Chapter 1. Devsena ka geet – karneliya ka geet Chapter 2. Saroj-smriti Chapter 3. Ye deep akela – Maine dekha, ek boond Chapter 4. Banaras – Disha Chapter 5. Basant aya – Toro Chapter 6. Bharat-Ram ka prem – Pad Chapter 7. Barahamasa Chapter 8. Pad Chapter 9. Kavitt Chapter 10. Premdhan ki Chayya Smriti […]
(अ) काव्य भाग Chapter 1 आत्म-परिचय, एक गीत Chapter 2 पतंग Chapter 3 कविता के बहाने, बात सीधी थी पर Chapter 4 कैमरे में बंद अपाहिज Chapter 5 उषा Chapter 6 बादल राग Chapter 7 कवितावली (उत्तर कांड से), लक्ष्मण-मूच्छ और राम का विलाप Chapter 8 रुबाइयाँ, गज़ल Chapter 9 छोटा मेरा खेत, बगुलों […]
Solutions For All Chapters Vitan Class 12 पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न प्रश्न 1: ‘यह साठ लाख लोगों की तरफ से बोलने वाली एक आवाज हैं। एक ऐसी आवाज, जो नहीं, बल्कि एक साधारण लड़की की हैं।” इल्या इहरनबुर्ग की इस टिप्पणी के सदर्भ में पठित अशों पर विचार करें। उत्तर – इल्या इहरनबुर्ग ने जो […]
Solutions For All Chapters Vitan Class 12 पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न प्रश्न 1: सिंधु-सभ्यता साधन-सपन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडबर नहीं था। कैसे? उत्तर – सिंधु सभ्यता बहुत संपन्न सभ्यता थी। प्रत्येक तरह के साधन इस सभ्यता में थे। इतना होने के बाद भी इस सभ्यता में दिखावा नहीं था। कोई बनवावटीपन या आडंबर […]
Solutions For All Chapters Vitan Class 12 पाठ के साथ प्रश्न 1: ‘जूझ’ शीर्षक के औचित्य पर विचार करते हुए यह स्पष्ट करें कि क्या यह शीर्षक कथा नायक की किसी केंद्रीय चारित्रिक विशेषता को उजागर करता हैं। उत्तर – जूझ का साधारण अर्थ है जूझना अथवा संघर्ष करना। यह उपन्यास अपने नाम की सार्थकता […]
गद्य भाग Chapter 1: नमक का दारोगा Chapter 2: मियाँ नसीरुद्दीन Chapter 3: अपू के साथ ढाई साल Chapter 4: विदाई-संभाषण Chapter 5: गलता लोहा Chapter 6: रजनी Chapter 7: जामुन का पेड़ Chapter 8: भारत माता काव्य भाग Chapter 9: हम तौ एक एक करि जांनां Chapter 10: मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न […]
भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ : लता मंगेशकर Notes Chapter 1 Hindi Vitan Class 11 राजस्थान की रजत बूँदें Notes Chapter 2 Hindi Vitan Class 11 आलो-आँधारि Notes Chapter 3 Hindi Vitan Class 11
Notes For All Chapters Hindi Vitan Class 11 CBSE पाठ का साराशी आलो-आँधारि-लेखिका की आत्मकथा है-यह उन करोड़ों झुग्गियों की कहानी है जिसमें झाँकना भी भद्रता के तकाजे से बाहर है। यह साहित्य के उन पहरुओं के लिए चुनौती है जो साहित्य को साँचे में देखने के आदी हैं, जो समाज के कोने-अँतरे में पनपते […]
Notes For All Chapters Hindi Vitan Class 11 CBSE पाठ का सारांश यह रचना राजस्थान की जल-समस्या का समाधान मात्र नहीं है, बल्कि यह जमीन की अतल गहराइयों में जीवन की पहचान है। यह रचना धीरे-धीरे भाषा की ऐसी दुनिया में ले जाती है जो कविता नहीं है, कहानी नहीं है, पर पानी की हर […]
भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ – लता मंगेशकर हिंदी वितान कक्षा 11 Notes For All Chapters Hindi Vitan Class 11 CBSE पाठ का साराशी इस पाठ में लेखक ने स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर की गायकी पर बेबाक टिप्पणी की है। यह पाठ मूल रूप से हिंदी में लिखा गया है। यह रचना भाषा की सांगीतिक धरोहर […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE कविता का सारांश इस कविता में दोनों पक्षों का यथार्थ चित्रण हुआ है। बृहतर संदर्भ में यह कविता समाज में उन चीजों को बचाने की बात करती है जिनका होना स्वस्थ सामाजिक-प्राकृतिक परिवेश के लिए जरूरी है। प्रकृति के विनाश और विस्थापन के कारण आज आदिवासी […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न 1. मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे खतरनाक नहीं होती गद्दारी-लोभ की मुट्ठी सबसे खतरनाक नहीं होती बैठे-बिठाए पकड़ जाना-बुरा तो हैं सहमी-सी चुप में जकड़ जाना-बुरा तो है पर सबसे खतरनाक नहीं होता कपट के […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न 1. हो भूख ! मत मचल प्यास, तड़प मत हे हे नींद! मत सता क्रोध, मचा मत उथल-पुथल हे मोह! पाश अपने ढील लोभ, मत ललचा मद ! मत कर मदहोश ईर्ष्या, जला मत अो चराचर ! मत चूक अवसर आई […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE कविता का सारांश ‘साये में धूप‘ गजल संग्रह से यह गजल ली गई है। गजल का कोई शीर्षक नहीं दिया जाता, अत: यहाँ भी उसे शीर्षक न देकर केवल गजल कह दिया गया है। गजल एक ऐसी विधा है जिसमें सभी शेर स्वयं में पूर्ण तथा […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का सारांश ‘चपा काल-काल अच्छर नहीं चीन्हती’ कविता धरती संग्रह में संकलित है। यह पलायन के लोक अनुभवों को मार्मिकता से अभिव्यक्त करती है। इसमें ‘अक्षरों’ के लिए ‘काले-काले’ विशेषण का प्रयोग किया गया है जो एक ओर शिक्षा-व्यवस्था के अंतर्विरोधों को उजागर करता है […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE कविता का सारांश इस कविता में घर के मर्म का उद्घघाटन है। कवि को जेल-प्रवास के दौरान घर से विस्थापन की पीड़ा सालती है। कवि के स्मृति-संसार में उसके परिजन एक-एक कर शामिल होते चले जाते हैं। घर की अवधारणा की सार्थक और मार्मिक याद कविता […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 कविता का सारांश यह कविता पंत जी के प्रगतिशील दौर की कविता है। इसमें विकास की विरोधाभासी अवधारणाओं पर करारा प्रहार किया गया है। युग-युग से शोषण के शिकार किसान का जीवन कवि को आहत करता है। दुखद बात यह है कि स्वाधीन भारत में भी किसानों […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 पाठ का साराशा ‘पथिक’ कविता में दुनिया के दुखों से विरक्त काव्य नायक पथिक की प्रकृति के सौंदर्य पर मुग्ध होकर वहीं बसने की इच्छा का वर्णन किया है। यहाँ वह किसी साधु द्वारा संदेश ग्रहण करके देशसेवा का व्रत लेता है। राजा उसे मृत्युदंड देता है, […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का सारांश पहले पद में मीरा ने कृष्ण के प्रति अपनी अनन्यता व्यक्त की है तथा व्यर्थ के कार्यों में व्यस्त लोगों के प्रति दुख प्रकट किया है। वे कहती हैं कि मोर मुकुटधारी गिरिधर कृष्ण ही उसके स्वामी हैं। कृष्ण-भक्ति में उसने अपने कुल […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का सारांश पहले पद में कबीर ने परमात्मा को सृष्टि के कण-कण में देखा है, ज्योति रूप में स्वीकारा है तथा उसकी व्याप्ति चराचर संसार में दिखाई है। इसी व्याप्ति को अद्वैत सत्ता के रूप में देखते हुए विभिन्न उदाहरणों के द्वारा रचनात्मक अभिव्यक्ति दी […]
