती है। उस वस्तु की ऊष्मा धारिता कहलाती है। अर्थात किसी वस्तु का ताप 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा […]
रेखीय, क्षेत्रीय और आयतन प्रसार गुणांक में संबंध, सूत्र, परिभाषा, ऊष्मीय प्रसार ऊष्मीय प्रसार जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है तो वह ठोस पदार्थ ऊष्मा ग्रहण करके फैलने लगता है। अर्थात् ठोस पदार्थ का ऊष्मा पाकर फैल जाने को ही ऊष्मीय प्रसार कहते हैं। इसे तापीय प्रसार भी कहते हैं। ऊष्मीय प्रसार ठोसों […]
आदर्श गैस समीकरण, इसकी उत्पत्ति , सूत्र, उदाहरण आदर्श गैस (ideal gas) जो गैस दाब तथा ताप की सभी परिस्थितियों में चार्ल्स और बॉयल के नियम का पालन करती है उसे आदर्श गैस कहते हैं। कम घनत्व पर गैसें, आदर्श गैस होती हैं वास्तव में ऐसी कोई गैस ज्ञात नहीं है जिसका पूर्ण रूप से […]
द्रव्य के तापीय गुण नोट्स ऊष्मा और ताप क्या है क्या यह दोनों एक ही गुण हैं। या अलग-अलग हैं? आपने भी यह जरूर सोचा होगा कि क्या ऊष्मा और ताप दोनों एक ही हैं। वास्तव में यह दोनों अलग-अलग है इस अध्याय के अंतर्गत द्रव्य के तापीय गुण का पूरा अध्ययन किया गया है […]