Short Questions Answer
प्रश्न: मानचित्र किसे कहते हैं?
उत्तर: पृथ्वी या उसके किसी भाग के चुने हुए तथ्यों व लक्षणों का निश्चित मापक और प्रक्षेप पर बनाया गया चित्र मानचित्र कहलाता है।
प्रश्न: मानचित्र का निर्माण कौन करता है?
उत्तर: मानचित्र निर्माण का कार्य भारतीय सर्वेक्षण विभाग करता है।
प्रश्न: मानचित्र के प्रमुख तत्व कौन-कौन से हैं?
उत्तर: दिशा संकेत, शीर्षक, उपशीर्षक, रूढ़ चिह्न और मापक मानचित्र के प्रमुख तत्व हैं।
प्रश्न: मापक से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: मानचित्र में दो बिंदुओं की दूरी और धरातल पर उन्हीं बिंदुओं की वास्तविक दूरी के अनुपात को मापक कहते हैं।
प्रश्न: कथनात्मक मापक क्या होता है?
उत्तर: जब मापक शब्दों में लिखा जाता है, जैसे — 1 से.मी. बराबर 10 कि.मी., तो उसे कथनात्मक मापक कहते हैं।
प्रश्न: प्रदर्शक भिन्न (Representative Fraction) क्या है?
उत्तर: मानचित्र और धरातल पर मापी गई दूरी के अनुपात को दर्शाने वाली भिन्न को प्रदर्शक भिन्न कहते हैं।
प्रश्न: भौतिक मानचित्र में क्या दर्शाया जाता है?
उत्तर: भौतिक मानचित्र में पर्वत, पठार, मैदान, नदियाँ और घाटियाँ आदि प्राकृतिक लक्षण दर्शाए जाते हैं।
प्रश्न: समोच्च रेखाएँ किसे कहते हैं?
उत्तर: समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को समोच्च रेखा कहते हैं।
प्रश्न: स्थलाकृतिक पत्रक का मापक कितना होता है?
उत्तर: स्थलाकृतिक पत्रक का मापक सामान्यतः 1:50,000 होता है।
प्रश्न: एटलस क्या होता है?
उत्तर: विभिन्न मानचित्रों का संग्रह अथवा मानचित्रों की पुस्तक को एटलस कहते हैं।
Long Questions Answer
प्रश्न: मानचित्र क्या है? मानचित्र का महत्व बताइए।
उत्तर:
मानचित्र पृथ्वी या उसके किसी भाग के लक्षणों को समतल पटल पर दर्शाने का चित्र है।
इसका महत्व है —
(1) किसी भी क्षेत्र का अध्ययन आसानी से किया जा सकता है।
(2) भूगोल और सामाजिक विज्ञानों की सार्वभौमिक भाषा है।
(3) सीमाओं, संसाधनों और योजनाओं को समझने में सहायक है।
(4) युद्ध, पर्यटन और प्रशासन में इसका उपयोग होता है।
प्रश्न: मानचित्र के आवश्यक तत्वों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानचित्र के आवश्यक तत्व हैं —
(1) दिशा संकेत – उत्तर दिशा ‘N’ अक्षर से दर्शाई जाती है।
(2) शीर्षक व उपशीर्षक – मानचित्र के विषय को दर्शाते हैं।
(3) रूढ़ चिह्न – पर्वत, सड़क, नदी आदि को दिखाने के लिए।
(4) मापक – मानचित्र व धरातल की दूरी का अनुपात।
इन तत्वों के बिना कोई मानचित्र अधूरा होता है।
प्रश्न: मापक क्या है? इसके प्रकार बताइए।
उत्तर:
मापक वह अनुपात है जो मानचित्र की दूरी और धरातल की वास्तविक दूरी के बीच होता है।
इसके तीन प्रकार हैं —
(1) कथनात्मक मापक,
(2) रेखात्मक मापक,
(3) प्रदर्शक भिन्न (R.F.)।
प्रश्न: उपयोगिता के आधार पर मानचित्रों के प्रकार बताइए।
उत्तर: उपयोगिता के आधार पर मानचित्र चार प्रकार के होते हैं —
(1) भौतिक मानचित्र – पर्वत, पठार, नदियाँ आदि।
(2) राजनीतिक मानचित्र – देशों, राज्यों, सीमाओं आदि को दर्शाता है।
(3) वितरण मानचित्र – वर्षा, ताप, फसल आदि के वितरण को दिखाता है।
(4) विशेष मानचित्र – विशेष उद्देश्यों जैसे मौसम, भूगर्भ, सैन्य आदि के लिए।
प्रश्न: उच्चावच प्रदर्शन क्या होता है?
उत्तर:
पृथ्वी के असमान धरातल जैसे पर्वत, पठार, घाटियाँ आदि को दर्शाने की विधि को उच्चावच प्रदर्शन कहते हैं।
समोच्च रेखाओं या रंगों के माध्यम से ऊँचाई और ढाल दर्शाई जाती है।
प्रश्न: समोच्च रेखाओं से ढाल का पता कैसे चलता है?
उत्तर:
यदि समोच्च रेखाएँ पास-पास होती हैं तो वह क्षेत्र तीव्र ढाल दर्शाता है,
और यदि वे दूर-दूर होती हैं तो वह मंद ढाल का संकेत देती हैं।
प्रश्न: स्थलाकृतिक पत्रक क्या है? इसके पठन से क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
स्थलाकृतिक पत्रक बड़े मापक पर बनाया गया मानचित्र है जिसमें धरातल की विशेषताएँ, नदियाँ, पहाड़, बस्तियाँ, सड़कें आदि दर्शाए जाते हैं।
इससे किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, ऊँचाई, बसाहट, वन और परिवहन की जानकारी मिलती है।
प्रश्न: मानचित्र पठन से क्या लाभ होते हैं?
उत्तर:
(1) किसी क्षेत्र की स्थिति, ऊँचाई व दूरी की सही जानकारी मिलती है।
(2) यह अध्ययन को रोचक और व्यावहारिक बनाता है।
(3) स्थलरूप, बसाहट, नदियों व सड़कों को समझना आसान होता है।
(4) भौगोलिक योजनाओं के निर्माण में सहायता मिलती है।
प्रश्न: रेखा चित्र और मानचित्र में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
रेखा चित्र में मापक, दिशा और रूढ़ चिह्न नहीं होते, जबकि मानचित्र में ये सभी आवश्यक तत्व होते हैं।
इसलिए रेखा चित्र केवल एक साधारण आकृति है, जबकि मानचित्र वैज्ञानिक व सटीक चित्र होता है।
प्रश्न: प्रदर्शक भिन्न के लाभ बताइए।
उत्तर:
(1) इसमें लम्बाई की कोई निश्चित इकाई नहीं होती, जिससे इसे किसी भी इकाई में पढ़ा जा सकता है।
(2) यह विश्वभर में सर्वमान्य मापक है।
(3) दूरी को सटीक और अनुपातिक रूप से समझना सरल होता है।

Leave a Reply