Solutions For All Chapters Vitan Class 12 पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न 1. यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों? उत्तर:- यशोधर बाबू बचपन में ही माता-पिता के देहांत हो जाने की वजह से जिम्मेदारियों के बोझ से लद गए थे। वे […]
गद्य भाग नमक का दारोगा Notes Chapter 1 Hindi Aroh Class 11 मियाँ नसीरुद्दीन Notes Chapter 2 Hindi Aroh Class 11 अपू के साथ ढाई साल Notes Chapter 3 Hindi Aroh Class 11 विदाई-संभाषण Notes Chapter 4 Hindi Aroh Class 11 गलता लोहा Notes Chapter 5 Hindi Aroh Class 11 रजनी Notes Chapter 6 Hindi […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 पाठ का सारांश यह पाठ रज़ा की आत्मकथात्मक पुस्तक आत्मा का ताप का एक अध्याय है। इसका अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद मधु बी. जोशी ने किया है। इसमें रज़ा ने चित्रकला के क्षेत्र में अपने आरंभिक संघर्षों और सफलताओं के बारे में बताया है। एक कलाकार का […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का सारांश ‘भारत माता’ अध्याय हिंदुस्तान की कहानी का पाँचवाँ अध्याय है। इसमें नेहरू ने बताया है कि किस तरह देश के कोने-कोने में आयोजित जलसों में जाकर वे आम लोगों को बताते थे कि अनेक हिस्सों में बँटा होने के बाद भी हिंदुस्तान एक […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का सारांश ‘जामुन का पेड़’ कृश्नचंदर की प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कथा है। हास्य-व्यंग्य के लिए चीजों को अनुपात से ज्यादा फैला-फुलाकर दिखलाने की परिपाटी पुरानी है और यह कहानी भी उसका अनुपालन करती है। इसलिए इसकी घटनाएँ अतिशयोक्तिपूर्ण और अविश्वसनीय लगने लगती हैं। विश्वसनीयता ऐसी रचनाओं […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का साराशी पटकथा यानी पट या स्क्रीन के लिए लिखी गई वह कथा रजत पट अर्थात् फिल्म की स्क्रीन के लिए भी हो सकती है और टेलीविजन के लिए भी। मूल बात यह है कि जिस तरह मंच पर खेलने के लिए नाटक लिखे जाते […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 पाठ का सारांश यह पाठ एक यात्रा-वृत्तांत है। स्पीति, हिमालय के मध्य में स्थित है। यह स्थान अपनी भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं के कारण अन्य पर्वतीय स्थलों से भिन्न है। लेखक ने यहाँ की जनसंख्या, ऋतु, फसल, जलवायु व भूगोल का वर्णन किया है। ये एक-दूसरे से […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का सारांश गलता लोहा कहानी में समाज के जातिगत विभाजन पर कई कोणों से टिप्पणी की गई है। यह कहानी लेखक के लेखन में अर्थ की गहराई को दर्शाती है। इस पूरी कहानी में लेखक की कोई मुखर टिप्पणी नहीं है। इसमें एक मेधावी, किंतु […]
Notes For All Chapters Hindi Aroh Class 11 CBSE पाठ का साराश विदाई-संभाषण पाठ वायसराय कर्जन जो 1899-1904 व 1904-1905 तक दो बार वायसराय रहे, के शासन में भारतीयों की स्थिति का खुलासा करता है। यह अध्याय शिवशंभु के चिट्ठे का अंश है। कर्जन के शासनकाल में विकास के बहुत कार्य हुए, नए-नए आयोग बनाए […]