कहानी का मुख्य सार
- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण योजना में गाँव जोडने का कार्य हो रहा था।
- ललिता ने आधी मजदूरी लेने से मना किया और कहा – समान कार्य के लिए समान मजदूरी।
- गाँव के लोग व शिक्षक ने उसका समर्थन किया।
- महिलाओं को पूरी मजदूरी दी गई।→ इससे अधिकारों की जागरूकता का महत्व समझ आता है।
मौलिक अधिकार (Constitution द्वारा दिये गये 6 अधिकार)
1) समता का अधिकार
- सभी नागरिक कानून के सामने समान।
- जाति / धर्म / लिंग / भाषा / राज्य के आधार पर भेदभाव नहीं।
- सरकारी नौकरियों में समान अवसर।
- किसी सार्वजनिक स्थान (सड़क, दुकान, होटल, नदी, तालाब, संस्थान) में किसी को प्रवेश रोकना नहीं।
- अस्पृश्यता अपराध है।
2) स्वतंत्रता का अधिकार
इसमें 6 स्वतंत्रताएँ शामिल हैं –
- विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता (भाषण, लेख आदि)
- शांतिपूर्ण सम्मेलन करने की स्वतंत्रता (बिना हथियार)
- देश में कहीं भी भ्रमण की स्वतंत्रता
- भारत में कहीं भी निवास व बसने की स्वतंत्रता
- व्यापार व व्यवसाय करने की स्वतंत्रता
- जीवन व व्यक्तिगत सुरक्षा का अधिकार (जबरदस्ती नहीं ले जाया जा सकता)
3) शोषण के विरुद्ध अधिकार
- किसी से जोर-जबरदस्ती से काम नहीं करवाया जा सकता।
- कम मजदूरी देना या खराब परिस्थिति में जबरन काम कराना गलत।
- बंधुआ मजदूरी शोषण है।
- 14 वर्ष से कम बच्चों से खतरनाक कार्य (खदान, कारखाने, चूड़ी उद्योग, माचिस, गलीचा) नहीं कराए जा सकते।
4) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
- सभी नागरिक अपने धर्म का पालन व प्रचार कर सकते हैं।
- धार्मिक रीति रिवाजों / उपासना में रोका नहीं जा सकता।
5) संस्कृति और शिक्षा का अधिकार
- सभी अपनी संस्कृति, भाषा, लिपि सुरक्षित रख सकते हैं।
- अल्पसंख्यक अपनी शिक्षण संस्थाएँ खोल सकते हैं और उन्हें सरकारी सहायता मिल सकती है।
6) संवैधानिक उपचार का अधिकार
- नागरिक अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय जा सकते हैं।
- सरकार या कोई व्यक्ति अधिकारों का हनन नहीं कर सकता।
- संकटकाल में सरकार अधिकारों को स्थगित कर सकती है।
महिलाओं हेतु विशेष प्रावधान
- पुरुष व महिला में कानून के समक्ष समानता।
- राज्य द्वारा अवसरों में सहानुभूतिपूर्ण सकारात्मक व्यवस्था (आयु सीमा छूट / समान वेतन / पंचायत-नगरपालिका में आरक्षण)।
- कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण व प्रसूति लाभ।
- सम्मान व सुरक्षा से जुड़े अपराधों पर रोक।
- स्वास्थ्य सुविधाएँ व पोषण स्तर सुधार।
- शैक्षणिक व आर्थिक हितों को बढ़ावा।
मूल कर्त्तव्य (citizens duties)
- संविधान, आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रीय गान का आदर।
- राष्ट्रीय आंदोलनों के आदर्शों का पालन।
- भारत की संप्रभुता, अखण्डता व एकता की रक्षा।
- धर्म / भाषा / जाति / वर्ग से ऊपर उठकर राष्ट्रभक्त बनना।
- भाईचारा व एकता की भावना विकसित करना।
- प्राकृतिक संपदा (जल, नदी, तालाब, पशु) की रक्षा करना।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण व मानवता की भावना बढ़ाना।
- सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा व हिंसा से दूर रहना।
- राष्ट्र हित में भाग लेना।
- ईमानदारी बढ़ाना व भ्रष्टाचार रोकना।
- कानून का पालन करना।
- मताधिकार का सही उपयोग।
- पद व जिम्मेदारी जनता के हित में उपयोग करना।
- सार्वजनिक कार्यों व असहाय लोगों की सहायता करना।

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