परिचय
- यह पाठ मध्यप्रदेश के दो महान व्यक्तियों, डॉ. शंकर दयाल शर्मा और अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और योगदान पर आधारित है।
- यह हमें उनके गरिमामय व्यक्तित्व, मानवीय गुणों और मध्यप्रदेश के लिए गौरव से प्रेरणा लेने का संदेश देता है।
- पाठ में क्रिया विशेषण शब्दों का भी परिचय है।
डॉ. शंकर दयाल शर्मा
जन्म और शिक्षा
जन्म: 19 अगस्त 1918, भोपाल की गुलिया दाई गली में।
शिक्षा:
- हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत साहित्य में स्नातकोत्तर (प्रथम श्रेणी)।
- लखनऊ विश्वविद्यालय से एल.एल.एम.।
- केम्ब्रिज विश्वविद्यालय से कानून में पी-एच.डी.।
- लखनऊ और केम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया।
रुचियाँ:
- काव्य, शास्त्रीय संगीत और साहित्य में गहरी रुचि।
- तैराकी में लखनऊ विश्वविद्यालय के चैंपियन।
- खेल-कूद में भी रुचि।
प्रमुख कार्य
स्वतंत्रता संग्राम: विलीनीकरण आंदोलन (1948) में भाग लिया, जेल गए।
राजनीतिक जीवन:
- 1952 में भोपाल राज्य के पहले मुख्यमंत्री।
- मध्यप्रदेश विधानसभा सदस्य (1952, 1957, 1962)।
- मध्यप्रदेश में शिक्षा, विधि, लोक निर्माण और वाणिज्य मंत्री।
- 1967 में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष।
- 1971, 1980 में भोपाल से लोकसभा सदस्य।
- 1972 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष।
- 1974-1977 तक भारत सरकार के संचार मंत्री।
- आंध्र प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र के राज्यपाल।
- 1987 में उपराष्ट्रपति (निर्विरोध)।
- 1992 में भारत के नवें राष्ट्रपति बने।
लेखन: पुस्तकें – प्रतिष्ठित भारतीय, हमारे चिंतन की मूल धारा, देश मणि।
पुरस्कार: विभिन्न देशों से मानद उपाधियाँ प्राप्त।
व्यक्तित्व
- नैतिकता: राजनीति में नैतिक मूल्यों का क्षरण होने पर विवेकपूर्ण हस्तक्षेप करते थे।
- आध्यात्मिकता: आध्यात्मिक और लौकिक मूल्यों में संतुलन बनाए रखा।
- विनम्रता: सर्वोच्च पद पर रहने के बावजूद कोई दंभ नहीं, ईश्वर और जनता के प्रति गहरा प्रेम।
- जनसंपर्क: रोज सुबह 9 से दोपहर 1:30 तक जन-सामान्य से आत्मीय मुलाकात।
अटल बिहारी वाजपेयी
जन्म और प्रारंभिक जीवन
- जन्म: 25 दिसंबर 1925, ग्वालियर जिले की शिंदे की छावनी में।
परिवार:
- माता – कृष्णादेवी (धार्मिक संस्कारों वाली)।
- पिता – कृष्ण बिहारी वाजपेयी (अध्यापक और कवि)।
प्रारंभिक रुचि:
- घर में पठन-पाठन का माहौल, जिससे वे सहज, सरल और भावुक बने।
- गरीब बच्चों को पढ़ाना और पुस्तकें एकत्र कर उनकी मदद करना।
शिक्षा और साहित्य
- पिता की कविताएँ पढ़कर तुकबंदी शुरू की, ब्रजभाषा में रचनाएँ लिखीं।
- हिन्दी साहित्य सभा की गोष्ठियों में भाग लिया, घनाक्षरी और सवैया छंदों में रचनाएँ।
प्रमुख रचनाएँ:
- मेरी इक्यावन कविताएँ
- कैदी कविराय की कुण्डलियाँ
- न देन्यं न पलायनम्
- मेरी संसदीय यात्रा
राजनीतिक और पत्रकारिता योगदान
- स्वतंत्रता संग्राम: महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन में किशोरावस्था में भाग लिया, 24 दिन जेल में रहे।
1. राजनीति:
- भारतीय जनसंघ की स्थापना में योगदान, 1968-1973 तक प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष।
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना में सक्रिय भूमिका।
- 1957 में बलरामपुर (उ.प्र.) से लोकसभा सदस्य।
2.प्रधानमंत्री:
- 1996 (13 दिन), त्यागपत्र दिया।
- 1998 (13 माह)।
- 1999 में पुनः प्रधानमंत्री, कार्यों की सराहना।
3.पत्रकारिता:
- राष्ट्रधर्म (प्रथम संपादक), स्वदेश, पाञ्चजन्य, वीर अर्जुन पत्रों का संपादन।
4.पुरस्कार:
- पद्मभूषण।
- उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा हिन्दी गौरव विभूति सम्मान।
व्यक्तित्व
- भाषण शैली: कवित्वमय, साहित्यिक और प्रेरक, संसद और जनता में लोकप्रिय।
- प्रभाव: समयानुकूल भाषणों से श्रोताओं में भाव जगाने में समर्थ।
मध्यप्रदेश का गौरव
- डॉ. शंकर दयाल शर्मा और अटल बिहारी वाजपेयी ने एक ही समय में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पदों को सुशोभित कर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया।
- दोनों अध्यापन से जुड़े थे और ज्ञान-दान में रुचि रखते थे।
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