मुख्य विषय
- लेखक: संकलित
उद्देश्य:
- कविता के माध्यम से देशभक्ति, वीरता और अतीत के गौरव की भावना जाग्रत करना।
- विभिन्न पौराणिक और ऐतिहासिक चरित्रों के गुणों को युवा पीढ़ी में प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना।
मुख्य संदेश: युवा पीढ़ी देश का भविष्य है। उनमें वीरता, साहस और रचनात्मकता के गुण हैं, जो युग को नई दिशा दे सकते हैं।
कविता का सार
- मुख्य विचार: कवि युवा पीढ़ी को “कुमार” कहकर संबोधित करता है और उन्हें युग की आशा बताता है। वे भविष्य के रचनाकार हैं, जिनमें पौराणिक और ऐतिहासिक चरित्रों के गुण मौजूद हैं।
कविता की पंक्तियाँ और उनका अर्थ:
- युग की आशा हो, कुमार! तुम युग की आशा हो:
- युवा देश का भविष्य और आशा हैं।
- रूप तुम्हारा दिव्य चिरन्तन, सबने तुमको प्यार किया…:
- युवाओं का स्वरूप सुंदर और शाश्वत है। वे भविष्य के कलाकार हैं, जिन्होंने दुनिया को साकार किया।
- तुम्हें यशोदा के पलने की, मधुर थपकियाँ जगा रहीं…:
- यशोदा की ममता और नंद की गायें (सुरभियाँ) युवाओं को वृंदावन की तरह पवित्र और प्रेममय जीवन की ओर बुला रही हैं।
- कौशल्या के मातृमोह के, बने तुम्ही उच्चारण थे…:
- युवा कौशल्या के प्रेम (राम के लिए) और शकुंतला के दुख को शांत करने वाले हैं।
- गुरु द्रोण की प्रीति पुञ्जक, वक्ष्युहे की विवेक…:
- युवाओं में गुरु द्रोण की प्रीति, चक्रव्यूह तोड़ने वाले अभिमन्यु का विवेक, राणा प्रताप की वीरता और पन्ना धाय के बलिदान जैसे गुण हैं।
- तुम बैजू तुम तानसेन हो, वाल्मीकि तुम तुलसी, सूर…:
- युवा बैजू बावरा, तानसेन, वाल्मीकि, तुलसीदास और सूरदास जैसे रचनाकार और कवि हैं। वे भक्ति और साहित्य के रत्न हैं।
- विप्लव के हो क्रान्त गीत, तुम आज़ादी की आशा हो…:
- युवा क्रांति के गीत और आज़ादी की आशा हैं। वे जीवन में शांति और यौवन की परिभाषा हैं।
- युग की आशा हो, कुमार! तुम युग की आशा हो:
- कवि फिर से युवाओं को युग की आशा कहकर प्रेरित करता है।
शिक्षण संकेत
- कविता को भावपूर्ण ढंग से और सही लय के साथ पढ़ें।
- बच्चों को कविता याद करने और सुनाने के लिए प्रोत्साहित करें।
- युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाली अन्य कविताएँ सुनाएँ।
- कविता में आए चरित्रों (यशोदा, नंद, कौशल्या, शकुंतला, द्रोण, अभिमन्यु, राणा प्रताप, पन्ना धाय, तुलसीदास आदि) के बारे में जानकारी दें।
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